इस महीने होने वाले पांच राज्यों- मिजोरम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां सतर्क है। कल यानी 7 नवंबर को मिजोरम, छत्तीसगढ़ में पहले चरण का मतदान होना है। छत्तीसगढ़ में दूसरे चरण का मतदान 17 नवंबर, राजस्थान में 25 नवंबर और तेलंगाना में 30 नवंबर को विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है।
राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने उम्मीदवारों की छठी और अंतिम सूची जारी की है इस सूची में बाड़मेर, बारी और पचपदरा से उम्मीदवारों को टिकट दिया गया है। वहीं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भी राजस्थान चुनाव के लिए अपने 26 उम्मीदवारों की सूची जारी की है।
वहीं राजस्थान कांग्रेस ने अपने उम्मीदवारों की सातवीं सूची जारी की है इस सूची में कांग्रेस ने अपने 21 उम्मीदवारों के नाम जारी किए है।
आपको बता दें, राजस्थान में विधानसभा चुनाव 25 नवंबर को होना है। और बीते तीस सालों से राजस्थान का यह रिवाज रहा है कि वहां प्रत्येक पांच वर्ष में सरकार बदलती है। वैसे सभी पार्टियां अपनी-अपनी सरकार बनाने के लिए पूरी कोशिश में लगी हुई है खासतौर से कांग्रेस और भाजपा। किंतु अभी यह देखना बाकी है कि क्या राजस्थान में सत्ताधारी पार्टी कांग्रेस अपनी सरकार दोबारा से रिपीट करने में सक्षम होगी या फिर पिछले कई वर्षों की तरह वहां सरकार पलटेगी।
राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए दिल्ली सरकार ने ऑड-इवन लागू करने का फैसला किया है। ये सिस्टम एक हफ्ते के लिए लागू किया जाएगा।
ऑड-इवन सिस्टम के तहत 13 नवंबर से 20 तक दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित वाली गाड़ियां ही सड़कों पर उतर सकेंगी। साथ ही दिल्ली में सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी गई है।
राजधानी दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सोमवार की सुबह एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 400 के पार था। आर.के.पुरम में 466, आईटीओ में 402 पटपड़गंज में 471 और न्यू मोदी बाग में 488 एक्यूआई दर्ज किया गया है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। खराब एर क्वालिटी की वजह से दमा और सांस के मरीजों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत, गले में खराश इत्यादि समस्याएं भी हो रही है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि, “भाजपा अगर इसी समय काम कर लेती तब भी ये नौबत नहीं आती। भाजपा सरकारों के निकम्मेपन की मार दिल्ली झेल रहा है। दिल्ली सीएनजी बसें चल रहा है, लेकिन भाजपा सरकारें आज भी डीजल बस दौड़ा रही हैं। दिल्ली में जेनरेटर के सेट नहीं हैं, लेकिन पूरे उत्तर प्रदेश और हरियाणा के अंदर जेनरेटर सेट के धुएं की मार दिल्ली झेल रहा है। दिल्ली में जो काम हुए हैं अगर भाजपा के लोग उतना ही काम कर दें तो उससे भी दिल्ली का काफी भला हो जाएगा।”
बता दें, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज बैठक बुलाई है। दिल्ली सरकार, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद, दिल्ली नगर निगम, दिल्ली छावनी व निजी कार्यालयों की क्षमता को 50 फीसदी करने का फैसला आज की बैठक में किया जा सकता है। साथ ही केंद्र सरकार को भी सरकारी दफ्तरों में कर्मचारियों की संख्या आधी करने की सलाह दी जा सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को चुनावी राज्य छत्तीसगढ़ में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता और राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर हमला बोलते हुए कहा कि, कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ की जनता को लूटने का कोई मौका नहीं छोड़ती।
रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने आगे कहा कि, “कांग्रेस ने महादेव के नाम को भी नहीं छोड़ा है। दो दिन पहले की रायपुर में बुहत बड़ी कार्रवाई हुई है, रुपयों का बहुत बड़ा ढेर मिला है। लोग कर रहे हैं कि ये पैसा सट्टेबाजों का है, जुए का खेल खेलने वालों का है। जो उन्होंने गरीबों और नौजवानों को लूटकर जमा किया है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि, “मोदी को ये कांग्रेसी दिन रात गालियां देते है। हर दिन मैं 2-2.5 किलो गालियां खाता हूं। लेकिन यहां के मुख्यमंत्री देश की जांच एजेंसियों और देश के सुरक्षाबल को भी गाली देने लगे है। इन साथियों पर भी आरोप लगा रहे है। मैं अपने भाइयों और बहनों से कहूंगा कि ये मोदी है गोलियों से डरता नहीं है।”
घोटालों पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, “2 हजार करोड़ रुपये का शराब घोटाला, 500 करोड़ रुपये का सीमेंट घोटाला, 5 हजार करोड़ रुपये का चावल घोटाला, 1300 करोड़ रुपये का गौठान घोटाला, 700 करोड़ रुपये का डीएमएफ घोटाला। छत्तीसगढ़ को लूटने का कांग्रेस ने कोई मौका नहीं छोड़ा।”
वहीं दूसरी तरफ भाजपा के आरोपों पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, “भाजपा मुझे सबसे ज्यादा डरी हुई है और इसी वजह से मुझपर आरोप लगाकर मुझे बदनाम करना चाहती हैं। हिमंता बिसवा सरमा और अजित पवार पर आप (भाजपा) आरोप लगाते थे लेकिन जब वह आपकी पार्टी में आ जाते हैं तो सब मोदी वॉशिंग पाउडर से धुलकर साफ सुथरे हो जाते है।”
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को छत्तीसगढ़ कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी सत्ता में रहकर ‘सट्टे का खेल’ खेल रही है। साथ ही मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से आरोप लगाते हुए सट्टेबाजी के माध्यम से 500 करोड़ रुपये लेने के आरोपों पर भी सफाई मांगी है।
स्मृति ईरानी ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि, “पार्टी चुनाव प्रचार अभियान की फंडिंग के लिए अवैध सट्टेबाजी में शामिल लोगों के हवाला के माध्यम से लाए गए धन का उपयोग कर रही है। भूपेश बघेल लोगों के समर्थन से नहीं बल्कि हवाला और सट्टेबाजी में शामिल लोगों की मदद से चुनाव लड़ रहे है।”
भाजपा सांसद स्मृति ईरानी ने भूपेश बघेल से सवाल पूछते हुए कहा कि, “क्या यह सत्य है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के नेताओं को शुभम सोनी के माध्यम से असीम दास पैसा पहुंचाते थे? क्या यह सत्य है कि शुभम सोनी के एक वॉइस मैसेज के माध्यम से असीम दास को ये आदेश दिया गया कि वो रायपुर जाएं और भूपेश बघेल को चुनाव के खर्चे के लिए पैसा दें?”
वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने स्मृति ईरानी द्वारा लगाए गए भूपेश बघेल पर सभी आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि, “जब भी चुनाव होते हैं तो भाजपा के लिए मुख्य हथियार प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी और इनकम टैक्स जैसी एजेंसियां बन जाती है। हमने कर्नाटक चुनाव में देखा कि चुनाव के दौरान ही उन्होंने 100 से ज्यादा कांग्रेस उम्मीदवारों पर रेड की। और अब मिजोरम समेत सभी पांच राज्यों में जनता का मूड बिल्कुल साफ है। सभी राज्यों में कांग्रेस सरकार बनने जा रही है। उनके पास एक यही आखिरी हथियार ईडी है। छत्तीसगढ़ और राजस्थान दोनों में हमारी सरकार लोकप्रिय है और योजनाएं आम लोगों तक पहुंच रही है। लेकिन उनका एक ही लक्ष्य है छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना।”
दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने कहा कि, “ये एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है। ये प्रतिशोध की राजनीति है। ये इसलिए अपनाया जा रहा है, क्योंकि बीजेपी की हार बिल्कुल निश्चित है। दोनों राज्यों में भरोसा बरकरार है, फिर कांग्रेस सरकार है।”
छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने कहा कि, “उनके पास (स्मृति ईरानी) के पास अगर कोई जानकारी और सबूत है तो सामने क्यों नहीं रखती? आरोप क्यों लगा रही है? उनके पास जानकारी है और वे सामने नहीं रख रही हैं तो वे भी सहभागी हैं क्या? यह वही ई़डी है जिसके अधिकारियों के घरों में भारी मात्रा में पैसा मिला है। हम उम्मीद कर रहे थे कि चुनाव से ठीक पहले ऐसा होगा। यह अप्रत्याशित नहीं है। जब वे चुनाव हारने वाले हैं तो ये बातें सामने ला रहे हैं। यहां तक की ईडी की प्रेस रिलीज में भी कोई तथ्य नहीं है। कौन से लोग देश में चुनी सरकारों को गिराते हैं और ऑपरेशन लोटस करते हैं ये सभी जानते हैं।”
आपको बता दें, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) महादेव सट्टेबाजी ऐप को लेकर कई ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। और बीते शुक्रवार को दावा किया गया था कि फॉरेंसिक विश्लेषण और पैसे का लेन-देन करने वाले एक व्यक्ति के बयान में चौंकाने वाले आरोप निकलकर सामने आए जिसमें उसने कहा कि महादेव सट्टेबाजी ऐप के प्रवर्तकों ने छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को अब तक 508 करोड़ रुपये दिए है।
उद्योगपति मुकेश अंबानी को जान से मारने की तीन बार धमकी देने वाले शख्स को पुलिस ने तेलंगाना से गिरफ्तार कर लिया है। 19 वर्षीय लड़के ने मेल पर करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगी थी।
बता दें, आरोपी की पहचान गणेश रमेश के रूप में हुई है जबकि उसने खुद को शादाब खान बताया था। उसे पहचान बदलकर मुकेश अंबानी को धमकी भरे ईमेल पर मैसेज किये थे।
आरोपी ने सबसे पहले 27 अक्टूबर को अंबानी के मेल पर एक मैसेज भेज 20 करोड़ रुपये की मांग की थी और न देने पर जान से मारने की धमकी दी थी। मेल में यह भी लिखा था कि उसके पास अच्छे शूटर भी है।
फिर से आरोपी ने अगले दिन एक मेल उद्योगपति के पास भेजी जिसमें रंगदारी की रकम बढ़ाकर 200 करोड़ कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने फिर से 30 अक्टूबर को मुकेश अंबानी को तीसरी धमकी वाली मेल भेजकर 400 करोड़ की मांग की थी।
राजधानी दिल्ली में प्रदूषण दिन पर दिन बढ़ता ही जा रहा है। बढ़ते प्रदूषण से लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। शुक्रवार की रात हवा के कारण रात भर में दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण का स्तर मामूली रूप कम रहा लेकिन जहरीले पीएम 2.5 की सांद्रता विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा निर्धारित सीमा से अब भी 80 गुना ज्यादा ही है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार दिल्ली में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बनी हुई है। शनिवार की सुबह आनंद विहार इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 448 सर्वाधिक रहा।
बता दें, बढ़ते प्रदूषण से दिल्ली में लगातार बनी हुई खराब स्थिति का जायज़ा लेने आनंद विहार इलाके में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय आनंद विहार बस डिपो पहुंचे।
वहीं भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि, “अरविंद केजरीवाल जी आप ज्यादातर ट्विटर (एक्स) पर ही पाए जाते हैं, आपके ध्यानार्थ यह पत्र यहां पोस्ट कर रहा हूं।”
नेपाल में शुक्रवार की देर रात 6.4 तीव्रता के भूकंप से नेपाल में भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। इस आपदा में पश्चिम नेपाल में 129 लोगों की मौत हो गई है। और 140 से ज्यादा लोग घायल हुए है। साथ ही इमारतों के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
शुक्रवार की देर रात नेपाल के अलावा भारत में भी भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए है। दिल्ली-एनसीआर समेत यूपी और बिहार में भूकंप के झटके महसूस किए गए।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान (एनसीएस) के अनुसार, भूकंप का केंद्र नेपाल के अयोध्या से लगभग 227 किलोमीटर उत्तर और काठमांडू से 331 किलोमीटर पश्चिम उत्तर-पश्चिम में जाजरकोट में 10 किलोमीटर की गहराई में था।
प्रधानमंत्री कार्यालय से एक्स पर लिखा गया कि, “प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ने शुक्रवार रात आए भूकंप में जान-माल के नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया है और तत्काल बचाव और राहत के लिए सभी तीन सुरक्षा निकायों को तैनात किया है।”
वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल में भूकंप से हुए जान-माल के नुकसान पर दुख जताते हुए एक्स कर कहा कि, “नेपाल में भूकंप के कारण हुई जनहानि और क्षति से अत्यंत दुखी हूं। भारत नेपाल के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ा है और हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। हमारी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं और हम घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।”
पाकिस्तान के मियांवाली एयरबेस पर शनिवार की सुबह भारी हथियारों से लैस आतंकवादियों ने पंजाब प्रांत में पाकिस्तानी वायुसेना के एक ट्रेनिंग एयरबेस पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में वहां खड़े तीन विमान जन गए और कार्रवाई में सैनिकों ने तीन हमलावरों को मार गिराया है।
पाकिस्तानी सेना कहा कि, “आतंकवादियों ने शनिवार को उसकी वायुसेना के मियांवाली प्रशिक्षण हवाई अड्डे पर हमला किया। लेकिन सैनिकों ने तीन हमलावरों को मौके पर ही ढेर कर और तीन अन्य को घेर कर इस हमले को नाकाम कर दिया।”
बयान में आगे कहा गया है कि, “तीन आतंकवादियों को अड्डे में घुसते वक्त मार गिराया गया, जबकि बाकी के तीन को समय रहते और सैनिकों की प्रभावी जवाबी कार्रवाई के कारण घेर लिया गया। इलाके को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए एक व्यापक संयुक्त और तलाशी अभियान अंतिम चरण में हैं।”
सेना ने कहा कि, “पाकिस्तान सशस्त्र सेना हर कीमत पर देश से आतंकवाद की समस्या का खात्मा करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारी सेना ने असाधारण साहस और समय पर प्रतिक्रिया का प्रदर्शन करते हुए तीन आतंकवादियों को बेस में प्रवेश करने से पहले ही मार गिराया। जबकि शेष तीन आतंकवादियों को सैनिकों द्वारा समय पर और प्रभावी प्रतिक्रिया के कारण घेर लिया गया। हमले के दौरान पहले से ही ज़मीन पर खड़े तीन विमानों और एक ईंधन ब्राउज़र को भी कुछ क्षति पहुंची है।”
आईसीसी विश्व कप क्रिकेट में ‘कॉम्प्लिमेंट्री पास’ की कालाबाजारी!
इंट्रो- क्रिकेट के व्यवसायीकरण के साथ-साथ इसमें भ्रष्टाचार भी खूब पनपा है। पिछली बार ‘तहलका’ एसआईटी ने आईपीएल के दौरान मैच के कॉम्प्लिमेंट्री (मुफ्त) पास बिकने का खुलासा किया था। इस बार ‘तहलका’ खुलासा कर रहा है कि आईसीसी विश्व क्रिकेट कप भी इस भ्रष्टाचार से अछूता नहीं है। इस विश्व कप में कॉम्प्लिमेंट्री पास बेचने का भंडाफोड़ करती तहलका एसआईटी की जाँच रिपोर्ट :-
आईपीएल के मुफ्त पास बिकते हैं और क्रिकेट विश्व कप के कॉम्लिमेंटरी (मुफ्त) पास भी धड़ल्ले से बिक रहे हैं। ‘तहलका’ एसआईटी ने मुफ्त के पास बाजार में बिकने को लेकर छानबीन की, ताकि इस गैर-कानूनी धंधे से परदा उठाया जा सके। इसी कड़ी में हमारी मुलाकात पंकज वर्मा से हुई। पंकज ने ‘तहलका’ रिपोर्टर से बातचीत में दावा किया- ‘ये मुफ्त पास हैं। पैसे चुकाने के बाद मैंने इन्हें हासिल किया है। अब मैं हरेक पास 2,000 रुपये मुनाफा कमाकर बेच रहा हूं।’
जब वर्मा से ‘तहलका’ रिपोर्टर की बातचीत हुई, उसके पास धर्मशाला में 22 अक्टूबर के भारत-न्यूजीलैंड मैच के कुल 10 टिकट (पास) थे, जिनमें से 6 वह बेच चुका था और 4 बचे थे। बता दें कि पंकज वर्मा क्रिकेट मैच के कॉम्लिमेंटरी (मुफ्त) पास बेचने वाला दलाल है। धर्मशाला में भारत-न्यूजीलैंड मैच के लिए पंकज ने एक मुफ्त पास के लिए 15,000 रुपये और कुल बचे चार मुफ्त पास के लिए 60,000 रुपये की मांग की। जब ‘तहलका’ रिपोर्टर ने इन पास के मुफ्त होने पर पूछा, तो उसने एक पास पर 2,000 रुपये की छूट की पेशकश कर दी। नतीजतन प्रति पास कीमत घटकर 13,000 रुपये पर आ गयी। पंकज ने रिपोर्टर पर अन्य पास खरीदने को लेकर भी जोर डाला; लेकिन रिपोर्टर ने मना कर दिया। क्योंकि उनका टिकट खरीदने का मकसद मैच देखना नहीं, बल्कि विश्व कप क्रिकेट में मुफ्त पास की बिक्री के भ्रष्टाचार को उजागर करना था। जाने से पहले पंकज ने रिपोर्टर से कहा कि वह दूसरे मैचिज के लिए आईसीसी के कॉम्प्लिमेंट्री पासेज का 12,000 रुपये प्रति पास की दर से व्यवस्था करने का प्रयास कर सकता है। उस पास पर 1,000 रुपये की अतिरिक्त छूट है, जो हमने उससे पहले ही खरीद लिया है। बता दें भारत में 2023 क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत से पहले आम जनता के लिए टिकट्स की बिक्री के तरीके से क्रिकेट के शौकीन खफा थे। टिकट्स की बिक्री उद्घाटन मैच से 41 दिन पहले 25 अगस्त को शुरू हुई थी। साथ ही टिकट की बुकिंग प्रक्रिया भी बिना परेशानी के थी। प्रशंसकों को टिकट बुक करने के लिए पहले पंजीकरण करना पड़ता था और फिर खरीदारी करने का अवसर मिलने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ता था। दुर्भाग्य से कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह भाग्यशाली क्षण कभी नहीं आया।
नई दिल्ली में एक क्रिकेट प्रशंसक गौरव शुक्ला ने अहमदाबाद में भारत-पाकिस्तान मैच में भाग लेने के लिए 15 अक्टूबर की उड़ान बुक की थी; लेकिन कार्यक्रम में बदलाव के बाद उन्हें इसे रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। शुक्ला (42 वर्ष) ने नयी तारीख के हिसाब से यात्रा की टिकट बुक की। लेकिन यह प्रयास भी व्यर्थ चला गया; क्योंकि उन्हें पुनर्निर्धारित तारीख के लिए मैच का टिकट नहीं मिल सका। शुक्ला से ‘तहलका’ रिपोर्टर ने बात की। उसने बताया- ‘बहुत कुप्रबंधन है। कई लोगों ने पहले ही अपनी यात्रा का टिकट बुक कर लिया था; लेकिन मुझे मैच के टिकट नहीं मिल सके।’ एक अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि 14 अक्टूबर को भारत-पाकिस्तान मैच के बाद पता चला कि क्रिकेट प्रशंसकों ने ब्लैक में कांटे के मुकाबले के लिए 35,000 रुपये प्रति टिकट तक खरीदे थे। यह भी खबरें थीं कि किसी ने 60,000 रुपये का टिकट खरीदा है। कुछ मीडिया संस्थानों ने क्रिकेट वर्ल्ड कप के टिकट्स की कालाबाजारी की खबर दी। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पहले ही सभी टिकट ऑनलाइन बेच दिये थे। बावजूद इसके स्टेडियम में ज्यादा भीड़ नजर नहीं आयी। इसका मतलब यह है कि कालाबाजारी करने वालों ने ऑनलाइन टिकट बुक कर लिए हैं और अब उन्हें बढ़ी हुई कीमतों पर बेच रहे हैं। यही कारण है कि भीड़ क्रिकेट स्टेडियमों से दूरी बना रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि आईसीसी वर्ल्ड कप 2023 के तहत 22 अक्टूबर को धर्मशाला में होने वाले इंडिया और न्यूजीलैंड मैच को लेकर टिकट ब्लैक करने वाले सक्रिय रहे। मैच से पहले धर्मशाला पुलिस ने एक आरोपी को टिकट ब्लैक करते पकड़ा, जिसके पास से इंडिया-न्यूजीलैंड मैच के कई टिकट्स के अलावा नकदी भी बरामद हुई।
हैरानी की बात यह है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सभी टिकट्स ऑनलाइन बेच जाने के बावजूद विश्व कप मैचिज के दौरान स्टेडियम खाली रहे हैं। इससे पता चलता है कि कालाबाजारी करने वालों ने ऑनलाइन टिकट खरीदे और अब उन्हें बढ़ी हुई कीमतों पर बेच रहे हैं। कई लोगों को आश्चर्य है कि क्या इसीलिए भीड़ मैचिज से दूर रहती है?
क्रिकेट विश्व कप के टिकट्स की कालाबाजारी के बारे में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स सामने आने के बाद ‘तहलका’ रिपोर्टर ने मामले की छानबीन का फैसला किया। जैसे ही रिपोर्टर ने मिशन शुरू किया, उनकी मुलाकात पंकज वर्मा नाम के टिकट बेचने वाले एक दलाल से हुई, जो आईसीसी के कॉम्प्लिमेंट्री (मुफ्त) पास बेच रहा था, जो वास्तव में मुफ्त वितरित किये जाते हैं। जब रिपोर्टर ने उससे सम्पर्क किया, तो उसने बताया कि 22 अक्टूबर को धर्मशाला में खेले जाने वाले भारत-न्यूजीलैंड मैच के लिए उसके पास 10 कॉम्प्लिमेंट्री पास थे, जिनमें से 6 वह पहले ही बेच चुका है। उसने बाकी चार पासेज को 15,000 रुपये प्रति पास के हिसाब से बेचने की पेशकश की। फोन पर पंकज ने स्वीकार किया कि उसने रिपोर्टर को व्हाट्सएप पर जो तस्वीर भेजी थी, उनमें उसने जानबूझकर पास पर कॉम्प्लिमेंट्री आईसीसी शब्द मिटा दिया था। उसने रिपोर्टर से कहा कि वह उन्हें 15 मिनट में बता देगा कि कॉम्प्लिमेंट्री पास खरीदने के लिए कब और कहां मिलना है।
पंकज : आपको टिकट कितनी चाहिए ?
रिपोर्टर : फिलहाल एक ही चाहिए, बाकी मैं बता दूंगा एक-दो दिन में।
पंकज : चाहिए होंगी आपको और? क्योंकि मेरे पास 10 थीं, …अब 4 बची हैं।
रिपोर्टर : सारी धर्मशाला की?
पंकज : हां।
रिपोर्टर : ये कॉम्प्लिमेंट्री पासेज हैं ना?
पंकज : ये वाले कॉम्प्लिमेंट्री हैं।
रिपोर्टर : इस पर लिखा नहीं है कॉम्प्लिमेंट्री, इसलिए मैंने कहा?
पंकज : नहीं, लिखा हुआ है। मैंने उसको हाइड कर (छिपा) दिया। लिखा हुआ है कॉम्प्लिमेंट्री। नंबर वगैरह सब है। …मैंने भी अटेंड किए हैं दो मैचिज।
रिपोर्टर : अच्छा; दो मैच आप भी देख चुके हैं? पंकज : हां; मैं देख चुका हूं। रिपोर्टर : धर्मशाला? पंकज : एक दिल्ली का देखा था और एक अभी मैं अहमदाबाद गया था। रिपोर्टर : अहमदाबाद का तो कल ही हुआ था पाकिस्तान के साथ! पंकज : हां, कल ही हुआ था। रिपोर्टर : दिल्ली का नहीं है कोई आपके पास? पंकज : दिल्ली का कोई आएगा, तो मैं बताऊंगा। …दिल्ली में कोई है क्या? आई थिंक…! रिपोर्टर : इंडिया का नहीं है। …आज भी मैच है वैसे; लेकिन इंडिया का नहीं है। पंकज : हां; इंडिया का नहीं है। …अफगानिस्तान-भारत का था। रिपोर्टर : आज भी एक मैच है। पंकज : हां, होगा; …तो मैं आपको बताता हूं। …10-15 मिनट में बताता हूं।
करीब 15 मिनट के इंतजार के बाद पंकज ने होटल अशोका के सामने एक जगह पर रिपोर्टर से संपर्क किया। बैठक में आने पर पंकज ने खुलासा किया कि उसके पास मूल 4 कॉम्प्लिमेंट्री पास में से केवल 2 हैं और उन्हें 30,000 रुपये में बेचने की पेशकश की। जब पंकज से छूट देने के लिए कहा गया, तो उसने कहा कि इसी तरह के पास इस समय 28,000 से 29,000 रुपये में बेचे जा रहे हैं। रिपोर्टर : फिलहाल 6 पास हैं आपके पास? पंकज : 2 ही बचे हैं। रिपोर्टर : 4 बता रहे हैं ना आप? पंकज : 2 किसी ने ले लिए। रिपोर्टर : ये तो कॉम्प्लिमेंट्री हैं सर! पंकज : हां; कॉम्प्लिमेंट्री हैं। रिपोर्टर : कोई डिस्काउंट नहीं दिलवाये? पंकज : ये ऑलरेडी 28-29 थाउजेंड का है।
इसके बाद पंकज ने रिपोर्टर को बताया कि उसके पास 22 अक्टूबर को धर्मशाला में खेले जाने वाले भारत-न्यूजीलैंड मैच के कॉम्प्लिमेंट्री पास हैं। जब पूछा गया कि क्या और पास उपलब्ध हैं? तो पंकज ने कहा कि वह बताएगा। रिपोर्टर : तो अब जो रिमेनिंग पास हैं धर्मशाला के, इंडिया-न्यूजीलैंड के हैं ना? पंकज : हां। रिपोर्टर : कितने पास हैं? पंकज : मैं आपको चेक करके बताता हूँ। रिपोर्टर : क्यूंकि मैंने 2-3 लोगों से बोला हुआ है, …अगर वो इंटरेस्टेड होंगे? पंकज : आप मुझे बता देना। रिपोर्टर : आई विल लेट यू नो? …4-5 पास की जरूरत हो, तो हो जाएगा? पंकज : आप मुझे बता देना, हो जाएगा।
पंकज ने हमें बताया कि जिस मैच के पास उस पर हैं, वो 22 अक्टूबर को होना है। उसने यह भी पूछा कि हम भविष्य में भारत के किन मैचिज के पास चाहते हैं, जैसे कि दिल्ली, चेन्नई आदि में होने वाले मैच। रिपोर्टर : कब का टिकट है यह, नेक्स्ट संडे? पंकज : आज तो 15 हो गयी, …ये नेक्स्ट संडे का है। रिपोर्टर : दिल्ली का नहीं है कोई? …दिल्ली में मैच है या नहीं, ये नहीं पता; मगर इंडिया का कोई नहीं है? पंकज : इंडिया का? …आई डॉउट, इंडिया का मैच है। …बट इंडिया का, आई थिंक इधर आएगा…चेन्नई में, शायद कोलकाता में है! …मैं आपको चेक करके बताता हूं। रिपोर्टर : आपको कॉम्प्लिमेंट्री पास कहीं के भी मिलें, बता देना।
जब ‘तहलका’ रिपोर्टर ने पंकज से कॉम्प्लिमेंट्री पास पर छूट के बारे में पूछा, तो उसने कहा कि उसने वे पास भी खरीदे हैं। हालांकि अंतत: वह वह रिपोर्टर को 1,000 रुपये की छूट की पेशकश करते हुए 14,000 रुपये में पास बेचने के लिए सहमत हो गया। रिपोर्टर : डिस्काउंट मांग रहे हैं पंकज भाई से! पंकज : नहीं-नहीं; मैंने भी परचेज करे हैं। रिपोर्टर : कितना करवा दें? पंकज : 14 करवा दीजिए। रिपोर्टर : देख लो आप…। (पैसे गिनता है।)
पंकज ने हमें बताया कि कॉम्प्लिमेंट्री पास उसे मुफ्त में नहीं मिले। उसने दावा किया कि उसने भी इन्हें खरीदा है और अब इन्हें 2,000 रुपये के मुनाफे पर बेच रहा है। अंत में उसने ‘तहलका’ रिपोर्टर को 13,000 रुपये में पास बेच दिया। पंकज : 12,000 हो गये, …और दे दीजिए। रिपोर्टर : और दूं? एक और…13,000 हो गये। पंकज : हा…हा (हंसने लगा)। रिपोर्टर : वैसे भी कॉम्प्लिमेंट्री है; आपको मुफ्त पड़ा होगा सर! पंकज : मुफ्त कहाँ पड़ता है सर! …मुश्किल हो जाता है। रिपोर्टर : आप भी परचेज करके लाए हैं? पंकज : कुछ मार्जिन रख करके। रिपोर्टर : आपका कितना प्रॉफिट (मुनाफा) है? पंकज : 2000 रुपये। रिपोर्टर : दिल्ली का पंकज भाई बता दीजिएगा। पंकज : मैं आपको कल बता दूंगा। रिपोर्टर : दिल्ली के अलावा कहीं के भी हों, मगर हों कॉम्प्लिमेंट्री। …13,000 हो गये अब!
जाने से पहले पंकज ने रिपोर्टर को 12,000 रुपये की रियायती दर पर भारत-न्यूजीलैंड के मुकाबले के तीन और मैच पास की पेशकश की। रिपोर्टर : अगर आपने 13 के (हजार) पहले बोले होते, …मैं सारे टिकट्स ले लेता। पंकज : तो आप देख लो; …अभी कोई हो पास, तो दे देते हैं। रिपोर्टर : मिनिमम और कितना कम हो जाएगा? पंकज : 13,000 हैं। …और 12के (हजार) कर लो, …3 अभी पड़े हैं मेरे पास, …और कल बता दूंगा। 3 अभी मेरे पास कन्फर्म हैं। …पर आप मुझे कन्फर्म करो; मैं आगे सेल नहीं करूंगा। …आई हैव टू टेल द पर्सन के आगे सेल न करे। रिपोर्टर : एक टिकट के लिए 12,000? पंकज : अच्छा, मैं चलता हूं। रिपोर्टर : तो 12,000 फॉर वन टिकट? पंकज : हां, पक्का। रिपोर्टर : तीनों मेरी; …लेकिन देने आपको आना पड़ेगा। पंकज : कहां पर आना है? रिपोर्टर : कनॉट प्लेस। पंकज : अभी ले सकते हैं आप? रिपोर्टर : अभी तो कैश नहीं होगा। पंकज : पेटीएम कर देना। रिपोर्टर : एक बार पूछना भी पड़ेगा। पंकज : हां, आप पूछ लें; 10 मिनट में बता देना। रिपोर्टर : थैंक्स, …ओके बाय।
‘तहलका’ रिपोर्टर ने 22 अक्टूबर को होने वाले भारत-न्यूजीलैंड मैच के लिए 15 अक्टूबर को पंकज से 13,000 रुपये में एक कॉम्प्लिमेंट्री पास खरीदा। उसने रिपोर्टर को भविष्य में आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के ऐसे पास 12,000 रुपये में बेचने का वादा किया। लेकिन रिपोर्टर का मकसद भ्रष्टाचार को उजागर करना था, मैच देखना नहीं। कॉम्प्लिमेंट्री पास खरीदने के चार दिन बाद 19 अक्टूबर को पंकज ने रिपोर्टर को कॉल करके पूछा कि 22 अक्टूबर को भारत-न्यूजीलैंड मैच देखने के लिए कितने लोग धर्मशाला जाएंगे? फिर उसने पूछा कि क्या हम (रिपोर्टर) 25 अक्टूबर को दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया-नीदरलैंड मैच के लिए कॉम्प्लिमेंट्री पास खरीदना चाहते हैं। रिपोर्टर ने पास की कीमत पूछी, तो उसने पुष्टि की कि यह वादे के अनुसार 12,000 रुपये से कम होगा। रिपोर्टर ने उसे इंतजार करने को कहा और अन्य मैचिज की तारीखों को देखा। जैसे ही रिपोर्टर ने बात की, उसने रिपोर्टर से उन मैचिज को प्राथमिकता देने के लिए कहा; जिनके लिए वह कॉम्प्लिमेंट्री पास चाहते थे। पंकज ने यह भी कहा कि वह देखेगा कि क्या संभव होगा। बातचीत का नतीजा यह था कि वह (दलाल) पूरे भारत में किसी भी स्थान पर आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप मैच के लिए कॉम्प्लिमेंट्री पास बेचने की व्यवस्था करने को तैयार था। 20 अक्टूबर को पंकज ने रिपोर्टर को दिल्ली में 25 अक्टूबर को होने वाले ऑस्ट्रेलिया-नीदरलैंड मैच के लिए पास देने के लिए फिर से फोन किया। वह भी अनिश्चित था कि वे कॉम्प्लिमेंट्री पास होंगे या टिकट। लेकिन उसने रिपोर्टर को आश्वासन दिया कि प्रत्येक के लिए लगभग 4-5 हजार रुपये होंगे। जब रिपोर्टर ने सुझाव दिया कि यह कम देखे जाना वाला मैच है, और हम सामान्य तरीका अपनाकर ऑनलाइन टिकट भी खरीद सकते हैं, तो पंकज ने व्यंग्यात्मक शब्दों में कहा- ‘जाओ और कहीं से ले आओ; अगर तुम्हें मिल सकते हैं।’ रिपोर्टर ने उससे टिकट के प्रकार और कीमत की पुष्टि करने के लिए कहा, तो उसने कहा कि वह जांच करके रिपोर्टर से सम्पर्क करेगा। उसने रिपोर्टर को लखनऊ और मुंबई मैचिज के लिए पास या टिकट की भी पेशकश की, जहां भारत क्रमश: इंग्लैंड और श्रीलंका से खेलने वाला था। रिपोर्टर ने उससे कहा कि वह उसे बता देंगे। पंकज ने रिपोर्टर को 20 अक्टूबर को यह बताने के लिए फिर फोन किया कि 25 अक्टूबर को दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया-नीदरलैंड मैच के टिकट 2,000 रुपये प्रति टिकट यानी 4,000 रुपये दो टिकट के हिसाब से मिल रहे थे; क्योंकि मांग में कमी थी। उसने यह भी कहा कि 29 अक्टूबर को लखनऊ में भारत-इंग्लैंड मैच के टिकट्स की काफी मांग है और ये काफी महंगे होंगे। रिपोर्टर ने शुरू में ऑस्ट्रेलिया-नीदरलैंड मैच में रुचि दिखायी; लेकिन भारत-इंग्लैंड मैच के प्रचार के बारे में सुनने के बाद अपना विचार बदल दिया। रिपोर्टर ने पंकज से भारत-इंग्लैंड मैच के लिए टिकट या कॉम्प्लिमेंट्री पास की व्यवस्था करने के लिए कहा। हालांकि उसने चेताया कि इनकी कीमत काफी ज्यादा हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि बीसीसीआई ने आईसीसी पुरुष क्रिकेट विश्व कप के सभी टिकट ऑनलाइन बेचे हैं। ऐसे में यह सोचने वाली बात है कि पंकज जैसे एजेंट इन टिकट्स को आम जनता को अधिक दरों पर कैसे बेच पाते हैं? क्या काला-बाजारियों ने सभी ऑनलाइन टिकट्स बुक कर लिये थे? और अब उन्हें प्रत्येक मैच की माँग के आधार पर बढ़ी हुई कीमतों पर बेच रहे थे? पंकज : सर! ऑस्ट्रेलिया-नीदरलैंड वाली टिकट लेनी है? रिपोर्टर : हो जाएगी? पंकज : हां, इसकी प्राइसिंग भी बहुत कम है। करीब-करीब 2,000 रुपये की दे रहे हैं। रिपोर्टर : ये टिकट है? पंकज : हां। रिपोर्टर : कितने में मिलेगी मुझे? पंकज : आपको? टिकट ही है, कॉम्प्लिमेंट्री पास नहीं है। रिपोर्टर : मुझको कितने में मिलेगी? पंकज : आपको भी 2के (हजार) में ही मिलेगी। रिपोर्टर : आप मुझे 2 टिकट करवा दो। पंकज : आप मुझे बोलोगे, तभी करवाऊँगा; नहीं तो…अदर वाइज मेरी पॉकेट से जाएगा ध्यान रखना, …क्लियर बता रहा हूं आपको। रिपोर्टर : मुझे 4के (हजार) देने होंगे ना? पंकज : हां; मैं वही कह रहा हूं 4,000 देने पड़ेंगे। …भेज देंगे ना आप किसी को? रिपोर्टर : भेज देंगे, …हा..हा,(हंसते हुए) गुड़गांव मत बुलाओ यार! पंकज : कहां लेकर आऊं? …अच्छा मेरे को ना दिल्ली आना है; आई विल कम ऑन मंडे। रिपोर्टर : मंडे आएंगे? मंडे है 23 (तारीख), …ठीक है; 25 का मैच है ना? पंकज : ठीक है कोई चला जाएगा, दिक्कत तो नहीं है? …पर ऐसा न हो, मेरी जेब से लग जाए! रिपोर्टर : सर! अगर मैंने टिकट नहीं भी लिया, तब भी पेमेंट कर दूंगा। …और बताइए। पंकज : मैं ना! आपकी टिकट कर दूंगा। आप मुझे पेटीएम कर देना। …ज्यादा कहो, ज्यादा कर दूं। …4 कर दूं? रिपोर्टर : नहीं, 2 ही कर दीजिए। …अच्छा, रेट-टू-रेट में क्या फायदा है इनका? पंकज : रेट-टू-रेट इसलिए बेच रहे हैं, ज्यादा डिमांड नहीं है। रिपोर्टर : अच्छा! डिमांड नहीं है? पंकज : डिमांड सप्लाई होती है ना बेसिकली; …इंडिया की बहुत ज्यादा डिमांड होती है। …अभी आप देखो, जो लखनऊ वाला मैच है ना! वो काफी एक्सपेंसिव जा रहा है; क्यूंकि वो इंडिया और इंग्लैंड का है। …जो मैच है, यू नो वो कितना बड़ा मैच है? रिपोर्टर : इंडिया-इंग्लैंड, लखनऊ में? पंकज : इंडिया-इंग्लैंड, लखनऊ में। रिपोर्टर : इंडिया-इंग्लैंड का कितना रेट है? पंकज : इसका मेरे को लगता है महंगा जाएगा। रिपोर्टर : कितना? पंकज : मेरे को पता नहीं है, …मैं तो इसका भी आपको 4-5 बता रहा था। …बट 2 (हजार) में ही मिल रही है। रिपोर्टर : तो इंडिया इंग्लैंड का बता दो ना, ऑस्ट्रेलिया का छोड़ देते हैं। पंकज : इंग्लैंड? आप बोलोगे, तो मैं पूछ लूंगा। रिपोर्टर : नीदरलैंड्स-ऑस्ट्रेलिया छोड़ देते हैं; कमजोर टीम है। …क्या? टीम वीक है नीदरलैंड्स, …वन साइडेड मैच होगा। पंकज : हां; ये आप कह सकते हो। रिपोर्टर : इसका रहने दो आप, …मुझे लखनऊ मैच का बताओ; …इंग्लैंड वाला। …नीदरलैंड-ऑस्ट्रेलिया रहने दो। पंकज : ठीक है, लखनऊ वाला बताऊं फिर? पर आपकी कॉस्ट लग जाएगी; बाया रोड जाना पड़ेगा। रिपोर्टर : कोई बात नहीं, वो चलेगा; …लखनऊ वाला बता दो। लखनऊ कहां दूर है? …बाया रोड पांच घंटे में पहुंच जाएंगे। पंकज : 650 किमी है। रिपोर्टर : मेरे लिए नजदीक ही है, मैं नोएडा में रहता हूं। …आप मुझे रेट बता दो भारत-इंग्लैंड के। पंकज : तो मैं इस वाले, …नीदरलैंड को स्किप कर रहा हूं? रिपोर्टर : ठीक है, ओके।
पिछले सीजन के आईपीएल में इसी तरह के खुलासे के बाद ‘तहलका’ एसआईटी ने भारत में चल रहे आईसीसी क्रिकेट विश्व कप में एक और पड़ताल की है। पंकज जैसे दलाल न केवल आईसीसी के कॉम्प्लिमेंट्री पास बेच रहे हैं, बल्कि क्रिकेट प्रशंसकों के बीच माँग के आधार पर उनकी कीमतें तय करके क्रिकेट मैच के टिकट भी बेच रहे हैं। पंकज के अनुसार, उन मैचिज के लिए टिकट की कीमतें अधिक हैं, जहां भारत खेल रहा है। जबकि जहां भारत शामिल नहीं है, उन मैचिज, जैसे कि 25 अक्टूबर को दिल्ली में ऑस्ट्रेलिया-नीदरलैंड मैच; के टिकट कम मूल्य पर बिकते हैं। हालांकि बड़ा सवाल यह है कि क्या कालाबाजारियों ने सभी ऑनलाइन टिकट बुक कर लिए हैं? और अब उन्हें आम जनता को बेच रहे हैं? साथ ही मैच की मांग के आधार पर टिकट और कॉम्प्लिमेंट्री पास की कीमतें तय कर रहे हैं? ‘तहलका’ ने इस बार खुलासा किया है कि कैसे दलाल आईसीसी विश्व कप क्रिकेट के कॉम्प्लिमेंट्री (मुफ्त) पास बेच रहे हैं? अब यह आईसीसी और बीसीसीआई पर निर्भर है कि वो इसकी जाँच करें। (जारी…)
इस साल मई में ‘तहलका’ एसआईटी ने ख़ुलासा किया था कि कैसे इंडियन प्रीमियर लीग के ‘नॉट फॉर सेल’ वाले कॉम्प्लिमेंट्री (मुफ़्त) पास क्रिकेट का एक और घोटाला साबित हो रहे हैं। ‘तहलका’ रिपोर्टर ने डिकॉय ग्राहक के रूप में कैमरे पर ऐसे दलालों को रिकॉर्ड किया, जो सरकारी अधिकारियों, सलाहकारों और अन्य लोगों को सद्भावना दिखाने के लिए मुफ़्त में वितरित किये जाने वाले ‘नॉट फॉर सेल’ कॉम्प्लिमेंट्री आईपीएल पास बेचने में माहिर हैं।
अब जबकि क्रिकेट के आईसीसी विश्व कप-2023 का बुख़ार पूरे देश में छाया हुआ है, ‘तहलका’ एसआईटी ने अपनी एक पड़ताल (रिपोर्ट) में पाया है कि दलाल ये कॉम्प्लिमेंट्री पास कुछ तय रक़म के लिए बेचकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। यह आईपीएल कॉम्प्लिमेंट्री पास विवाद में भी आया है, जिसे ‘तहलका’ ने उजागर किया था। यह भी पता चला है कि जब भी अधिकारियों ने कॉम्प्लिमेंट्री पास पर जीएसटी लगाने का फ़ैसला किया है, तो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की आईपीएल फ्रेंचाइजी ने यह तर्क देते हुए इसका विरोध किया है कि इसमें कोई मौद्रिक लाभ नहीं है, और यह सिर्फ़ खेलों को बढ़ावा देने के लिए है। पड़ताल के दौरान ‘तहलका’ रिपोर्टर ने पाया कि भारत में क्रिकेट विश्व कप-2023 की शुरुआत से पहले क्रिकेट प्रशंसक आम जनता के लिए टिकट्स की बिक्री के तरीक़े से नाराज़ थे। टिकट्स की बिक्री उद्घाटन मैच से सिर्फ़ 41 दिन पहले 25 अगस्त को शुरू हुई थी। इसके अलावा टिकट बुकिंग प्रक्रिया परेशानी मुक्त नहीं थी। प्रशंसकों को टिकट बुक करने के लिए पहले पंजीकरण करना पड़ता था और फिर ख़रीदारी करने का अवसर मिलने से पहले घंटों इंतजार करना पड़ता था।
दुर्भाग्य से कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए यह बेहतर मौक़ा कभी नहीं मिला। हालाँकि अगर कोई दलालों की हथेलियों को गरम कर सकता था, तो क्रिकेट विश्व कप मैचों के लिए कॉम्प्लिमेंट्री पास बहुत सारे उपलब्ध थे। यह इस उक्ति को साबित करता है कि ‘मुफ़्त दोपहर के भोजन जैसी कोई चीज़ नहीं है।’ क्योंकि कुछ भी नहीं के लिए कुछ प्राप्त करना असंभव है। समय-समय पर पुलिस ऐसे टिकट्स बेचने के लिए धोखाधड़ी और जालसाज़ी के मामले दर्ज करती रही है; लेकिन यह रैकेट धड़ल्ले से जारी है।
इनके काम करने का तरीक़ा सरल है। दलाल पैसे के बदले में इन्हें ख़रीदते हैं और फिर इन्हें भारी क़ीमत पर बेचा जाता है। यह क़ीमत फिक्स्चर के आधार पर निर्धारित की जाती है। उदाहरण के लिए भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा क्रिकेट प्रशंसकों के लिए एक बड़ा ड्रॉ होता है। रिपोर्ट्स से पता चलता है कि 14 अक्टूबर को भारत और पाकिस्तान के बीच मैच के लिए क्रिकेट प्रशंसकों ने ब्लैक मार्केट से 35,000 रुपये में टिकट ख़रीदे थे। ऐसी ख़बरें भी सामने आयीं कि किसी ने 60,000 रुपये में टिकट ख़रीदा था। कुछ मीडिया संस्थानों ने क्रिकेट विश्व कप के टिकट्स की कालाबाज़ारी के बारे में रिपोर्ट्स कीं। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने पहले ही सभी टिकट ऑनलाइन बेच दिये थे। इसके बावजूद स्टेडियम में बड़ी भीड़ देखने को नहीं मिली। इसका मतलब था कि क्रिकेट मैच के टिकट की कालाबाज़ारी करने वाले दलालों ने ऑनलाइन टिकट बुक किये थे और उन्हें बढ़ी हुई दरों पर बेच रहे थे। इसमें कोई शक नहीं कि दर्शक क्रिकेट स्टेडियमों से दूर रह रहे थे। ‘तहलका’ एसआईटी ने अपना काम कर दिया है और अब गेंद आईसीसी और बीसीसीआई के पाले में है कि वो कार्रवाई शुरू करें!