नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि इस बार किसी भी तरह की हिंसा या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कुल 2,407 कंपनियों को अलग-अलग जिलों में तैनात किया जा रहा है। खास तौर पर उन इलाकों पर ज्यादा फोकस है, जहां पहले चुनाव के दौरान तनाव या हिंसा देखने को मिली थी।
सुरक्षा बलों को स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर काम करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि हर स्थिति पर नजर रखी जा सके और किसी भी घटना को समय रहते रोका जा सके। आयोग का मकसद है कि हर वोटर बिना डर के अपने वोट का इस्तेमाल कर सके।
मुर्शिदाबाद जिला इस बार सबसे ज्यादा संवेदनशील माना जा रहा है। यहां कुल 316 कंपनियां तैनात की जा रही हैं। जिले को मुर्शिदाबाद और जंगीपुर में बांटकर सुरक्षा को और मजबूत किया गया है, जिसमें से 240 कंपनियां सिर्फ मुर्शिदाबाद इलाके में रहेंगी।
इसके बाद पूर्व मेदिनीपुर में 273 और पश्चिम मेदिनीपुर में 271 कंपनियां तैनात होंगी। नंदीग्राम सीट की वजह से यह इलाका राजनीतिक रूप से भी काफी अहम माना जा रहा है। वहीं बांकुड़ा में 193, बीरभूम में 176, मालदा में 172 और पुरुलिया में 151 कंपनियां सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगी। जंगलमहल इलाके में भी खास सतर्कता बरती जा रही है।
उत्तर बंगाल के जिलों में भी सुरक्षा को लेकर कोई ढील नहीं दी गई है। कोचबिहार में 146, दक्षिण दिनाजपुर में 83 और दार्जिलिंग में 61 कंपनियां तैनात की जाएंगी। उत्तर दिनाजपुर को इस्लामपुर और रायगंज में बांटकर कुल 132 कंपनियां भेजी गई हैं।
इसके अलावा सिलीगुड़ी और आसनसोल-दुर्गापुर जैसे पुलिस कमिश्नरेट इलाकों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है। आयोग ने सभी बलों को निर्देश दिया है कि वे समय से पहले अपनी-अपनी जगह पहुंचकर पूरी तैयारी रखें।
चुनाव आयोग का कहना है कि इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं, ताकि मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से हो सके और किसी भी मतदाता को डर या दबाव का सामना न करना पड़े।




