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सस्ते किराए वाली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन की होने वाली है शुरूआत, सभी सुविधाएं होगीं उपलब्ध

कमजोर आर्थिक वर्ग के लोगों और प्रवासी मजदूरों का शहरों से आवागमन आसान करने के लिए स्लीपर वंदे भारत ट्रेन आने वाली है। हालांकि इन ट्रेनों का नाम अभी तय नहीं हुआ है। इस ट्रेन में कुल 24 कोच होंगे और दो इंजन लगाए जाएंगे।

सोशल मीडिया पर ट्रेन का पहला लुक वायरल हो रहा है ट्रेनों के कोच भगवा और स्लेटी रंग के दिख रहे है। यह कोच चेन्नई में तैयार किये जा रहे है। हालांकि रेलवे ने अभी इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी है।

चेन्नई की एक फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे इन कोचों की लागत 65 करोड़ रुपये बताई जा रही हैं। और इस साल के अंत तक इन्हें तैयार कर लिए जाने की उम्मीद है।

यह ट्रेन दिल्ली, बेंगलुरू, मुंबई, कोलकाता और चंडीगढ़ जैसे शहरों से इनका संचालन किया जाएगा। साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा जैसे राज्यों से इनकी कनेक्टिविटी रखी जाएगी।

इन ट्रेनों में बॉयो वैक्यूम टॉयलेट, पैसेंजर इन्फॉर्मेशन सिस्टम और हर सीट पर चार्जिंग पॉइंट होंगे। लकड़ी की सीटों की बजाए इसमें आरामदायक सीटें होंगी। साथ ही कोच में सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे।

कांग्रेस नेता ज्योति मिर्धा और सवाई सिंह चौधरी चुनाव से पहले भाजपा में हुए शामिल

कांग्रेस पार्टी के दिग्गज जाट नेता नाथूराम मिर्धा की पोती और पूर्व सांसद ज्योति मिर्धा सोमवार को भाजपा में शामिल हो गई है। राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष सीपी जोशी ने दिल्ली स्थित मुख्यालय में उन्हें सदस्यता दिलाई।

पूर्व आईपीएस अधिकारी और कांग्रेस नेता सवाई सिंह चौधरी ने विधानसभा और लोकसभा चुनाव से ठीक पहले भाजपा का दामन थाम लिया है।

जोधपुर की करीब स्थित नागौर में जाट समुदाय की बड़ी आबादी है और आजादी के बाद से ही नागौर सीट पर मिर्धा परिवार की पकड़ रही हैं।

कयास यह लगाए जा रहे है कि ज्योति मिर्धा अगले विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकती है।

सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान आज पीएम मोदी से हैदराबाद भवन में करेंगे मुलाकात

सऊदी अरब के प्रिंस और प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन सलमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज हैदराबाद हाउस में मुलाकात करेंगे। सऊदी अरब के प्रिंस भारत में आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए थे और सम्मेलन के समापन के बाद वे आज सबसे पहले राष्ट्रपति भवन पहुचेंगे।

विदेश मंत्रालय से मिली जानकारी के अनुसार मोहम्मद बिन सलमान 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद आज भारत का राजकीय दौरा करेंगे। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस 3 दिन की राजकीय यात्रा पर भारत आए हैं। आज उनकी यात्रा का तीसरा दिन है।

राष्ट्रपति भवन में क्राउन प्रिंस का औपचारिक राजकीय स्वागत किया जाएगा। जिसके बाद वे पीएम मोदी से हैदराबाद भवन में मुलाकात करेंगे। दोपहर 12 बजे के आसपास वहीं भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी परिषद की पहली बैठक के मिनट्स पर हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।

सऊदी अरब के प्रधानमंत्री शाम 6.30 बजे दोबारा राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और करीब रात 8.30 बजे नर्इ दिल्ली से रवाना होंगे। प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की यह दूसरी राजकीय यात्रा है। इससे पहले वह फरवरी 2019 में भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा पर आए थे।

अभिषेक बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय ने 13 सितंबर को पेश होने के लिए समन भेजा

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन भेज 13 सितंबर को पेश होने के लिए कहा है।

ईडी द्वारा भेजे गए समन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डायमंड हार्बर से 35 वर्षीय टीएमसी सांसद ने पीएम मोदी और केंद्र पर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा कि, “#FearofINDIA , इंडिया के समन्वय आयोग की पहली बैठक 13 सितंबर को दिल्ली में है, जिसका मैं एक सदस्य हूं। ईडी ने अभी-अभी मुझे उसी दिन उनके सामने उपस्थित होने के लिए नोटिस भेजा है। कोई भी 56 इंच की छाती वाले मॉडल की कायरता और शून्यता पर आश्चर्यचकित हुए बिना नहीं रह सकता।”

बता दें, इंडिया गठबंधन की 14 सदस्यीय समन्वय समिति की पहली बैठक 13 सितंबर को राजधानी दिल्ली में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के आवास पर होगी। इस समिति के अभिषेक बनर्जी भी सदस्य है। इस बैठक में गठबंधन की रणनीतियों और भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

आपको बता दें, अभिषेक बनर्जी इससे पहले मवेशी तस्करी मामले में ईडी द्वारा कई बार तलब किए जा चुके है। टीएमसी सांसद के आरोप पर प्रतिक्रिया करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि, “मामले में एक आरोपी के रूप में अभिषेक केंद्रीय एजेंसी से किसी विशेष व्यवहार की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।”

जो बाइडेन कल पहुंचेंगे दिल्ली, कई मुद्दों पर पीएम मोदी से होगी बात

राजधानी दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को जी-20 शिखर सम्मेलन होने जा रहा है। इसकी तैयारियां जोरों पर है। इसी बीच व्हाइट हाउस ने जानकारी दी है कि, “अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचेंगे और पीएम मोदी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

द्विपक्षीय वार्ता में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और पीएम मोदी जी-20 के एजेंडे, विशेष रूप से आर्थिक सहयोग और बहुपक्षीय निवेश के अवसरों, जलवायु और रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा कर सकते हैं।

शुक्रवार से शुरू होकर बाइडेन का तीन दिनों तक व्यस्त कार्यक्रम रहेगा। अमेरिका से प्रस्थान करने के बाद, वह शुक्रवार को थोड़ी देर के लिए जर्मनी के रामस्टीन पहुंचे थे और उसी दिन नई दिल्ली पहुंचेंगे।”

व्हाइट हाउस द्वारा जारी किये गए बयान के अनुसार, “अमेरिकी राष्ट्रपति शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बैठक में भाग लेने वाले हैं। शनिवार को जो बाइडेन प्रधानमंत्री मोदी के साथ आधिकारिक आगमन और हैंड शेक में भाग लेंगे। इसके बाद बाइडेन जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के सत्र 1 में वन अर्थ में हिस्सा लेंगे।”

बता दें, जी-20 शिखर सम्मेलन सत्र 2 में एक परिवार में बाइडेन भाग लेंगे। बाइडेन पार्टनरशिर फॉर ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। वहीं उनका दिन रात्रीभोज और सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ समाप्त होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति अन्य जी-20 नेताओं के साथ रविवार को राजघाट मेमोरियल का दौरा करेंगे।

मैं सभी मामलों का कानूनी रूप से सामना करूंगा- उदयनिधि स्टालिन

उदयनिधि स्टालिन ने पिछले दिनों सनातन धर्म पर उनके दिए हुए बयान पर राजनीतिक गरमा गई है। उदयनिधि ने कहा था कि, “इसे समाज में असमानता और विभाजन को बढ़ावा देने के लिए दोषी ठहराया था और इसकी तुलना मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों से की थी। जिसके बाद से वो भाजपा के निशाने पर आ गए।”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टानिल ने आरोप लगाते हुए कहा कि, “पीएम मोदी और उनके सहयोगी मणिपुर हिंसा, भ्रष्टाचार से ध्यान भटकाने के लिए सनातन धर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं। सभी जानते हैं कि हम किसी भी धर्म के शत्रु नहीं हैं इसी के साथ ही उन्होंने धर्म वाले बयान पर कहा कि मैं सभी मामलों का कानूनी रूप से सामना करूंगा।”

केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने इस मामले में कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि, “कांग्रेस पार्टी और गांधी परिवार को अगर वास्तव में सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान में विश्वास है तो उन्हें द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन की सनातन धर्म पर की गयी टिप्पणी की निंदा करनी चाहिए क्योंकि उनकी चुप्पी विवादास्पद टिप्पणियों का समर्थन करने के समान होगी। कांग्रेस नेता और कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने भी उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों का समर्थन किया है।”

पैनल कानूनी प्रावधानों के अनुसार चुनाव कराने के लिए तैयार है- सीईसी आयुक्त राजीव कुमार

देश में ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ के केंद्र सरकार के विचार पर राजनीति गरमाई हुई हैं। इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि, “पैनल कानूनी प्रावधानों के अनुसार चुनाव कराने के लिए तैयार है।”

राजीव कुमार ने कहा कि,  “हमारा कर्तव्य संवैधानिक प्रावधानों और आरपी अधिनियम के अनुसार समय से पहले चुनाव कराना है। आर्टिकल 83 (2) कहता है कि संसद का कार्यकाल 5 साल का होगा। इसके अनुरूप आरपी अधिनियम की धारा 14 कहती है कि 6 महीने पहले हम चुनाव की घोषणा कर सकते हैं। ऐसी ही स्थिति राज्य विधानसभाओं के लिए भी है।”

मध्य प्रदेश में बुधवार को संवाददाताओं को जानकारी देते हुए सीईसी ने कहा कि, “हमारा काम समय से पहले चुनाव कराना है। वह समय संविधान और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में निर्धारित किया गया है।”

बता दें, कुछ दिनों पहले केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय हित का हवाला देते हुए लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, नगर पालिकाओं और पंचायतों के लिए एक साथ चुनाव कराने के लिए जांच करने और सिफारिशें करने के लिए एक आठ सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति बनाई है। 

आरक्षण केवल वित्तीय या राजनीतिक समानता सुनिश्चित करने के लिए नहीं बल्कि सम्मान देने के लिए भी है – मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने नागपुर में आरक्षण को लेकर अपने बयान में कहा कि, “समाज में जिस तरह का भेदभाव मौजूद है, उसे दूर करने के लिए आरक्षण का होना बेहद जरूरी है। हमने अपने ही साथी मनुष्यों को सामाजिक व्यवस्था में पीछे रखा, हमने उनकी परवाह नहीं की और यह लगभग 2 हजार वर्षों से हो रहा हैं।”

मोहन भागवत ने कहा कि, “जब तक हम उन्हें समानता प्रदान नहीं करते, कुछ विशेष उपाय करने होंगे और मेरा मानना है कि इन्हीं उपायों में से एक आरक्षण है। आरक्षण तब तक जारी रहना चाहिए जब तक ऐसा भेदभाव हो। संघ संविधान में दिए गए आरक्षण का पूरा समर्थन करता हैं।”

सरसंघचालक ने आगे कहा कि, “आरक्षण केवल वित्तीय या राजनीतिक समानता सुनिश्चित करने के लिए नहीं बल्कि सम्मान देने के लिए भी है। भेदभाव झेलने वाले समाज के कुछ वर्गों ने 2 हजार वर्ष तक यदि परेशानियां उठाई हैं तो क्यों न हम (जिन्होंने भेदभाव नहीं झेला है) और 200 वर्ष कुछ दिक्कतें उठा सकते हैं?”

आपको बता दें, इससे पहले आरएसएस प्रमुख ने परिवार व्यवस्था को लेकर कहा था कि दुनिया भर में परिवार व्यवस्था खत्म हो रही है लेकिन भारत इस संकट से बच गया है।

भारत और इंडिया के मसले पर आधिकारिक प्रवक्ता ही अपनी बात रखें, हर कोई इस मसले पर बोलने से बचें- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कैबिनेट मीटिंग के दौरान मंत्रियों को संदेश दिया और कहा कि वे सनातन धर्म पर छिड़े विवाद में तर्कों के साथ बोलें। भारत और इंडिया को लेकर छिड़ी बहस की बजाय सनातन धर्म वाले विवाद पर ज्यादा बात करें।

पीएम मोदी ने मंत्रियों से कहा कि, सनातन धर्म पर विपक्षी नेताओं की ओर से किए जा रहे हमलों का पूर्ण तर्कों के साथ जवाब दिया जाए। इसके लिए अध्ययन करें और ठीक तथ्यों के साथ विपक्ष को करारा जवाब दें। इतिहास में न जाएं और संविधान के दायरे में रहते हुए तथ्यों पर ही बात करें। इस मामले में मौजूदा स्थितियों को ध्यान में रखकर ही बोलें।

भारत बनाम इंडिया वाले मसले पर पीएम मोदी ने कहा कि इस मामले में आधिकारिक प्रवक्ता या फिर पार्टी जिसे जिम्मेदारी दे, वही लोग अपनी बात रखें। हर कोई इस मसले पर बिना सोचे-समझे बोलने से बचे।

सोनिया गांधी ने पीएम मोदी को लिखा पत्र, संसद के विशेष सत्र में 9 मुद्दों पर चर्चा की मांग की

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर संसद के विशेष सत्र में आर्थिक स्थिति, किसान संगठनों के साथ समझौते, अडाणी समूह के खुलासे, जातीय जनगणना की मांग, संघीय ढांचे पर हमला, मणिपुर हिंसा, प्राकृतिक आपदा, चीन के साथ सीमा विवाद समेत कुल नौ मुद्दों पर चर्चा का आग्रह किया हैं। संसद का विशेष सत्र 18 सितंबर से शुरू होकर 22 तक चलेगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद जयराम रमेश ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि, “कल कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में संसदीय दल की बैठक हुर्इ। इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया गठबंधन की बैठक हुर्इ। हमने तय किया है कि हम संसद के विशेष सत्र का बहिष्कार नहीं करेंगे।”

जयराम रमेश ने आगे कहा कि, “यह हमारे लिए जनता के मुद्दों को सामने रखने का मौका है और हर पार्टी अलग-अलग मुद्दों को सामने रखने की पूरी कोशिश करेगी। श्रीमती सोनिया गांधी जी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर कहा है कि यह सत्र बिना किसी के मनमाने ढंग से बुलाया गया है। विशेष सत्र से पहले पार्टियों से बात कर एक कार्य सूची तैयार की जाती है, लेकिन इसकी जानकारी हमारे पास नहीं है। बुलेटिन के विशेष सत्र में पांचों दिन सरकारी बिजनेस की बात लिखी गई है जो कि नामुमकिन है। हमने ठाना है कि जो मुद्दे हम पिछली बार नहीं उठा पाए थे, इस बार उठाएंगे।”