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आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन जुड़े ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में

भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बुधवार सुबह कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में हिस्सा लिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सांसद राहुल गांधी के साथ इस यात्रा में उन्होंने शिरकत की।

इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में साझा की गर्इ है। जिसमें साफ देखा जा सकता है कि आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा चलते-चलते बातें कर रहे हैं। भारत जोड़ो यात्रा राजस्थान के सवाई माधोपुर इलाके में चर रही हैं।

आपको बता दें, भारत जोड़ो यात्रा 7 सितंबर 2022 को भारत के दक्षिणी छोर कन्याकुमारी से शुरू हुई और यह देश के उत्तरी केंद्रशासित प्रदेश जम्मू एवं कश्मीर तक जाएगी। इस पूरी यात्रा का मार्गदर्शन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी कर रहे हैं।

इस पूरी यात्रा के तहत लगभग 150 दिन में 3500 किलोमीटर से ज्यादा पैदल चलना होगा। और यह संभवत: अगले वर्ष गणतंत्र दिवस पर समाप्त होगी। अभी तक यह यात्रा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश से तक हो चुकी है और यहां से होते हुए अब राजस्थान पहुंच चुकी हैं। राजस्थान के बाद यह अब हरियाणा में प्रवेश करेगी।

भारत जोड़ो यात्रा में अब तक कई बड़ी-बड़ी हस्तियों ने शिरकत की हैं। फिर चाहे वह फिल्म जगत से हो या कहीं और से। इस यात्रा में कई विपक्षी दलों के जाने-माने राजनेताओं के अतिरिक्त समाजसेवी मेधा पाटकर, स्वयंभू गॉडमैन नामदेव दास त्यागी (इन्हे कम्प्यूटर बाबा के नाम से भी जाना जाता है) साथ ही पेशेवर बॉक्सर विजेंद्र सिंह भी शामिल हो चुके हैं।

मुंबई समेत महाराष्ट्र पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल

महाराष्ट्र सरकार के गृह विभाग ने राज्य पुलिस बल में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के तबादले का आदेश जारी किया है। तबादले का काफी समय इंतजार किया जा रहा थाा।
मुंबई पुलिस बल के चार संयुक्त आयुक्तों का तबादला कर उन्हें कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मीरा भायंदर वसई विरार के पुलिस आयुक्त सदानंद दाते को एटीएस का प्रमुख नियुक्त किया गया है, लखमी गौतम को मुंबई अपराध शाखा का प्रभार दिया गया है, जबकि सत्यनारायण चौधरी को मुंबई में कानून और व्यवस्था का संयुक्त आयुक्त नियुक्त किया गया है। मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त विश्वास नागरे पाटील को भ्रष्टाचार निरोधक विभाग में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर स्थानांतरित किया गया है। मिलिंद भारंबे को नवी मुंबई पुलिस आयुक्त नियुक्त किया गया है।
पुणे के पुलिस आयुक्त अमिताभ गुप्ता को अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था बनाया गया है। पुणे आयुक्त का पद रिक्त रखा गया है। नवी मुंबई के पुलिस आयुक्त बिपिन कुमार सिंह का तबादला कर उनकी जगह मिलिंद भारंबे को नियुक्त किया गया है।
विनय कुमार चौबे को पिंपरी चिंचवड़  पुलिस आयुक्त बनाया गया है। अमरावती की पुलिस कमिश्नर आरती सिंह का भी तबादला कर दिया गया है। मुंबई के यातायात विभाग के संयुक्त पुलिस आयुक्त राजवर्धन सिन्हा का भी तबादला कर दिया गया है और मुंबई के यातायात विभाग की जिम्मेदारी प्रवीण पडवल को दी गई है।

गुजरात के 22 फीसदी विधायकों पर आपराधिक मामले; बीजेपी के जयंतीभाई हैं सबसे अमीर

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि गुजरात में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में जीत कर आये 22 फीसदी विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। इनमें से सबसे ज्यादा जीते भाजपा के 156 में से 26 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 17 विधायक हैं। रिपोर्ट से यह भी जाहिर होता कि गुजरात की विधानसभा इस बार करोड़पति विधायकों से भरी है और कुल 182 चुने गए विधायकों में 151 करोड़पति हैं।

रिपोर्ट में बताया गया है कि चुने गए 22 फीसदी अर्थात 40 विधायकों ने अपने हलफनामे में अपने खिलाफ आपराधिक मामलों की जानकारी भरी है। वैसे 2017 की विधानसभा में 47 विधायक के खिलाफ आपराधिक मामले थे। विधायकों के मुताबिक तीन उम्मीदवारों पर हत्या के प्रयास जबकि एक के खिलाफ भादंसं की धारा 376 के तहत बलात्कार का मामला भी दर्ज है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक 40 में 29 विधायकों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले बताए हैं। यह गंभीर अपराधों में वे मामले शामिल हैं जो गैर-जमानती हैं। इनके तहत अधिकतम पांच या अधिक वर्ष की सजा का प्रावधान है। ऐसे मामलों में मारपीट, हत्या, अपहरण, बलात्कार  जैसे मामले हैं।

चुनाव में जीते 17 कांग्रेस विधायकों में से 14 और भाजपा के 156 विजेताओं में से 132 ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बताई है। भाजपा के विधायकों में प्रति विधायक औसत संपत्ति 17.15 करोड़ रुपये है।

उधर 17 कांग्रेस विजेताओं के लिए संपत्ति का आंकड़ा 5.51 करोड़ रुपये प्रति विधायक है। जीते तीन निर्दलीय और समाजवादी पार्टी के इकलौते विधायक ने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है।

सबसे अमीर विधायक की बात करें तो यह श्रेय भाजपा के जयंतीभाई पटेल को जाता है। उनकी संपत्ति ₹661 करोड़ से अधिक है। भाजपा के सबसे कम संपत्ति वाले विधायक कोंकणी मोहनभाई ढेडाभाई हैं जिनकी कुल संपत्ति 18.56 लाख रुपये है।

महागठबंधन बिहार का अगला चुनाव तेजस्वी के नेतृत्व में लड़ेगा, लक्ष्य भाजपा को हराना: नीतीश

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को ऐलान किया कि राज्य में उनके उत्तराधिकारी तेजस्वी यादव होंगे और अगला चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। नीतीश ने कहा कि उनका भाजपा भाजपा को हारना है और वे न तो प्रधानमंत्री और न ही मुख्यमंत्री पद के उमीदवार बनना चाहते हैं।

विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन महागठबंधन विधानमंडल दल की बैठक में नीतीश कुमार ने तेजस्वी की ओर इशारा करते हुए साफ कहा कि 2025 के विधानसभा चुनाव में तेजस्वी को आगे करना है।

नीतीश ने कहा – ‘ना तो मैं प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार और ना ही मुख्यमंत्री का उम्मीदवार बनना चाहता हूं। मेरा एक ही लक्ष्य है, बीजेपी को हराना। तेजस्वी यादव को आगे बढ़ाना है।’

इस बैठक में नीतीश ने साफ़ तौर पर कहा कि बिहार चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव ही नेता होंगे। नीतीश ने एक तरह से संकेत दिया कि वो (नीतीश) अगले बिहार चुनाव में नेता नहीं रहेंगे। पिछले कल भी नालंदा में एक डेंटल मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन पर भाषण में नीतीश ने दो बार तेजस्वी के संबंध में जो बोला था उससे ये अटकलें और तेज हो गई थीं।

नीतीश कुमार ने राज्य के भविष्य की राजनीति को लेकर कहा – ‘आगे भी जो कुछ काम होगा उसे तेजस्वी यादव पूरा करते रहेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में तेजस्वी यादव ही नेता होंगे।’ नीतीश ने कल ही अपने गृह जिले नालंदा के रहुई में राज्य के सबसे बड़े डेंटल कॉलेज का उद्घाटन किया था।

संसद में विपक्ष के हंगामे के बीच तवांग झड़प पर लोकसभा में बोले रक्षा मंत्री – हमारे किसी भी सैनिक को कोई गंभीर चोट नहीं आई

भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर झड़प की घटना को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज संसद में बयान दिया हैं। राजनाथ सिंह ने लोकसभा में दोपहर 12 बजे बयान दिया।

संसद में विपक्ष ने इस घटना को लेकर काफी हंगामा किया हैं। और लगातार विपक्ष सरकार पर हमलावर हैं। वहीं राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि चीन देश में घुसपैठ कर रहा है और प्रधानमंत्री चुप हैं। वहीं इस विषय पर लोकसभा में रक्षा मंत्री ने बयान दिया हैं।

राजनाथ सिंह ने कहा कि, चीनी सैनिकों ने एलएसी पर यथास्थिति बदलने की कोशिश की। तवांद में चीनी सैनिकों के साथ हमारे सैनिकों की हाथापाई हुई हैं। भारतीय सेना ने बहादुरी से उन्हें अतिक्रमण करने से रोका और उन्हें पोस्ट पर जाने के लिए मजबूर कर दिया। दोनों तरफ से कुछ सैनिकों को चोट भी आई हैं। हमारा कोई सैनिक ना तो शहीद हुआ है और ना ही कोई गंभीर रूप से घायल हुआ है। इस घटना के पश्चात एरिया के लोकल कमांडर ने 11 दिसंबर को चीनी समकक्ष के साथ एक फ्लैग मीटिंग की और इस घटना पर चर्चा की। चीनी पक्ष को इस तरह की हरकत न करने की चेतावनी दी गर्इ।“

आपको बता दें, 9 दिसंबर को तवांग सेक्टर चीनी सैनिकों ने भारतीय पोस्ट पर हमला किया था। और इसके बाद दोनों तरफ की सेनाओं में जमकर झड़प हुर्इ। दोनों ही तरफ के जवान इस झड़प में घायल हुए हैं।

इससे पहले वर्ष 2020 में गलवान घाटी में चीन ने एक ऐसा ही किया था। और इस आमने सामने की लड़ाई में भारत ने चीन के 40 सैनिकों को मार भी गिराया था। वहीं भारत के भी 20 सैनिक उसमें शहीद हुए थे।

तवांग में एलएसी के पास झड़प में दोनों पक्षों के कुछ सैनिक घायल: सेना; कांग्रेस बोली, सरकार बयान दे

तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को भारत और चीन के सैनिकों के बीच झड़प हुई है। भारतीय सेना ने मंगलवार को इस घटना को लेकर कहा कि ‘चीन और भारत के सैनिकों के 9 दिसंबर को हुई इस झड़प में दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए’।
उधर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मसले पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, सीडीएस लेफ्टिनेंट जनरल अनिल चौहान, तीनों सेना प्रमुख, विदेश सचिव और रक्षा सचिव भी शामिल होंगे। उधर कांग्रेस ने इस घटना पर सरकार से बयान की मांग की है।

इस मुद्दे पर आज संसद में हंगामा हो सकता है। कांग्रेस के कई नेता संसद के दोनों सदनों में इस पर चर्चा के लिए स्थगन प्रस्ताव लाने वाले हैं। भारतीय और चीनी सैनिकों की अरुणाचल प्रदेश के तवांग सेक्टर में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) के निकट एक स्थान पर नौ दिसंबर को झड़प हुई थी। भारतीय सेना के मुताबिक इसमें दोनों पक्षों के कुछ जवान मामूली रूप से घायल हो गए।

उधर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक ट्वीट में कहा – ‘एक बार फिर हमारे सैनिकों को चीन ने उकसाया है। हमारे सैनिकों ने बहादुरी से मुकाबला किया और कुछ जवान घायल भी हुए। हम राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर राष्ट्र के रूप में एक हैं और इसका राजनीतिकरण नहीं करेंगे। लेकिन मोदी सरकार को एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) पर चीन की आक्रामकता और अप्रैल 2020 से हो रहे निर्माण कार्य को लेकर ईमानदार होना चाहिए।’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर संसद में चर्चा कराके देश को भरोसे में लेना चाहिए। हम अपने जवानों की वीरता और बलिदान के ऋणी हैं। उधर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक ट्वीट में कहा – ‘भारतीय सेना के शौर्य पर हमें गर्व है। सीमा पर चीन की हरकतें पूरी तरह से अस्वीकार्य हैं। पिछले दो साल से हम बार-बार सरकार को जगाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन मोदी सरकार केवल अपनी राजनीतिक छवि को बचाने के लिए इस मामले को दबाने में लगी है। इससे चीन का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है।’

कांग्रेस नेता ने कहा कि देश से बड़ा कोई नहीं है, लेकिन मोदी जी अपनी छवि को बचाने के लिए देश को ख़तरे में डाल रहे हैं। उत्तरी लद्दाख में घुसपैठ स्थायी करने की कोशिश में चीन ने डेपसांग में एलएसी की सीमा में 15-18 किलोमीटर अंदर 200 स्थायी शेल्टर बना दिए, पर सरकार चुप रही। अब यह नया चिंताजनक मामला सामने आया है।

काबुल में एक होटल में धमाका, चीन के व्यापारियों का माना जाता यह ठिकाना

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अब से कुछ देर पहले एक बड़ा धमाका होने की खबर है। यह धमाका चीन के व्यापारियों के ठिकाने के रूप में मशहूर इलाके में हुआ है। अपुष्ट ख़बरों के मुताबिक जहाँ यह धमाका हुआ वह गेस्ट-हाउस (होटल) और रेस्टोरेंट है। वहां गोलियों की भी आवाजें सुनी गयी हैं।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह धमाका शहर-ए-नॉ में हुआ, जो काबुल के प्रमुख व्यावसायिक इलाकों में से एक है। यहाँ चीनी व्यापारियों का काफी आना जाना रहता है।  जानकारी में बताया गया है कि धमाके के समय वहां काफी चीनी नागरिक थे।

जहाँ धमाका हुआ है, वहां वीडियो ग्रैब्स में आग और धुंआ दिखाई दे रहा है। चीनी दूतावास या तालिबान सरकार की तरफ से अभी तक इस घटना को लेकर कोई टिप्पणी नहीं आई है।

कुछ रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यह फिदायीन हमला भी हो सकता है और होटल के भीतर कुछ फिदायीन भी हो सकते हैं।

भूपेश पटेल ने ली गुजरात के मुख्यमंत्री के पद की शपथ, 16 मंत्री भी बनाये गए

गुजरात चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने वाली भाजपा की सरकार का सोमवार को गठन हो गया। भूपेंद्र पटेल लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई वरिष्ठ पार्टी नेता शामिल थे। सरकार में 16 मंत्री भी बने हैं, हालांकि, कांग्रेस से दल बदलकर भाजपा में गए हार्दिक पटेल को मंत्री नहीं बनाया गया है।

उधर हिमाचल प्रदेश, जहाँ कांग्रेस ने भाजपा को हराकर सत्ता छीन ली थी, वहां सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री और मुकेश अग्निहोत्री ने उप मुख्यमंत्री पद की रविवार को ही शपथ ले ली थी। इस शपथ समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्यपाल आचार्य देवव्रत से गांधीनगर में नए सचिवालय के पास हेलीपैड ग्राउंड में आयोजित समारोह में राज्य के 18वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई पार्टी नेता मौजूद थे। शपथ समारोह में यूपी सीएम योगी, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह भी थे।

हाल में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 182 में से रिकॉर्ड 156 सीट जीती हैं जबकि कांग्रेस को 17 और आम आदमी पार्टी को 5 सीटें मिली हैं। गुजरात में भाजपा की यह लगातार सातवीं जीत है।

पटेल (60) ने अलावा जिन विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली उनमें कैबिनेट मंत्री कनुभाई देसाई, ऋषिकेश पटेल, राघवजी भाई पटेल, बलवंत सिंह राजपूत, भानुबेन बावलिया, कुबेरभाई डिंडोर, कुंवरजी बावड़िया, अय्यर मुलुभाई बेरा होंगे।

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार में हर्ष संघवी, जगदीश विश्वकर्मा शामिल हैं। राज्यमंत्री में पुरुषोत्तम सोलंकी, बच्चूभाई खाबड़, मुकेशभाई पटेल, प्रफुल्ल पानसेरिया, भीखूसिंह परमार और कुंवरजी भाई हलपति शामिल हैं। भूपेंद्र पटेल की केबिनेट में कांग्रेस से दलबदलकर भाजपा में गए हार्दिक पटेल को जगह नहीं मिली।

सुक्खू बने सीएम
उधर हिमाचल में रविवार को शपथ ग्रहण समारोह हो गया। नादौन (हमीरपुर) से चौथी बार जीते सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। सुक्खू एक बस चालक के बेटे हैं और चार दशक से कांग्रेस में हैं। पत्रकार से नेता बने मुकेश अग्निहोत्री, जो सीएम की दौड़ में शामिल थे, को उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। वे हरोली (ऊना) से जीते हैं।  इन दोनों ने ही सोमवार को राजधानी शिमला स्थित सचिवालय में अपना कार्यभार संभाल लिया। अभी वहां किसी अन्य को मंत्री नहीं बनाया गया है।

उनके शपथ ग्रहण में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, राजस्थान कांग्रेस के अध्यक्ष रहे सचिन पायलट, प्रियंका गांधी और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई बड़े नेता शामिल हुए।

भाजपा सांसद सुशील मोदी ने संसद में 2000 रुपये का नोट बंद करने की मांग की

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद व बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने संसद के शीतकालीन सत्र में 2000 रुपये के नोट को खत्म करने की वकालत करते हुए उसे ‘ब्लैक मनी’ और जमाखोरी की जड़ बताया हैं।

उन्होंने राज्यसभा में सार्वजनिक महत्व के मामलों पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद ने कहा कि, “2000 का नोट, यानी ब्लैक मनी…2000 का नोट यानि होर्डिंग…अगर ब्लैक मनी को रोकना है तो 2000 के नोट को बंद करना होगा.. ”

सुशील मोदी ने आगे कहा कि, 2000 रुपये के नोट के सर्कुलेशन का अब कोई औचित्य नहीं हैं… मेरा भारत सरकार से आग्रह है कि चरणबद्ध तरीके से धीरे-धीरे 2000 रुपये के नोट को वापस ले लिया जाना चाहिए..”

आपको बता दें, 8 नवंबर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उस समय तक प्रचलन में मौजूद 500 रुपये और 1000 रुपये की करेंसी नोटों को अमान्य करार दिया था। और 8 नवंबर 2016 को रात 12 बजे से ही उन्हें बंद करने की घोषणा की थी।

इस नोट बंदी के साथ-साथ 2000 रुपये का नोट भी जारी किया गया था। सरकारी जानकारी के मुताबिक, कुछ साल बाद भारतीय रिजर्व बैंक ने 2000 रुपये के नए नोट छापना बंद कर दिया है, हालांकि यह अब भी आधिकारिक मुद्रा हैं।

एयरपोर्ट पर भीड़ और लम्बी कतारों की खबरों के बीच एयरपोर्ट पहुंचे केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया

सोशल मीडिया पर दिल्ली एयरपोर्ट पर लम्बी लाइनें लगने और चेक-इन में बहुत देर होने की शिकायतों के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सोमवार को एयरपोर्ट पहुंचे। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ उनके मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी थे।

बता दें रविवार को बहुत से यात्रियों को काफी लम्बा इंतज़ार करना पड़ा था और उनमें से कर्इ ने सोशल मीडिया पर इस दिक्कत के बारे में पोस्ट किया साथ ही इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आर्इजीआर्इ) के टर्मिनल 3 (टी3) पर मौजूद भीड़ की तस्वीरें भी शेयर की।

दिल्ली एयरपोर्ट ने एक यात्री के ट्वीट के जवाब में कहा था कि, उसने यात्रियों की मदद करने तथा असुविधा को कम करने के लिए अधिकारियों की तैनाती कर दी हैं। लम्बी-लम्बी कतारों की शिकायत करते हुए यात्री ने कहा था कि अब नए टर्मिनल बनाए जाने की जरूरत है।

एयरपोर्ट ने ट्वीट में कहा था कि, “निश्चिंत रहें, यात्री सुविधा हमारे लिए सर्वोपरि है, और हम हमेशा उसे बेहतर करने के लिए प्रयासरत रहते हैं.. हमने आपकी टिप्पणियों पर संज्ञान लिया है, तथा संबद्ध एजेंसी तक पहुंचा दिया है… इसके बाद भी आप अपना फीडबैक सीधे सीआईएसएफ मुख्यालय तक भेज सकते हैं..”

आपको बता दें, आर्इजीआर्इ एयरपोर्ट देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है और इसमें तीन टर्मिनल हैं- टी1, टी2, और टी3 ये सभी अंतरराष्ट्रीय तथा कुछ घरेलू उड़ानें टी3 से ही ऑपरेट होती हैं। एयरपोर्ट पर रोजाना औसतन 1.90 लाख यात्री तथा 1,200 उड़ानें आती-जाती हैं।