नई दिल्ली: हिमालय की गोद में बसे Kedarnath Temple को इस बार पहले से ज्यादा भव्य और आकर्षक रूप दिया जा रहा है। मंदिर समिति की ओर से करीब 51 क्विंटल ताजे और रंग-बिरंगे फूलों से पूरे धाम को सजाया जा रहा है। खासतौर पर गेंदे के फूलों से मंदिर परिसर को इस तरह सजाया गया है कि हर तरफ भक्ति और उत्सव का माहौल नजर आ रहा है।
देश-विदेश से मंगाए गए फूलों से केदारपुरी को एक अलग ही दिव्यता दी जा रही है। मंदिर समिति के सदस्य विनीत चंद्र पोस्ती के मुताबिक, इस बार कपाट खुलने के मौके पर विशेष तैयारियां की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एक अलग और यादगार अनुभव मिल सके।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, बाबा केदार की पंचमुखी डोली 21 अप्रैल को धाम पहुंच रही है। इसके बाद 22 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 8 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इस खास मौके पर बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
इस बार केदारनाथ धाम की खूबसूरती को बढ़ाने में मौसम ने भी अहम भूमिका निभाई है। अप्रैल में हुई ताजा बर्फबारी के कारण पूरा इलाका बर्फ की सफेद चादर से ढक गया है। बर्फ से ढके पहाड़ और फूलों से सजा मंदिर—यह नजारा श्रद्धालुओं के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं लग रहा।
यात्रा को लेकर प्रशासन और मंदिर समिति ने सभी जरूरी इंतजाम लगभग पूरे कर लिए हैं। सुरक्षा, आवागमन और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए खास व्यवस्थाएं की गई हैं।
कपाट खुलने के साथ ही चारधाम यात्रा का एक अहम पड़ाव शुरू हो जाएगा और हजारों श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचेंगे। फिलहाल धाम में हर तरफ आस्था, उत्साह और भक्ति का माहौल साफ नजर आ रहा है।




