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पीएम मोदी ने बेंगलुरु में एचएएल साइट का किया मुआयना, तेलंगाना में करेंगे जनसभा को संबोधित

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कर्नाटक दौरे के दौरान शनिवार को बेंगलुरु में तेजस विमान से उड़ान भरी। पीएम मोदी शनिवार की सुबह बेंगलुरु में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) साइट पर पहुंचे।

पीएम मोदी ने एचएएल साइट पर पहुंच कर तेजस जेट सहित उसकी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की समीक्षा भी की। साइट का मुआयना करने के बाद पीएम मोदी चुनाव प्रचार करने के लिए तेलंगाना जाएंगे।

तेलंगाना में पीएम मोदी एक जनसभा को संबोधित करेंगे। इंडियन एयरफोर्स ने हाल ही में 12 एडवांस सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमानों की खरीद करने के लिए राज्य के स्वामित्व वाली एचएएल को टेंडर जारी किया था। 

सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को दिया अल्टीमेटम कहा- सिर्फ एक घंटे में चुनें चीफ सेक्रेटरी

सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार से कहा है कि वे एक घंटे में उपराज्यपाल की ओर से सुझाए गए नामों पर फैसला ले। और पैनल की ओर से सरकार को जो भी नाम बताए जाएंगे उन्हें गुप्त रखा जाएगा। साथ ही कोर्ट ने उपराज्यपाल को एक पैनल बनाने को कहा है।

बता दें, दिल्ली की केजरीवाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति को लेकर विवाद लगातार जारी है और थमने के नाम नहीं ले रहा है।

मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेबी परदीवाला की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि, “पैनल की ओर से जो भी नाम सामने आएंगे उस पर एक घंटे में फैसला लेना होगा।”

वहीं दिल्ली सरकार का कहना है कि चीफ सेक्रेटरी दिल्ली सरकार के लिए काम करता है, ऐसे में उसकी नियुक्ति में राज्य सरकार और केंद्र के बीच सामंजस्य जरूरी है।

आपको बता दें, 30 नवंबर को दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी नरेश कुमार रिटायर होने जा रहे हैं और उनके रिटायर होने से पहले अगला चीफ सेक्रेटरी तय किया जाना है। इस मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (आप) सुप्रीम कोर्ट पहुंची है कि नए चीफ सेक्रेटरी की नियुक्ति के लिए केंद्र सरकार दिल्ली सरकार के साथ सहमति करे।

वहीं दूसरी तरफ केंद्र सरकार की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने कहा कि पहले भी चीफ सेक्रेटरी के नामों को लेकर खूब चर्चा की गर्इ है ऐसे में एक बार फिर आप सरकार को अधिकारियों के नाम सार्वजनिक पर नए आरोप लगाने का मौका मिलेगा।

सीजेआई ने इसका हल निकालने के लिए कहा कि केंद्र सरकार और एलजी कुछ अधिकारियों के नाम राज्य सरकार को बताएं। और इन नामों में से राज्य सरकार को अपनी पसंद के अधिकारी को चुनने का मौका मिलेगा। साथ ही सुझाए गए सभी नाम सोशल मीडिया पर सामने नहीं आने चाहिए।

राजस्थान विधानसभा चुनाव: 200 में से 199 सीटों पर वोटिंग जारी, 11 बजे तक 24.74 फीसदी वोटिंग

राजस्थान में विधानसभा की 200 सीटों में से 199 सीटों पर आज मतदान जारी है। कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर की मौत हो जाने के कारण करणपुर विधानसभा सीट पर चुनाव स्थगित कर दिया गया है इस सीट पर वोटिंग बाद में कराई जाएगी। राजस्थान में आज सुबह 11 बजे तक 24.74 प्रतिशत मतदान हुआ है।

बता दें, 199 विधानसभा सीटों पर 1863 प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं और 5 करोड़ 26 लाख 90 हजार 146 मतदाता अपने उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। मतदान की प्रक्रिया सुबह 7 बजे से लेकर शाम 6 बजे तक चलेगी और यह प्रक्रिया सुचारू रूप से चलती रहे इसके लिए मतदान केंद्रों पर 1 लाख 70 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

लोक सभा ओम बिरला ने राजस्थान के कोटा में मतदान किया है। इस मौके पर उन्होंने कहा कि, “लोकतंत्र उत्सव है, सभी लोग अपने मत का उपयोग कर रहे हैं। लोगों में उत्साह है। सभी मतदाता को अपने मताधिकार का प्रयोग कर अपने विचारों की अभिव्यक्ति करना चाहिए। तभी हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा।”

वहीं दूसरी तरफ टोंक से कांग्रेस उम्मीदवार सचिन पायलट ने मतदान किया है और कहा कि, “राज्य में जोरदार वोटिंग चल रही है। पिछले 10 साल से केंद्र में बीजेपी की सरकार है। लोग बेरोजगारी और महंगाई देख रहे हैं। लोग बदलाव चाहते हैं इससे कांग्रेस को फायदा होगा।”

कांग्रेस की ओर से इस बार प्रमुख उम्मीदवारों में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट, विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी, मंत्री शांति धारीवाल, बीडी कल्ला, भंवर सिंह भाटी, सालेह मोहम्मद, ममता भूपेश, प्रताप सिंह खाचरियावास, राजेंद्र यादव, शकुंतला रावत, उदय लाल आंजना, महेंद्रजीत सिंह मालवीय व अशोक चांदना शामिल है।

बीजेपी की ओर से इस बार प्रमुख उम्मीदवारों में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, उपनेता प्रतिपक्ष सतीश पूनिया तथा सांसद दीया कुमारी, राज्यवर्धन राठौड़, बाबा बालकनाथ व किरोड़ी लाल मीणा मैदान में हैं।

आपको बता दें, राजस्थान विधानसभा चुनाव में माकपा, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, भारत आदिवासी पार्टी, भारतीय ट्राइबल पार्टी, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम समेत कई पार्टियां भी मैदान में हैं। वहीं भाजपा और कांग्रेस के 40 बागी भी मैदान में हैं।

उत्तरकाशी टनल हादसा: टनल में फंसी ऑगर मशीन निकाली गई बाहर, बचाव कार्य जारी

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में निर्माणाधीन सिल्क्यारा सुरंग में 13 दिनों से फंसे 41 मजदूरों को निकालने के लिए सभी प्रकार के प्रयास जारी है। किंतु ऑर मशीन से ड्रिलिंग के दौरान आ रही बाधाओं के कारण उसे बाहर निकाला गया है। और बचाव कार्य में लगे लोग वर्टिकल ड्रिलिंग के साथ ही हाथ से ड्रिलिंग के विकल्प पर विचार कर रहे हैं।

बता दें, मौके पर सतलुज जल विद्युत निगम तथा तेल और प्राकृतिक गैस आयोग की टीमें पहुंची है। मजदूरों के बिल्कुल करीब पहुंचकर काम रुक जाने से बेचैनी पहले से ज्यादा बढ़ गई है।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने शुक्रवार की शाम को कहा कि, “उत्तराखंड में सिल्क्यारा सुरंग में  41 मजदूरों को बचाने के लिए ड्रिलिंग जल्द ही फिर से शुरू होगी।”

एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन ने बचाव कार्यों की प्रगति पर मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि, “बाधाओं के कारण गुरुवार को ड्रिलिंग प्रक्रिया रोक दी गई थी और बरमा मशीन द्वारा ड्रिलिंग को फिर से शुरू करने के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है। शुक्रवार से मलबे के माध्यम से सुरंग में पाइप की आवाजाही के मामले में कोई प्रगति नहीं हुई है हमें उम्मीद है कि जल्द ही बरमा मशीन काम करना शुरू कर देगी। ”

सुप्रीम कोर्ट ने केजरीवाल सरकार को दी नसीहत कहा- सीएम और एलजी मिलकर करे फैसला

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और दिल्ली के उपराज्यपाल के बीच नए मुख्य सचिव की नियुक्ति को लेकर चल रही खींचतान में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि, मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल साथ मिलकर इस मुद्दे पर मुलाकात कर एकसाथ क्यों नहीं बैठते और विचार करते है। और इस मामले की अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी। 

मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच चल रही नए मुख्य सचिव की नियुक्ति के बीच चल रही खींचतान को लेकर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केजरीवाल सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि, “इस बात का ध्यान रखा जाए की अफसरों के नाम सोशल मीडिया पर सार्वजनिक न हो। ऐसा इसलिए भी क्योंकि ये अफसरों के करियर का सवाल है। इतना ही नही सुप्रीम कोर्ट ने एलजी और केंद्र सरकार को सक्षम लोगों के नाम का सुझाव पैनल को देने का निर्देश दिया है।”

आपको बता दें, दिल्ली सरकार द्वारा एक नया अधिकारी नियुक्त करने के खिलाफ कोर्ट में याचिका लगाई थी। 

मनी लॉन्ड्रिंग मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सत्येंद्र जैन को 4 दिसंबर तक जमानत पर रहने की दी राहत

सुप्रीम कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को राहत देते हुए 4 दिसंबर तक जमानत फिलहाल बरकरार रखी है। साथ ही अगली सुनवाई टाल दी गई है।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर सत्येंद्र जैन की नियमित जमानत पर इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में 6 नवंबर को सुनवाई हुई थी और अदालत ने अंतरिम जमानत 24 नवंबर तक बरकरार रखने का आदेश दिया था।

सत्येंद्र जैन की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने पक्ष रखते हुए कहा कि, जैन को 2017 में सीबीआई के मुकदमे में जमानत मिल गई थी सीबीआई केस में सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी नहीं हुई है ईडी ने 30 अगस्त 2017 को दर्ज किया था पांच साल तक ईडी ने सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार नहीं किया।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सत्येंद्र जैन को 30 मई 2022 को गिरफ्तार किया था। जांच में हमेशा सहयोग किया है वो अब तक 7 बार जांच एजेंसी के सामने पेश हुए हैं। सत्येंद्र जैन के वकील ने कहा कि हम यह नहीं कह रहे है कि ईडी किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती थी लेकिन स्पष्ट कारण बताए बिना किसी को गिरफ्तार नहीं कर सकती है।

जैन की पैरवी कर रहे अभिषेक मनु सिंघवी ने आगे कहा कि, चार्जशीट में कही गयी बातों को ईश्वरीय सत्य नहीं माना जा सकता हैं। चेक पीरियड से 5 साल पहले मेरी पत्नी ने 2008 में कंपनी के शेयर खरीदे थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि कोलकाता की कंपनियों ने इन 3 कंपनियों के शेयर खरीदकर पैसा वापस कर दिया।  

डीपफेक वीडियो के बाद केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीजिया प्लेटफार्मों को दिया सात दिन का समय

सोशल मीडिया पर डीपफेक वीडियो के आने के बाद से चिंता का माहौल बन गया है। इसी पर चिंता व्यक्त करते हुए केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि सामग्री की जांच के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया कंपनियों से मुलाकात के बाद कहा कि, “डीपफेक कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय एक वेबसाइट विकसित करेगा जिस पर उपयोगकर्ता आईडी नियम के उल्लंघन के बारे में अपनी चिंताओं को बता सकते है।”

राजीव चंद्रशेखर ने आगे कहा कि, “एमईआईटीवाई उपयोगकर्ताओं को आईटी नियमों के उल्लंघन के बारे में सूचित करने और एफआईआर दर्ज करने में सहायता करेगा। पोस्ट शेयर करने वाले के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी और अगर वे यह खुलासा करते हैं कि पोस्ट कहा से आई है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा जिसमें सामग्री पोस्ट की है।”

उन्होंने आगे कहा कि, “सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को अपनी उपयोग की शर्तों को आईटी नियमों के अनुरूप करने के लिए सात दिन का समय दिया गया है। आज से आईटी नियमों के उल्लंघन के प्रति शून्य सहिष्णुता है। सरकार डिजिटल क्षेत्र में भारतीयों के लिए सुरक्षा और विश्वास सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। केंद्र ने कहा कि डीपफेक के निर्माण और प्रसार पर 1 लाख रुपये का जुर्माना और तीन साल की जेल की कड़ी सजा का प्रावधान है।”

आपको बता दें, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने डीपफेक वीडियो बनाने के लिए एआई के दुरुपयोग को चिन्हित किया था और इसे बड़ी चिंता बताया था।

पीएम मोदी ने कहा था कि, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के समय में यह महत्वपूर्ण है कि प्रौद्योगिकी का उपयोग जिम्मेदारी से किया जाना चाहिए।”

डीप फेक मामला: जल्द ही इसे निपटने के लिए नियम लाएगी सरकार, अश्विनी वैष्णव ने की बैठक

डीप फेक के मुद्दे पर केंद्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म और हितधारकों के साथ बैठक की है। लोकतंत्र के लिए नया खतरा करार देते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार इससे निपटने के लिए जल्द ही नए नियम लाएगी। 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, “कंपनियां डीप फेक का पता लगाने, इससे निपटने, इसकी सूचना देने के तंत्र को मजबूत करने और उपयोगकर्ताओं में जागरूकता बढ़ाने जैसी स्पष्ट कार्यवाइया करने पर सहमत हुई।

पत्रकारों से बात करते हुए अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, “हम आज ही रेगुलेशन का ड्राफ्ट तैयार करना शुरू कर देंगे और कुछ ही समय में हमारे पास डीप फेक से निपटने के लिए नए नियम होगें। यह मौजूदा ढांचे में संशोधन या नए नियम या नया कानून लाने के रूप में हो सकता है।” 

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि, “डीप फेक लोकतंत्र के लिए एक नया खतरा बनकर उभरा है। हमारी अगली बैठक दिसंबर के पहले सप्ताह में होगी। आज किए गए फैसलों पर उसमें आगे की चर्चा होगी। ड्राफ्ट रेगुलेशन में क्या शामिल किया जाना चाहिए, इस पर भी चर्चा की जाएगी।”

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि, “आज सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म को बैठक के लिए बुलाया था। सभी के साथ चर्चा हुई और इसके खतरे वा गंभीरता को स्वीकार किया कि यह बहुत बड़ा खतरा उभर कर आया है। हम चार चीजों से मिलकर काम करना पड़ेगा- इसकी जांच कैसे हो, इसे वायरल होने से कैसे रोक, कोई उसी इसे कैसे रिपोर्ट करे और इस पर तुरंत कार्यवाही कैसे हो। इस पर जागरूकता बढ़ाने के लिए सब मिलकर कैसे काम करें।”

वैश्विक आपूर्तिकर्ता बनने के लिए मंथन से जो भी समाधान निकलेंगे, उनका इस्तेमाल प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में करेगें- डॉ महेंद्र नाथ पांडेय

भारी उद्योग मंत्रालय (एमएचआई) ने “स्थानीय से वैश्विक भारत तक – विनिर्माण से आत्मनिर्भरता तक” विषय पर नई दिल्ली में बुधवार को द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में एक विचार विमर्श सह मंथन कार्यक्रम का आयोजन किया। साथ ही इस अवसर पर केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने भारी उद्योग मंत्रालय की नई वेबसाइट का भी शुभारंभ किया गया।

आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि, “भारी उद्योग मंत्रालय के माध्यम से न केवल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ के दृष्टिकोण को पूरा करने की वचनबद्धता के साथ इस परिवर्तनकारी यात्रा में भाग ले रहे हैं, बल्कि हमने एक लंबा सफर तय किया है और हम भी काफी आगे बढ़ चुके हैं। भारी उद्योग से जुड़े तथा इससे संबंधित सभी घटक सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।”

केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने उल्लेख करते हुए आगे बताया कि, “ऑटोमोटिव क्षेत्र ने ऑटोमोबाइल और ऑटो उपकरणों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के कार्यान्वयन के साथ ही प्रौद्योगिकी के उन्नयन की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रयास किए हैं। उन्नत प्रौद्योगिकियों और ऑटो इलेक्ट्रॉनिक्स की बढ़ती मांग को पूरा करने का रास्ता आत्मनिर्भर भारत से होकर ही गुजरता है, जिसमें हमारी उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना मददगार है। स्थानीयकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंत्रालय द्वारा शुरू की गई उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना हो या फिर फेम योजना जैसी योजनाएं हों, इन सभी के माध्यम से भारत एक सशक्त अर्थव्यवस्था बनने की ओर त्वरित गति से आगे बढ़ रहा है।”

निर्यात प्रोत्साहन पर बोलते हुए डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि, “निर्यात प्रोत्साहन पूंजीगत उत्पाद योजना और व्यावसायिक उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही अन्य योजनाएं भी एक ही लक्ष्य के साथ चलाई जा रही हैं कि हम देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के उत्पाद बनाएं और भारत के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करें। प्रधानमंत्री ने पहले लोकल को वोकल और फिर लोकल को ग्लोबल बनाने का मंत्र दिया है, ऐसे में हमें इस दृष्टिकोण को पूरा करने के लिए पहले लोकल के लिए वोकल बनना होगा और फिर लोकल से ग्लोबल (स्थानीय से वैश्विक) बनना होगा। यह मंत्र ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ में एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करेगा।”

मंथन आयोजित कार्यक्रम पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, “आज के मंथन से जो भी समाधान निकलेंगे, भारी उद्योग मंत्रालय उनका इस्तेमाल प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में करेगा।”

बता दें, देश में आयात पर अंकुश लगाने और स्थानीयकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों के परिणामस्वरूप ऑटोमोबाइल और ऑटो उपकरणों के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (25,938 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ) सहित विभिन्न प्रमुख कार्यक्रम शुरू किये गए हैं। कैपिटल गुड्स सेक्टर, देश भर में समर्थ उद्योग प्रौद्योगिकी फोरम स्थापित करने के लिए सेंटर फॉर इंडस्ट्री 4.0 (सी4आई4) के सहयोग से हरसंभव प्रयास कर रहा है। इन प्रयासों का लक्ष्य देश में जागरूकता बढ़ाना और स्मार्ट तरीके से विनिर्माण तथा उद्योग 4.0 की प्रगति को विस्तार देना है।

कैट ने लगाया अनुमान इस वर्ष देश में होंगी 38 लाख शादियां और 4.74 लाख करोड़ रुपये का बड़ा व्यापार

भारत में देवउठान के दिन से ही शादियों की शुरुआत होने का चलन है। और इसी को देखते हुए कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने यह अनुमान लगाया है कि इस वर्ष 38 लाख शादियां भारत में होंगी। साथ ही इन शादियों में लगभग 4.74 लाख करोड़ रुपये का बड़ा व्यापार होने का भी अनुमान है। जोकी पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग 32 लाख शादियाँ हुई और 3.75 लाख करोड़ रुपये के व्यापार होने का अनुमान भी लगाया गया था।

दिल्ली स्थित कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि, “अकेले दिल्ली में इस सीजन में 4 लाख से अधिक शादियां होने की उम्मीद है, जिससे लगभग 1.25 लाख करोड़ रुपये का कारोबार होने की संभावना है। इस सीजन के दौरान लगभग 7 लाख शादियां 15 लाख रुपये के खर्च, 5 लाख रुपये के खर्च के, 8 लाख शादियाँ 6 लाख रुपये के खर्च, 10 लाख शादियां 10 लाख रुपये के खर्च, 7 लाख शादियां 15 लाख रुपये के खर्च, 5 लाख शादियां 25 लाख रुपये के खर्च, 50 हजार शादियां 50 लाख के खर्च एवं 50 हजार शादियां 1 करोड़ रूपये या उससे अधिक के खर्च के साथ होने की उम्मीद है।”

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतियां ने कहा कि, “एक विवाह में आम तौर पर 50 प्रतिशत व्यय समान की खरीद पर और 50 प्रतिशत सेवाओं की खरीद पर किया जाता है। एक नजर में माल क्षेत्र में व्यापार का अनुमानित प्रतिशत कपड़ा, साड़ी, लहंगा और गारमेंट्स में 10 प्रतिशत, आभूषण में 15 प्रतिशत, इलेक्ट्रॉनिक्स और उपभोक्ता वस्तुओं में 5 प्रतिशत में ड्राई फ्रूट, फलों मिठाई और नमकीन में 5 प्रतिशत, खाद्यान्न, किराना और सब्जियों में 5 प्रतिशत, उपहार वस्तुओं में 4 प्रतिशत, और बाकी 6 प्रतिशत अन्य विविध वस्तुओं में व्यापार की संभावना है।”

भरतियां ने आगे कहा कि, “जहां तक सेवा क्षेत्र का सवाल है, अनुमान के अनुसार मेबैंक्वेट हॉल, होटल और अन्य विवाह लस्थलों पर 5 प्रतिशत, इवेंट मैनेजमेंट पर 5 प्रतिशत, टेंट सजावट पर 12 प्रतिशत, खानपान सेवाओं पर 10 प्रतिशत, फूलों की सजावट पर 4 प्रतिशत, 3 प्रतिशत ट्रैवल एवं कैब सेवाओं पर, फोटो और वीडियो शूट पर 2 प्रतिशत, ऑर्केस्ट्रा, बैंड इत्यादि पर 3 प्रतिशत और साउंड पर 3 प्रतिशत के खर्च के जरिए व्यापार का आंकड़ा माना गया है।”

उन्होने आगे कहा कि, “शादी के सीजन के बाद, क्रिसमस और नए साल की बिक्री होगी और इसके बाद 14 जनवरी संक्रांति के दिन से शादी के सीजन का एक और चरण शुरू होगा।”

बता दें, दिवाली त्योहारी सीजन में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री होने के बाद देश का व्यापारिक समुदाय देश में 23 नवंबर से शुरू होने वाले आगामी शादी के सीजन में उपभोक्ताओं की मांग को पूरा करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। कैट द्वारा विभिन्न राज्यों के 30 विभिन्न शहरों, जिन्हें प्रमुख वितरण केंद्र के रूप में जाना जाता है के प्रमुख व्यापारी संगठनों तथा वस्तुओं और सेवाओं दोनों में विभिन्न स्टेकहोल्डर्स से बात करने के बाद यह अनुमान लगाया गया है कि देश भर में शादियों के इस सीजन में लगभग 38 लाख शादियां होने की संभावना है तथा लोगों द्वारा शादी की खरीदारी और शादी हेतु विभिन्न सेवाएं प्राप्त करने के माध्यम से लगभग 4.74 लाख करोड़ रुपये का बड़ा व्यापार होने का अनुमान लगाया है।