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संसद सुरक्षा चूक के बाद सीआईएसएफ के हवाले की जाएगी संसद की सुरक्षा!

हाल ही में हुई संसद भवन सुरक्षा में चूक का मुद्दा गरमाता जा रहा है। इसी बीच संसद भवन परिसर सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंपने का फैसला किया है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है।

सीआईएसएफ केंद्र सरकार के मंत्रालयों की सुरक्षा करती है। इसी के चलते सीआईएसएफ की सरकारी भवन सुरक्षा (जीबीएस) के विशेषज्ञ और वर्तमान संसद सुरक्षा टीम के अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ के फायर ब्रिगेड और बचाव अधिकारी जल्द ही सर्वे शुरू करेंगे।

बता दें, सीआईएसएफ एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है जो कि वर्तमान में परमाणु और एयरोस्पेस डोमेन के अंतर्गत प्रतिष्ठानों, असैन्य हवाई अड्डों और दिल्ली मेट्रो के अलावा राष्ट्रीय राजधानी में कई केंद्रीय मंत्रालयों के भवनों की सुरक्षा करता है।

आपको बता दें, संसद भवन पर 13 दिसंबर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया था। इस घटना में दो अज्ञात व्यक्ति शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए साथ ही केन से पीला धुंआ छोड़ते हुए नारे लगाने लगे। और जिस समय यह दोनों व्यक्ति लोकसभा में घटना को अंजाम दे रहे थे ठीक उसी समय दो अन्य व्यक्ति संसद भवन के बाहर नारे लगाते हुए केन से रंगीन धुआं छोड़ा। हालांकि इन सभी को पकड़ लिया गया है और पूछताछ जारी है।

संसद से विजय चौक तक विपक्षी सांसदों ने निकाला विरोध मार्च, शुक्रवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर करेंगे प्रदर्शन

संसद के शीतकालीन सत्र से विपक्ष के 143 सांसदों को संसद से निलंबित कर दिया गया है और इसी के चलते मोदी सरकार विपक्षी सांसद मोदी सरकार का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि विपक्षी सांसदों का निलंबन आलोकतांत्रिक है।

विपक्षी सांसदों ने गुरुवार को एलओपी मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में संसद भवन से विजय चौक तक विरोध मार्च निकाला है। इस मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत विपक्ष के तमाम दलों के सांसद शामिल हुए। सभी सांसदों ने अपने हाथों में बड़ा बैनर पकड़ा हुआ था साथ ही तख्तिया भी पकड़ी हुई थी।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सत्तारूढ़ भाजपा पर लोकतंत्र में विश्वास न रखने का आरोप लगाया और कहा कि जिससे कल लगभग दो-तिहाई विपक्ष के सत्ता से बाहर होने के बाद भारत के आपराधिक कानूनों की जगह लेने वाले तीन विधेयक पारित किए।

मार्च निकालने के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए कांग्रेस अध्य़क्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, “सरकार नहीं चाहती कि सदन चले। राज्यसभा अध्यक्ष ने मुद्दा उठाकर संसद में जातिवाद लाया। हम संसद सुरक्षा उल्लंघन का मुद्दा उठाना चाहते थे। ऐसा क्यों हुआ और कौन जिम्मेदार है? पीएम मोदी, गृह मंत्री को सुरक्षा उल्लंघन पर सदन में बोलना चाहिए था। पीएम ने कहीं और बात की लेकिन लोकसभा, राज्यसभा में नहीं आए। हम लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा अध्यक्ष से बार-बार अनुरोध कर रहे हैं कि वे हमें सुरक्षा उल्लंघन पर बोलने की अनुमति दें। सत्तारूढ़ दल के सांसद कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं। सांसदों के निलंबन के खिलाफ इंडिया गठबंधन के नेता शुक्रवार को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।”

दुनियाभर में एक्स हुआ ठप, कंपनी ने कहा टेक्निकल ग्लिच के चलते आ रही है समस्या

सोशल मीडिया वेबसाइट एक्स (ट्वीटर) गुरुवार को अचानक ही डाउन हो गया। एक्स के डाउन होने के कारण यूजर्स प्लेटफॉर्म पर कोई ट्वीट नहीं दिख रहा है।

एक्स यूजर्स ने गुरुवार की सुबह प्लेटफार्म में समस्या आने की शिकायत करनी शुरू की थी। और इसके बाद एक्स की तरफ से बयान में कहा गया है कि यह समस्या टेक्निकल ग्लिच यानी खामी के कारण है।

एलन मस्क के मालिकाना हक वाले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्लेटफॉर्म पर टेक्निकल ग्लिच के चलते समस्या हो रही है इस मामले पर टीम काम कर रही है।

बता दें, जानकारी के मुताबिक भारत में ही नहीं बल्कि दुनियाभर के यूजर्स एक्स को इस्तेमाल करने में समस्या का सामना कर रहे है। किंतु फिलहाल एक्स की तरफ से आउटेज को लेकर कोई जानकारी सामने नहीं आयी है।

लोकसभा से पारित हुए तीनों क्रिमिनल लॉ बिल, अब राज्यसभा में किया जाएगा पेश

लोकसभा से बुधवार को औपनिवेशिक युग के आपराधिक कानूनों की जगह लेने वाले तीन क्रिमिनल लॉ बिल पास हो गए है अब इन बिलों को राज्यसभा में पेश किया जाना है।

इन तीन बिलों में भारतीय न्याय (द्वितीय) संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा (द्वितीय) संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य (द्वितीय) विधेयक 2023 शामिल है। जिन्हें पिछले सप्ताह लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने पेश किया था।

लोकसभा में बिलों पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि, “तीन आपराधिक कानूनों के स्थानों पर लाए गए विधेयक गुलामी की मानसिकता को मिटाने और औपनिवेशिक कानूनों से मुक्ति दिलाने की नरेंद्र मोदी सरकार की प्रतिबद्धता को दिखाते है।”

सदन में हुई चर्चा पर जवाब देते हुए उन्होंने आगे कहा कि, “व्यक्ति की स्वतंत्रता, मानव के अधिकार और सबके साथ समान व्यवहार रूपी तीन सिद्धांत के आधार पर ये प्रस्तावित कानून लाए गए है। अगर मन इटली का है तो कानून कभी समझ नहीं आएगा, लेकिन अगर मन यहां का है तो समझ आ जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि, “आतंकवाद की व्याख्या अब तक किसी भी कानून में नहीं थी। पहली बार अब मोदी सरकार आतंकवाद की व्याख्या करने जा रही है। मॉब लिंचिंग अपराध है और इस कानून में मॉब लिंचिंग अपराध के लिए फांसी की सजा का प्रावधान किया जा रहा है। नए कानूनों में महिलाओं और बच्चों को प्रभावित करने वाले कानूनों को प्राथमिकता दी गर्इ है, उसके बाद मानव अधिकारों से जुड़े कानूनों और देश की सुरक्षा से संबंधित कानूनों को प्राथमिकता दी गयी है। आजादी के बाद पहली बार अपराध न्याय प्रणाली से जुड़े तीनों कानूनों का मानवीकरण होगा।”

उपराष्ट्रपति मिमिक्री मामले में युवक ने दर्ज कराई शिकायत

संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान कुल 151 विपक्षी सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। इसी के चलते सभी सस्पेंड किए गए सांसद संसद के मकर द्वार पर धरना प्रदर्शन कर रहे थे। उसी बीच तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी ने संसद परिसर में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की मिमिक्री का मामला तूल पकड़ गया।

इस मामले में दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। डिफेंस कॉलोनी थाने में अभिषेक गौतम नाम के एक वकील ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है।

अभिषेक ने अपनी शिकायत में उपराष्ट्रपति धनखड़ के अपमान का दावा कर तृणमूल सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

डीसीपी साउथ ने इस बारे मे जानकारी देते हुए बताया कि संसद में भारत के उपराष्ट्रपति की मानहानि का आरोप लगाते हुए एक वकील ने शिकायत दी है। इसे नर्इ दिल्ली जिले को भेजा जा रहा है और तथ्यों की जांच की जा रही है। 

प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग उत्तर प्रदेश को एक खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में अपना योगदान हेतु तैयार

लखनऊ, 20 दिसम्बर प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग सतही स्तर पर सामाजिक आर्थिक विकास के साथ स्वरोजगार और कौशल विकास के अवसर पैदा करने की अपनी निहित क्षमताओं के आधार पर उत्तर प्रदेश सरकार के निर्धारित रोडमैप के अनुरूप राज्य को वर्ष 2027 तक एक खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान करने के लिये तैयार है।
देश् में प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग क्षेत्र की कम्पनियों की शीर्ष संस्था इंडियन डायरेक्ट सेलिंग एसोसिएशन (आईडीएसए) ने बुधवार को यहां आयोजित एक समारोह में यह घोषणा की। एसोसिएशन ने कहा कि यह उद्योग विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, व्यक्तियों, स्थानीय कारीगरों और छोटे कारोबारियों को बिना बिचौलियों के उपभोक्ताओं से सीधे जुड़ने के लिए एक मंच भी प्रदान करता है जो राज्य सरकार के उक्त लक्ष्य की रूपरेखा के अनुरूप है।
आईडीएसए के अनुसार, वर्ष 2021-22 के आंकड़ों में आधार पर प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग 1926 करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार के साथ उत्तरी राज्यों में लगातार शीर्ष स्थान पर तथा राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के बाद तीसरे सबसे बड़े बाजार के पायदान पर है। उद्योग ने राज्य में 17.1 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार और आजीविका के अवसर प्रदान किये हैं जिनमें 7.5 लाख से अधिक महिलाएं हैं।
आईडीएसए ने कहा कि राज्य में प्रत्यक्ष बिकी कारोबार आठ प्रतिशत से अधिक की सालाना विकास दर से बढ़ रहा है तथा इस आधार पर चालू वित्त वर्ष में इसके 2300 करोड़ रुपये को पार करने जाने के प्रबल आसार हैं। उद्योग जहां करों के माध्यम से राज्य के खजाने में लगभग 290 करोड़ रुपये से अधिक का योगदान करता है वहीं जबकि 19,030 करोड़ रूपये के कुल राष्ट्रीय प्रत्यक्ष बिक्री में इसकी हिस्सेदारी 10% से अधिक है।
समारोह में उपस्थित उत्तर प्रदेश के उपभोक्ता मामलों के विभाग के मंत्री आशीष पटेल ने अपने सम्बोधन में देश और राज्य के विकास में उद्योग के सतत योगदान की सराहना की। उन्होंने उद्योग को राज्य में अपनी उत्पादन इकाईयां और भंडारण सुविधाएं स्थापित करने में अधिकाधिक निवेश के लिए आमंत्रित किया और राज्य सरकार की ओर से इसमें हरसम्भव सहयोग मुहैया कराने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने आईडीएसए को यह भी आश्वासन दिया कि राज्य सरकार उपभोक्ता संरक्षण (प्रत्यक्ष बिक्री) नियम 2021 में परिकल्पित निगरानी समिति के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाएगी।
आईडीएसए के अध्यक्ष विवेक कटोच ने देश में प्रत्यक्ष बिक्री परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुये कहा “उत्तर प्रदेश प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग के लिये प्रमुख और प्राथमिकता वाले बाजारों में से एक है। आठ प्रतिशत से अधिक की विकास दर स्पष्ट रूप से यह दर्शाती है कि राज्य में प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग नये आयाम छूने के लिये तेयार है और इसमें प्रत्यक्ष विक्रेताओं की अथक मेहनत की पुष्टि भी होती है“।

  • उन्होंने कहा कि इस उद्योग ने देश में लगभग 84 लाख लोगों के लिये स्थायी स्वरोजगार और सूक्ष्म उद्यमिता के अवसर प्रदान किये हैं और इसे गत चार वर्षों की अवधि में लगभग 13 प्रतिशत की औसतन सीएजीआर के साथ लगातार और निरंतर विकास किया है। आईडीएसए की 19 सदस्य कम्पनियां गर्व और आत्मविश्वास के साथ उपभोक्ता हितों के साथ राज्य में 17.1 लाख से अधिक प्रत्यक्ष विक्रेताओं के हितों की सफलतापूर्वक रक्षा करने का दावा कर सकती हैं“।
  • श्री कटोच के अनुसार केंद्रीय उपभोक्ता मामले मंत्रालय ने देश में प्रत्यक्ष बिक्री कम्पिनयों के परिचलन पर नियामक स्पष्टता लाने और उपभोक्ताओं के संरक्षण हेतु दिसम्बर 2021 में उपभोक्ता संरक्षण (प्रत्यक्ष बिक्री) नियम 2021 अधिसूचित किये हैं। अब तक आठ राज्यों में इन नियमों में निहित प्रावधानों के अनुपालन में निगरानी समितियां (मॉनिटरिंग कमेटी) गठित की जा चुकी हैं तथा उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य भी इसका अनुसरण करने की प्रक्रिया में हैं।
  • इस अवसर पर प्रत्यक्ष बिक्री उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली लगभग 20 महिला उद्मियों को भी सम्मानित किया गया।
  • कार्यक्रम में आईडीएसए की कोषाध्यक्ष अपराजिता सरकार, वूमैन शाईन की संस्थापक अपर्णा मि्श्रा तथा अन्य गणमान्य अतिथि भी उपस्थित थे।

इंडिया गठबंधन बैठक:  22 दिसंबर को देशव्यापी करेंगे धरना प्रदर्शन, सीट बंटवारे पर 31 दिसंबर से पहले लिया जाएगा बड़ा फैसला

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) की बैठक में लोकसभा चुनाव को लेकर अहम मुद्दो पर बात हुई साथ ही यह भी तय हुआ कि 22 दिसंबर को संसद के दोनों सदनों से निलंबित किए गए 151 सांसदों के पक्ष में सभी दल देशव्यापी धरना प्रदर्शन करेंगे।

राजधानी दिल्ली स्थित अशोका होटल में मंगलवार को इंडिया गठबंधन की चौथी बैठक हुर्इ। इसमें 28 पार्टियों ने हिस्सा लिया और अपने-अपने विचार को गठबंधन के सामने रखा। इस बैठक में पीएम चेहरा, पहली रैली, ईवीएम और अन्य मुद्दों को लेकर अहम चर्चा हुर्इ। साथ ही 2024 लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने पीएम चेहरे को लेकर दलित नेता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का भी प्रस्ताव रखा गया।

सूत्रों के अनुसार, इंडिया गठबंधन की बैठक में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री चेहरे के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नाम का प्रस्ताव दिया और उनके इस प्रस्ताव का समर्थन दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) नेता अरविंद केजरीवाल ने किया। किंतु मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रस्ताव पर विनम्रता से कहा कि हम सभी के लिए पहले लोकसभा चुनाव जीतना महत्वपूर्ण है। और वे किसी पद की लालसा नहीं करते।

बता दें, इंडिया गठबंधन की औपचारिक बैठक शुरू होने से पहले कई पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने अलग से आपस में बातचीत की इनमें- राहुल गांधी, लालू यादव, राघव चड्डा, ममता बनर्जी, सटालिन, सीताराम येचुरी शामिल रहें।

इंडिया गठबंधन के राजनीतिक दलों के बीच सीट शेयरिंग की शुरुआत कल से होगी। सीट शेयरिंग के लिए तीन हफ्ते का समय निर्धारित किया गया है। दिसंबर के अंत तक सीट शेयरिंग को पूरा कर लिया जाना है। सीट शेयरिंग पहले प्रदेश स्पेसिफिक होगा और यदि इसमें कोई आती है तो पार्टी के बड़े नेता इसमें बात करेंगे।  

बैठक में ईवीएम का मुद्दा भी उठा और इस मुद्दे पर पहले भी इंडिया गठबंधन के नेता चुनाव आयोग को अपनी शिकायत दर्ज करा चुके है। ईवीएम को लेकर आज की इस बैठक में इंडिया गठबंधन की बैठक में यह प्रस्ताव सहमति से पास हुआ कि VVPAT  की पर्ची बॉक्स में गिरने की जगह मतदाताओं को ही सौंपी जाए।

बैठक में शामिल होने के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, “आज की इस बैठक में 28 पार्टियों के लोग शामिल हुए। हम लोग 8 से 10 बैठक पूरे देश में करेंगे। सांसदों के निलंबन पर 22 दिसंबर को पूरे देश में हम प्रदर्शन करेंगे। सीट बंटवारे पर प्रदेशों में हम समझौता करेंगे। जहां नहीं बनेगा वहां बड़े नेता आपस में बैठकर रास्ता निकालेंगे।”

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि, “प्रधानमंत्री कौन होगा इसका फैसला हम जीतने के बाद ही करेंगे। हमारा पहला काम चुनाव जीतना है, इसके बाद हम तय करेंगे कि पीएम कौन होगा। लोकसभा में पूरा आंकड़ा आने के बाद ही हम पीएम फेस को लेकर कोई फैसला करेंगे। इसके साथ-साथ बैठक में सीट बंटवारे को लेकर भी चर्चा हुई और इस पर 31 दिसंबर तक कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।”

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि, “हम बस गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में आने और संसद की सुरक्षा में हुई चूक के बारे में विस्तार से बात करने के लिए कह रहे है। बीजेपी के दोनों ही नेता इस पर सहमत नहीं हुए हैं। हम घटना के बाद से ही बोल रहे हैं कि गृहमंत्री और प्रधानमंत्री को बयान देना चाहिए लेकिन वो नहीं माने। पीएम मोदी संसद सत्र के दौरान गुजरात में उद्घाटन करने जा सकते  हैं, रैलियां कर सकते हैं लेकिन संसद में नहीं बोल सकते हैं। केंद्र सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। एक साथ इतने सांसदों के निलंबन की हम निंदा करते हैं।”

अभी बीजेपी सांसदों की संख्या से इस हॉल का ढाई ब्लॉक भरता है लेकिन 2024 के बाद यह पूरा भर जाएगा- पीएम मोदी

भाजपा संसदीय दल की बैठक मंगलवार को हुई। इस बैठक के बाद बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने बताया कि, “पीएम मोदी ने कहा है कि 2023 की आज अंतिम संसदीय दल की बैठक है। अभी बीजेपी सांसदों की संख्या से इस हॉल का ढाई ब्लॉक भरता है लेकिन 2024 के बाद यह पूरा भर जाएगा। 2024 में विपक्ष की संख्या कितनी होगी यह बताने की जरूरत नहीं है।”

पीएम मोदी के बयान का जिक्र करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि घमंडिया गठबंधन का एकमात्र लक्ष्य मोदी को हटाना है। जबकि हमारा लक्ष्य देश को विकसित बनाना है। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा उद्देश्य भारत का भविष्य उज्जवल करना है। पीएम मोदी ने संसद में विपक्ष के रवैये पर पीड़ा जाहिर की और कहा कि मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में हार के चलते विपक्ष की हताशा और खीझ बढ़ी है।

संसद की सुरक्षा चूक मामले का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि, जिन युवकों ने सुरक्षा में सेंधमारी की है उसे विपक्ष प्रत्यक्ष या परोक्ष तौर पर समर्थन दे रहा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा लगता है कि विपक्ष ने यह तय कर लिया है कि उनको यहीं और इससे पीछे रहना है।

रविशंकर ने बताया कि, मोदी जी ने कहा कि विपक्ष का लक्ष्य उनकी सरकार को उखाड़ फेंकना है, लेकिन उनकी सरकार का लक्ष्य देश का उज्जवल भविष्य सुनिश्चित करना है। उन्होंने भाजपा सांसदों को संसद सत्र के बाद सीमावर्ती गांवों का दौरा करने की भी सलाह दी है।

संसद भवन परिसर में गांधी प्रतिमा के सामने विपक्षी सांसदों का शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन

लोकसभा में मंगलवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने तख्तियां लहराईं वहीं स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि यह मर्यादित आचरण नहीं है, संसद की गरिमा को सभी को बनाए रखना होगा। इसी के साथ सदन की कार्यवाही को 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

मंगलवार को निलंबित विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर सरकार के खिलाफ विरध प्रदर्शन किया। वहीं संसद से सांसदों के निलंबन और संसद सुरक्षा चूक की घटना को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार समेत तमाम विपक्षी सांसदों ने गांधी प्रतिमा के सामने शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन किया।

बता दें, संसद का सत्र शुरू होने से पहले सभी विपक्षी पार्टियों के सभी फ्लोर लीडर्स कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के ऑफिस में मिले और आगे की रणनीति पर चर्चा की।

विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों के कुल 92 सांसदों को संसद के शीतकालीन सत्र से निलंबित कर दिया गया है। इसमें लोकसभा और राज्यसभा के सांसद शामिल है।

लोकसभा और राज्यसभा में सुरक्षा चूक को लेकर हंगामा करने पर 92 सांसद हुए सस्पेंड

संसद के शीतकालीन सत्र में सुरक्षा चूक को लेकर चर्चा की मांग कर रहे विपक्षी सांसदो पर कार्यवाही में 92 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। पहले लोकसभा से 33 विपक्षी सांसदों को निलंबित किया गया उसके बाद राज्यसभा से 45 सांसदों को सस्पेंड कर दिया गया है। इससे पहले 14 सांसदों को निलंबित किया गया था। 3 सांसदों का मामला प्रिविलेज कमिटी को भेज दिया गया है। ये सभी सांसद सुरक्षा में हुई चूक पर गृहमंत्री अमित शाह के वक्तव्य की माँग कर रहे थे।  

सस्पेंड किए गए 31 निलंबित सांसदों के नाम – कल्याण बनर्जी, ए राजा, दयानिधि मारन, अपरूप पोदार, प्रसून बनर्जी, ईटी मोहमद बशीर, जी सेल्वल्म, अन्नादुरई, टी सुमति, अधीर रंजन चौधरी, के नावस्कमी, के रविरस्वामी, प्रेम चंद्रन, शताब्दी रॉय, सौगात रॉय, असीथ कुमार, कौशलेंद्र कुमार, एंटो एंटोनी, पल्ली मणिकम, प्रतिभा मंडल, काकोली घोष, सुनील मंडल, के मुरली धारन, अमर सिंह, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला और केसी वेणुगोपाल, मनोज कुमार झा इत्यादि शामिल है।