
तहलका ब्यूरो, नई दिल्ली।
Vishwa Hindu Parishad द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया, जिसमें मुख्य वक्ता के रूप में संगठन के अंतरराष्ट्रीय महासचिव Bajrang Lal Bagda उपस्थित रहे। इस वार्ता का मुख्य विषय कॉर्पोरेट जगत में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए परिषद की भावी कार्ययोजना पर केंद्रित था।

(Photo Credit: Naveen Bansal)
बजरंग लाल बागड़ा ने नासिक स्थित TCS के BPO केंद्र में सामने आई यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण जैसी घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे आईटी सेक्टर के कार्यस्थल माहौल Workplace Culture और Security के लिए एक बड़ा सवाल बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विश्व हिंदू परिषद कॉर्पोरेट जगत में किसी भी प्रकार के हिंदू आरक्षण की मांग नहीं कर रही है, बल्कि संगठन का जोर इस बात पर है कि कर्मचारियों की नियुक्ति और संस्थानों की कार्यप्रणाली पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह होनी चाहिए।
नई दिल्ली के North Avenue स्थित विश्व संवाद केंद्र में आयोजित कार्यक्रम में बागड़ा ने कहा कि संस्थानों में काम करने वाले लोगों की मानसिकता और उनके व्यवहार पर नजर रखना अनिवार्य है, क्योंकि अक्सर समस्या नीतियों के बजाय लोगों की सोच के कारण उत्पन्न होती है। बागड़ा ने जांच एजेंसियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच होना आवश्यक है ताकि पीड़ितों का व्यवस्था पर भरोसा बना रहे। उन्होंने उम्मीद जताई कि बड़ी कंपनियां अपने यहां सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए भविष्य में ठोस कदम उठाएंगी।
अंत में उन्होंने संगठन का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यदि कंपनियों की ओर से इस दिशा में कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की जाती है, तो विश्व हिंदू परिषद कानूनी विकल्पों पर विचार करने के साथ-साथ निजी स्तर पर कंपनियों से संवाद करेगी और आवश्यकता पड़ने पर शांतिपूर्ण विरोध का मार्ग भी अपना सकती है।



