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विदेश मंत्री जयशंकर आज गुजरात से राज्य सभा का परचा दाखिल करेंगे

विदेश मंत्री एस जयशंकर, जिनका राज्यसभा का कार्यकाल पूरा हो रहा है, आज (सोमवार) गुजरात से राज्यसभा सीट के लिए नामांकन दाखिल करेंगे। वह कल ही  अहमदाबाद पहुंच गए थे, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनकी अगवानी की। कांग्रेस गुजरात की खाली सीटों के लिए अपना उम्मीदवार नहीं उतार रही है।

जयशंकर जुलाई, 2019 में गुजरात से ही राज्य सभा के लिए सदस्य निर्वाचित हुए थे। अब वहां राज्य सभा के लिए तीन सीटें खाली हो रही हैं जिनके लिए 24 जुलाई को चुनाव होना है।

जयशंकर के अलावा दो अन्य उम्मीदवारों के नामों की घोषणा भाजपा आज करेगी और वे भी आज ही नामांकन दाखिल कर सकते हैं। संख्या बल देखते हुए भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का जीतना तय है।

कांग्रेस ने तीन दिन पहले ही साफ़ कर दिया था कि वह गुजरात की तीन राज्यसभा सीट के लिए होने वाले चुनाव में उम्मीदवार नहीं उतारेगी, क्योंकि 182 सदस्यीय विधानसभा में उसके पास पर्याप्त विधायक नहीं हैं। गुजरात में पिछले साल के अंत में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 156 सीटें हासिल की थीं।

हम चीन से आज़ादी की मांग नहीं कर रहे, तिब्बती नेता दलाई लामा ने कहा

एक महत्वपूर्ण बयान में तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने रविवार को कहा कि वे चीन से आज़ादी की मांग नहीं कर रहे हैं। उन्होंने चीन से बातचीत की इच्छा भी जताई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि तिब्बत सांस्कृतिक रूप से चीन से अलग है। याद रहे हाल के सालों में दलाई लामा चीन का हिस्सा बने रहते हुए तिब्बत के लिए स्वायत्तता की मांग करते रहे हैं।

दलाई लामा ने चीन को लेकर यह बयान कांगड़ा एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में दिया। उन्होंने कहा – ‘चीन बदल रहा है और उसे अब यह अहसास हो चुका है कि तिब्बत के लोग बहुत शक्तिशाली हैं। तिब्बत की समस्या से निपटने के लिए वह (चीन) मुझसे संपर्क करना चाहते हैं और मैं भी बिल्कुल तैयार हूं।’

तिब्बती धार्मिक नेता ने कहा कि ‘मैं चीन के साथ बातचीत के लिए हमेशा तैयार हूं और वर्षों पहले यह स्पष्ट कर चुका हूं कि हम पूर्ण आजादी नहीं मांग रहे हैं। हम चीन गणराज्य का हिस्सा रहेंगे। मैं चीन के साथ बातचीत के लिए हमेशा तैयार हूं और कई साल पहले यह स्पष्ट कर चुका हूं कि हम पूर्ण स्वतंत्रता की मांग नहीं कर रहे हैं और पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) का हिस्सा बने रहेंगे।’

उन्होंने कहा – ‘यह जीवन जो मेरे पास है उसे मैं अपनी सर्वोत्तम क्षमता से असीमित संवेदनशील प्राणियों की मदद करने के लिए समर्पित करता हूं, मैं दूसरों को जितना हो सके उतना लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।’

स्पीकर नार्वेकर का शिवसेना के गुटों को नोटिस, सात दिन में मांगा जवाब

महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरमाने लगी है। महाराष्ट्र विधानसभा के स्पीकर राहुल नार्वेकर ने शिवसेना के दोनों गुटों को नोटिस जारी किया है। इन सभी से एक हफ्ते के भीतर जवाब मांगा गया है।

स्पीकर की तरफ से नोटिस भेजने की कार्यवाही उनके उस बयान के एक दिन बाद हुई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें भारत चुनाव आयोग से शिवसेना के संविधान की एक प्रति मिल गई है। शिंदे सहित 16 शिवसेना विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर सुनवाई जल्द शुरू होगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक नार्वेकर ने कहा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुट के 40 विधायकों और उद्धव ठाकरे खेमे के 14 विधायकों को नोटिस जारी कर अयोग्यता पर जवाब मांगा गया है। याद रहे एक हफ्ता पहले ही शरद पवार से अलग होकर उनके भतीजे अजित पवार अपने आठ अन्य साथी विधायकों के साथ शिंदे सरकार में शामिल हो गए थे।

अब शिंदे गुट के सभी विधायकों से उनके खिलाफ दायर अयोग्यता याचिकाओं पर जवाब मांगा गया है। स्पीकर के मुताबिक इन विधायकों से जवाब देने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। एक विधायक शिवसेना (यूबीटी) की रुतुजा लाटके को नोटिस में शामिल नहीं किया गया है। वह एक साल पहले शिवसेना में टूट के बाद विधायक निर्वाचित हुई थीं।

याद रहे उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने कुछ समय पहले सुप्रीम कोर्ट का रुख कर उससे विधानसभा अध्यक्ष को अयोग्यता याचिकाओं पर जल्द सुनवाई करने का निर्देश देने का अनुरोध किया था। स्पीकर नार्वेकर को आड़े हाथ लेते हुए उद्धव गट के नेता अरविंद सावंत ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने पिछले दो महीने में (अयोग्यता याचिकाओं पर) कुछ नहीं किया, इसी वजह से हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया जिसके कारण ही उन्होंने ये नोटिस जारी किया है।

आदित्य ठाकरे का बड़ा दावा – ‘सीएम शिंदे को इस्तीफा देने को कहा गया है’

महाराष्ट्र की राजनीति लगातार दिलचस्प होती जा रही है। अब उद्धव ठाकरे शिवसेना के नेता आदित्य ठाकरे ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे को इस्तीफा देने को कहा गया है। उन्होंने राज्य की राजनीति और सरकार में ‘बड़े बदलाव’ का भी दावा किया है।

आदित्‍य के इस दावे कि ‘एकनाथ शिंदे को इस्तीफा देने के लिए कहा गया है’, ने राज्य की राजनीति में गर्माहट ला दी है। महाराष्ट्र में यह चर्चा तेज है कि अजित पवार और आठ अन्य राकांपा विधायकों के मंत्री बनने के बाद शिंदे गुट में बेचैनी है क्योंकि उनकी कुर्सी खतरे में पड़ गयी है।

पिछले दो दिन में शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच एक से ज्यादा बार लंबी बैठकें हुई हैं। जिनसे इन कयासों को और हवा मिली है कि शिंदे की कुर्सी खतरे में है। उधर अब आदित्य ठाकरे के दावे ने राजनीति में हलचल मचा दी है।

आदित्य ठाकरे ने पत्रकारों से कहा – ‘मैंने सुना है कि सीएम को इस्तीफा देने के लिए कहा गया है और कुछ बदलाव (सरकार में) हो सकता है। हाल में उद्धव शिव सेना के  बड़े नेता संजय राऊत ने दावा किया था कि राकांपा नेता अजित पवार के राज्य सरकार में शामिल होने के बाद से शिंदे के समूह के करीब 17 विधायक उनकी पार्टी के संपर्क में हैं।

उधर शिंदे लगातार कह रहे हैं कि उनकी पद छोड़ने की कोई योजना नहीं और एनसीपी के बागियों को लेकर शिवसेना में कोई विद्रोह नहीं है। उनके समर्थक नेता उदय सामंत ने कहा – ‘हम इस्तीफा देने वाले नहीं, बल्कि लेने वाले हैं। उनका नेतृत्व सभी को साथ लेकर चलने और धैर्य रखने का है। सभी विधायकों, सांसदों ने एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताया है। शिंदे को बदनाम करने के लिए ख़बरें उड़ाई जा रही हैं।’

पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव:  सुबह 7 बजे से मतदान जारी, हिंसा के चलते तीन की मौत

पश्चिम बंगाल में आज पंचायत चुनाव मतदान शुरू हो गया है। कुल 63,229 ग्राम पंचायत सीटों पर मतदान होना है। सीताई कूच बिहार में पंचायत चुनाव के लिए मतदान शुरू होने पर अज्ञात उपद्रवियों ने कथित तौर पर 6/130 बूथ, बरविटा प्राइमरी स्कूल में तोड़फोड़ की है।

आज सुबह 7 बजे से पंचायत चुनाव के लिए पश्चिम बंगाल में मतदान शुरू हुआ। 9730 पंचायत समिति सीटों और 928 जिला परिषद सीटों पर चुनाव हो रहा है। किंतु पंचायत प्रतिनिधियों को चुनने के लिए आज हो रहे चुनाव मतदान में हिंसा के चलते तीन लोगों की मौत हुई।

वहीं मालदा और कूच बिहार में हिंसा के चलते एक भाजपा और एक तृणमूल कार्यकर्ता की मौत हो गई है। मतदान सुबह 7 बजे से शुरू होकर शाम 5 बजे तक होगा। इसी बीच टीएमसी ने ट्वीट किया है।

टीएमसी ने ट्वीट कर कहा कि, “रेजीनगर, तूफानगंज और खारग्राम में हमारे तीन पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या कर दी गई है। और दो डोमकोल में गोली लगने से घायल हो गए है। पश्चिम बंगाल बीजेपी, पश्चिम बंगाल सीपीआई (एम) और पश्चिम बंगाल कांग्रेस केंद्रीय बलों की तैनाती पर जोर दे रहे हैं। तो, जब केंद्रीय बलों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है तो वे कहां होते हैं?”

राहुल गांधी हरियाणा में खेतों में दिखे, सोनीपत के गोहाना में ट्रैक्टर चलाया 

कांग्रेस नेता राहुल गांधी आजकल लगातार जनता के बीच रहने की लगातार कोशिश में हैं। अब उन्हें हरियाणा में एक खेत में किसानों के साथ ट्रैक्टर चलते हुए हुए और धान रोपते हुए देखा गया। अगले लोकसभा चुनाव से पहले उनकी यह कवायद कितना रंग लाएगी, यह तो समय ही बताएगा लेकिन लोगों को उनका यह अंदाज खूब भा रहा है।

राहुल गांधी शनिवार सुबह हरियाणा के सोनीपत के गोहाना इलाके के मदीना गांव में खेत में काम कर रमें खेतों में दिखे। उनके जो फोटो सामने आये हैं उनमें वे खेत में ट्रैक्टर चलते हुए दिख रहे हैं। निक्कर में राहुल खेत के बीच पानी में खड़े भी दिख रहे हैं। उन्होंने किसानों के साथ बातचीत भी की।

जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी शिमला जा रहे थे और रास्ते में वे खेत में पहुंच गए। हाल के दिनों में कांग्रेस नेता को लगातार जनता के बीच देखा गया है। आम लोगों से जुड़ने की उनकी यह कोशिश 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा है।

हाल में राहुल को दिल्ली के एक बाइक मैकेनिक की दुकान पर कलपुर्जों से काम करते हुए देखा गया था। अब किसानों के बीच खेत में काम करते नजर आए हैं और उनकी यह तस्वीरें खूब वायरल हो रही हैं।

राहुल गांधी ने गोहाना के मदीना गांव में खेत में काम कर रहे किसानों के बीच जाकर ट्रैक्टर चलाया। वह प्रशासन को किसी प्रकार की कोई सूचना दिए बगैर किसानों के बीच जा पहुंचे। साथ ही किसानों के साथ मिलकर धान की रोपाई करते भी नजर आए। राहुल गांधी ने किसानों की समस्याओं को सुनने और समझने की कोशिश करते दिखे।  उन्होंने किसानों के साथ मिलकर खेतों का निरीक्षण भी किया।

एक तस्वीर में खेत में पानी भरा हुआ है और राहुल वहां खड़े हैं। गांधी को यूं अचानक खेतों में अपने बीच देखकर किसानों के बीच गजब का उत्साह दिखा। कुछ महीनों बाद ही हरियाणा में विधानसभा चुनाव होने हैं, लिहाजा राहुल का इस तरह खेतों में जाना मायने रखता है।

महिला पहलवान मामला: बृजभूषण को कोर्ट ने किया समन, 18 जुलाई को पेश होने का आदेश

भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को 6 बालिग पहलवानों के यौन शोषण केस में कोर्ट ने पेशी के लिए 18 जुलाई के लिए तलब किया है। बृजभूषण शरण सिंह के अलावा इस मामले में उनके सेक्रेटरी विनोद तोमर को भी कोर्ट ने समन किया है।

दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई होनी है। इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 354 ए और 354 डी और सह आरोपी विनोद तोमर के खिलाफ आईपीसी की धारा 109, 354, 354 ए, 506 के तहत आरोप लगाए हैं।

बता दें, इस मामले में सुनवाई पहले 1 जुलाई को भी हुई थी। और राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में दायर आरोप पत्र पर संज्ञान लेने पर विचार करने के लिए 7 जुलाई की तारीख तय की थी।

आपको बता दें, बालिग पुलिस ने इस मामले में 1500 पन्नों की चार्जशीट पेश की है। और पुलिस ने कहा कि बालिग पहलवानों ने जिस जगह पर उनके साथ यौन शोषण के आरोप लगाए हैं वहां आरोपियों की मौजूदगी के सबूत मिले है।

पीएम मोदी की शाह, नड्डा से मुलाकात के बाद मंत्रिमंडल फेरबदल की चर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुरुवार शाम गृह मंत्री अमित शाह और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ करीब चार घंटे लंबी बैठक करने के बाद उन अटकलों को और बल मिला है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल जल्दी हो सकता है और कुछ मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी दी जा सकती है।

भाजपा संगठन पर फोकस कर रही है और इस साल होने वाले चुनावों में सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर रणनीति बनाना चाहती है। कर्नाटक में भाजपा की हार के बाद पार्टी में साल के अन्य चुनावों को लेकर काफी चर्चा है।

अमित शाह कल ही छत्तीसगढ़ के दौरे के बाद दिल्ली पहुंचे थे। पिछले कुछ दिन से भाजपा के बड़े नेताओं की बैठकें लगातार हो रही हैं। जेपी नड्डा भी हाल में अमित शाह और बीएल संतोष से बैठक कर चुके हैं।

पिछले हफ्ते ही भाजपा ने चार राज्यों के अध्यक्ष बदले हैं। इसके अलावा 20 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र भी शुरू होने वाला है। लिहाजा उससे पहले मोदी मंत्रिमंडल में फेरबदल हो सकता है। इसमें उन राज्यों से सांसदों को मंत्री बनाया जा सकता ह्यै, जहाँ चुनाव होने वाले हैं। साथ ही जातीय संतुलन भी देखा जाएगा।

इस साल राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं। कांग्रेस पहले ही इन चुनावों को लेकर कमर कस चुकी है। इनमें से ज्यादातर राज्यों, जिनमें राजस्थान, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश प्रमुख हैं, में कांग्रेस और भाजपा की सीधी टक्कर है। तेलंगाना में भी कांग्रेस भाजपा के लिए बड़ी चुनौती बन रही है। वहां माहौल में बदलाव देखा जा रहा है और कांग्रेस नेताओं को जनता से समर्थन मिलता दिख रहा है।

पीएम मोदी की सभा में जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की बस दुर्घटना में 2 लोगों की मौत, सीएम ने 4 लाख मुआवजे का किया ऐलान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार को दौरा कर रहे है। पीएम की बिलासपुर के नजदीक एक सभा में शामिल होने जा रहे भाजपा कार्यकर्ताओं की एक बस ट्रेलर से टकरा गर्इ। इस घटना में दो लोगों की मौत और 6 घायल हुए है।

भाजपा कार्यकर्ताओं की इस बस में कुल 40 लोग सवार थे। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां तीन लोगों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के पास हुए बस दुर्घटना में मृतकों के परिवार को 4-4 लाख रुपये और घायल हुए 6 लोगों को उचित चिकित्सा उपचार देने का निर्देश दिया है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर कहा कि, “माननीय प्रधानमंत्री जी की सभा में शामिल होने आ रही बस की दुर्घटना में मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि की घोषणा करता हूं। प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए हैं। हम सब उनके परिवारों के साथ इस कठिन समय में खड़े हैं।”

बता दें, पीएम मोदी छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगभग 7600 करोड़ रुपये की लागत वाली दस परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। पीएम मोदी का कार्यक्रम रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में सुबह 10.45 बजे शुरू होगा।

आपको बता दें, छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। और सभी पार्टियां चुनावी प्रचार में लगी है। पीएम मोदी से पहले कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने राज्य का दौरा किया था।

राहुल गांधी को नहीं मिली गुजरात हाई कोर्ट से राहत, याचिका हुई खारिज

गुजरात उच्च न्यायालय ने मोदी सरनेम मामले में राहुल गांधी की निचली अदालत के फैसले पर रोक लगाने की याचिका खारिज कर दी है। इस फैसले से राहुल गांधी की दो साल की सजा बरकरार रहेगी और सांसद के रूप में उनकी वापसी नहीं हो पाएगी।

याद रहे सूरत कोर्ट ने आपराधिक मानहानि केस में राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई थी। इसके बाद इस सज़ा पर रोक लगाने की राहुल गांधी की याचिका को भी ख़ारिज कर दिया था। इस फ़ैसले के बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता रद्द कर दी गयी थी। साथ ही उनसे सरकारी बंगला भी खाली करवा लिया गया था।

राहुल गांधी ने सूरत कोर्ट के फ़ैसले के ही ख़िलाफ़ गुजरात हाइकोर्ट में याचिका लगाई थी। जिसे अब खारिज कर दिया गया था। इससे पहले न्यायमूर्ति प्रच्छक ने मई में राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। अदालत ने कहा था कि वह ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अंतिम आदेश पारित करेंगे।