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छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में सीएम पद शपथग्रहण समारोह होगा कल, पीएम मोदी होंगे शामिल

छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में कल यानी 13 दिसंबर को होगा शपथग्रहण समारोह। इन दोनों ही कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे।

मध्य प्रदेश में तीन बार के विधायक रह चुके मोहन यादव सुबह 11.30 बजे मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। भाजपा ने 230 सदस्यीय विधानसभा में 163 सीटों पर अपनी जात दर्ज कराई थी।

वहीं छत्तीसगढ़ में विष्णु देव साय दोपहर 4 बजे साइंस कॉलेज मैदान में शपथ ग्रहण करेंगे। बता दें भाजपा ने 90 सदस्यीय विधानसभा में 54 सीटों पर अपनी जीत दर्ज कराई थी।

बता दें, दोनों ही कार्यक्रमों में पीएम मोदी के साथ ही केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे।

केरल के राज्यपाल आरिफ खान ने सीएम विजयन पर लगाया आरोप कहा- मुझे चोट पहुंचाने की रची साजिश

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर शारीरिक रूप से चोट पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें राज्य में संवैधानिक मशीनरी ध्वस्त होती दिख रही है।

उन्होंने कहा कि राज्यपाल जब दिल्ली जाने के लिए तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जा रहे थे तब उनके वाहन को छात्र विंग मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के कार्यकर्ताओं ने टक्कर मार दी थी।

बता दें, राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान बेहद नाराज हुए और अपनी कार से बाहर निकले व मीडिया से कहा कि यह मुख्यमंत्री विजयन हैं, जिन्होंने उन्हें शारीरिक रूप से चोट पहुंचाने के लिए लोगों को भेजने की साजिश रची है। अपना आपा खोते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों से पूछा कि क्या मुझे वही सुरक्षा कवच दिया गया है? खान ने आगे कहा कि जब मुख्यमंत्री ही साजिश का हिस्सा हैं तो यह पुलिस क्या कर सकती है।

मोहन यादव होंगे एमपी के सीएम, विधायक दल की बैठक में हुआ फैसला

मध्य प्रदेश के नए मुख्यमंत्री होंगे मोहन यादव। भाजपा ने विधायक दल की बैठक में यह फैसला किया है। मोहन यादव पिछड़े समाज से आते है और संघ से उनकी नजदीकी शुरू से ही रही है।

बता दें, मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान है किंतु पार्टी ने बिना किसी के चेहरा घोषित के चुनाव लड़ा था।

भोपाल में आज शाम 4 बजे विधायक दल की बैठक होने वाली है और इस बैठक में मुख्यमंत्री चुना जाना है। वहीं मध्य प्रदेश के तीन पर्यवेक्षक आज भोपाल पहुंच चुके हैं और वह विधायकों के साथ बैठक करेंगे।

बता दें, फिलहाल चर्चा में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री के लिए शिवराज सिंह चौहान के अलावा, प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वीडी शर्मा समेत कई अन्य नाम सामने आ रहे है।

आपको बता दें, हाल ही में हुए मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों के लिए 17 नवंबर को चुनाव हुआ था। इस चुनाव में भाजपा ने 163 सीटों पर जीत दर्ज कराई थी।

केंद्र सरकार का धारा 370 हटाने का निर्णय सही, राज्यों का दर्जा दो और 30 सितंबर 2024 से पहले कराए जाएं चुनाव- सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने के फैसले को सही ठहराया है और उसे चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज भी कर दिया हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा कि विधानसभा यदि भंग है और वहां राष्ट्रपति शासन लगा था तो उनके पास यह अधिकार था कि वे धारा 370 पर फैसला लें। अब इतने सालों बाद इस आर्टिकल को हटाने की वैधता पर चर्चा करना गलत होगा, यह बहस अब मुनासिब नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि, “आर्टिकल 370 को हटाने की प्रक्रिया संवैधानिक तौर पर सही थी। राष्ट्रपति के पास उसे हटाने की शक्ति निहित थी क्योंकि विधानसभा भंग थी। इस फैसले के लिए विधानसभा की सहमति जरूरी नहीं थी।”

चीफ जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली 5 जजों की संवैधानिक बेंच ने आगे कहा कि, “आर्टिकल 370 एक अस्थायी प्रावधान था और यह ट्रांजिशन के लिए ही था। जम्मू-कश्मीर की कोई संप्रभुता नहीं थी। राज्य का जब भारत के साथ विलय हुआ तो उसने अपनी संप्रभुता को भी भारत में विलीन कर दिया था।”

शीर्ष अदालत ने आगे कहा कि, “हम इसमें कोई संवैधानिक खामी नहीं पाते। इतने सालों के बाद इस फैसले की वैधता पर बात करना मुनासिब नहीं हैं। आर्टिकल 370 एक अस्थायी प्रावधान ही था। इसे विलय के प्रावधानों को लागू करने के लिए ही लाया गया था।”

चुनाव आयोग को आदेश देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 30 सितंबर, 2024 तक विधानसभा चुनाव करा लिए जाएं। और केंद्र सरकार से कहा कि वह जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करे।

सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ के फैसले से सहमति जताते हुए जस्टिस एस के कौल ने फैसले में कहा कि, “अनुच्छेद 370 का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को धीरे-धीरे अन्य भारतीय राज्यों के बराबर लाना था।”

बता दें, सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजय किशन कौल, जस्टिस संजीव खन्ना, बीआर गवई और जस्टिस सूर्यकांत समेत पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने यह फैसला सुनाया है। वहीं केंद्र सरकार की तरफ से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे, राकेश द्वेदी, वी गिरी और अन्य। दूसरी तरफ याचिकाकर्ताओं की ओर से कपिल सिब्बल, गोपाल सुब्रमण्यम, राजीव धवन, जफर शाह, दुष्यंत दवे और अन्य वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अपनी दलीलें पेश की थी।

आपको बता दें, सुप्रीम कोर्ट ने उन सवालों का जवाब जिनमें राष्ट्रपति की अधिसूचना पर फैसले लेने को गलत बताया गया था पर कहा कि विधानसभा भंग होने पर राज्यपाल के जरिए राष्ट्रपति शासन करता है ऐसे में वहीं फैसले लेने का अधिकारी भी होता है।

छत्तीसगढ़ के सीएम पद की शपथ लेंगे विष्णुदेव साय, 13 दिसंबर को होगा शपथ ग्रहण समारोह

पूर्व केंद्रीय मंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ के अगले मुख्यमंत्री होंगे। भाजपा विधायक दल के नेता विष्णुदेव साय का शपथ ग्रहण समारोह 13 दिसंबर को होगा। उनके साथ ही भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरूणा साव और विजय शर्मा उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

बता दें, विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ की कुनकुरी विधानसभा से आते हैं और राज्य में सबसे अधिक आबादी आदिवासी की है और साय इसी समुदाय से आते हैं।

विष्णुदेव साय वर्ष 2020 में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, सांसद और केंद्रीय मंत्री भी रहे हैं। साय की गिनती संघ के करीबी नेताओं में होती है वे रमन सिंह के भी करीबी माने जाते है।

आपको बता दें, अगले साल की शुरुआत में देश में लोकसभा चुनाव होने हैं और छत्तीसगढ़ में लोकसभा की 11 सीटें हैं। फिलहाल इनमें से 9 सीटों पर भाजपा के सांसद है। ऐसे में भाजपा हर हाल में अपने प्रदर्शन को बेहतर करना चाहेगी।

जमीन घोटाला मामला: ईडी ने झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को छठी बार पूछताछ के लिए बुलाया

झारखंड के मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा के 48 वर्षीय नेता हेमंत सोरेन को भूमि घोटाला मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पूछताछ के लिए सोमवार को छठा समन जारी किया है।

हेमंत सोरेन से प्रीवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत उनका बयान दर्ज करने का कहा गया है। सूत्रों के अनुसार झारखंड सीएम को 12 दिसंबर को पेश होने को कहा गया है।

बता दें, ईडी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पेश होने के लिए छठा समन जारी किया है किंतु वह अभी तक एक भी बार नहीं पहुंचे है। साथ ही सोरेन ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है और इसमें उन्होंने ईडी की कार्रवाई से सुरक्षा की भी मांग की है।

इससे पहले हेमंत सोरेन को ईडी ने अक्टूबर में समन जारी किया था। ईडी का आरोप है कि झारखंड में जमीन माफिया के जरिए भूमि के स्वामित्व को अवैध रूप से बदलने के लिए एक बड़ा रैकेट चल रहा है।

इस पूरे मामले में ईडी ने अभी तक 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें वर्ष 2011 बैच की आईएएस अधिकारी छवि रंजन भी शामिल है।

ज्ञानवापी मामला: वाराणसी कोर्ट में आज एएसआई दाखिल सकता है ज्ञानवापी सर्वेक्षण रिपोर्ट

ज्ञानवापी मामले में आज (यानी सोमवार) भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) वाराणसी की जिला अदालत में सर्वे रिपोर्ट पेश कर सकती है। पिछली तारीख में एएसआई ने कोर्ट में सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा था किंतु कोर्ट ने केवल 10 दिन का समय दिया था।

बता दें, वाराणसी की जिला अदालत के आदेश के बाद ज्ञानवापी परिसर मे सर्वे कराया है जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश के आदेश से ज्ञानवापी परिसर में एएसआई ने 24 जुलाई को सर्वे शुरू किया था।

एएसआई ने दो दिसंबर को कोर्ट में बताया कि सर्वे का काम पूरा हो गया है और कोर्ट को रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंपेगा। हिंदू और मुस्लिम पक्ष कोर्ट से इस रिपोर्ट की कॉपी ले सकेगा।

वाराणसी के जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने 21 जुलाई को ज्ञानवापी मस्जिद को सील वजू खाने को छोड़कर बाकी सभी हिस्से और तहखानों का सर्वे करने का आदेश एएसआई को दिया था। एएसआई ने सर्वे के लिए देशभर के विशेषज्ञों को टीम में शामिल किया, आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल भी किया।

आपको बता दें, एएसआई से ज्ञानवापी मस्जिद की पश्चिमी दीवार की उम्र और प्रकृति, मस्जिद के तीन गुंबदों और उसके नीचे के हिस्से की प्रकृति, नंदी के सामने के व्यास समेत अन्य सभी तहखानों की सच्चाई, क्या मस्जिद का निर्माण और दीवारों पर मौजूद कलाकृतियों की उम्र और प्रकृति का निर्धारण, मस्जिद के विभिन्न हिस्सों और संरचना के नीचे मौजूद ऐतिहासिक, धार्मिक महत्व की कलाकृतियां और अन्य वस्तुओं पर कोर्ट ने रिपोर्ट मांगी थी।

बसपा ने किया दानिश अली को सस्पेंड, पार्टी विरोधी कामों में शामिल होना बताई वजह

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा से सांसद दानिश अली को पार्टी से निकाल दिया है। पार्टी का कहना है कि सांसद पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

बसपा ने पत्र जारी कर कहा कि, “आपको (दानिश अली) को कई बार मोखिर तौर पर बताया गया है कि आप पार्टी की नीतियों, विचारधारा एवं अनुशासन के विरूद्ध जाकर कोर्इ भी बयानबाजी आदि ना करें। लेकिन इसके बाद भी आप पार्टी के विरूद्ध जाकर काम करते रहे हैं। आपको पार्टी ने अमरोहा से चुनाव जिताकर संसद में भेजा गया लेकिन आपने पार्टी के विरुद्ध जाकर कई फैसले किए हैं इसलिए आपको तत्काल प्रभाव से पार्टी से निलंबित किया जाता है।”

दानिश अली ने जवाब में कहा है कि, “मैं बहन मायावती जी का हमेशा शुक्रगुज़ार रहूँगा की उन्होंने मुझे बसपा का टिकट दे कर लोक सभा का सदस्य बनने में मदद की। बहन जी ने मुझे बसपा संसदीय दल का नेता भी बनाया। मुझे सदैव उनका असीम स्नेह और समर्थन मिला। उनका आज का फैसला दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने अपनी पूरी मेहनत और लगन से बसपा को मजबूत करने का प्रयास किया है और कभी भी किसी प्रकार का पार्टी विरोधी काम नहीं किया है।”

आपको बता दें, बसपा सांसद दानिश अली कुछ ही दिनों पहले सुर्खियों में आए थे। सुर्खियों में उनके आने की वजह भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी का बयान बना। बिधूड़ी ने दानिश अली को संसद में ऐसी आपत्तिजनक बातें कह दी थी जिससे वे चर्चा में आए थे। 

एनआईए ने की आईएसआईएस कनेक्शन को लेकर 44 स्थानों पर की छापेमारी, 13 गिरफ्तार

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) आतंकी साजिश मामले में जांच कर रही है और इसी को लेकर शनिवार की सुबह कर्नाटक और महाराष्ट्र में 44 स्थानों पर छापेमारी की है।

इन स्थानों में कर्नाटक में 1, पुणे में 2, ठाणे ग्रामीण में 31, ठाणे शहर में 9 और भयंदर में 1 स्थान पर तलाशी कर 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।

एनआईए के सूत्रों के अनुसार इस जांच में अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन वाली एक बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है जिसमें विदेशी स्थित आईएसआईएस हैंडलर भी शामिल हैं। जांच से ऐसे नेटवर्क का पता लगा है जो भारत के भीतर आईएसआईएस की चरमपंथी विचारधारा को फैलाने के लिए समर्पित हैं।

आपको बता दें, रिपोर्ट के अनुसार ऐसी जानकारी है कि भारतीय धरती पर आतंकवादी कृत्यों को अंजाम देने की गतिविधियां हो रही थी। 

दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज में देर रात बिश्नोई गैंग और पुलिस के बीच हुई फायरिंग, दो अपराधी अरेस्ट

दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में शुक्रवार की रात दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल और लारेंस गिरोह के बीच खूब फायरिंग हुई। इस गोलीबारी में पुलिस ने बिश्नोई गैंग के दो शूटर्स को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार इस मामले में दोनों ही तरफ से काफी फायरिंग हुई। शूटरों में एक शूटर नाबालिग भी है। हमलावरों द्वारा कुल पांच राउंड फायरिंग की गयी और पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षा में दो राउंड फायरिंग की गयी। हालांकि फायरिंग में किसी को भी चोट नहीं आई हैं।

पुलिस ने बताया कि इन दोनों शूटर्स को शुक्रवार रात करीब 9.40 बजे पॉकेट-9 वसंत कुंज, दिल्ली के पास से पकड़ा गया है। दोनों जबरन वसूली के लिए दक्षिणी दिल्ली के एक मशहूर 5 सितारा होटल के पास गोलीबारी करने जा रहे थे तभी इन्हें पकड़ा गया।

यह दोनों ही पंजाब जेल में बंद अमित नामक व्यक्ति के कहने पर आए थे और अमित को अनमोल बिश्नोई ने निर्देश दिया था। पुलिस ने इस मामले में शनिवार को स्पेशल सेल ने 86/353/307/34 आईपीसी  25/27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है।

आपको बता दें, शूटरों में 23 साल का अनीश जो की हरियाणा के रोहतक का निवासी है।, सीसीएल नामक शूटर मात्र 15 साल का है और यह रोहतक जिले में सशस्त्र डकैती मामले में भी शामिल रहा है, आरोपी अनीश पहले रोहतक जिले में सशस्त्र डकैती, आम्र्स एक्ट, मारपीट इत्यादि के छह आपराधिक मामलों में शामिल रहा है।