Germany में लहराया तिरंगा: घुड़सवार अनुष अग्रवाला का ‘सिल्वर’ पंच     

Big Achievement : भारतीय घुड़सवार Anush Agarwala ने जर्मनी में आयोजित 'सीडीआई हागेन ड्रेसाज' में अपनी घोड़ी फ्लोरियाना के साथ रजत पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहराया है। 70.94% अंकों के साथ मिली यह शानदार जीत न केवल अनुष की वैश्विक रैंकिंग को मजबूत करती है, बल्कि आगामी एफईआई प्रतियोगिताओं के लिए भी भारतीय घुड़सवारी के बढ़ते कद का एक शक्तिशाली संकेत है...

जीत की नई लय: आगामी ओलंपिक और एफईआई प्रतियोगिताओं की ओर अनुष के मजबूत कदम…Photo Source : thehawk
जीत की नई लय: आगामी ओलंपिक और एफईआई प्रतियोगिताओं की ओर अनुष के मजबूत कदम…Photo Source : thehawk

तहलका डेस्क।

नयी दिल्ली। भारतीय घुड़सवारी के उभरते सितारे Anush Agarwala ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर देश का मान बढ़ाया है। जर्मनी के Hagen में आयोजित प्रतिष्ठित ‘CDI Hagen Dressage Competition’ में अनुष ने शानदार कौशल का प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ ही अनुष ने वैश्विक स्तर पर भारतीय घुड़सवारी की बढ़ती धमक का परिचय दिया है। प्रतियोगिता के दौरान अनुष ने अपनी अनुभवी घोड़ी ‘फ्लोरियाना’ के साथ तालमेल बिठाते हुए 70.94 प्रतिशत का प्रभावशाली स्कोर अर्जित किया।

इस उच्च स्तरीय प्रतियोगिता में अनुष और फ्लोरियाना की जोड़ी ने तकनीकी सटीकता और कलात्मक प्रस्तुति का बेजोड़ नमूना पेश किया। ड्रेसाज स्पर्धा, जिसे घुड़सवारी का सबसे कठिन और अनुशासित प्रारूप माना जाता है, उसमें भारतीय खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय जजों के सामने बेहद संतुलित और सधी हुई प्रस्तुति दी।  

अपनी इस विशेष उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए अनुष अग्रवाला ने कहा कि सीडीआई हागेन का यह परिणाम फ्लोरियाना के साथ उनकी बेहतरीन साझेदारी का प्रमाण है। उन्होंने हर्ष जताया कि वे अपने कठिन अभ्यास को पदक में बदलने में सफल रहे। अनुष ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तिरंगे का प्रतिनिधित्व करने को अपने लिए गौरवपूर्ण बताया और भविष्य की प्रतियोगिताओं में भी इसी लय को बरकरार रखने का संकल्प दोहराया। विश्लेषणात्मक दृष्टि से यह रजत पदक न केवल अनुष की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में उनकी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ करेगा।

आगामी एफईआई (FEI) प्रतियोगिताओं और ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों के लिहाज से इसे भारतीय घुड़सवारी के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। Sports Ministry और भारतीय घुड़सवारी महासंघ ने भी अनुष के इस प्रदर्शन को सराहा है, जिससे देश के अन्य युवा घुड़सवारों को भी वैश्विक फलक पर अपनी पहचान बनाने की प्रेरणा मिलेगी।