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शान्ति का उपाय

नफ़रतें बोने वालों के पास लोगों को उकसाने के लिए कई हथियार हैं। इन हथियारों में सबसे मारक और तेज़ चलने वाला हथियार है- धर्म। लेकिन नफ़रत की हर आग को बुझाने के लिए सबसे प्रभावी और अच्छा हथियार है- प्यार। प्यार दुनिया में फैली हर तरह की नफ़रतों की वजहों पर एक झटके में पानी फेरने की सामथ्र्य रखता है। वो नफ़रत ही है, जिसके चलते अपने भी दुश्मन बन जाते हैं। लेकिन प्यार की ख़ुशबू विश्व के दो छोरों पर रहने वालों को भी दोस्त, भाई-बहिन अथवा पति-पत्नी के बंधन में बाँध देती है। प्यार ही वह अमृत है, जिसे चखने वाला हर दु:ख को भूल जाता है। प्यार में ही वह ताक़त है, जो नफ़रत करने के सभी बहानों को किनारे लगाते हुए सभी धर्मों, सभी धर्मों के लोगों को इंसानियत की राह दिखाता है और सबको सुरक्षा दे सकता है।

आजकल जब दुनिया के लगभग हर देश में हर धर्म के लोग रहते हैं। ज़्यादातर देशों में कई-कई देशों के लोग रहते हैं। इतने पर भी हमारे बीच इतनी नफ़रतें, मार-काट और तबाही की साज़िशें हम इंसानों के साथ-साथ इंसानियत पर न केवल एक कलंक हैं, बल्कि ईश्वर के बनाये सभी प्राणियों में हमें श्रेष्ठ नहीं, बल्कि निकृष्ट साबित करती हैं। अभी कुछ महीने पहले ही में अफ्रीका के एक देश मोरक्को की मुस्लिम लडक़ी ने भारत लगभग 8,000 किलोमीटर दूर आकर ग्वालियर के एक हिन्दू लडक़े से शादी कर ली। अपना देश छोडऩे वाली युवती के घर वालों ने इस शर्त पर यह रिश्ता स्वीकार कर लिया कि लडक़ी का धर्म परिवर्तन नहीं कराया जाएगा। अब यहाँ देखने वाली बात यह है कि लडक़ी ने भारत के युवक को उसका सनातन धर्म देखते हुए भी अपनाया और लडक़े ने यह जानते हुए लडक़ी को अपनाया कि वह विदेशी भी है और मुस्लिम भी। ये ताक़त प्यार में ही हो सकती है, अन्यथा नफ़रत से तो भाई-भाई भी दुश्मन बन जाते हैं। ज़ाहिर है लडक़ी को सनातन धर्म के पति से कोई समस्या नहीं है। ऐसे ही लडक़ी के मुस्लिम धर्म से लडक़े और उसके घर वालों को कोई आपत्ति नहीं है। कुल मिलाकर अब दोनों एक-दूसरे और एक-दूसरे के धर्मों की इज़्ज़त करके और एक-दूसरे की संस्कृति का सम्मान करके एक-दूसरे के धर्मों के अनुसार मनाये जाने वाले त्योहारों को भी मिलकर मनाते होंगे और आशा है कि मनाएँगे। सोशल मीडिया के माध्यम से मिला यह जोड़ा धर्मों के नाम पर नफ़रत करने वालों के मुँह पर ज़ोरदार तमाचा है। क्या पूरेविश्व के सभी धर्मों और पंथों के लोग इस तरह मिलकर नहीं रह सकते?

यह तो प्यार करके विवाह करने का एक उदाहरण मात्र है। ऐसा भी हीं है कि अंतर्धर्म में होने वाला यह कोई पहला विवाह है। इससे पहले भी कई ऐसे विवाह हुए हैं। लेकिन इससे लोगों को एकता का वह सन्देश नहीं मिला है, जो सन्देश एक-दूसरे के धर्मों का सम्मान करने से मिलेगा। बिहार के नालंदा ज़िले के मारी गाँव में सनातन धर्मियों का गाँव है। इस गाँव में सन् 1947 के बँटवारे के बाद से एक भी मुस्लिम नहीं रहता। लेकिन यहाँ लगभग 100 साल पुरानी एक मस्जिद आज भी सुरक्षित है। इस मस्जिद की हर रोज़ साफ़-सफ़ाई भी होती है और रेडियो से मस्जिद में पाँचों वक़्त की अज़ान भी लगती है। यह सब सनातन धर्म के लोग ही करते हैं। हैरानी की बात है कि गाँव में किसी भी सनातनधर्मी के घर में विवाह आदि होता है, तो वह मस्जिद में जाकर इबादत करता है। सनातन धर्मियों द्वारा इस मस्जिद को जिस तरह सुरक्षित और इस्लाम की परम्पराओं के मुताबिक रखा हुआ है, वह भारत के उन मुसलमानों के लिए इंसानियत और दूसरे धर्म का सम्मान करने की एक बड़ी मिसाल है, जिससे उन्हें सनातन धर्म के लोगों और उनके धार्मिक स्थलों को नुक़सान न पहुँचाने की सीख है। इसी तरह विश्व में कई इस्लामिक देश हैं, जहाँ कई सनातन धर्म के धार्मिक स्थल सुरक्षित और संरक्षित हैं। पंजाब के महदियां गाँव में 350 साल पुरानी मुगलकालीन मस्जिद की सफ़ाई ग्रंथी करते हैं और नमाज़ अता करने के बाद मुस्लिम यहाँ के गुरुद्वारे में शीश नवाते हैं।

ऐसे ही बरेली शहर के कटरा चाँद खाँ इलाक़े में लक्ष्मी नारायण का मन्दिर है, जो चुन्ना मियाँ का मन्दिर के नाम से प्रसिद्ध है। इस मन्दिर को चुन्ना मियाँ ने ही बनवाया था और आज भी उनका परिवार इस मन्दिर की देख-रेख करता है। कटरा चाँद खाँ जैसे मुस्लिम इलाक़े में बने इस मन्दिर में पूजा, आरती, घंटा, शंख की ध्वनि हर दिन सुबह-शाम गूँजती है और कई मुस्लिम भी पूजा करते हैं। अगर हम मुस्लिम देशों की बात करें, तो पाकिस्‍तान के पंजाब प्रांत के चकवाल ज़िले में महाभारत काल का कटासराज मन्दिर है, जिसकी देखभाल पाकिस्‍तान के पुरातात्विक विशेषज्ञ करते हैं। मलेशिया में भी बहुत सारे मन्दिर हैं, जहाँ मन्दिरों की पूरी देखरेख रहती है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में अल रिग्गा स्ट्रीट से कुछ दूरी पर 200 साल पुराना एक सनातन मन्दिर है। इस मन्दिर के निकट ही एक गुरुद्वारा भी है। का अर्थ यही है कि एक-दूसरे के धर्मों का सम्मान ही एक मात्र शान्ति का उपाय है।

जम्मू के राजौरी में सेना अस्पताल के पास आतंकी वारदात, गोलीबारी में दो की मौत

जम्मू कश्मीर के जम्मू संभाग के राजौरी में सेना के एक अस्पताल में गोलीबारी होने की खबर है। अपुष्ट जानकारी के मुताबिक इस घटना में दो लोगों की जान चली गयी है। यह आतंकी घटना बताई जा रही है।

जानकारी के मुताबिक यह घटना सैन्य अस्पताल के पास शुक्रवार सुबह हुई है। गोलीबारी को लेकर ज्यादा जानकारी नहीं है और यह भी पुष्ट नहीं हुआ है कि इस आतंकी घटना में कितने लोग शामिल थे।

पुलिस, सुरक्षा बल और नागरिक प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुँच गए हैं।
राजौरी में सैन्य अस्पताल के पास गोलियों की आवाज सुनकर सुरक्षा बल अचानक चौकन्ने हो गए।

इसके बाद आतंकियों को घेरने की कोशिश शुरू कर दिए गयी।  यह पुष्टि हुई है कि घटना में दो लोगों की जान चली गयी है। पुलिस, सुरक्षा बल और नागरिक प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए हैं।

जेडीयू-आरजेडी के विलय का कोई प्रस्ताव नहीं, न इसकी कोई भी ज़रुरत, नीतीश बोले

जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रमुख और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के हाल में तेजस्वी यादव के नेतृत्व को लेकर दिए बयान के बाद कयास थे कि कहीं जेडीयू और आरजेडी का विलय तो नहीं हो रहा ! लेकिन नीतीश ने इन कयासों पर विराम लगाते हुए ऐसे होने की संभावना से इनकार किया है। बकौल नीतीश इसकी ज़रुरत नहीं है न ही इस तरह का कोई प्रस्ताव है।

नीतीश कुमार को लेकर हाल के महीनों में कई कयास लगे हैं। हालांकि, उन्होंने  कर ही दिया है कि उनका हर कदम भाजपा को रोकने के लिए है। कांग्रेस में बहुत उच्च स्तर पर यह भी कहा जाता रहा है कि जेडीयू का विलय कांग्रेस में हो सकता है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी दोनों ही नीतीश कुमार के साथ राजनीतिक रिश्ता रखने के इच्छुक रहे हैं।

चार दिन पहले जब नीतीश ने यह कहा था कि भविष्य में बिहार में महागठबंधन का नेतृत्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के हाथ होगा, उसके बाद यह चर्चा भी उठी कि कहीं जेडीयू और आरजेडी का विलय तो नहीं हो। रहा हालांकि, अब खुद नीतीश ने इस संभावना से इनकार कर दिया है।

विलय को लेकर चर्चाओं पर नीतीश कुमार ने विराम लगाते हुए कहा है – ‘राजद और जदयू के विलय की न तो जरूरत है और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव है। हां, 2015 में जरूर इस बात पर मैं गंभीर था, लेकिन अब ऐसा कुछ भी नहीं है।’

हाल के महीनों में नीतीश कुमार अगले आम चुनाव से पहले विपक्षी एकता के लिए भी काम करते दिखे हैं। उनके बारे में यह कहा जाता है कि वे प्रधानमंत्री पद की छह रखते हैं, हालांकि, तीन दिन पहले उन्होंने कहा था कि उनकी ऐसी कोई इच्छा नहीं है।

श्रद्धा मर्डर केस: गुरूग्राम से बरामद हड्डियों का डीएनए सैम्पल श्रद्धा के पिता से हुआ मैच

श्रद्धा मर्डर केस में श्रद्धा के पिता का डीएनए सैंपल से यह साफ हो गया है कि बरामद हड्डियां श्रद्धा की ही थीं। दिल्ली पुलिस ने महरौली और गुरुग्राम के जंगलों से ये हड्डियां बरामद की थीं।

इकट्ठे किए गए सैंपलों को सीएफएसएल भेजा गया था। यह सभी आरोपी आफताब की निशानदेही पर बरामद हुयी थीं। साथ ही दिल्ली पुलिस को आफताब की पॉलीग्राफ टेस्ट की रिपोर्ट भी मिल गर्इ हैं।

आपको बता दें, श्रद्धा वालकर और आरोपी आफताब पूनावाला दिल्ली के छतरपुर में लिवइन रिलेशनशिप में रहते थे। श्रद्धा के पिता ने बताया कि, दिनांक 14.09.2022 को मेरे लड़के श्रीजय विकास वाकर को मेरी लड़की के दोस्त लक्ष्मण नादर ने फोन पर बताया कि श्रद्धा का फोन पिछले करीब दो महीनों से बंद आ रहा है। उसने बताया कि हमारी बातचीत होती रहती थी, लेकिन पिछले दो-ढार्इ महीने से कोई बात नहीं हुई है।

उन्होंने आगे बताया कि मेरी लड़की का फोन नहीं लग रहा था तो मैंने थाना मानिकपुर महाराष्ट्र में केस दर्ज कराया मुझे पुलिस ने बताया कि लापता की इंक्वायरी महाराष्ट्र पुलिस से दिल्ली में भेज दी है पुलिस के अनुसार मेरी लड़की आफताब के साथ दिल्ली के छतरपुर में रहती थी।

छात्रा पर एसिड अटैक के बाद दिल्ली महिला आयोग ने फ्लिपकार्ट-अमेजन को भेजा नोटिस

दिल्ली में एक 17 वर्षीय स्कूली छात्रा पर तेजाब फेंकने वाले आरोपी ने ऑनलाइन शॉपिंग साइट फ्लिपकार्ट से तेजाब मंगवाया था। दिल्ली महिला आयोग ने एसिड की आसान उपलब्धता पर फ्लिपकार्ट और अमेजन को नोटिस भेजा हैं।

बता दें, दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस ने द्वारका इलाके में बुधवार को हुई घटना जिसमें दो बाइक सवार लड़कों ने एक 17 वर्षीय लड़की पर तेजाब फेंकने के मामले को सुलझाते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों आरोपी बालिग हैं। घटना के बाद ही पीड़िता ने दोनों संदिग्धों की पहचान की थी।

लड़की इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गई हैं और फिलहाल दिल्ली के अस्पताल में इलाज चल रहा हैं। लड़की के पिता ने मीडिया से बातचीत कर बताया कि, बेटी की हालत गंभीर हैं। और एसिड बेटी के चेहरे और उसकी आंखों में भी चला गया हैं।

उन्होंने आगे बताया कि, “मेरी दो बेटियां (एक 17 साल की और दूसरी 13 साल की) आज सुबह एक साथ बाहर निकलीं थीं। अचानक बाइक सवार दो लोगों ने मेरी बड़ी बेटी पर तेजाब फेंक दिया और वहां से चले गए। उन्होंने अपना चेहरा ढक रखा था।”

छात्रा पर तेजाब फेकने की योजना 20 वर्षीय सचिन अरोड़ा ने बनाई थी। क्योंकि उसकी सितंबर में लड़की से अनबन हो गई थी। इस योजना में सचिन अरोड़ा की मदद 19 वर्षीय हर्षित अग्रवाल और 22 वर्षीय वीरेंद्र सिंह ने की थी। सचिन और हर्षित ने छात्रा पर तेजाब फेंका था जबकि वीरेंद्र पुलिस को गुमराह करने के लिए सचिन के स्कूटर और मोबाइल फोन को दूसरी जगह ले गया था किंतु पुलिस ने तीनों को 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी प्रीत हुड्डा ने तकनीकी साक्ष्य का हवाला देते हुए कहा कि, सचिन अरोड़ा ने इसे फ्लिपकार्ट से खरीदा और अपने  ई-वॉलेट का उपयोग करके भुगतान किया।  ई-कॉमर्स पोर्टल ने अब तक कोई बयान नहीं दिया हैं।

दिल्ली महिला आयोग की प्रमुख स्वाति मालीवाल ने ट्वीट कर कहा कि, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आयोग की बार-बार की सिफारिशों के बावजूद, एसिड की खुदरा बिक्री पर प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा हैं। बाजार में खुलेआम एसिड बेचा जा रहा हैं। अनियंत्रित रूप से। वास्तव में, एसिड प्राप्त करना उतना ही आसान है, जितना की सब्जियां खरीदना! सरकार! एसिड की खुदरा बिक्री पर प्रतिबंध लगाना चाहिए।”

आपको बता दें, देश में एसिड हमलों में वृद्धि को देखते हुए वर्ष 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने एसिड की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। अदालत ने एसिड बेचने वालों के लिए भी प्रतिबंध लगाए थे। और केवल लाइसेंस प्राप्त दुकानदार ही एसिड बेच सकते हैं, उन्हें इसके लिए पंजीकरण कराना होगा और उनसे एसिड खरीदने वालों का एक रजिस्टर रखना होगा। एसिड खरीदने वालों को कारण और आईडी प्रूफ भी देना होगा।

कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे ने मोदी सरकार पर कंसा तंज कहा- मोदी सरकार की ‘लाल आंख’ पर चीनी चश्मा चढ़ा है

अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारतीय और चीनी फौजों के बीच पिछले सप्ताह हुर्इ झड़प को लेकर संसद में विपक्ष द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर हंगामा चल रहा हैं। इसी हंगामे का जिक्र करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर तंज कसा हैं।

मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्विटर पर लिखा कि, “ऐसा प्रतीत होता है कि मोदी सरकार की ‘लाल आंख’ पर चीनी चश्मा लगा हुआ है…क्या भारतीय संसद में चीन के विरूद्ध बोलने की अनुमति नहीं हैं…?“

इससे पहले बुधवार को राज्यसभा में बोलते हुए उन्होंने कहा  था कि चीन द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के बारे में हम इस सदन में चर्चा चाहते हैं। कांग्रेस द्वारा चर्चा की मांग को स्पीकर द्वारा ठुकराने के बाद कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस सांसदों ने लोकसभा से वॉकआउट किया था।

इसके बाद खड़गे ने उस वक्त ट्वीट कर कहा था कि, “हमें हमारे भारतीय सैनिकों पर बहुत गर्व हैं। पूरा देश एकजुट होकर सेना की बहादुरी की प्रशंसा करता है। हम सभी जानते हैं कि अप्रैल 2020 से लगातार चीन हमारे सीमा के अंदर घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा है। देश की जनता की ओर से हम चीन की घुसपैठ पर संसद में चर्चा चाहते हैं। कभी खबर आती है कि अरुणाचल प्रदेश में गांव बसा लिया। कभी देपसांग में दो सौ शेल्टर बना लिए। चीनी सैनिकों द्वारा वेपन शेल्टर, एंट्री एयरक्राफ्ट गन बनाने की खबरें आ रही हैं। ऐसा क्यों हैं ? ”

भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई झड़प पर चर्चा के लिए विपक्ष में कांग्रेस के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) तथा अन्य कुछ पार्टियां दबाव डालती रही हैं, लेकिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दोनों सदनों में दिए गए बयान के अलावा अभी तक सरकार चर्चा की मांग को ठुकरा ही रही हैं।

आपको बता दें, 7 दिसंबर से संसद का शीतकालीन सत्र जारी हैं। वहीं विपक्षी दल लगातार सदन में अरुणाचल प्रदेश सीमा विवाद का मुद्दा उठा रहे है और उस पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। हालांकि इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन मे बयान दिया है किंतु विपक्षी दल उनके बयान पर संतुष्ट नहीं हैं।

हम कब बनेंगे उद्योगपति?

महाराष्ट्र के नवयुवकों को उद्योग शुरू करने की दिशा में प्रोत्साहित कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किया गया।मुख्यमंत्री रोजगार सृजन स्कीम (सीएमईजीपी) की धज्जियां उड़ती नजर आ रही है। मिली जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में 2019 से लागू इस योजना के लिए बैंकों ने युवाओं के अधिकांश प्रस्तावों को रद्द कर दिया है, दिलचस्प बात यह है कि एक साल पहले आवेदन करने वाले कुछ लोगों को पता ही नहीं है कि उनके आवेदन खारिज कर दिए गए हैं।

राज्य में मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन कार्यक्रम (सीएमईजीपी) 2019 से शुरू किया गया था। इस योजना का उद्देश्य पांच वर्षों में एक लाख से अधिक सूक्ष्म और लघु उद्योगों की स्थापना करना और उसके माध्यम से लगभग दस लाख रोजगार के अवसर प्रदान करना था।

सरकार के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार चालू वर्ष के 40 हजार 975 के कुल 48 हजार 993 और पिछले वर्ष के 8 हजार 18 ऑनलाइन आवेदन बैंकों को भेजे गए, जिसमें से बैंकों ने 3 हजार 722 को मंजूरी दी जबकि 21 हजार 389 को रिजेक्ट कर दिया गया। बैंकों का कहना है कि शेष 23 हजार 882 आवेदनों पर अभी कार्रवाई की जा रही है। स्वीकृत उद्यमियों के लिए अब तक 104. 61 करोड़ आवंटित किए गए हैं।

युवाओं का कहना है कि अब उन्हें इस परियोजना पर विश्वास नहीं रहा है। जिस उत्साह को उन्होंने आत्मनिर्भर बनने की ओर कदम उठाया था वह सब खत्म हो जा रहा है। उनका कहना है कि उन्हें पता नहीं कि उनका लोन कब तक स्वीकृत होगा होगा या नहीं होगा इस मामले में  न तो बैंक और न ही उद्योग विभाग कोई जानकारी दे रहा है। उद्योग विभाग के मंत्री उदय सामंत भी इस मामले में चुप्पी साधे बैठे हैं।

दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ को लेकर केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला करेंगे बैठक

दिल्ली एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ केंद्र सरकार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एयरपोर्ट पहुंचकर कर वहां का जायजा लिया था। और आज केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला इस विषय को लेकर गृह मंत्रालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करेंगे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला की अध्यक्षता में होने वाली बैठक में भीड़ से निपटने के उपायों पर चर्चा होगी ही साथ ही सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में सीआईएसएप के वरिष्ठ अधिकारियों सहित एविएशन सचिव, आईबी के डीजी और एयरपोर्ट प्रशासन से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल रहेंगे।

सोशल मीडिया पर पिछले दिनों दिल्ली एयरपोर्ट पर भारी भीड़ की कर्इ वीडियो व तस्वीरें वायरल हुई थी जिसके बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया 12 दिसंबर को एयरपोर्ट पर निरीक्षण करने पहुंचे थे। एयरपोर्ट की सुरक्षा का जिम्मा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के पास है।

बता दें, एयरपोर्ट पर तैनात सीआईएसएफ पर भी बोझ बढ़ता जा रहा हैं। भारी भीड़ के चलते सीआईएसएफ के कर्मचारी अक्टूबर माह से ही बिना छुट्टी और साप्ताहिक अवकाश के काम कर रहे हैं। भीड़ को देखते हुए सीआईएसएफ पर पड़ रहे अतिरिक्त बोझ के चलते बैठक में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती को लेकर भी निर्णय लिया जा सकता हैं।

बिहार में जहरीली शराब पीने से छपरा में 39 लोगों की मौत, कुछ अस्पताल में भर्ती

शराबबंदी के बावजूद बिहार में अवैध शराब लोगों की जान ले रही है। नवीनतम घटना राज्य के छपरा जिला की है जहाँ जहरीली शराब ने मंगलवार रात 39 लोगों की जान ले ली। कुछ लोग अभी अस्पताल में भर्ती हैं। रिपोर्ट्स में आशंका जाहिर की गयी है कि मरने वालों की तादाद बढ़ सकती है।

घटना छपरा में इसुआपुर थाना क्षेत्र के डोईला गांव की है.जहाँ जहरीली शराब से सात लोगों की मौत हो गयी। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पांच लोगों की जान तो गांव में चली गयी थी और गंभीर हालत में जिन लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया था  उनमे से एक युवक की मौत छपरा सदर अस्पताल में इलाज के वक्त हुई।

लोगों की मौत की खबर तब फ़ैली जब घटना के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गयी। पुलिस और जिला प्रशासन ने हरकत में आते हुए गाँव का दौरा किया। पुलिस ने शव कब्जे में ले लिए हैं। अभी तक की ख़बरों के मुताबिक परिजनों ने मौत का कारण  जहरीली शराब बताया है। हालांकि, पुलिस मामले की अभी छानबीन कर रही है।

बता दें, बिहार विधानसभा में कल शराबबंदी को लेकर जमकर हंगामा हुआ था। और विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने छपरा में जहरीली शराब से हुर्इ मौतों के मद्देनजर राज्य सरकार के शराबबंदी पर सवाल उठाए। फिर राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस दौरान उत्तेजित हो गए और भाजपा सदस्यों को याद दिलाने लगे कि आपने भी इसका समर्थन किया था साथ ही सफल बनाने के लिए शपथ भी ली थी।

 

हम चीन और भारत के बीच सीमा विवाद पर गहरी नजर रखे हुए हैं : अमेरिका ने कहा

भारत और चीन के सैनिकों के बीच अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में 9 दिसंबर को हुई झड़प को लेकर अमेरिका ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि यह अच्छी बात है कि घटना के बाद जल्दी ही दोनों देशों के सैनिक पीछे हट गए। अमेरिका ने कहा कि वह स्थिति पर गहरी नजर रखे हुए है।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा – ‘अमेरिका स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है। दोनों पक्षों को सीमा विवाद पर चर्चा करने के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों के इस्तेमाल करना चाहिए। हमें खुशी है कि दोनों पक्ष झड़प के बाद तुरंत पीछे हट गए।’

जीन-पियरे कि हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और भारत और चीन को सीमा विवाद पर चर्चा के लिए मौजूदा द्विपक्षीय चैनलों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

इस बीच भारत के लड़ाकू विमान अरुणाचल सीमा पर उड़ान भर रहे हैं, ताकि चीन की हरकतों पर नजर रखी जा सके। याद रहे 9 तारीख की घटना में दोनों तरफ के सैनिकों को मामूली चोटें आई थीं। भारतीय सैनिकों ने पीएलए के सैनिकों की घुसपैठ  की कोशिश को मजबूती से नाकाम कर दिया था।

बता दें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल संसद में इस घटना पर बयान में कहा था कि अरुणाचल के तवांग सेक्टर के यांग्त्से क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा का उल्लंघन करने से चीनी सेना को बहादुरी से रोका। हमारा कोई सैनिक शहीद या गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है। हमारी सेना किसी भी अतिक्रमण से निपटने के लिए तैयार है।