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टिल्लू मर्डर मामले में 9 पुलिसकर्मी निलंबित, आरोपी अन्य जेलों में शिफ्ट

तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने उन चारों कैदियों को रोहिणी जेल सहित अन्य जेलों में शिफ्ट कर दिया है जिनपर इस हाई सेक्यूरिटी जेल में एक अन्य कैदी टिल्लू ताजपुरिया की हत्या का आरोप है। इस बीच डीजी तिहाड़ ने असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट जेल समेत कुल 9 कर्मचारियों को इस घटना के चलते सस्पेंड कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राजेश बवाना को रोहिणी जेल शिफ्ट किया गया है जबकि दूसरे हमलावर रियाज खान को मंडोली जेल में शिफ्ट किया गया है। अन्य दो कैदियों योगेश टुंडा और दीपक उर्फ तीतर को तिहाड़ जेल के ही अंदर दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है।

अधिकारियों ने इन्हें दूसरे कैदियों के हमले की आशंका को देखते हुए शिफ्ट किया है। अधिकारियों को कि टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद उसके गैंग के खतरनाक सदस्य बदला लेने की कोशिश कर सकते हैं।

दिल्ली के तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया मर्डर मामले में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों पर बड़ी  कार्रवाई हुई है। डीजी तिहाड़ ने असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट जेल समेत कुल 9 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। डीजी तिहाड़ ने तमिलनाडु पुलिस के अफसरों से भी कार्रवाई की संस्तुति की है।

मणिपुर हिंसा में अब तक 54 लोगों की मौत, 100 घायल

मणिपुर में जारी हिंसा में अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है। मैतेई आरक्षण विवाद के बाद भड़की हिंसा में गोली लगने से 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनका इंफाल के आरआईएमएस और जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में इलाज चल रहा है।

रिपोर्ट्स में अधिकारियों को उद्धत करते हुए बताया गया है कि मणिपुर के जिरीबाम जिले और आसपास के इलाकों से 1,100 से ज्यादा लोग इंटर-स्टेट बॉर्डर पार करके असम के कछार जिले में दाखिल हुए हैं।

इनमें से ज्यादातर लोग कुकी समुदाय हैं और उन्हें डर है कि जिन प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को उन पर हमला किया था, उन्होंने उनके घरों को भी तहस-नहस कर दिया होगा। इसलिए वे लोग अपनी सुरक्षा के लिए कछार भाग आए।

इंफाल घाटी में शनिवार को दुकानें और बाजार फिर से खुलने और सड़कों पर कारों के चलने से जनजीवन सामान्य होने लगा है। सेना की अधिक टुकड़ियों, रैपिड एक्शन फोर्स, और केंद्रीय पुलिस बलों की उड़ान से मजबूत हुई सुरक्षा उपस्थिति सभी प्रमुख क्षेत्रों और सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।

हालात पर काबू पान के लिए सेना और असम राइफल्स के करीब 10,000 सैनिकों को राज्य में तैनात किया गया है। मणिपुर में सेना की अधिक टुकड़ियों, रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय पुलिस बलों को भेजा गया है।

सेना ने बचाए 13 हजार नागरिक, राज्य में तनाव बरकरार: मणिपुर हिंसा

मणिपुर में शुक्रवार को हुई हिंसा में स्थिति में फिलहाल सुधार हुआ है और भारी सुरक्षाबलों की तैनाती के कारण हिंसा पर काबू भी पा लिया गया है, किंतु अभी भी राज्य में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को गुस्से में कर्इ इलाकों में स्कूलों, चर्चो, वाहनों व घरों सहित कई चीजों का नुकसान किया था।

बता दें, राज्य में यह अराजकता 3 मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (टीएसयूएम) की एक रैली के हिंसक हो जाने के बाद हुई थी। इस रैली में 60 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

हिंसा को देखते हुए आरएएफ, सीआरपीएफ और बीएसएफ सहित अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियों को राज्य में तैनात किया गया है साथ ही भारतीय वायुसेना (आईएएफ) भी सक्रिय है।

भारतीय सेना ने शुक्रवार बयान जारी कर कहा कि उन्होंने लगभग 13 हजार नागरिकों को बचाया है जो सैन्य चौकियों या अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। चुराचंदपुर, कांगपोकपी, मोरेह और काकचिंग स्थिति अब नियंत्रण में है। गुरुवार रात से किसी भी बड़ी हिंसा की सूचना नहीं है। यह स्थिति तब है जब राज्यपाल ने राज्य गृह विभाग को गोली मारने के आदेश को मंजूरी दी। आगजनी और सड़क जाम की छिटपुट घटनाओं के अलावा इंफाल में लोग घरों में ही रहे।

मणिपुर में तनाव, सीआरपीएफ का छुट्टी गए कर्मियों को रिपोर्ट करने का निर्देश

मणिपुर में तनाव जारी है और स्थिति अभी भी खराब बनी हुई है। इंफाल घाटी में बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों की मौजूदगी के बीच हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बावजूद फिलहाल शांति बनी हुई है। इस बीच सीआरपीएफ ने मणिपुर राज्य के अपने कर्मियों और छुट्टी पर अपने गृह राज्य गए कर्मियों को निर्देश दिया कि वे तत्काल परिवार सहित नजदीकी सुरक्षा अड्डे पर रिपोर्ट करें।

पिछले 48 घंटों के दौरान मणिपुर में हुई हिंसा पर काबू पाने और शांति कायम करने के लिए पड़ोसी राज्यों से सड़क और हवाई मार्ग से अधिक बल भेजे गए हैं। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि कुल 13,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कुछ लोगों को सेना के शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि सेना ने चुराचांदपुर, मोरेह, काकचिंग और कांगपोकपी जिलों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

मणिपुर सरकार ने सीआरपीएफ के पूर्व प्रमुख को सलाहकार नियुक्त किया है। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ का एक कोबरा कमांडो छुट्टी पर था और मणिपुर के चुराचांदपुर में उनके गांव में सशस्त्र हमलावरों ने शुक्रवार दोपहर को उनकी हत्या कर दी।

उधर विभिन्न पहाड़ी जिलों से सुबह के समय उग्रवादी समूहों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी की खबरें आ रही हैं, हालांकि शांति की स्थिति बनी हुई है। उधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलकर मणिपुर की स्थिति की समीक्षा की।

केंद्र सरकार ने मणिपुर में हिंसा को देखते हुए सीआरपीएफ और बीएसएफ सहित केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की और 20 कंपनियों को रवाना किया है।  राज्य में हिंसा को देखते हुए मणिपुर जाने वाली ट्रेनें शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। भारतीय वायु सेना के सी17 ग्लोबमास्टर और एएन32 विमानों ने असम की दो हवाई पट्टियों से कई उड़ानें भरकर क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबल पहुंचाए हैं।

राजौरी विस्फोट में शहीद जवानों की संख्या 5 हुई, एक आतंकी ढेर

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के घने जंगलों वाले कांडी इलाके में शुक्रवार को हुई मुठभेड़ में शहीद होने वाले सैनिकों की संख्या 5 हो गयी है। आतंकवादियों की तरफ से किये गए विस्फोट में कल 2 जवानों की मौके पर ही मौत हो गयी थी जबकि 4 घायल हो गए थे। इस बीच सुरक्षा बलों ने इलाके में एक आतंकवादी को ढेर कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक सेना अधिकारियों ने बताया कि राजौरी जिले के घने जंगलों वाले कांडी इलाके में शुक्रवार को आतंकवादियों के विस्फोट में सेना के पांच जवान शहीद हो गए हैं और एक मेजर घायल हो गया है। वहां आतंकवादियों को खत्म करने के लिए अभियान चलाया जा रहा था।

उधर इस मुठभेड़ में एक आतंकवादी ढेर हो गया है। एक अन्य के घायल होने की खबर है। राजौरी जिले में सुरक्षाबलों के आतंकवादियों का पता लगाए जाने के बाद शनिवार तड़के फिर से गोलीबारी शुरू हो गई।

सेना की उत्तरी कमान ने एक बयान में बताया कि पिछले महीने जम्मू क्षेत्र में भाटा धूलियन के तोता गली इलाके में सेना के ट्रक पर घात लगाकर हमला करने में शामिल आतंकवादियों के एक समूह को खत्म करने के लिए सैन्य कर्मी लगातार खुफिया-आधारित अभियान चला रहे हैं। इस बीच पुलिस ने पुलवामा-शोपियां में आतंकवादियों के तीन सहयोगी गिरफ्तार किये हैं।

कर्नाटक में मोदी का रोड शो शुरू, सोनिया गांधी भी उतरेंगी प्रचार में

राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के बाद अब शनिवार को कांग्रेस की सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं सोनिया गांधी भी कर्नाटक में प्रचार के लिए उतरेंगी। उधर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का रोड शो शुरू हो गया है जो 26 किलोमीटर लंबा है। उधर जेडीएस भी प्रचार में लगा हुआ है।

कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव का प्रचार अब चरम पर पहुंच चुका है। पीएम मोदी आज बेंगलुरु में मेगा रोड शो कर रहे हैं। मोदी का रोड शो दोपहर 1.30 बजे तक चलेगा और यह 13 विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगा। भाजपा का दावा है कि इसमें 10 लाख से ज्यादा लोग हिस्सा लेंगे।

उधर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी आज हुबली में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी। यह पहला मौका होगा जब सोनिया गांधी कर्नाटक में इस चुनाव में प्रचार करेंगी। कर्नाटक में 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए यह उनकी पहली रैली है। बता दें यहाँ पार्टी के उम्मीदवार पूर्व मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर हैं जो भाजपा छोड़ कर कांग्रेस में आये हैं।

बता दें राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पहले से ही कर्नाटक चुनाव में व्यस्त हैं। राहुल रोड शो कर चुके हैं जबकि प्रियंका ने भी रोड शो के अलावा जनसभाएं की हैं।  उधर भाजपा के लिए पार्टी के दिग्गज नेता अमित शाह और अध्यक्ष जेपी नड्डा भी प्रचार कर रहे हैं।

रूसी प्रतिनिधि ने छीना झंडा, यूक्रेन के प्रतिनिधि ने जड़ दिया मुक्का

तुर्की की राजधानी अंकारा में शुक्रवार को सार्वजनिक कार्यक्रम में एक ऐसी घटना देखने को मिली जो शायद ही पहले कभी देखी गयी हो। इस कार्यक्रम में पहले रूसी प्रतिनिधि ने वहां लगे यूक्रेन के झंडे को निकाल लिया। इसके बाद गुस्से से तमतमाए यूक्रेनी प्रतिनिधि ने उनके पास जाकर उनके घूंसे जड़ दिए। वहां उपस्थित लोग इससे घटना से हैरान रह गए और उनमें से कुछ ने बीचबचाव कर दोनों को अलग किया।

यह घटना अंकारा में ब्लैक सी इकोनॉमिक कम्युनिटी की बैठक में घटी। पहले रूसी प्रतिनिधि ने वहां लगे यूक्रेन के झंडे को फाड़ा और फिर दोनों देशों के प्रतिनिधि आपस में भिड़ गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि यूक्रेन के सांसद ऑलेक्ज़ेंडर मारिकोव्स्की अपने देश के झंडे के साथ खड़े हुए हैं। इस बीच एक रूसी  प्रतिनिधि पीछे से आते हैं और यूक्रेन का झंडा खींचकर ले जाते हैं। ये देख यूक्रेनी प्रतिनिधि गुस्‍से में रूसी प्रतिनिधि के पीछे जाते हैं और उनके मुंह पर मुक्‍का जड़ देता हैं।

इस दौरान कुछ अधिकारी रूस के प्रतिनिधि को रोकने की कोशिश करते दिखते हैं। तभी यूक्रेनी प्रतिनिधि अपना झंडा वापस ले लेते हैं और साथ ही रूसी प्रतिनिधि पर मुक्कों की बरसात भी कर देते हैं। मौके पर उपस्थित लोग घटना का वीडियो बनाते हुए देखे गए।

ब्रिटेन के नए शासक किंग चार्ल्स तृतीय का आज है राज्याभिषेक

महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की मृत्यु के पांच महीने बाद ब्रिटेन के नए शासक किंग चार्ल्स तृतीय का आज राज्याभिषेक होगा। उनकी ताजपोशी में दुनिया भर के करीब 100 राष्ट्राध्यक्ष, कई राजपरिवार और अन्य हस्तियां हिस्सा लेंगी। चार्ल्स सेंट एडवर्ड के मुकुट को अपने सिर पर रखने वाले सबसे उम्रदराज ब्रिटिश सम्राट भी बन जाएंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्याभिषेक में 2,000 के करीब लोग शामिल होंगे। चार्ल्स की पत्नी कैमिला को एक अलग समारोह में ताज पहनाया जाएगा। चार्ल्स तृतीय और पत्नी कैमिला छह विंडसर ग्रे घोड़ों द्वारा खींची गई डायमंड जुबली स्टेट कोच में यात्रा करेंगे और राजा के अंगरक्षक, घरेलू कैवेलरी के सदस्यों द्वारा अनुरक्षण करेंगे।

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जो हिन्दू हैं, भी ब्रिटिश सरकार के प्रमुख के रूप में बाइबिल से पढ़कर इतिहास रचेंगे। चार्ल्स लंदन के वेस्टमिंस्टर एब्बे में 14वीं शताब्दी के सिंहासन पर बैठने के साथ ही 360 साल पुराने सेंट एडवर्ड के मुकुट को अपने सिर पर रखने वाले सबसे उम्रदराज ब्रिटिश सम्राट बन जाएंगे।

प्रिंसेस हैरी और एंड्रयू दोनों किंग चार्ल्स तृतीय के राज्याभिषेक में शामिल होंगे, लेकिन कार्यवाही में उनकी कोई औपचारिक भूमिका नहीं होगी। समारोह के बाद यह जोड़ी गोल्ड स्टेट कोच के पीछे सार्वजनिक जुलूस से भी अनुपस्थित रहेगी, जिसमें नवगठित राजा को एब्बी से वापस बकिंघम पैलेस ले जाया जाएगा।

बाद में राजा और रानी एक बड़े औपचारिक ‘राज्याभिषेक जुलूस’ में गोल्ड स्टेट कोच में बकिंघम पैलेस लौटेंगे। उनके साथ शाही परिवार के अन्य सदस्य और करीब 4,000 ब्रिटिश और राष्ट्रमंडल सैनिक पूर्ण राजचिह्न में शामिल होंगे।

जम्मू के राजौरी में आतंकवादियों से मुठभेड़; 2 सैनिक शहीद, चार घायल

जम्मू संभाग के राजौरी में आतंकियों की तरफ से किये गए एक विस्फोट में दो सैनिक शहीद और चार अधिकारी घायल हो गए हैं। यह घटना शुक्रवार को तब हुई जब सुरक्षाबल इलाके में अभियान चला रहे थे।

सेना की उत्तरी कमान के बयान में कहा गया है कि जम्मू-कश्मीर के राजौरी में अभियान के दौरान आतंकवादियों ने विस्फोट कर दिया। इसमें दो सैन्यकर्मी शहीद हो गए जबकि चार अधिकारी घायल हो गए हैं।

सुरक्षा बल इसके बाद से इलाके में ऑपरेशन जारी रखे हुए हैं। जिले में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। घटना के ब्योरे के मुताबिक सेना की टीम राजौरी सेक्टर के कंडी वन क्षेत्र में तलाशी अभियान चला रही थी। उसे खुफिया जानकारी मिली थी कि  जंगल के घने पेड़ों और चट्टानी इलाके में एक जगह आतंकवादी छिपे हुए हैं।

इसके बाद वहां सुरक्षा बलों ने एक साझा अभियान शुरू किया था। आज सेना की सर्च टीम सुबह साढ़े सात बजे एक इलाके में थी तो उसकी आतंकियों से मुठभेड़ हो गयी। दोनों ओर से गोलाबारी हुई जिसके बाद आतंकवादियों ने एक विस्फोट कर दिया।

घायल कर्मियों को उधमपुर के कमांड अस्पताल में ले जाया गया है। आतंकवादियों का समूह अभी भी इलाके में ही बताया गया है। अभी यह पुष्टि नहीं हुई है कि क्या आतंकवादियों की मौत हुई है।

शिमला नगर निगम में कांग्रेस काबिज, 34 में से 21 सीटों पर जीतीं महिलाएं

शिमला नगर निगम के चुनाव में इस बार रेकॉर्ड तोड़ महिलाएं जीतकर आई हैं। कुल 34 सदस्यों में से 21 महिलाएं जीतीं हैं। शिमला नगर निगम के गुरुवार को नतीजे आए थे जिसमें कांग्रेस ने 24 सीटें जीती हैं जबकि भाजपा 9 सीटों पर सिमट गयी है। विधानसभा चुनाव के चार महीने बाद ही भाजपा को यह लगातार दूसरी हार मिली है।

इस चुनाव में महिलाओं की यह जीत सबसे बड़ी है। महिलाओं की यह जीत इसलिए भी बड़ी है कि उनके लिए 17 वार्ड ही आरक्षित थे। बाकी सीटों पर महिलाओं ने पुरुषों को मात दी। इस लिहाज से सदन में इस बार सिर्फ 13 पुरुष पार्षद ही होंगे। नगर निगम के दो पूर्व महापौर समेत 13 पूर्व पार्षद इस चुनाव में हार गए।

चुनाव में माकपा को एक ही सीट मिली। समरहिल की अपनी मजबूत सीट को उसने कभी नहीं हारा है। भाजपा की इस चुनाव में बड़ी हार हुई है जिससे प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को बड़ा झटका लगा है। उधर पालमपुर के निगम उपचुनाव में भी कांग्रेस को जीत मिली है। पार्टी ने अपनी सीट बरकरार रखी है।

कांग्रेस के लिए चुनाव की बागडोर खुद मुख्यमंत्री सुखविंदर सुक्खू ने अपने हाथ में राखी हुई थी जो खुद एक समय यहाँ पार्षद रह चुके हैं। यही नहीं उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी लगातार शिमला में डटे हुए थे। कांग्रेस की एकजुटता के आगे भाजपा कमजोर साबित हुई।