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केरल नाव हादसे में अब तक 22 शव मिले, एक ही परिवार के 11 शामिल

केरल में मलप्पुरम इलाके में हुए नाव हादसे में अब तक 22 लोगों के शव मिल चुके हैं। इनमें ज्यातादर महिलाएं हैं। मरने वालों में एक ही परिवार के 11 लोग भी शामिल हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह डबल डेकर पर्यटक नाव रविवार देर रात मलप्पुरम जिले के तनूर में हादसे का शिकार हो गयी थी। काफी लोगों को बचा भी लिया गया है। अब तक 22 लोगों के शव मिल चुके हैं। इलाके के लोगों ने रात में भी नाव और आसपास जीवित बचे लोगों की तलाश की।

तनूर पुलिस के मुताबिक 22 शव बरामद हुए हैं, जिनमें 15 महिलाएं शामिल हैं। अभी  अस्पताल में भी कुछ लोग भर्ती हैं जबकि बचाव अभियान जारी रखा गया है। नाव में करीब 30 लोग सवार थे।

सरकार के मुताबिक पीड़ितों में ज्यादातर बच्चे स्कूल की छुट्टियों पर थे। माना जा रहा है कि घटना के वक्त जहाज पर 30 से ज्यादा लोग सवार थे। चार लोगों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया। सुरक्षित बचे यात्रियों ने मीडिया को बताया कि किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी।

संप्रभुत्ता शब्द का इस्तेमाल करने पर सोनिया गांधी के खिलाफ भाजपा शिकायत करने पहुंची चुनाव आयोग

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर कांग्रेस पार्टी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और कड़ी कार्रवाई की मांग की हैं। आयोग से मिले भाजपा के प्रतिनिधिमंडल में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, तरुण चुग, भाजपा के मीडिया इंचार्ज अनिल बलूनी और ओम पाठक शामिल रहे।

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने मीडिया कहा कि, “हमने चुनाव आयोग को गंभीर विषय पर ज्ञापन दिया है। सोनिया गांधी ने जानबूझकर संप्रभुता शब्द का इस्तेमाल किया हैं। कांग्रेस का घोषणा पत्र टुकड़े-टुकड़े गैंग का एजेंडा है। कांग्रेस झूठी बुनियाद पर प्रचार कर रही है और इसलिए वे इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कर रहे है। हमारे विषय को चुनाव आयोग ने गंभीरता से लिया है और हमें उम्मीद है कि चुनाव आयोग इस राष्ट्र विरोधी कृत्य के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।“

निर्वाचन आयोग में शिकायत दर्ज कराने के बाद अनिल बलूनी एक सवाल के जवाब में कहा कि, “संविधान की बुनियादी संरचना और सेक्शन 29 (a) के तहत हर पार्टी पंजीकरण के समय एक अंडरटेकिंग देती है जिसमें वे भारत की संप्रभुता और अखंडता  की सौगंध लेते है और उन्होंने उसका सीधे-साधे उल्लंघन किया है तो कांग्रेस पार्टी का रजिस्ट्रेशन ही कैंसल होना चाहिए। निर्वाचन आयोग ने हमें आश्वासन दिया है कि वे इस बात पर विचार करेंगे। और हमारी मांग है कि संविधान के मुताबिक कमिशन जो तय करे उनके खिलाफ यह कार्रवाई होनी चाहिए।”

उन्होंने आगे कहा कि, “दूसरा हमने यह बोला है कि कमिशन ने करप्शन वाला सबूत लाने के लिए परसो (यानी 6 मई को) जो कांग्रेस को नोटिस दिया था और कल शाम 7 बजे तक का कांग्रेस पार्टी को उन्होंने समय दिया था। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने सबूत नहीं दिया क्योंकि उनके पास सबूत है ही नहीं। हमने इसपर मांग की है कि वे माफी मांगे और बताए की वे जनता को झूठ बोल कर गुमराह कर रहे हैं व जो भी आरोप लगा रहे है वे सभी निराधार हैं।“

आपको बता दें, कर्नाटक में विधानसभा चुनाव प्रचार आज शाम थम जायेगा यानि की आज प्रचार का अंतिम दिन हैं। और भाजपा कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के एक बयान को लेकर चुनाव आयोग पहुंची हैं।

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने शुक्रवार को ट्वीट किया था जिसमें वे कर्नाटक में चुनाव प्रचार करती नजर आ रही हैं। इस ट्वीट में कांग्रेस ने कहा कि, “सोनिया गांधी 6.5 करोड़ कन्नड़ वासियों को स्पष्ट संदेश दिया। कांग्रेस किसी को भी कर्नाटक की प्रतिष्ठा, संप्रभुता या अखंडता के लिए खतरा पैदा करने की अनुमति नहीं देगी।”

राजस्थान के हनुमानगढ़ के पास मिग-21 क्रैश; दोनों पायलट सुरक्षित, 2 ग्रामीण की मौत

राजस्थान के हनुमानगढ़ (भारत-पाकिस्तान सीमा) के नजदीक वायुसेना का मिग-21 क्रैश हो गया है। विमान ने सूरतगढ़ एयरबेस से उड़ान भरी थी और तकनीकी खराबी के कारण उड़ान भरने के 15 मिनट बाद ही पायलट ने विमान पर नियंत्रण खो दिया।

बता दें, हादसे से पहले ही दोनों पायलट ने खुद को विमान से अलग कर लिया था, जबकि जिस इलाके में गिरा वहां इसकी चपेट में दो ग्रामीण की मौत की खबर सामने आ रही है। दोनों महिलाएं बताई गई हैं। हादसे की खबर मिलते ही सेना का हेलीकॉप्टर घटनास्थल पर पहुंची है ताकि राहत कार्य चलाया जा सके।

आपको बता दें, इससे पहले जनवरी में दो हादसे हुए थे इनमें से एक राजस्थान के भरतपुर में प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान भारतीय वायु सेना के दो लड़ाकू जेट एक सुखोई एसयू-30 और एक मिराज 2000 के दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट की जान चली गर्इ थी। वहीं दूसरा हादसा मध्य प्रदेश के मुरैना में हुआ था।

अप्रैल में कोच्चि में परीक्षण के दौरान एक तटरक्षक हेलीकॉप्टर ने क्रैश लैंडिंग की थी और जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में भी सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ था। यदि बात करे पिछले साल की तो 5 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र के पास एक चीता हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था और इसमें भारतीय सेना के एक पायलट की मौत भी हुर्इ थी।

कर्नाटक में आज शाम थम जाएगा चुनाव प्रचार; कांग्रेस, भाजपा, जेडीएस में टक्कर

सघन प्रचार के बाद कर्नाटक विधानसभा चुनाव के लिए सोमवार (आज) प्रचार थम जाएगा। इस दौरान भाजपा के लिए पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा, कांग्रेस के लिए राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रियंका गांधी जबकि जेडीएस के लिए पूर्व पीएम देवेगौड़ा और उनके पूर्व सीएम पुत्र ने प्रचार किया। राज्य की 224 सीटों के लिए भाजपा, कांग्रेस और जेडीएस में मुकाबला है और वहां मतदान 10 मई को होना है जबकि नतीजे 13 मई को आएंगे।

 चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक आज शाम पांच बजे चुनाव प्रचार ख़त्म हो जाएगा। आखिरी दन चुनाव प्रचार में सभी दलों ने ताकत झोंक दी। बेंगलुरु में कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 किमी लंबा रोड शो किया जिसमें खासी भीड़ दिखी।

कांग्रेस के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने रोड शो किये हैं। उनके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जो कर्नाटक से ही हैं, ने भी प्रचार में हिस्सा लिया।

सभी दल अपनी-अपनी जीत के दावे कर रहे हैं। चुनाव में शुरुआत में भाजपा पिछड़ती दिख रही थे जिसके बाद उसने अपने चुनाव का एजेंडा बदलकर बजरंग बली और पूरी तरह हिंदुत्व पर कर दिया। पार्टी को उम्मीद है कि इससे नतीजों में फर्क पड़ेगा। उधर कांग्रेस लगातार अपनी जीत के दावे कर रही है। विभिन्न चुनाव सर्वे में भी कांग्रेस को आगे दिखाया गया है, हालांकि, नतीजे आने पर ही पता चलेगा की किसकी सरकार बनेगी।

रेसलर मामला: ’21 तक गिरफ्तारी न हुई तो संघर्ष तेज किया जाएगा’

भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की 21 मई तक गिरफ्तारी न होने की सूरत में पहलवानों के समर्थन में आये संगठनों, जिनमें भारतीय किसान यूनियन और खाप पंचायतें प्रमुख है, अपना संघर्ष तेज करने की धमकी दी है। उधर तमाम पाबंदियों के बावजूद अब विरोध प्रदर्शन स्थल पर लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है।

प्रदर्शनकारी पहलवानों को सलाह देने वाली 31 सदस्यीय समिति चेतावनी दी है कि यदि आरआईपी अधिकारी सिंह, जो भाजपा के सांसद भी हैं, को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो बड़ा फैसला किया जाएगा। उधर स्टार रेसलर विनेश फोगाट ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है कि इस विरोध प्रदर्शन को किसानों ने हाईजैक कर लिया है।

उधर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा – ‘हमने तय किया है कि हर खाप से सदस्य रोज धरना स्थल पर आएंगे। वे दिन में यहीं रुकेंगे और शाम तक लौट आएंगे। पहलवानों की समिति धरना प्रदर्शन करेगी और हम पहलवानों को बाहर से समर्थन देंगे। हमने 21 मई के लिए बैठक निर्धारित की है। यदि सरकार कोई प्रस्ताव नहीं देती है, तो हम अपनी अगली रणनीति तैयार करेंगे।’

टिकैत ने कहा कि यदि कोई आपात स्थिति आती है, पहलवान अगर किसी समस्या का सामना करते है तो पूरा देश उनके साथ खड़ा है। विरोध स्थल पर भारी भीड़ के मद्देनजर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों को लगाया गया है। इसमें रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) और महिला सुरक्षाबलों की भी बड़ी सुख्या में तैनाती की गई है।

रविवार को ‘महापंचायत’ में पहलवानों की ओर से अगले कदम पर चर्चा के दौरान धोती-कुर्ता पहने और सैकड़ों की संख्या में पगड़ीधारी किसानों की भीड़ प्रदर्शन स्थल पर दिखी। इससे किसान आंदोलन की याद ताजा हो गयी।

इस बीच दिल्ली पुलिस ने धारा 161 के तहत सात महिला शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज कर लिये हैं, जबकि आपराधिक प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 (मजिस्ट्रेट के सामने) के तहत बयान दर्ज किए जाने बाकी हैं।

विपक्षी नेताओं के फिर एकता बैठकें, नीतीश मिलेंगे नवीन और पवार से

कर्नाटक चुनाव से ऐन पहले विपक्ष में एक बार फिर बैठकों का दौर शुरू होने जा रहा है। मंगलवार को इस सिलसिले में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तीन बड़े नेताओं एनसीपी प्रमुख शरद पवार, ओड़िशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और शिव सेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के साथ बैठक करेंगे। नीतीश की योजना आने वाले महीने में देश भर में विपक्षी नेताओं से मुलाकात की है।

नीतीश सबसे पहले मंगलवार को भुवनेश्वर में नवीन पटनायक से मिलेंगे। पटनायक हाल के सालों में भाजपा और कांग्रेस दोनों से खुद को दूर रखने की राजनीति करते रहे हैं। इस बैठक में नीतीश उन्हें 2024 के लोकसभा चुनाव में विपक्ष की एकता को लेकर बातचीत करेंगे। नवीन यदि विपक्ष की एकता के लिए सहमत होते हैं तो यह भाजपा के लिए बड़ा झटका होगा।

इसके बाद नीतीश मुंबई आएंगे और संभवता गुरुवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करेंगे। पवार ने हाल ने एनसीपी प्रमुख के पद से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी थी। हालांकि, बाद में नेताओं के दबाव के चलते इस्तीफा वापस ले लिया था। इस मुलाकात में दोनों नेता कर्नाटक के संभावित नतीजों और विपक्ष की एकता को लेकर बातचीत करेंगे।

साथ ही नीतीश शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे से भी बैठक करेंगे। इससे पहले नीतीश कुमार ने पिछले हफ्ते अपने करीबी बिहार विधान परिषद सभापति देवेश चंद्र ठाकुर को मुंबई भेजा था जिन्होंने वहां शरद पवार और शिवसेना नेता उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी। उनकी आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी एक और मुलाकात की संभावना है।

हाल में नीतीश कुमार दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मिले थे जिसमें सभी बड़े नेताओं से मुलाकात का सिलसिला का तेज करने की आम राय बनी थी। नीतीश की योजना आने वाले महीने में देश भर में विपक्षी नेताओं से मुलाकात की है।

टिल्लू मर्डर मामले में 9 पुलिसकर्मी निलंबित, आरोपी अन्य जेलों में शिफ्ट

तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने उन चारों कैदियों को रोहिणी जेल सहित अन्य जेलों में शिफ्ट कर दिया है जिनपर इस हाई सेक्यूरिटी जेल में एक अन्य कैदी टिल्लू ताजपुरिया की हत्या का आरोप है। इस बीच डीजी तिहाड़ ने असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट जेल समेत कुल 9 कर्मचारियों को इस घटना के चलते सस्पेंड कर दिया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक राजेश बवाना को रोहिणी जेल शिफ्ट किया गया है जबकि दूसरे हमलावर रियाज खान को मंडोली जेल में शिफ्ट किया गया है। अन्य दो कैदियों योगेश टुंडा और दीपक उर्फ तीतर को तिहाड़ जेल के ही अंदर दूसरी जेलों में शिफ्ट किया गया है।

अधिकारियों ने इन्हें दूसरे कैदियों के हमले की आशंका को देखते हुए शिफ्ट किया है। अधिकारियों को कि टिल्लू ताजपुरिया की हत्या के बाद उसके गैंग के खतरनाक सदस्य बदला लेने की कोशिश कर सकते हैं।

दिल्ली के तिहाड़ जेल में गैंगस्टर टिल्लू ताजपुरिया मर्डर मामले में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिसकर्मियों पर बड़ी  कार्रवाई हुई है। डीजी तिहाड़ ने असिस्टेंट सुप्रीटेंडेंट जेल समेत कुल 9 कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। डीजी तिहाड़ ने तमिलनाडु पुलिस के अफसरों से भी कार्रवाई की संस्तुति की है।

मणिपुर हिंसा में अब तक 54 लोगों की मौत, 100 घायल

मणिपुर में जारी हिंसा में अब तक 54 लोगों की मौत हो चुकी है। मैतेई आरक्षण विवाद के बाद भड़की हिंसा में गोली लगने से 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं जिनका इंफाल के आरआईएमएस और जवाहरलाल नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में इलाज चल रहा है।

रिपोर्ट्स में अधिकारियों को उद्धत करते हुए बताया गया है कि मणिपुर के जिरीबाम जिले और आसपास के इलाकों से 1,100 से ज्यादा लोग इंटर-स्टेट बॉर्डर पार करके असम के कछार जिले में दाखिल हुए हैं।

इनमें से ज्यादातर लोग कुकी समुदाय हैं और उन्हें डर है कि जिन प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को उन पर हमला किया था, उन्होंने उनके घरों को भी तहस-नहस कर दिया होगा। इसलिए वे लोग अपनी सुरक्षा के लिए कछार भाग आए।

इंफाल घाटी में शनिवार को दुकानें और बाजार फिर से खुलने और सड़कों पर कारों के चलने से जनजीवन सामान्य होने लगा है। सेना की अधिक टुकड़ियों, रैपिड एक्शन फोर्स, और केंद्रीय पुलिस बलों की उड़ान से मजबूत हुई सुरक्षा उपस्थिति सभी प्रमुख क्षेत्रों और सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी।

हालात पर काबू पान के लिए सेना और असम राइफल्स के करीब 10,000 सैनिकों को राज्य में तैनात किया गया है। मणिपुर में सेना की अधिक टुकड़ियों, रैपिड एक्शन फोर्स और केंद्रीय पुलिस बलों को भेजा गया है।

सेना ने बचाए 13 हजार नागरिक, राज्य में तनाव बरकरार: मणिपुर हिंसा

मणिपुर में शुक्रवार को हुई हिंसा में स्थिति में फिलहाल सुधार हुआ है और भारी सुरक्षाबलों की तैनाती के कारण हिंसा पर काबू भी पा लिया गया है, किंतु अभी भी राज्य में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने गुरुवार को गुस्से में कर्इ इलाकों में स्कूलों, चर्चो, वाहनों व घरों सहित कई चीजों का नुकसान किया था।

बता दें, राज्य में यह अराजकता 3 मई को ऑल ट्राइबल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ मणिपुर (टीएसयूएम) की एक रैली के हिंसक हो जाने के बाद हुई थी। इस रैली में 60 हजार से ज्यादा लोगों के शामिल होने का अनुमान है।

हिंसा को देखते हुए आरएएफ, सीआरपीएफ और बीएसएफ सहित अर्धसैनिक बलों की 14 कंपनियों को राज्य में तैनात किया गया है साथ ही भारतीय वायुसेना (आईएएफ) भी सक्रिय है।

भारतीय सेना ने शुक्रवार बयान जारी कर कहा कि उन्होंने लगभग 13 हजार नागरिकों को बचाया है जो सैन्य चौकियों या अन्य स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। चुराचंदपुर, कांगपोकपी, मोरेह और काकचिंग स्थिति अब नियंत्रण में है। गुरुवार रात से किसी भी बड़ी हिंसा की सूचना नहीं है। यह स्थिति तब है जब राज्यपाल ने राज्य गृह विभाग को गोली मारने के आदेश को मंजूरी दी। आगजनी और सड़क जाम की छिटपुट घटनाओं के अलावा इंफाल में लोग घरों में ही रहे।

मणिपुर में तनाव, सीआरपीएफ का छुट्टी गए कर्मियों को रिपोर्ट करने का निर्देश

मणिपुर में तनाव जारी है और स्थिति अभी भी खराब बनी हुई है। इंफाल घाटी में बड़े पैमाने पर सुरक्षाबलों की मौजूदगी के बीच हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बावजूद फिलहाल शांति बनी हुई है। इस बीच सीआरपीएफ ने मणिपुर राज्य के अपने कर्मियों और छुट्टी पर अपने गृह राज्य गए कर्मियों को निर्देश दिया कि वे तत्काल परिवार सहित नजदीकी सुरक्षा अड्डे पर रिपोर्ट करें।

पिछले 48 घंटों के दौरान मणिपुर में हुई हिंसा पर काबू पाने और शांति कायम करने के लिए पड़ोसी राज्यों से सड़क और हवाई मार्ग से अधिक बल भेजे गए हैं। एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा कि कुल 13,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। कुछ लोगों को सेना के शिविरों में स्थानांतरित कर दिया गया है, जबकि सेना ने चुराचांदपुर, मोरेह, काकचिंग और कांगपोकपी जिलों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।

मणिपुर सरकार ने सीआरपीएफ के पूर्व प्रमुख को सलाहकार नियुक्त किया है। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि सीआरपीएफ का एक कोबरा कमांडो छुट्टी पर था और मणिपुर के चुराचांदपुर में उनके गांव में सशस्त्र हमलावरों ने शुक्रवार दोपहर को उनकी हत्या कर दी।

उधर विभिन्न पहाड़ी जिलों से सुबह के समय उग्रवादी समूहों और सुरक्षाबलों के बीच रुक-रुक कर गोलीबारी की खबरें आ रही हैं, हालांकि शांति की स्थिति बनी हुई है। उधर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह और शीर्ष अधिकारियों के साथ मिलकर मणिपुर की स्थिति की समीक्षा की।

केंद्र सरकार ने मणिपुर में हिंसा को देखते हुए सीआरपीएफ और बीएसएफ सहित केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की और 20 कंपनियों को रवाना किया है।  राज्य में हिंसा को देखते हुए मणिपुर जाने वाली ट्रेनें शुक्रवार को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं। भारतीय वायु सेना के सी17 ग्लोबमास्टर और एएन32 विमानों ने असम की दो हवाई पट्टियों से कई उड़ानें भरकर क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षाबल पहुंचाए हैं।