नई दिल्ली: देश में इन दिनों संसद में पेश किए गए परिसीमन विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। इसी बीच बीजेपी नेता बूरा नरसैया गौड़ ने एक ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक बहस को और गर्म कर दिया है। उन्होंने कहा कि परिसीमन बिल पास होते ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) भी भारत का हिस्सा बन सकता है।
गौड़ का कहना है कि इस विधेयक की सबसे खास बात यह है कि इसमें POK के लिए भी सीटों का प्रावधान किया गया है। उनका दावा है कि जब भविष्य में भारत POK को वापस हासिल करेगा, तब वहां के लोगों को वोट देने का अधिकार मिलेगा और वे संसद में अपने प्रतिनिधि भेज सकेंगे। उनके मुताबिक, यह कदम 77 साल बाद वहां के लोगों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ने का रास्ता खोल सकता है।
दरअसल, संसद में इन दिनों तीन बड़े विधेयकों पर चर्चा चल रही है। पहला है महिलाओं को 33% आरक्षण देने से जुड़ा संविधान संशोधन बिल, दूसरा परिसीमन विधेयक 2026 और तीसरा केंद्र शासित प्रदेशों में भी महिला आरक्षण लागू करने से संबंधित बिल। सरकार का कहना है कि इन बदलावों के जरिए लोकतंत्र को और मजबूत बनाया जाएगा।
परिसीमन विधेयक के तहत लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर करीब 850 करने का प्रस्ताव है। साथ ही, नए सिरे से सीटों का बंटवारा किया जाएगा। हालांकि, इस बिल को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि अगर सीटों का बंटवारा पुराने जनगणना आंकड़ों के आधार पर किया गया, तो दक्षिण भारत के राज्यों की हिस्सेदारी कम हो सकती है।
विपक्ष ने महिलाओं के आरक्षण का समर्थन जरूर किया है, लेकिन परिसीमन बिल पर अपनी चिंता साफ तौर पर जताई है। उनका मानना है कि इस प्रक्रिया से क्षेत्रीय संतुलन बिगड़ सकता है और राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर असर पड़ सकता है।
इस बीच, बीजेपी नेताओं के बयान इस मुद्दे को और ज्यादा राजनीतिक बना रहे हैं। POK को लेकर दिया गया बयान जहां समर्थकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक बयानबाजी बता रहा है।
परिसीमन विधेयक अब सिर्फ एक कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। आने वाले दिनों में इस पर बहस और तेज होने की संभावना है, क्योंकि यह सीधे देश की राजनीतिक संरचना और प्रतिनिधित्व से जुड़ा मामला है।




