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अमेरिका भारत-रूस के संबंध रोकने में विफल रहा है : पूर्व विदेश सचिव

पीएम मोदी के हाल के अमेरिका के दौरे के बावजूद भारत और रूस के बीच संबंधों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। पूर्व विदेश सचिव को उद्धत करते हुए एक रिपोर्ट में  कहा गया है कि ‘अमेरिका भारत-रूस के संबंधों को रोकने में विफल रहा है।’

पूर्व विदेश सचिव शशांक ने कहा कि नई दिल्ली मास्को के साथ रिश्तों को महत्व देती है। रूस की सरकारी एजेंसी स्पुतनिक न्यूज ने शशांक को उद्धत करते हुए कहा कि  ‘अमेरिका भारत को रूस के साथ उसकी दोस्ती और आर्थिक सहयोग से दूर करने में विफल रहा है। दोनों देशों के बीच प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जारी है’।

स्पुतनिक के मुताबिक शशांक ने कहा – ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान को आगे चलाने के लिए भारत रूस से आपूर्ति श्रृंखलाओं पर काम कर रहा है। रूस और भारत के बीच सहयोग केवल रक्षा और प्राकृतिक संसाधनों के क्षेत्र तक सीमित नहीं होना चाहिए’।

शशांक ने कहा कि ‘रूस बहुत सारे संसाधनों को नियंत्रित करता है और रक्षा क्षेत्र में एक लीडर है। अन्य क्षेत्रों में भी रूस भारत के साथ सहयोग कर सकता है’। स्पुतनिक न्यूज के मुताबिक शशांक ने कहा कि ‘अमेरिकी लोगों को मालूम है कि भारतीय पेशेवर कार्यबल को सभी अमेरिकी और यूरोपीय कंपनियों द्वारा महत्व दिया जाता है, इसलिए वे इस स्थिति का प्रयोग करने की कोशिश कर रहे हैं। हाल ही में भारत में अमेरिकी राजदूत ने कहा कि इस साल अमेरिका लगभग दस लाख भारतीयों को वीजा देगा। अगर रूस कुछ ऐसा करे, तो यह भी अच्छा होगा’।

पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि चूंकि भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन विचारों का आदान-प्रदान जारी रखे हुए हैं, लिहाजा साफ है कि भारत और रूस दोनों अपनी साझेदारी को बहुत महत्व देते हैं। हालांकि भारत अमेरिका सहित पश्चिमी देशों के साथ सहयोग बढ़ा रहा है, फिर भी भारत के लिए रूस के साथ विशेष रिश्ते बिल्कुल महत्वपूर्ण हैं’।

भारत-रूस तेल आयात रिकॉर्ड स्तर पर : उधर स्पुतनिक न्यूज़ इंडिया की एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कई भारत में रूसी तेल का आयात जून महीने एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। उद्योग के आंकड़ों से पता चलता है कि अब रूस से आयात सऊदी अरब और इराक से सामूहिक रूप से खरीदे गए तेल के आंकड़े को भी पार कर गया है।

स्पुतनिक न्यूज इंडिया ने एनालिटिक्स फर्म केप्लर में क्रूड विश्लेषण के प्रमुख विक्टर कटोना को उद्धत करते हुए कहा कि जून में तेल आयात की दैनिक मात्रा बढ़कर 2.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन हो गई, जो लगातार 10वें महीने बढ़ रही है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के स्वामित्व वाली इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन पिछले दो महीनों में रूसी कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार रही है, इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड है।

एससीओ की वर्चुअल बैठक आज; मोदी होंगे अध्यक्ष, पुतिन, जिनपिंग लेंगे हिस्सा

शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की आज शिखर बैठक है। मेजबान अध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी साढ़े 12 बजे वैश्विक नेताओं का इस वर्चुअल बैठक में स्वागत करेंगे। बैठक में रूस के राष्ट्रपति व्‍लादिम‍िर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भी हिस्सा लेने की उम्मीद है। रूस में वागनर ग्रुप के विफल विद्रोह के बाद पुतिन की यह पहली अंतर्राष्ट्रीय बैठक होगी।

बैठक की शुरुआत पीएम मोदी के संबोधन से होगी। बैठक 3 बजे तक चलेगी।  एससीओ में फिलहाल भारत समेत आठ देश शामिल हैं। एससीओ के गठन की घोषणा साल 2001 में शंघाई में छह देशों रूस, चीन, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान की सरकारों ने की थी। बाद में इसमें भारत और पाकिस्तान को भी जोड़ दिया गया था।

ख़बरों के मुताबिक नई दिल्ली ने मंगोलिया को भी एक पर्यवेक्षक के रूप में और तुर्कमेनिस्तान को अध्यक्ष के अतिथि के रूप में यूरेशियाई आर्थिक और सुरक्षा समूह में आमंत्रित किया है। इससे पहले इसी साल मई में एससीओ देशों के विदेश मंत्रियों की गोवा में बैठक हुई थी, जिसमें दूसरे सदस्य देशों के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी हिस्सा लिया था।

एससीओ महासचिव झांग मिंग, जो बीजिंग में सचिवालय के प्रमुख हैं, और क्षेत्रीय आतंकवाद विरोधी संरचना (आरएटीएस) कार्यकारी समिति के निदेशक रुस्लान मिर्ज़ेव भी राज्य प्रमुखों की बैठक में भाग लेंगे। नई दिल्ली ने संयुक्त राष्ट्र, दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान), स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रमंडल (सीआईएस), सामूहिक सुरक्षा संधि संगठन (सीएसटीओ), यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) और बातचीत और विश्वास निर्माण उपायों पर सम्मेलन के प्रमुखों को भी आमंत्रित किया है।

ओडिशा रेल हादसे की जांच रिपोर्ट में एक से ज्यादा चूक का खुलासा

गलत सिग्नलिंग ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण रेल हादसे की मुख्य वजह थी। यह बात हादसे की जांच के लिए बनाई गयी उच्च स्तरीय समिति की रिपोर्ट में सामने आई है। रिपोर्ट में समिति ने कहा है कि सिग्नलिंग और दूरसंचार विभाग में एक से ज्यादा स्तरों पर चूक हुई है।

समिति ने रिपोर्ट, जिसे उसने रेलवे बोर्ड को सौंप दिया है, में कहा है कि गलत वायरिंग और केबल की खराबी के कारण 16 मई, 2022 को दक्षिण पूर्व रेलवे के खड़गपुर डिवीजन के बंकर नयाबास स्टेशन पर भी ऐसी ही घटना हुई थी। रिपोर्ट के मुताबिक अगर इस घटना के बाद गलत वायरिंग की समस्या को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए गए होते, तो बाहानगा बाजार में दुर्घटना नहीं होती।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछली चेतावनी को ध्यान में रखा जाता, तो त्रासदी से बचा जा सकता था। याद रहे ओडिशा के बालासोर जिले में बाहानगा बाजार के निकट दो जून को हुई दुर्घटना में 292 लोगों की मौत हो गई थी और 1,000 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार, फील्ड पर्यवेक्षकों की एक टीम ने वायरिंग आरेख में बदलाव किया और इसे दोहराने में विफल रही।  

सीआरएस की ओर से रेलवे बोर्ड को सौंपी गई रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘सिग्नलिंग कार्य में खामियों के बावजूद, यदि दुर्घटना स्थल बाहानगा बाजार के स्टेशन प्रबंधक ने एलएंडटी कर्मचारियों को दो समानांतर पटरियों को जोड़ने वाले स्विचों के बार-बार असामान्य व्यवहार की सूचना दी होती, वे उपचारात्मक कदम उठा सकते थे।

रिपोर्ट में बाहानगा बाजार स्टेशन पर लेवल क्रॉसिंग गेट 94 पर ‘इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर’ को बदलने के कार्यों के लिए स्टेशन-विशिष्ट अनुमोदित सर्किट आरेख (डायग्राम) की आपूर्ति न करने को बड़ी गलती कहा गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इसके कारण गलत वायरिंग हुई।

भतीजे अजित की दगाबाजी के बाद शरद पवार का आज शक्ति प्रदर्शन

मराठा क्षत्रप शरद पवार, जिन्हें रविवार को भतीजे अजित पवार ने बगावत के बड़ा झटका दिया था, शरद पवार रैली के लिए सतारा पहुंच गए हैं। साथ ही उन्होंने 5 जुलाई को पार्टी नेताओं की बैठक भी बुलाई है। अजित कल आठ अन्य विधायकों के साथ शिंदे-भाजपा सरकार में शामिल हो गए थे।

इस बीच एनसीपी की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा है कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले अजित पवार और मंत्री पद की शपथ लेने वाले आठ अन्य विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की गयी है। अभी यह साफ़ नहीं है कि वास्तव में अजित पवार के साथ कितने विधायक हैं। कल उनके खेमे की तरफ से 29 विधायक साथ होने का दावा किया गया था। पाटिल ने बागी विधायकों की संख्‍या के बारे में कहा कि मैं आज संख्याओं के बारे में बात नहीं कर रहा हूं क्योंकि कई लोग वापस आना चाहते हैं।

इधर जयंत पाटिल ने कहा – ‘अयोग्यता याचिका विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर को भेज दी गई है। भारत निर्वाचन आयोग को भी एक ई-मेल भेजा गया है, जिसमें बताया गया है कि एनसीपी के नेता और कार्यकर्ता पार्टी प्रमुख शरद पवार के साथ ह। अजित पवार का कदम गैरकानूनी है।’

इस बीच कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार शाम एनसीपी प्रमुख शरद पवार से फोन पर बात की और मौजूदा स्थिति पर चर्चा की। सोनिया ने शरद पवार को समर्थन भी दिया। ममता बनर्जी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भी शरद को समर्थन दिया है। शरद पवार ने कहा है कि परिवार में कोई मतभेद नहीं हैं।

उधर उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) ने दावा किया है कि राकांपा नेता अजित पवार, जिन्होंने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है, जल्द ही मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की जगह लेंगे। याद रहे शरद पवार के 1999 में स्थापित पार्टी करने के बाद उन्हें विभाजन का सामना करना पड़ा है। माना जाता है कि पिछले महीने सुप्रिया सुले को पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाने से नाराज अजित ने यह विद्रोह किया है।
शरद पवार को झटका इसलिए भी लगा है क्योंकि जिन प्रफुल्ल पटेल को उन्होंने सुले के साथ कार्यकारी अध्यक्ष बनाया था, वे भी अजित के साथ खड़े हो गए। शरद ने कहा भी है कि इन लोगों ने उनके साथ दगा किया है। उधर अजित पवार ने कहा- ‘अगर एनसीपी शिवसेना के साथ जा सकती है तो भाजपा के साथ क्यों नहीं। हम विकास के लिए शिंदे सरकार में शामिल हुए हैं।’

मणिपुर के खोइजुमंतबी में हिंसा में तीन लोगों की मौत, नेशनल हाईवे- 2 खुला

तमाम आरोपों- प्रत्यारोपों के बीच मणिपुर में हिंसा जारी है। राज्य में ताजा हिंसा में विष्णुपुर जिले में तीन लोगों की जान चली गयी है। राज्य में चल रही जातीय हिंसा के बीच नेशनल हाईवे- 2 खोल दिया गया है। राज्य की इस हिंसा में अब तक 120 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के खोइजुमंतबी गांव में ताजा हिंसा में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। ये तीनों ग्राम स्वयंसेवक थे और एक अस्थायी बंकर में इलाके की निगरानी कर रहे थे। कुछ अज्ञात बंदूकधारियों के साथ गोलीबारी में उनकी जान चली गयी।

पुलिस के मुताबिक दो दिन पहले जो गोलीबारी हुई थी उसमें भी पांच लोग घायल हो गए थे और उन्हें इंफाल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मणिपुर में लगातार हिंसा की खबर सामने आ रही हैं।

उधर एक अच्छी खबर भी है। यूनाइटेड पीपुल्स फ्रंट (यूपीएफ) और कुकी नेशनल ऑर्गेनाइजेशन (केएनओ) ने कांगपोकपी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 को खोल दिया है। ये दोनों संगठन कुकी समुदाय से ताल्लुक रखते हैं, जिन्होंने इस हाईवे को दो महीने से बंद किया हुआ था। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अपील पर उन्होंने यह राजमार्ग खोला है।

रूस ने आर्टेमोव्स्क में यूक्रेनी स्टारलिंक उपग्रह स्टेशन और ड्रोन केंद्र नष्ट किया

यूक्रेनी सेना के आने वाले दिनों में ज़पोरोज्ये क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जवाबी हमले के दूसरे चरण के प्रयास की तैयारी की ख़बरों के बीच रूसी रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को दावा किया कि रूसी सेना ने आर्टेमोव्स्क (बखमुत) के पास एक यूक्रेनी स्टारलिंक उपग्रह संचार स्टेशन और एक ड्रोन नियंत्रण केंद्र को नष्ट कर दिया है।

रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध का एक साल से ज्यादा होने के बावजूद तनाव कम होने की जगह बढ़ ही रहा है। रूस की सरकारी एजेंसी स्पुतनिक न्यूज के मुताबिक रूसी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने उसे बताया कि रूसी सेना ने आर्टेमोव्स्क (बखमुत) के पास एक एक स्टारलिंक संचार स्टेशन, एक लेलेका-100 ड्रोन के साथ मानव रहित हवाई वाहनों के लिए एक नियंत्रण केंद्र, एक संचार केंद्र और एक पैदल सेना समूह के साथ एक पिकअप ट्रक को नष्ट कर दिया।

स्पुतनिक के मुताबिक इसके अलावा, रूसी सेना ने आर्टेमोव्स्क क्षेत्र में बेरखोव्का गांव के पास एक यूक्रेनी सैनिकों के हमले को विफल किया। उसने कहा कि रूस की कार्रवाइयों के जवाब में अमेरिका सहित पश्चिमी देशों ने मास्को के खिलाफ व्यापक प्रतिबंध अभियान चलाया है और यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति कर रहे हैं।

उधर ज़पोरोज्ये क्षेत्रीय प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी व्लादिमीर रोगोव ने स्पुतनिक को बताया कि यूक्रेन ने कई स्थगनों के बाद जून की शुरुआत में अपना लंबे समय से विज्ञापित जवाबी हमला शुरू किया था। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यूक्रेनी सैनिक तीन दिशाओं (दक्षिण डोनेट्स्क, आर्टेमोव्स्क और ज़पोरोज्ये) में आगे बढ़ने में विफल रहे हैं।

रोगोव के मुताबिक दुश्मन पहले से ही पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के दूसरे चरण के लिए तैयार है। यह किसी भी समय शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन रूसी  ख़ुफ़िया तंत्र को धोखा देना चाहता है इसलिए जपोरोज्ये के मोर्चे पर संपर्क की रेखा के पास लगातार युद्धाभ्यास कर रहा है और सैनिकों को स्थानांतरित कर रहा है। यह मुख्य बलों के स्थान को छिपाने के लिए किया जा रहा है।

इस बीच स्पुतनिक में छपी एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ‘यूक्रेन के लिए लड़ने वाले अमेरिकी भाड़े के सैनिकों ने ‘द डेली बीस्ट’ को युद्ध में कठिन स्थिति और भीषण लड़ाई के बारे में बताया है। अमेरिकी सैनिक डेविड ब्रैमलेट ने अपनी बात में कहा कि  जिन इराक और अफगानिस्तान के युद्धों में उसने शिरकत की है, यूक्रेनी संघर्ष उनसे कहीं अधिक दुष्कर है’।

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि ‘भाड़े के सैनिक ने’ अमेरिकी मीडिया से बातचीत में  स्वीकार किया कि वह अधिकांश यूक्रेनी सैन्य कर्मियों के प्रशिक्षण के निम्न स्तर से आश्चर्यचकित था। स्पुतनिक के मुताबिक सैनिक डेविड ब्रैम्लेट ने कहा – ‘यहां बहुत सारे स्वयंसेवक हैं जो युद्ध के मैदान में ठीक से लड़ाई करना नहीं जानते।’ एक अन्य नौसैनिक ऑफेनबेकर ने कहा – ‘यह मेरा तीसरा युद्ध है, और यह अब तक का सबसे बुरा युद्ध है। आपको… तोपखाने, टैंकों से कुचला जा रहा है… हमारे पास, लगभग 300 मीटर दूर, एक विमान ने बम गिराया। यह बहुत भयानक है।’

पुतिन होंगे शामिल
उधर स्पुतनिक न्यूज के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अगले सप्ताह टेलीकांफ्रेंस के माध्यम से शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।  इसके साथ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और लोक प्रशासन की रूसी राष्ट्रपति अकादमी के स्नातकों के साथ बैठक करेंगे रोसिया-1 नामक एक रूसी टीवी चैनल ने बताया। इसके अलावा, अगले हफ्ते राष्ट्रपति पुतिन सरकार के सदस्यों और रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सदस्यों के साथ बैठक करेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय ने हाल में घोषणा की थी कि एससीओ के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद का 23 वां शिखर सम्मेलन 4 जुलाई को वर्चुअल प्रारूप में आयोजित किया जाएगा।

महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान के बाद विपक्ष की बैठक टली, मॉनसून सत्र से पहले हो सकती है बैठक

महाराष्ट्र में राजनीतिक घमासान के बाद बेंगलुरु में 13-14 को होने वाली विपक्ष की बैठक को टाल दिया गया है। इससे पहले ये बैठक 10 जुलाई को शिमला होने वाली थी, जो कि टल गई थी।

बता दें, विपक्ष की बैठक टलने की जानकारी जेडीयू नेता केसी त्यागी ने दी और कहा कि, बैठक फिलहाल रद्द कर दी गई है। नई तारीख का ऐलान बाद में किया जाएगा। महाराष्ट्र में सियासी उठापटक को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

वहीं आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा कि, विपक्ष की अगली बैठक या तो विलंबित हो सकती है या 2-4 दिन आगे बढ़ सकती है। अभी ऐसी कोई अस्थायी तारीख नहीं है लेकिन संभवत:  बैठक मानसून सत्र शुरू होने से पहले होगी।

विपक्ष की बैठक पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि, हम जल्द ही तारीख घोषित करेंगे। हम सभी राजनीतिक दलों से बात कर रहे हैं और तारीख की घोषणा बिना देरी किए की जाएगी। मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले बैठक जरूर होगी।

समान नागरिक संहिता पर शाम तीन बजे संसदीय समिति की होगी बैठक

देश भर में चर्चा का विषय बनी समान नागरिक संहिता को लेकर सोमवार (आज) संसदीय कार्मिक, लोक शिकायत, विधि और न्याय संबंधी स्थायी समिति की बैठक होगी। इसमें संहिता से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठक में विभिन्न दलों के  के समिति के 31 सदस्य आमंत्रित किये गए हैं।

जानकारी के मुताबिक जिन 31 सदस्यों को बुलाया गया है उनमें 20 लोक सभा और 11 राज्य सभा सदस्य हैं। बैठक संसदीय सौध में शाम तीन बजे होगी जिसकी अध्यक्षता सभापति सुशील कुमार मोदी करेंगे।

बैठक में भाग लेने के लिये अलग-अलग दलों के 31 सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में विधि आयोग, सरकार के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। बैठक में समिति सभी सदस्यों का पक्ष सुनेगी। सबकी साझी राय के बाद रिपोर्ट तैयार की जाएगी जिसे फिर संसद में पेश किया जाएगा।

इस बीच समिति अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने कहा – ‘इसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है। यहां हर मुद्दे पर चर्चा होगी। बैठक में विधि आयोग और सरकार के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है।’ कयास लगाए जा रहे हैं कि रिपोर्ट तैयार हो जाती है तो सरकार संसद के मॉनसून सत्र में इसे लेकर बिल भी ला सकती है।

तेलंगाना में मुकाबला कांग्रेस और भाजपा की ‘बी टीम’ टीआरएस में होगा : राहुल

तेलंगाना में कांग्रेस ने चुनावी बिगुल फूंक दिया है। पार्टी नेता राहुल गांधी ने रविवार को खम्मम में एक बड़ी रैली को संबोधित करते हुए भाजपा और सत्तारुढ़ पर करारे हमले किये। उन्होंने टीआरएस सरकार पर भी जबरदस्त हमला किया और कहा कि उसने इन नौ सालों में गरीबों-मजदूरों और किसानों के सपनों को कुचल दिया है। उन्होंने किसी राव सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप भी लगया।  

गांधी ने कहा – ‘हमने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान देश को एकजुट करने की बात कही थी। पूरे देश ने यह दिखाते हुए यात्रा का समर्थन किया कि वे नफरत और हिंसा के प्रसार का समर्थन नहीं करते।’ उन्होंने आगे कि खम्मम और तेलंगाना कांग्रेस के गढ़ हैं और लोगों ने हमेशा पार्टी को अपना समर्थन दिया है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यहां के लोग हमारी विचारधारा को समझते हैं। तेलंगाना एक सपना था, गरीबों, किसानों और मजदूरों का सपना था। नौ साल तक टीआरएस ने इस सपने को कुचलने की कोशिश की। अब टीआरएस ने अपना नाम बदलकर बीआरएस-भाजपा रिश्तेदार समिति कर लिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल गांधी की जनसभा में जनसैलाब उमड़ पड़ा। इससे कांग्रेस के नेता गदगद दिखे। कांग्रेस के राज्य के नेताओं ने कहा कि तेलंगाना में माहौल बदल रहा है और ‘जनता कांग्रेस को सत्ता में लाने की तैयारी में है’। कांग्रेस विधायक डी अनसूया (सीताक्का) ने बीआरएस सरकार पर लोगों को कार्यक्रम में ले जाने के लिए राज्य सड़क परिवहन निगम (आरटीसी) की बसों को किराए पर लेने की अनुमति नहीं देने का आरोप लगाया।

जनसभा में राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों ने उन्हें भाजपा के अधीन कर दिया है। उन्होंने जोर अन्य विपक्षी नेताओं से कहा कि कांग्रेस ऐसे किसी भी गुट में शामिल नहीं होगी जहां बीआरएस शामिल है। उन्होंने कहा – ‘बीआरएस भाजपा के रिश्ते की समिति की तरह है। केसीआर सोचते हैं कि वह एक राजा हैं और तेलंगाना उनका राज्य है’।

राहुल ने कहा – ‘कांग्रेस हमेशा संसद में भाजपा के खिलाफ खड़ी रही है, लेकिन राव की पार्टी भाजपा की बी-टीम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव का रिमोट कंट्रोल है। कांग्रेस ने हाल ही में कर्नाटक में एक भ्रष्ट और गरीब विरोधी सरकार के खिलाफ विधानसभा चुनाव लड़ा और राज्य में गरीबों, ओबीसी, अल्पसंख्यकों और शोषितों के समर्थन से उन्हें हराया। तेलंगाना में भी कुछ ऐसा ही होने जा रहा है।’

कांग्रेस नेता ने कहा कि अमीर भाजपा और टीआरएस के साथ हैं और गरीब, आदिवासी, अल्पसंख्यक, किसान और छोटे दुकानदार कांग्रेस के साथ। कर्नाटक में जो हुआ है, वह तेलंगाना में दोहराया जाएगा। गांधी ने कहा – ‘पहले कहा जाता था कि तेलंगाना में टीआरएस (तेलंगाना राष्ट्र समिति जो अब बीआरएस है), कांग्रेस और भाजपा के बीच तीन तरफा मुकाबला है। लेकिन तेलंगाना में भाजपा का कोई अस्तित्व नहीं है। उनके चारों टायर पंक्चर हो गए हैं। अब मुकाबला कांग्रेस और भाजपा की बी-टीम के बीच है’

कालेधन के सौदागर

2,000 के नोट बदलवाने के लिए सक्रिय हुए दलाल

जैसे ही आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने की घोषणा की, कमीशन के बदले 2,000 रुपये के नोट अन्य छोटे नोटों से बदलने वाले नोट माफ़िया (दलाल) भी बाहर निकल आये। ‘तहलका एसआईटी’ ने अपनी इस जाँच रिपोर्ट में ख़ुलासा किया है कि किस तरह इस धंधे में कथित तौर पर कुछ भ्रष्ट बैंक कर्मचारियों की भी मिलीभगत रहती है। तहलका एसआईटी की रिपोर्ट :-

‘आरबीआई के बैंकिंग प्रणाली से उच्च मूल्य वाले बैंक नोटों को वापस लेने के फ़ैसले की घोषणा के 24 घंटे के भीतर मैंने कम मूल्य के नोटों से दो करोड़ रुपये के 2,000 रुपये मूल्य के नोटों का आदान-प्रदान किया। नि:संदेह यह सब काला धन था। इस दौरान मैं ऐसे लोगों से मिला हूँ, जिनके कमरे अवैध नक़दी से भरे हुए थे; सभी 2,000 रुपये के नोटों से। मुझ पर विश्वास करें, मैं आपके 2,000 रुपये के 10 लाख रुपये क़ीमत के नोटों को उसी दिन अन्य मूल्यवर्ग के नोटों से बदलवा दूँगा। लेकिन आपको मुझे कमीशन के रूप में 15 फ़ीसदी अदा करना होगा।’ दरअसल यह सुरेंद्र भाटी है; जो नक़दी माफ़िया (दलालों) का एक सदस्य है। यह आरबीआई के 2,000 रुपये के नोट प्रचलन से वापस लेने के फ़ैसले के बाद सक्रिय हो गया है।

ट्रांसपोर्ट का कारोबार करने वाले ग्रेटर नोएडा निवासी सुरेंद्र भाटी ने ‘तहलका’ को बताया कि 2016 में नोटबंदी के दौरान भी उसने लोगों को बंद किये गये नोटों से निजात दिलाने में मदद की थी। अब यह दूसरी बार है, जब नक़दी माफ़िया फिर सक्रिय हो गये हैं। बता दें कि 2016 में नोटबंदी के बाद भी सीबीआई और ईडी ने बंद की गयी करेंसी को अवैध तरीक़े से बदलने के आरोप में कुछ बैंक अधिकारियों समेत कई लोगों को गिरफ़्तार किया था। अघोषित धन रखने वाले लोगों को उनके उच्च मूल्य वाले करेंसी नोटों से छुटकारा दिलाने में सहायता करने के अवैध कारोबार में शामिल व्यक्ति के लिए सुरेंद्र भाटी एक बहुत ही साधारण दिखने वाला व्यक्ति लगता है।

मुद्रा विनिमय के लिए उसके पास आने वाले लोगों का विश्वास हासिल करने के लिए भाटी उनके साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करता है। अपनी पहचान के बारे में किसी भी तरह की ग़लतफ़हमी को दूर करने के लिए भाटी ‘तहलका’ के रिपोर्टर को आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईकार्ड और अपना ड्राइविंग लाइसेंस जैसे पहचान दस्तावेज़ भी दिखाता है। यहाँ तक कि वह ग्राहकों को ग्रेटर नोएडा में अपने घर आने और अपने माता-पिता से मिलने के लिए भी प्रोत्साहित करता है। यह सब उन लोगों की किसी भी आशंका को दूर करने के लिए है, जो उसे बड़ी मात्रा में बंद हो चुकी करेंसी सौंपेंगे। वह ग्राहकों से कहता है कि चूँकि वह एक साधारण व्यक्ति है और उसे अपने परिवार का भरण-पोषण करना है। लिहाज़ा वह कभी भी उनकी नक़दी लेकर भाग नहीं सकता।

भाटी के पास लोगों का एक ग्रुप है, जो उसके लिए काम करता है। उसके दो सहयोगी- राजेश कुमार और हरीश ऐसे ग्राहक लाते हैं, जो अपने 2,000 रुपये के नोटों को कम मूल्य वाली मुद्रा से बदलने पर पाँच फ़ीसदी कमीशन देने को तैयार हैं।

‘तहलका एसआईटी’ ने यह जाँच तब की, जब आरबीआई ने अपनी ‘स्वच्छ नोट नीति’ के अनुसरण में प्रचलन से 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोटों को वापस लेने का फ़ैसला किया, और जनता को सलाह दी कि वे इस मूल्य के नोटों को अपने बैंक खाते में जमा करें या 23 मई और 30 सितंबर, 2023 के बीच की अवधि में उन्हें अन्य मूल्यवर्ग के नोटों से बदल लें।

जाँच के दौरान हमारी पहली मुलाक़ात राजेश कुमार से हुई, जो लोगों से वादा करता है कि वह कुछ ही समय में उनके 2,000 रुपये के नोटों को अन्य मूल्यवर्ग के नोटों से बदल देगा। हमने राजेश को एक काल्पनिक सौदा दिया कि हमारे पास 10 लाख रुपये नक़द हैं, जिसमें केवल 2,000 रुपये के नोट हैं; और हम उन्हें अन्य मूल्यवर्ग के नोटों में बदलना चाहते हैं।

रिपोर्टर : अच्छा, 10 लाख से अगर ज़्यादा हों 2,000 के नोट?

राजेश : 30 करोड़ तक कह दिये हैं मैंने।

रिपोर्टर : हैं?

राजेश : अगले बंदे को मैंने कहा है, अगर 30 करोड़ तक आ जाए, तो क्या उसको चेंज करेगा? …कहता है- हाँ, कर दूँगा।

रिपोर्टर : 2,000 के 30 करोड़?

राजेश : हाँ, वो ही कहा है मैंने; बस उसमें समय लगता है। मैंने उसको कह दिया है एक महीने तक का समय दे दूँगा, वो कह रहा था- एक मंथ तो नहीं, वहाँ जाकर ही पता चलेगा कितना टाइम लगेगा; …मैंने कहा- ठीक है।

राजेश के 32 करोड़ रुपये के सौदे के प्रस्ताव को एक तरफ़ रखते हुए हमने उससे पूछा कि क्या वह 2,000 रुपये के नोटों में हमारी 10 लाख रुपये की नक़दी को बैंक से बदलवा सकता है? राजेश ने हमें भरोसा दिलाया कि वह यह काम कर देगा। उसने कहा कि बदले गये पैसे को हमारे बैंक खाते में स्थानांतरित किया जा सकता है या सावधि जमा (एफडी) में रखा जा सकता है, या नक़द में भी दिया जा सकता है।

रिपोर्टर : ये बताओ 2,000 के नोट बंद हो गये हैं। 30 सितंबर तक बदले जा सकते हैं; …तो 2,000 के नोट पड़े हैं, किसी के पास, …10 लाख, बदलवा दो?

राजेश : हो जाएगा, …कैसे बदलवाओगे?

रिपोर्टर : आप बताओ?

राजेश : देखिए, 24 घंटे का टाइम चाहिए कम-से-कम, दो दिन लग जाते हैं। …उसके बाद अकाउंट में डाले जाएँगे या फिर एफडी किया जाएगा या कैश दिया जाएगा।

जब राजेश से पूछा गया कि हमारे 2,000 रुपये के नोट कैसे बदले जाएँगे? तो उसने कहा कि वह 5-5 लाख रुपये की दो क़िस्तों में 10 लाख रुपये नक़द लेगा। नक़दी सौंपने के दो दिन बाद हम अपना पैसा अपने खाते में या एफडी के माध्यम से या कम मूल्य वाले नोटों की नक़दी में वापस पा सकते हैं।

रिपोर्टर : राजेश भाई! काम कैसा होगा, मुझे तरीक़े से बताओ?

राजेश : काम ऐसे होगा, …आपको पहले आपके 5 लाख रुपये जाएँगे।

रिपोर्टर : अच्छा, 5 पहले जाएँगे…5 बाद में? …टोटल 10 लाख हैं उनके पास।

राजेश : जी हाँ; …हो सकता है 10 लाख एक साथ भी चले जाएँ।

रिपोर्टर : 10 लाख एक ही बार में बदल जाएँ?

राजेश : हाँ, मगर उसमें लगेगा आपको 2 दिन का टाइम।

रिपोर्टर : ठीक है।

राजेश : 2 दिन के बाद आप एफडी कहोगे, तो एफडी; या पैसा कहो, तो पैसा; …जैसा आप कहो।

रिपोर्टर : कैश दिलवा दो?

राजेश : ठीक है।

यह पूछे जाने पर कि क्या उसने पहले 2,000 रुपये के नोट बदले हैं? राजेश ने कहा कि वह नोट एक्सचेंज के इस व्यवसाय में सीधे तौर पर शामिल नहीं है। लेकिन उसके एक दोस्त, जिसने एक बैंक मैनेजर के साथ गठजोड़ किया है, वापस लिये गये नोटों को बदलने का प्रबन्ध करता है।

रिपोर्टर : देखो, पहले ये बताओ… तुमने कराया है अभी तक?

राजेश : मैंने नहीं कराया, …मेरा एक दोस्त है, उसने कराया है। उसका मैनेजर से डायरेक्ट कनेक्शन है।

रिपोर्टर : कौन-से बैंक से?

राजेश : अभी पता लगा लेता हूँ?

अपने दोस्त को फोन करने के बाद राजेश ने हमें बताया कि उसके दोस्त ने सलाह दी थी कि हमें पहले पूरे 10 लाख रुपये की जगह दो लाख रुपये ही बदलवाने चाहिए। उसने कहा, इससे भरोसा पैदा करने में मदद मिलेगी। बाक़ी 8 लाख रुपये पहले एक्सचेंज के कुछ दिन के भीतर बदलवाये जा सकते हैं।

रिपोर्टर : बताओ राजेश क्या कह रहे हैं?

राजेश : वो ये कह रहे हैं, पहले आपको देने पड़ेंगे 2 लाख, वो जमा कर देंगे हम, …आपको 24 घंटे में आ जाएँगे आपके पास ठीक है; …आपको भी विश्वास हो जाएगा, हमें भी।

रिपोर्टर : कैश आ जाएगा?

राजेश : 500 का कैश ले लो, अकाउंट में डलवा लो या एफडी करवा लो; …उसके हिसाब से फिर विश्वास भी हो जाएगा, …फिर जितना करवाना चाहो करवा लेना।

रिपोर्टर : अच्छा, जैसे 2 लाख हमारे हो गये, …बचे 8 लाख, वो कितने दिन में हो जाएँगे?

राजेश : वही है 2-3 डेज।

रिपोर्टर : हफ़्ता मान के चलो पूरा हो जाएगा?

राजेश : हाँ, एक्सचेंज एक हफ्ते तक हो जाएगा।

रिपोर्टर : किस बैंक से?

राजेश : वो अभी नहीं पता।

विश्वास की कोई कमी न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए राजेश ने बताया कि वह हमें अपने दोस्त से मिलवाने जा रहा है। राजेश ने हमें सौदा फाइनल करने से पहले उसके तमाम पहचान प्रमाण जैसे आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, उसका निवास प्रमाण-पत्र जाँच लेने के लिए कहा। उसने ज़ोर देकर कहा कि जिस व्यक्ति को आप अपनी नक़दी सौंपने जा रहे हैं, उसकी पहचान की जाँच करना सबसे महत्त्वपूर्ण है।

राजेश : वो कह रहे… मैं अपना आईडी दिखाऊँगा; घर मकान दिखाऊँगा; आधार दिखाऊँगा; गाड़ी जो चल रही है मेरी, उसका लाइसेंस दिखाऊँगा; और वो क्या कहते हैं… आरसी, …वो भी आपको चेक करवाऊँगा।

रिपोर्टर : मेरी आरसी?

राजेश : नहीं-नहीं; आपका तो माल है। वो अपना इसलिए दिखाएँगे, पता चले ये बंदा फ्रॉड है या नहीं, …वो कह रहा है, आप मेरे गाँव भी पहुँचना, मेरे घर वालों से और आसपास भी मेरे बारे में पूछो, के भैया ये यहीं रहता है या कहीं और?

रिपोर्टर : वो अपनी कह रहे हैं?

राजेश : हाँ, के भैया मैं फ्रॉड तो नहीं हूँ ना! वो अपनी कह रहे हैं।

रिपोर्टर : सही बात है भाई! हमारा तो पैसा जाएगा; आदमी पैसा लेकर भाग जाए…?

राजेश : आपने दिया इकट्ठा, …वो $गायब हो जाए…, क्या करोगे? कहाँ ढूँढोगे?

रिपोर्टर : 10 लाख लेकर भाग गया?

राजेश : अब स्पोज मैं ही हूँ; …मैंने आपसे ले लिया 2 लाख, और निकल लिया यहाँ से, मैंने तो कोई प्रूफ नहीं दिया न आपको।

रिपोर्टर : आप किराये पर रहते हो वैसे भी।

राजेश : हाँ, उसका तो घर-मकान सब कुछ है।

इसके बाद राजेश ने दोपहर क़रीब 1:00 बजे की अपने दोस्त सुरेंद्र भाटी से हमारी मुलाक़ात तय की। उसने हमें आश्वस्त किया कि नोट बदलने के इस व्यवसाय में शामिल व्यक्ति उसका दोस्त है और हमें किसी भी बात की चिन्ता करने की ज़रूरत नहीं है।

रिपोर्टर : हाँ राजेश! ये बताओ ये आ जाएँगे 1:00 बजे? तुम भी रहोगे मीटिंग में? काम हो जाएगा ये गारंटी है?

राजेश : गारंटी है, …अगला प्रूफ दे रहा है अपना।

रिपोर्टर : और इसने बदलवाये भी हैं?

राजेश : हाँ।

राजेश ने हमें बताया कि उसके पास एक और ग्राहक था, जो 2,000 रुपये के 5 लाख रुपये के नोट बदलवाना चाहता था।

राजेश : एक और बंदा है मेरा, …उसने भी चेंज करवाने हैं।

रिपोर्टर : कितने? 5 लाख हैं 2,000 के नोट, उसके भी बदलवाने हैं, बात हुई आपसे?

राजेश : हाँ, मेरी बात हुई है, उसने 2-3 दिन का टाइम दिया है।

रिपोर्टर : कहाँ का है वो?

राजेश : फ़िलहाल यहाँ का ही है।

राजेश ने अब हमें बताया कि वह इस काम के लिए कमीशन के रूप में 5 फ़ीसदी लेगा।

रिपोर्टर : तुम्हारा क्या होगा उसमें?

राजेश : देखो जी, मुझे भी कुछ चाहिए, आपसे मिलने आये हैं, …वो भी लेगा।

रिपोर्टर : कितना चाहिए?

राजेश : आपकी ख़ुशी से, आपकी ख़ुशी रहे।

रिपोर्टर : फिर भी आपने कुछ सोचा तो होगा ही भाई, मैं इतने लूँगा?

राजेश : सोचा तो मैंने ये था कि 5 परसेंट लूँगा

रिपोर्टर : जो भी टोटल अमाउंट होगा, उसका 5 परसेंट?

राजेश : जी, …बाक़ी आपके ऊपर है।

अब राजेश ने हमें अपने दोस्त सुरेंद्र भाटी से मिलवाया, जिसके बारे में वह हमसे बात कर रहा था। हमने सुरेंद्र भाटी को बताया कि हमारे पास 2,000 के नोटों की 10 लाख रुपये की नक़दी है और हम इसे अन्य मूल्य के नोटों से बदलना चाहते।

रिपोर्टर : हाँ, बताओ भाई सुरेंद्र भाटी!

भाटी : हाँ भाई, बताओ; …पहले तो आप ये बताओ कितना है?

रिपोर्टर : 10 लाख रुपीज, 2,000 के नोट हैं।

भाटी : बस?

भाटी ने हमें बताया कि हमें उसी दिन अपने 10 लाख के 2,000 रुपये के नोटों के बदले पैसे मिल जाएँगे। यह या तो हमारे बैंक खाते में स्थानांतरित कर दिया जाएगा या नक़द में दिया जाएगा।

भाटी : सेम डे मिल जाएगा, …सेम डे दे देंगे हाँ-हाँ।

रिपोर्टर : सेम डे 10 लाख रुपीज, 2,000 के नोट?

भाटी : सेम डे हाँ-हाँ; …अकाउंट में डाल देंगे, …और बताओ?

रिपोर्टर : बहुत अच्छी बात है ये तो; …मतलब हमारे अकाउंट में डायरेक्ट या कैश दोगे?

भाटी : अगर आप कैश कहो, तो कैश भी दे देंगे।

रिपोर्टर : कैश भी मिल जाएगा?

भाटी : अगर कैश चाहिए तो कैश, …अकाउंट में कहोगे तो अकाउंट में डल जाएँगे।

रिपोर्टर : और नोट कौन-कौन से होंगे…, 500 के?

भाटी : हाँ, 500 के।

हालाँकि बाद में भाटी ने बताया कि यह सब बैंक में विशेष दिन पर 500 रुपये के नोटों की उपलब्धता पर निर्भर करता है। यदि नोट उपलब्ध हैं, तो हमें उसी दिन हमारी बदली हुई राशि मिल जाएगी। अन्यथा बैंक मैनेजर हमें एक दिन इंतज़ार करने के लिए कहेगा।

रिपोर्टर : क्योंकि उनका है ब्लैक मनी?

भाटी : देखो, मैं आपको बताता हूँ, …अगर बैंक में हुआ 500 का नोट, तो सेम डे दे दूँगा उसे; …अगर एक परसेंट बैंक मैनेजर बोला कि आपको कल दूँगा, तो मैं आपको दूसरे दिन दूँगा।

रिपोर्टर : कोई बात नहीं।

हमने भाटी को बताया कि आरबीआई ने 2,000 रुपये के नोट एक बार में बदलने की सीमा 20,000 रुपये तय की है। इस पर भाटी ने कहा कि चूँकि उनका एक सरकारी बैंक के मैनेजर के साथ गठजोड़ है, इसलिए हमें बदले जाने वाले पैसे की चिन्ता नहीं करनी चाहिए।

रिपोर्टर : क्यूँकि लिमिट जो है एक दिन की नोट बदलने की, 20,000 है। …उनको आ रही थी दि$क्क़त।

भाटी : यहाँ तो भाई बैंक मैनेजर से वास्ता है; …ऐसा नहीं है कि उससे बात करनी है, उससे बात करनी; …यहाँ तो भैया काम ही है। …पहले अपना जो काम पर्सनल, …जो काम, उसके बाद ये ही है।

रिपोर्टर : बैंक जान सकता हूँ सर! …ब्रांच नहीं पूछ रहा?

भाटी : ङ्गङ्गङ्गङ्गङ्ग बैंक।

रिपोर्टर : सरकारी बैंक है?

भाटी : हाँ, भाई! कोई दिक्क़त नहीं है।

जब हमने बदले में दिये जाने वाले 10 लाख रुपये की नक़दी पर अपनी चिन्ता जतायी, तो भाटी ने हमारे डर को दूर करने के लिए सौदे पर जाने से पहले हमें उसके ठिकाने की जाँच करने के लिए कहा। उसने सुझाव दिया कि हमें उसका घर देखना चाहिए। उसके माता-पिता से मिलना चाहिए। जाँचना चाहिए कि वह दिये गये पते पर रहता है या नहीं। फिर उसने हमारा विश्वास जीतने के लिए अपने सभी पहचान प्रमाण पत्र, जैसे- आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आई कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस आदि दिखाये।

रिपोर्टर : भाटी जी! ये बताओ, …पैसे की क्या गारंटी है? पैसा सेफ है हमारा 10 लाख रुपीज?

भाटी : बड़े भाई, …पहले तो ये है…आप पहले मेरा घर देख लो, 10 लोगों से पहले ये पहचान करो के, पता करो ये इसी का घर है या किराये का? …घर जाकर आपको ये भी पता पड़ जाएगा के ये सुरेंद्र के माता पिता हैं या नहीं हैं।

रिपोर्टर : देखो जी, राजेश जी के थ्रू मिले हो आप, तो हमें तो पूरा भरोसा है।

भाटी : पहचान पत्र (पैन कार्ड बढ़ाते हुए)…।

रिपोर्टर : पैन कार्ड है ये तो आपका?

भाटी : पैन कार्ड, आधार कार्ड, पहचान पत्र…।

रिपोर्टर : अरे, इतना मत दिखाओ; आधार कार्ड ही बहुत है।

भाटी : ये लाइसेंस (लाइसेंस दिखाते हुए)…।

रिपोर्टर : अच्छा गाड़ी भी है, …सारे डॉक्युमेंट्स दे दिये आपने?

भाटी ने ‘तहलका’ रिपोर्टर को बताया कि उसने हाल ही में 2,000 रुपये के नोट के 2 करोड़ रुपये की रक़म बदली है। उसने आगे दावा किया कि उसने इन दिनों कुछ घरों में 2,000 रुपये के नोटों के रूप में अवैध नक़दी से भरे कमरे देखे थे।

रिपोर्टर : और अभी 2,000 के नोट चेंज करवा चुके हो आप इसी 2023 में?

भाटी : अभी 23 में अभी भी करवाये हैं।

रिपोर्टर : कितने?

भाटी : 2 करोड़।

रिपोर्टर : 2,000 के नोट आपने अभी चेंज करवाये हैं, …23 में?

भाटी : क्यूँकि जिस दिन बंद हुए थे ना!

रिपोर्टर : 23 मई, 2023 को बंद हुए थे ये; …आज क्या है, आज है 3 जून, 2023…।

भाटी : भाई! मैं आपसे क्या कह रहा हूँ आपके पास 10 पैसे हैं।

रिपोर्टर : 10 लाख…।

भाटी : भाई! मैं आपसे कह रहा हूँ कि आपके पास कुछ नहीं है; …मैंने ऐसे-ऐसे लोग देख रखे हैं, जिनके कमरे-के-कमरे भरे पड़े हैं।

रिपोर्टर : 2,000 के नोट के?

भाटी : हाँ।

भाटी ने दावा किया कि वह एक दिन में 2,000 रुपये के नोटों के 2 करोड़ रुपये तक मुद्रा विनिमय (नोट बदली) का इंतज़ाम भी कर सकता है। यह बैंक में नक़दी की उपलब्धता पर निर्भर करता है।

रिपोर्टर : तो कितना तक बदल जाएगा, ये तो मैंने 10 लाख बताया; …आगे अगर नोट किसी के आते हैं, तो कितने तक का बदलवा दोगे आप बैंक से? …सेम डे?

भाटी : दो करोड़, …24 घंटे में; आज सुबह आप 10 बजे पैसे दे दो, …कल सुबह बैंक खुलते ही पैसे दे दूँगा।

रिपोर्टर : 2 करोड़?

भाटी : हाँ। …क्यूँकि जो बैंक मैनेजर ऑर्डर करता है, वो आगे के लिए करता है…कि मुझे इतना कैश चाहिए; …ठीक है ना! …अगर आप ये कहो कि मुझे साथ-के-साथ ही चाहिए, …अगर बैंक में इतना कैश है, तो कैश मिल सकता है। …अगर बैंक में कैश नहीं है, तो कैश नहीं मिल सकता। …क्यूँकि आगे के लिए बैंक मैनेजर को ऑर्डर देना पड़ता है…के आगे के लिए मुझे नोट चाहिए।

रिपोर्टर : मतलब आप 2 करोड़ तक के 2,000 के नोट बदलवा दोगे?

भाटी : हाँ।

अब भाटी बताता है कि वह अपनी सेवाओं के लिए कितना शुल्क लेगा। उसने नोट बदलने के लिए 15 फ़ीसदी कमीशन की माँग की। उसने दावा किया कि बैंक प्रबंधक, कैशियर और बैंक में नक़दी लाने वाली वैन के प्रभारी सहित सभी यह पैसा साझा करेंगे।

भाटी : मैं बताऊँ भाई! इसमें कमीशन किसका होता है? …बैंक मैनेजर का होता है, कैशियर का होता है, …और जो गाड़ी जो लेकर आती है उसका भी होता है।

रिपोर्टर : गाड़ी जो बैंक में पैसा लाती है, …वो क्यूँ लेता है भाई?

भाटी : वो इसलिए लेता है, क्यूँकि बैंक की कोई शाखा तो है नहीं, कोई यहाँ है, कोई वहाँ; …वो कहता हुआ आता है कि आज आपका कैश इतना ही हो पाएगा, …तो वो इसलिए लेता है।

रिपोर्टर : अच्छा 15 परसेंट में सबको बँटेगा?

भाटी : हाँ भाई! सबको बँटेगा।

रिपोर्टर : इसमें आपका, मैनेजर का कितना होगा?

भाटी : भाई! मैं मैनेजर को कितना दूँगा, इस चीज़ पर मत जाओ यार!

रिपोर्टर : अच्छा, आपको 15 परसेंट चाहिए, …15 परसेंट कितना हो गया हमारा?

भाटी : आप ही हिसाब लगा लो, पढ़े-लिखे हो।

रिपोर्टर : हैं, …1.50 लाख हो गया, तो ये डेढ़ लाख आपको एडवांस चाहिए होगा या काम होने के बाद?

भाटी : काम होने के बाद।

रिपोर्टर : इधर हम आपको 10 लाख देंगे, अगले दिन आप या सेम डे आप हमको कैश दे दोगे 10 लाख का?

भाटी : हाँ।

रिपोर्टर : 500 के नोट, …500 के नोट नहीं हुए तो आप कह रहे हो अगले दिन हो जाएँगे?

भाटी : हाँ।

रिपोर्टर : अगले दिन भी जो मिलेगा, वो 500 के नोट ही होंगे न?

भाटी : हाँ, 500 का ही मिलेगा।

रिपोर्टर : इससे नीचे का तो नहीं मिलेगा?

भाटी : नहीं।

भाटी ने हमें बताया कि हमें बाद में उसके बताये स्थान पर बदली गयी नक़दी को लेने जाना होगा। लेकिन एक चेतावनी थी; जब हम पैसे लेकर वह स्थान छोड़ देंगे, तो वह नक़दी से जुड़ी किसी भी चीज़ के लिए ज़िम्मेदार नहीं होगा।

रिपोर्टर : अच्छा, जो आप हमको 10 लाख कैश दोगे, वो हम कहाँ से कलेक्ट करेंगे? …बैंक से?

भाटी : मैं दूँगा।

रिपोर्टर : घर से, या कहाँ से?

भाटी : मैं आपको अपनी लोकेशन दे दूँगा, …के आपको यहाँ आना होगा, …आप आओ; …जब तक पैसे मेरे हाथ में हैं, पैसों को 10 बार गिनो, 10 बार गिनो, 10 बार, …पैसे मेरे हाथ से आपके पास जाएँगे, उसके बाद आप कहो- ये नोट असली है, नकली है, …उसकी मेरी कोई ज़िम्मेदारी नहीं है।

यह पूछे जाने पर कि हमसे नक़दी कौन लेगा और उसे बदलने के लिए बैंक में कौन छोड़ेगा? भाटी ने कहा कि वह ख़ुद हमसे नक़दी लेगा और उसे बदलने के लिए बैंक में छोड़ेगा।

रिपोर्टर : अच्छा, कैश हमसे लेकर कौन जाएगा?

भाटी : भाई! मैं ही लेकर जाऊँगा, …और कौन लेकर जाएगा?

रिपोर्टर : या हम बैंक में पहुँचा दें?

भाटी : नहीं सर! नहीं, नहीं।

रिपोर्टर : बैंक में नहीं?

इस बीच भाटी ने हमें यह भी आश्वासन दिया कि जहाँ वह काम करता है, उस क्षेत्र में नक़दी ले जाते समय हमें पुलिस से किसी भी दिक्क़त का सामना नहीं करना पड़ेगा। हालाँकि उसने यह साफ़ कर दिया कि वो जगह छोडऩे के बाद नक़दी को सुरक्षित रूप से ले जाने की ज़िम्मेदारी हमारी होगी।

भाटी : ऐसा है, मैं आपको बताता हूँ; सुनो, जैसे हम 5 लोग हैं। हम आपस में अपना ईमानदारी से काम कर रहे हैं, के हमारा काम होना चाहिए; …लेकिन हमें छठे बंदे की ये नहीं पता कि उसके मन में क्या है? …आप जानो मुझे, …अगले बंदे को मैं जानता हूँ। …इस बात की मुझे नहीं पता आप कैश कहाँ से लाये हो; …जो आपकी तरफ़ से पुलिस सिस्टम होगा, वो आप जानो, मुझ तक बात नहीं आनी चाहिए, जो मेरी होगी वो मैं जानू।

रिपोर्टर : यानी पुलिस और थाने की ज़िम्मेदारी आप ले रहे हो। …आप अपने इलाक़े की?

भाटी : हाँ।

रिपोर्टर : और हमारे एरिया की हमारी?

भाटी : हाँ आपकी।

सौदा बंद करने से पहले हमने एक बार फिर अपने पैसे की सुरक्षा का मुद्दा उठाया। अपने तर्क को पुष्ट करने के लिए भाटी ने कहा कि 2016 में विमुद्रीकरण (नोटबंदी) के बाद भी जब लोगों ने प्रतिबंधित नोटों से छुटकारा पाने के लिए उनसे सम्पर्क किया था, तो उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया था कि काम हो जाएगा; लेकिन उन्हें मुझ पर विश्वास करना होगा।

भाटी : भाई मैंने जिस टाइम नोटबन्दी हुई थी, उस टाइम मैंने 50-50 रुपये चेंज करवाये थे, 50-50…। हाँ; लेकिन उस समय भी मैंने ये कही कि आप मुझे जानते हो, दूसरे बंदे को नहीं जानते, आप पैसे मुझे दो, जिस दिन मैं टाइम दूँ, मेरे घर आओ, ले जाओ अपना पैसा, ले जाओ, ….मैं आपको नहीं जानता, न तुम मुझे जानते हो।

राजेश और सुरेंद्र के बाद अब ‘तहलका’ रिपोर्टर की मुलाक़ात पेशे से ड्राइवर हरीश से हुई। हरीश ने कहा कि उसका बॉस, जिसकी कार वह चलाता है; वह हमारे 10 लाख रुपये के 2,000 रुपये के नोटों को कम मूल्यवर्ग के नोटों में बदलने में हमारी मदद कर सकता है। उसने तुरन्त अपने बॉस को फोन किया। फोन रखने के बाद उसने हमें बताया कि सौदा हो सकता है, और उसका बॉस काम के बदले 5 फ़ीसदी कमीशन लेगा।

रिपोर्टर : किससे बात हुई आपकी?

हरीश : बॉस से।

रिपोर्टर : बॉस से, जिनकी गाड़ी चलती हो?

हरीश : मैंने सर से बात की थी।

रिपोर्टर : 2,000 के नोट, 10 लाख के, क्या बोले वो?

हरीश : बदलवा देंगे।

रिपोर्टर : कितने दिन में?

हरीश : एक दिन।

रिपोर्टर : वो कितना बता रहे हैं कमीशन?

हरीश : इतना ही बता रहे हैं, …5 परसेंट।

रिपोर्टर : 5 परसेंट?

साल 2016 के विमुद्रीकरण के बाद केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने प्रतिबंधित मुद्रा को अवैध रूप से बदलने और धन शोधन में शामिल होने के लिए कुछ बैंक अधिकारियों सहित कई लोगों को गिरफ़्तार किया था। अब साल 2023 में विमुद्रीकरण के उस अभियान के छ: साल बाद, जब आरबीआई ने 2,000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोटों को प्रचलन से वापस लेने का फ़ैसला किया है, और लोगों को इन नोटों को अपने बैंक खातों में जमा करने के लिए 23 मई से 30 सितंबर तक क़रीब 4 महीने का वक़्त दिया है। या उन्हें इसके बदले कम मूल्य वाली मुद्रा लेने के लिए कहा है। मतलब नक़दी माफ़िया फिर धंधे में लौट आया है।

‘तहलका’ की जाँच में ऐसे तीन लोगों का ख़ुलासा होता है, जो लोगों को 2,000 रुपये के उच्च मूल्य वाले बैंक नोटों से छुटकारा दिलाने में मदद करने के लिए तैयार हैं; …वह भी एक या दो दिन में। उन्होंने अपने इस संदिग्ध काम के लिए 5 से 15 फ़ीसदी तक कमीशन की माँग की। हमने जाँच में पाया कि दलाल महज़ 24 घंटे में दो करोड़ रुपये तक नोट बदलने का वादा करते हैं। जबकि आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक, कोई एक बार में 2,000 मूल्य वाले बंद किये गये सि$र्फ 10 नोट ही बदल सकता है। दलालों का यह भी दावा है कि आरबीआई के 2,000 रुपये के नोटों को वापस लेने की घोषणा के बाद से अब तक वे पहले ही 2 करोड़ रुपये तक के उच्च मूल्य वाले नोटों को अन्य मूल्यवर्ग की मुद्रा में बदल चुके हैं।