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बच्चा चोरी कर बेचने वाले गिरोह के पांच महिला और एक पुरुष गिरफ्तार

झारखंड: पूर्वी सिंहभूम जिला स्थित जमशेदपुर में रेल पुलिस ने टाटानगर स्टेशन से नौ माह की बच्ची अपहरण के मामले में पांच महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार कर लिया है। इस चौंकाने भरे मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी से एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो बच्चों को अपहरण करके उन्हें बेचता था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।*

रेल एसपी ऋषभ झा ने बताया कि इस मामले में गिरफ्तार हुए आरोपियों का समूह सरायकेला के गम्हरिया और जमशेदपुर के बागबेड़ा व आसपास के हैं। इस मामले में शामिल आरोपियों में सविता हेंब्रम, रानी कंडियम, मंजू साव, मीना देवी, अंजू साव और रंजीत साव शामिल हैं।

मामले की जानकारी के अनुसार, पुलिस ने बच्ची को 19 दिसंबर को ही गम्हरिया के निर्मल पथ में रहने वाली सविता हेंब्रम के पास से बरामद किया था। इसके बाद होने वाली पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में और भी दो लोग शामिल हैं जो फरार हैं, और उनकी गिरफ्तारी के लिए छापामारी की जा रही है।

*आरोपियों का गिरफ्तार होना इस घटना को एक और संदेहपूर्ण मोड़ देता है, जो समाज में सुरक्षा के सवालों को उठाता है और इस तरह की अपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कठिन से कठिन कार्रवाई की आवश्यकता को दिखाता है।

ट्रक कार पर पलटी,दब कर चार की मौत,दो घायल

मध्य प्रदेश: गुना में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया।यहां कार को टक्कर मारने के बाद रद्दी से भरा ट्रक कार पर ही पलट गया, जिससे कार में सवार चार लोगों की मौत हो गई। साथ ही दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।मृतकों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। हादसा गुना में बायपास पर ढाबे पास हुआ है।
बता दें राजगढ़ जिले के सारंगपुर के तारागंज का परिवार भिंड जिले के लहार में गृह प्रवेश समारोह में शामिल होने के लिए जा रहा था। परिवार के सदस्य सुबह 4 बजे भिंड जिले के लहार के लिए रवाना हुए थे।इसके बाद सुबह 7.30 बजे गुना बायपास पर एक जेसीबी क्रॉस कर रही थी, इस वजह से ड्राइवर ने कार रोड से नीचे उतारकर खड़ी कर दी।जेसीबी क्रॉस हो जाने पर ड्राइवर ने कार को जैसे ही सड़क पर चढ़ाया, तभी पीछे से आ रहा रद्दी से भरा ट्रक टकराकर कार पर ही पलट गया।कैंट टीआई पंकज त्यागी के अनुसार इस हादसे में रामप्रकाश, जय देवी, राशनी और गीता की मौत हो गई। वहीं भाई-बहन सुमित और राखी घायल हैं।घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बाकि के दो लेागों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से भिंड जिले के लहार का रहने वाला है। इनमें से एक राजगढ़ जिले के सारंगपुर में सरकारी नौकरी करते थे, इस वजह से यह परिवार सारंगपुर में रहने लगा था।कार चला रहे सुमित के अनुसार जेसीबी क्रॉस होने के बाद कार को वापस रोड पर लेकर आ रहा था, तभी पीछे से आ रहा ट्रक टकराया।ट्रक ड्राइवर ने न तो हार्न बजाया न ही उसने ब्रेक लगाई।गलत साइड से आते हुए ट्रक ड्राइवर ने कार में टक्कर मार दी बाद में ट्रक कार पर ही पलट गया।

मध्यप्रदेश में कुल 28 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई

मध्य प्रदेश: सोमवार को मोहन यादव सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ। कुल 28 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। 18 नेताओं को कैबिनेट मंत्री में शामिल किया गया। 6 नेताओं को राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया। वहीं 4 नेताओं को राज्य मंत्री की शपथ दिलाई गई।

इन नेताओं को बनाया गया राज्यमंत्री
राधा सिंह,प्रतिमा बागरी,दिलीप अहिरवार,नरेन्द्र शिवाजी पटेल।

PM मोदी के पसंदीदा हैं प्रहलाद सिंह पटेल
प्रहलाद सिंह पटेल को डॉ. मोहन यादव की सरकार में अहम जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। प्रहलाद सिंह पटेल एक जमीनी नेता होने के साथ-साथ संघ के करीबी भी रहे हैं। इसके साथ ही प्रहलाद सिंह पटेल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के करीबी होने के साथ-साथ पसंदीदा भी हैं।

इन नेताओं को बनाया गया राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)
कृष्णा गौर,धर्मेंद्र लोधी,दिलीप जायसवाल,गौतम टेटवाल,लखन पटेल,नारायण सिंह पवार।

इन 18 नेताओं ने ली कैबिनेट मंत्री पद की शपथ…
कैलाश विजयवर्गीय,प्रहलाद सिंह पटेल,राकेश सिंह,करण सिंह वर्मा,राव उदय प्रताप सिंह,विजय शाह,संपतिया उइके,तुलसीराम सिलावट,एंदल सिंह कंसाना,निर्मला भूरिया,गोविंद सिंह राजपूत,विश्वास सारंग,नागर सिंह चौहान,नारायण सिंह कुशवाह,प्रद्युमन सिंह तोमर,राकेश शुक्ला,चेतन काश्यप,इंदर सिंह परमार।

बंगाल में एलपीजी गैस रिसाव की चपेट में आने से दो लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल: वर्दवान जिले के दुर्गापुर में सोमवार की सुबह बड़ा हादसा हुआ है। एक मिठाई की दुकान के स्टोर रूम में एलपीजी गैस रिसाव की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई है। वहीं छह अन्य को गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बारे में बताया जा रहा है कि रसोई गैस सिलेंडर से गैस रिसाव के कारण हादसा हुआ है। रसोई गैस सिलिंडर दुकान के स्टोर रूम में रखा हुआ था। जहां कई कारीगर सो रहे थे। सोमवार की सुबह दो कारीगरों के शव बरामद किये गए जबकि छह अन्य को गंभीर परिस्थितियों में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक घटना की जानकारी दुकान के एक कारीगर ने ही मालिक मिलन मंडल को दी। दुकान के गोदाम में आठ कारीगर सो रहे थे। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान मालिक मौके पर पहुंचे। उन्होंने पाया कि स्टोर रूम का दरवाज़ा अंदर से बंद है। बार-बार दरवाजा पीटने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हो रही है। इसके बाद मालिक ने अपने सहयोगियों की मदद से दरवाजा तोड़ा और पुलिस को सूचित किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला है कि कम हवादार स्टोर रूम में गैस रिसाव दुर्घटना की वजह बनी।

इस घटना में 21 वर्षीय बिधान मंडल और 22 वर्षीय अतनु रुइदास की मौत हो गई है। सभी पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के बेलियाटोर के रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक हादसा रविवार देर रात और सोमवार सुबह के बीच हुआ है। छह घायल लोगों को दुर्गापुर के शोभापुर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा दुर्गापुर के बिज़ोन में विलियम कैरी मोर के सामने की मिठाई की दुकान में हुआ है। घायल छह लोगों में से दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।

हिजाब पहनने पर लगे प्रतिबंध को हटाने पर भाजपा का आरोप

“कर्नाटक: हिजाब पहनने पर लगे प्रतिबंध हटाने के निर्णय ने राज्य में राजनीतिक हलचल मचा दी है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हाल ही में स्कूलों में हिजाब पहनने पर लगे प्रतिबंध को उठाने का ऐलान किया था, जिसके परंपरागत उत्तर में भाजपा ने सरकार को धार्मिक आधार पर युवाओं को बांटने का आरोप लगाया है।

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी वाई विजयेंद्र ने सोशल मीडिया पर एक्सप्रेस करते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री का फैसला शैक्षणिक स्थलों की ‘धर्मनिरपेक्ष प्रकृति’ के बारे में चिंता पैदा करता है और यह सरकार धार्मिक प्रभाव को बढ़ावा दे रही है। उनका कहना है कि इस निर्णय से युवा पीढ़ी को धार्मिक आधार पर बांटने का मौका मिलेगा, जिससे समावेशी शिक्षा के माहौल में बाधा उत्पन्न हो सकती है।

कर्नाटक के विधायक ने भी इस मुद्दे पर अपनी राय दी है और कहा है कि शिक्षण संस्थानों में धार्मिक पोशाक की अनुमति देकर सिद्धरमैया सरकार धार्मिक आधार पर युवाओं के दिमाग को बांटने को बढ़ावा दे रही है। इससे समाज में विभाजनकारी प्रथाएं बढ़ सकती हैं और एक सहिष्णुता की भावना को कमजोर किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का कहना है कि उनका निर्णय यहां तक है कि हर विद्यार्थिनी को अपनी पसंद के अनुसार विशेषज्ञता चयन करने का अधिकार है और वे किसी भी प्रकार के पहनावे या आचार-विचार की बाधा महसूस न करें। सिद्धारमैया ने यह भी कहा है कि ऐसा कोई निर्णय नहीं हो सकता जिससे किसी का धर्म या सामाजिक स्थिति उसे उचित सुरक्षा ना दे।

इस परंपरागत निर्णय का असर राज्य में देखा गया है और यह चर्चा का केंद्र बन गया है कि क्या हिजाब पहनने की परंपरा को स्कूलों में बरकरार रखा जाए या उसे निरस्त किया जाए। यह मुद्दा समाज में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की तरफ से लिए गए सकारात्मक कदम के बारे में एक विवाद को भी उत्पन्न कर रहा है।”

गुजरात के शिक्षा मंत्री ने सरकारी स्कूलों में भगवत गीता को शामिल करने का ऐलान किया

गुजरात : अब गुजरात में छात्रों को भगवत गीता का पाठ पढ़ाया जाएगा।इस संबंध में शिक्षा मंत्री, जीतू वघानी, ने जून 2022 से राज्य के सरकारी स्कूलों में भगवत गीता के मूल्यों और सिद्धांतों को पाठ्यक्रम में शामिल करने का ऐलान किया है। मंत्री वघानी ने कहा कि इसका उद्देश्य स्कूली छात्रों को गीता और उसके श्लोकों की समझ बढ़ाना है। इस पहल के अनुसार, कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों को भगवत गीता के मूल्यों से परिचित कराया जाएगा।

गुरुवार को राज्य विधानसभा में बोलते हुए, वघानी ने बताया कि भगवत गीता का परिचय कहानी सुनाने और पाठ के रूप में किया जाएगा। इसके अलावा, कक्षा 9 से 12 के छात्रों को मानवतावाद, समानता, कर्म योग, और नेतृत्व की अवधारणाएं सिखाई जाएगी। सरकारी संकल्प के अनुसार, इसमें वाद-विवाद, निबंध लेखन, नाटक, चित्रकला, और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी शामिल होंगी। इस नए पहलुओं के माध्यम से, छात्रों को गीता के मूल्यों को समझने और उन्हें अपने जीवन में अमल में लाने का मौका मिलेगा।

नक्सलियों ने रेल पटरी उड़ाई, हावड़ा-मुंबई रूट पर ट्रेनों का परिचालन ठप

झारखंड : माओवादी संगठन भाकपा माओवादी ने 22 दिसंबर को भारत बंद का आह्वान किया और बंद की पहली घड़ी में हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग को निशाना बनाया। नक्सलियों ने पश्चिम सिंहभूम जिला स्थित चाईबासा क्षेत्र में रेल पटरी उड़ा दी, जिससे हावड़ा-मुंबई रूट पर ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। घटना के बाद रेलवे सेवाओं को प्रभावित करते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल ने ट्रेनों को रोक दिया।

माओवादियों ने गोइलकेरा और पोसैता स्टेशनों के बीच बम विस्फोट कर रेल पटरी उड़ा दी, जिसके बाद स्थानीय स्तर पर ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। चक्रधरपुर रेल मंडल ने एहतियात के तौर पर ट्रेनों का परिचालन रोका और सुरक्षा जाँच की जा रही है। मामले की जांच के दौरान स्थानीय रेलवे अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे हैं।*

*घटना के पीछे भाकपा माओवादी का हाथ है, और इसका सीधा असर हावड़ा-मुंबई मुख्य रेलमार्ग पर हुआ है। इसके बाद रेलवे ने सुरक्षा की मजबूती बढ़ाने का आलान किया है, ताकि इस तरह की घटनाएं रोकी जा सकें।

बजरंग पूनिया ने पद्मश्री अवॉर्ड लौटाने का फैसला

नई दिल्ली : भारतीय रेसलर साक्षी मलिक के संन्यास के बाद, पहलवान बजरंग पूनिया ने एक महत्वपूर्ण निर्णय पर कदम उठाया है। उन्होंने अपना पद्मश्री अवॉर्ड प्रधानमंत्री के सामने लौटाने का ऐलान किया है। बजरंग पूनिया ने एक्स पर प्रधानमंत्री के नाम एक पोस्ट करते हुए इस निर्णय की घोषणा की, जिसमें उन्होंने अपने आंदोलन के पीछे के कारणों को भी साझा किया।

बजरंग ने बताया कि पहलवानों ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ आंदोलन किया, लेकिन उनकी मांगों का कोई नतीजा नहीं निकला। उन्होंने अपने समर्थनकर्ताओं और अन्य पहलवानों के साथ मिलकर इस मुद्दे पर कोर्ट में गया और एफआईआर दर्ज करवाने का निर्णय लिया। इसके अलावा, उन्होंने यौन शोषण का आरोपी सरेआम दोबारा कुश्ती का प्रबंधन करने पर भी आपत्ति जताई।

बजरंग पूनिया ने इस निर्णय को जारी करते हुए कहा, “इस समय मैं अपने पद्मश्री अवॉर्ड को प्रधानमंत्री जी को वापस लौटा रहा हूं। हमने सड़कों पर आंदोलन किया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई, तो हमें कोर्ट जाना पड़ा।”
उन्होंने यह भी बताया कि गृहमंत्री और दूसरे मंत्रियों से मुलाकात हुई, जिन्होंने उन्हें न्याय में समर्थन देने का आश्वासन दिया। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और माना कि कुश्ती संघ का हल सरकार करेगी।

बजरंग पूनिया ने इस समय की घड़ी में अपनी सभी पुरस्कारों को वापस लौटाने का निर्णय किया है और कहा है कि उन्हें सम्मानित पहलवान कहकर कुछ नहीं हो पा रहा है, और महिला पहलवानों के यौन शोषण के मामले में न्याय नहीं हो रहा है।

कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आईसीएमआर ने जारी की एडवाइजरी

कोविड-19 के मामले देश में फिर एक बार बढ़ने लगे है। देश में कोरोना के एक्टिव मामलों की संख्या 2600 से ज्यादा हो गई है। इनमें से 2000 केस केरल के हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (आईसीएमआर) ने कोरोना के नए सब-वेरिएंट JN. 1 को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि कई देशों को इससे सांस संबंधी परेशानी लोगों को हो सकती है। यहीं नहीं इस सब-वैरिएंट ने कोरोना को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं और एडवाइजरी का दौर भी लौट आया है।

कर्नाटक सरकार ने मास्क लगाने की सलाह दी है। आईसीएमआर ने नई गाइडलाइन जारी कर कहा कि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण पाए जाएं वे तुरंत अलग हो जाएं और आइसोलेशन में रहें।

आईसीएमआर ने आगे कहा कि, कोरोना के लक्षण वाले 60 साल से अधिक आयु के लोगों की पहले टेस्टिंग की जाए। वहीं डायबिटीज, हाइपरटेंशन, लंग्स और किडनी की बीमारी के शिकार और मोटापे से पीड़ित लोगों को भी लक्षण पाए जाने पर तत्काल टेस्टिंग की सलाह दी जाती है।

एडवाइजरी मे आगे कहा गया है कि खांसी, बुखार, गले में खराश, स्वाद और महक न आना, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लें और टेस्ट कराएं। गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को टेस्टिंग में 

संसद सुरक्षा चूक के बाद सीआईएसएफ के हवाले की जाएगी संसद की सुरक्षा!

हाल ही में हुई संसद भवन सुरक्षा में चूक का मुद्दा गरमाता जा रहा है। इसी बीच संसद भवन परिसर सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) को सौंपने का फैसला किया है। यह जानकारी आधिकारिक सूत्रों ने दी है।

सीआईएसएफ केंद्र सरकार के मंत्रालयों की सुरक्षा करती है। इसी के चलते सीआईएसएफ की सरकारी भवन सुरक्षा (जीबीएस) के विशेषज्ञ और वर्तमान संसद सुरक्षा टीम के अधिकारियों के साथ सीआईएसएफ के फायर ब्रिगेड और बचाव अधिकारी जल्द ही सर्वे शुरू करेंगे।

बता दें, सीआईएसएफ एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है जो कि वर्तमान में परमाणु और एयरोस्पेस डोमेन के अंतर्गत प्रतिष्ठानों, असैन्य हवाई अड्डों और दिल्ली मेट्रो के अलावा राष्ट्रीय राजधानी में कई केंद्रीय मंत्रालयों के भवनों की सुरक्षा करता है।

आपको बता दें, संसद भवन पर 13 दिसंबर 2001 में हुए आतंकवादी हमले की बरसी के दिन ही संसद की सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया था। इस घटना में दो अज्ञात व्यक्ति शून्यकाल के दौरान दर्शक दीर्घा से लोकसभा कक्ष में कूद गए साथ ही केन से पीला धुंआ छोड़ते हुए नारे लगाने लगे। और जिस समय यह दोनों व्यक्ति लोकसभा में घटना को अंजाम दे रहे थे ठीक उसी समय दो अन्य व्यक्ति संसद भवन के बाहर नारे लगाते हुए केन से रंगीन धुआं छोड़ा। हालांकि इन सभी को पकड़ लिया गया है और पूछताछ जारी है।