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एनसीपी की 16 सदस्यीय कोर कमेटी ने शरद पवार का इस्तीफा किया नामंजूर

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की शुक्रवार को 16 सदस्यीय कोर कमेटी की बैठक ने शरद पवार के इस्तीफे को नामंजूर कर दिया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी कि, “पार्टी को ही नहीं बल्कि राज्य और देश की राजनीति को भी शरद पवार जी की जरूरत है। एनसीपी कमेटी ने शरद पवार का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। कमेटी के सभी सदस्यों ने ये फैसला सर्वसम्मति से लिया है।“

उन्होंने आगे कहा कि, “कुछ दिनों पहले शरद पवार ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की एक कमेटी गठित कर नए अध्यक्ष चुनने की जिम्मेदारी हमें दी थी। इस कमेटी में मेरा नाम पहला था। जब शरद पवार ने इस्तीफे की घोषणा की थी, तब हम सभी उस कार्यक्रम में थे। इसके बाद से ही उनसे इस्तीफा वापस लेने की अपील की जा रही है।“

प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि, “कमेटी के सभी सदस्य अब शरद पवार के पास जाएंगे और जो प्रस्ताव पास किया गया है, उससे अवगत कराया जाएगा। शरद पवार का पार्टी अध्यक्ष के रूप में जब तक कार्यकाल है, तब तक वह इस पद पर बने रहेंगे। इसके बाद भी पार्टी निर्णय करेगी कि क्या होना चाहिए। कमेटी के इस फैसला के बाद एनसीपी कार्यकर्ताओं में जश्न शुरू हो गया है।“

आपको बता दें, शरद पवार ने 2 मई को अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के ऐलान के बाद से ही उनके इस फैसले का विरोध जारी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी व तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने भी गुरुवार को शरद पवार से इस्तीफा देने की अपील की थी।

मणिपुर में स्थिति बदतर, सरकार ने दिया ‘शूट-एट-साइट’ का आदेश

मणिपुर में हालत और खराब हो गए हैं। राज्य में ‘शूट-एट-साइट’ का आदेश जारी किया गया है। राज्य में प्रदर्शनकारी जनजातीय समूह लगातार रैलियां निकाल रहे हैं और कई ट्रेन रोकी गयी हैं। आगजनी की कई घटनाएं हुई हैं और लोगों की जान जाने की भी ख़बरें हैं। वहां इंटरनेट बंद है और कर्फ्यू के कारण लोगों की दिक्क्तें बढ़ गयी हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मणिपुर में हिंसा के बाद स्थिति बदतर हो गयी है। विवाद की वजह से सरकार को नागरिकों की सुरक्षा का डर सता रहा है। प्रशासन ने हिंसाग्रस्त इलाकों में सख्ती बढ़ा दी है और राज्य की सुरक्षा के लिए सरकार ने ‘शूट एट साइट’ आदेश जारी किया है।

आदेश के मुताबिक अगर इलाके में शरारती तत्व नजर आए तो उन्हें सुरक्षाबल देखते ही गोली मार सकते हैं। ऐसे आदेश बेहद संवेदनशील मामलों में जारी किए जाते हैं। आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के बीच हिंसा इतनी बढ़ गई है कि हालात बेकाबू हो गए हैं।

जगह-जगह हिंसा की लपटें सुलग रही हैं। मणिपुर सरकार ने तब जाकर शूट एट साइट का आदेश जारी किया है। करीब 9,000 से ज्यादा लोगों को अलग-अलग गांवों से विस्थापित कर दिया गया है। मणिपुर में आदिवासियों और बहुसंख्यक मेइती समुदाय के बीच हिंसा भड़की है। दंगा रोकने के लिए सेना और असम राइफल्स की 55 टुकड़ियां तैनात की गई हैं। सेना ने स्थिति बिगड़ने की स्थिति में तैनाती के लिए 14 टुकड़ियों को स्टैंडबाय पर रखा है।

मणिपुर के कई जिले हिंसा की चपेट में हैं। भारतीय सेना ने नागरिकों से केवल आधिकारिक और सत्यापित स्रोतों के माध्यम से मिलने वाली जानकारी पर भरोसा करने का आग्रह किया है। मणिपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति के बाद, पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने मणिपुर जाने वाली सभी ट्रेनों को रोक दिया गया है।

एनएफ रेलवे के सीपीआरओ सब्यसाची डे ने एएनआई से कहा कि स्थिति में सुधार होने तक कोई ट्रेन मणिपुर में प्रवेश नहीं कर रही है। मणिपुर सरकार द्वारा ट्रेन की आवाजाही रोकने की सलाह के बाद यह फैसला लिया गया है। राज्य में लगातार बढ़ रही हिंसा को देखते हुए, मोबाइल डेटा के बाद अब मणिपुर में ब्रॉडबैंड सेवाएं भी निलंबित हैं।

सरकार ने रिलायंस जियो फाइबर, एयरटेल एक्सट्रीम, बीएसएनएल अदि को हिंसा और अफवाह फैलाने के लिए ब्रॉडबैंड और डेटा सेवाओं पर रोक लगाने का आदेश दे दिया है। मणिपुर राज्य में मौजूदा स्थिति के कारण अगले 5 दिन के लिए इंटरनेट सेवाओं के निलंबन का आदेश दिया गया है। गृह मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी  लगातार राज्य के संपर्क में है और स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं।

हिंसा को लेकर सेना के प्रवक्ता ने कहा – ‘अभी तक हिंसाग्रस्त चूड़चंदपुर में करीब 5,000 लोगों को सुरक्षित गृहों में पहुंचाया गया है, वहीं 2,000 लोगों को इंफाल घाटी और 2,000 अन्य लोगों को तेंगनौपाल जिले के सीमावर्ती शहर मोरेह में निकाला गया है।’

पंजाब की बड़ी किसान यूनियन जुड़ी पहलवानों से, दिल्ली आएंगी महिलाएं

जंतर मंतर पर यौन उत्पीड़न के आरोपों के साथ धरना दे रहीं महिला पहलवानों और अन्य को पंजाब की सबसे किसान यूनियन – भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) – का समर्थन मिला है। यूनियन से जुड़ी हजारों महिलाऐं अब दिल्ली में इन पहलवानों के समर्थन में विरोध प्रदर्शन करेंगी।

जानकारी के मुताबिक गुरूवार को किये गए फैसले में कहा गया है कि यूनियन के
अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां के नेतृत्व में पंजाब से हजारों महिलाएं जंतर-मंतर पर खिलाड़ियों का साथ देने पहुंच रही हैं। इसके अलावा 11, 12 और 13 को पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में भी इनकी तरफ से बड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

किसान नेता चौधरी नरेश टिकैत ने ट्वीट में बताया – ‘दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे पहलवानों के धरने पर पुलिस के दुर्व्यवहार के विरोध में ऐतिहासिक सर्वखाप मुख्यालय सौरम पर तत्काल में पंचायत बुलाई गई। इसमें खापों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और सर्वसम्मति से 7 मई को दिल्ली चलने का फैसला किया।’

याद रहे पहलवान 23 अप्रैल से जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। वे भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह, जो भाजपा के सांसद भी हैं,  के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोप लगा रहे हैं। धरने पर बैठे पहलवान बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

कल पहलवानों और कुछ पुलिसकर्मियों के बीच कथित तौर पर हाथापाई भी हुई थी। इस घटना में कुछ प्रदर्शनकारियों के सिर पर चोटें आई थीं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिला पहलवानों के हक में आवाज उठाई है और लगातार भाजपा पर हमला कर रहे हैं।

एनसीपी की अहम बैठक आज, नया अध्यक्ष के रूप में सुले का नाम आगे

क्या एनसीपी प्रमुख पद से इस्तीफा दे चुके कद्दावर नेता शरद पवार आज पार्टी की होने वाली बैठक में अपना इस्तीफा वापस लेंगे, यह एक बड़ा सवाल है। इस बैठक में एनसीपी के नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा होगी और अभी तक ऐसा लगता है कि शरद पवार ने इस्तीफा वापस नहीं लिया तो उनकी सांसद बेटी सुप्रिया सुले पार्टी की नई अध्यक्ष बन सकती हैं।

सुले से पिछले कल कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने फोन पर बात की थी जिसके बाद महाराष्ट्र में अटकलों का दौर जारी है। पवार के भतीजे अजित पवार को भी इस पद की दौड़ में शामिल माना जाता है, हालांकि, हाल में उनके बयानों से पार्टी के भीतर उलझन की स्थिति है। उनके आलावा वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल भी पद के दावे दार हैं।

पवार ने इस्तीफे के बाद एक समिति बनाई थे जिसे नए अध्यक्ष का चयन करना है जो काफी मुश्किल काम है क्योंकि अजित पवार और प्रफुल्ल पटेल की अपनी महत्वाकांक्षाओं हैं। उधर पार्टी के वरिष्ठ नेता छग्गन भुजबल शरद पवार के उत्तराधिकारी के रूप में सुप्रिया सुले का समर्थन कर चुके हैं।

आज की बैठक में समिति सबसे पहले शरद पवार से अपना इस्तीफा वापस लेने का अनुरोध कर सकती है जिसका सभी सदस्य समर्थन करेंगे। हालांकि, पवार का रुख क्या होगा, यह बैठक में पता चलेगा।

यदि सुप्रिया सुले को नया अध्यक्ष चुना जाता है तो उनका रोल काफी महत्वपूर्ण हो जाएगा। संभावना है कि पिता की तरह सुले विपक्षी दलों से तालमेल की भूमिका भी निभाएं, हालांकि, शरद पवार राजनीति में सक्रिय रहेंगे ही। सबसे अहम अजित पवार को शांत रखना है जो लगातार दबाव की राजनीति करते रहे हैं। शरद के वफादार अजित की इस भूमिका से बहुत ज्यादा खुश नहीं माने जाते।

इस बैठक पर महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी की भी नजर है, एनसीपी जिसकी गठबंधन सहयोगी है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी गुरुवार को सुले से बात की थी। बता दें अजित पवार इस समय विपक्ष के नेता हैं।

पाकिस्तान में सुन्नी शिक्षक की हत्या के बदले 7 शिया शिक्षकों की हत्या

लंबे समय से अशांत चल रहे पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में गुरूवार को गोलीबारी की अलग-अलग घटनाओं में 8 स्कूली शिक्षकों की हत्या कर दी गयी है। यह घटना जब हुई तब शिक्षक परीक्षाओं की ड्यूटी पर थे। इनमें एक शिक्षक सुन्नी और 7 शिया समुदाय के थे और इसे बदले में की गयी कार्रवाई बताया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को इसमें सांप्रदायिक हिंसा प्रतीत होती है। पुलिस के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में ऊपरी कुर्रम जनजातीय जिले के पाराचिनार मुख्यालय में शालोजान रोड पर कुछ अज्ञात बंदूकधारियों ने तेरी मेंगल जनजाति (सुन्नी जनजाति) से संबंध रखने वाले मुहम्मद शरीफ नामक एक शिक्षक पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।

इस घटना से गुस्साए टेरी मेंगल आदिवासियों ने जिले के सरकारी तेरी मेंगल हाई स्कूल के स्टाफ रूम पर धावा बोल दिया और तोरी (शिया जनजाति) के सात शिक्षकों की हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि सभी शिक्षक अपनी परीक्षा ड्यूटी करने के लिए स्कूल में थे।

इस हमले के बाद हमलावर फरार हो गए। किसी समूह या व्यक्ति ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन यह क्षेत्र सुन्नियों और शियाओं के बीच सांप्रदायिक संघर्ष के लिए जाना जाता है।

सर्बिया में चलती गाड़ी से गोलियां बरसाईं, 8 लोगों की गयी जान

गोलीबारी की एक बड़ी घटना में सर्बिया में 8 लोगों की मौत हो गयी और कई लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमलावर ने चलती गाड़ी से स्वचालित हथियार से गोलियां चलायीं और फरार हो गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस हमलावर को अभी ढूंढ नहीं पाई है। यह घटना सर्बिया की राजधानी बेलग्रेड से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण में एक सर्बियाई शहर म्लाडेनोविक के पास हुई। घटना गुरुवार देर रात की है जिसमें 8 लोगों की जान चली गयी है।

इस घटना में 13 लोग घायल हुए हैं जिन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि हमलावर ने चलती गाड़ी से स्वचालित हथियार से गोलियां चलायीं। घटना के बाद इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस तैनात की गयी है।

आरोपी की खोज के लिए हेलीकॉप्टर से क्षेत्र के ऊपर निगरानी की जा रही है। हाल में भी सर्बिया में गोलीबारी की एक घटना हुई थी जिसमें  एक नाबालिग छात्र ने स्कूल में छात्रों और सुरक्षा गार्डों पर फायरिंग कर 9 लोगों की जान ले ली थी।

किश्तवाड़ में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, इसमें सवार हैं तीन लोग

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ के पास गुरुवार को सेना का एक एएलएच ध्रुव हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया है। हादसे को लेकर अभी ज्यादा विवरण नहीं मिला है कि इसमें किसी की मौत तो नहीं हुई है। इसमें तीन लोग सवार थे।

जानकारी के मुताबिक याद हादसा किश्तवाड़ के मरवाह इलाके में हुआ है। इसमें तीन लोग सवार थे। उनके घायल होने की खबर है, हालांकि यह नहीं पता चला है कि उनकी चोटें कितनी गहरी हैं।

बता दें पिछले दो महीने में सेना के ध्रुव हेलीकॉप्टर के साथ यह तीसरा हादसा है। अभी यह पता नहीं चला है कि हेलीकॉप्टर कैसे हादसे का शिकार हुआ। ये कहां जा रहा था, इसे लेकर भी अभी कोई पुष्ट जानकारी नहीं मिली है।

छत्तीसगढ़ में दो वाहनों की टक्कर में 5 महिलाओं समेत 11 की मौत

छत्तीसगढ़ में एक बड़े हादसे में गुरुवार को 11 लोगों की मौत हो गयी। मरने वालों में 5 महिलाऐं और दो बच्चे शामिल हैं। हादसा तब हुआ जब दो वाहनों में आमने सामने टक्कर हो गयी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह हादसा बालोद जिले में हुआ जब एक स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (एसयूवी) की एक ट्रक से भीषण टक्कर हो गयी। हादसा तब हुआ जब धमतरी जिले के सोरम-भटगांव गांव के रहने वाले लोग विवाह समारोह में शामिल होने जा रहे थे। यह हादसा पिछली रात राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पुरूर थाना क्षेत्र के जगतारा गांव के पास हुआ।

हादसे में पांच महिलाओं और दो बच्चों समेत 11 लोगों की जान चली गयी। पुलिस के मुताबिक शादी समारोह में जाते हुए उनका वाहन ट्रक से टकरा गया। बोलेरो में सवार दस लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक बच्चे ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया।

ट्रक चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया है उसकी तलाश की जा रही है।
छत्‍तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना पर दुख जताते हुए ट्वीट में कहा – ‘ईश्वर दुर्घटना में दिवंगत आत्माओं को शांति और उनके परिवारजनों को हिम्मत दे।’

एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कार्यकर्ताओं को संबोधित कर अपना फैसला बदलने से किया इनकार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को यह साफ कर दिया कि वे अपने फैसला नहीं बदलेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को सूचित करते हुए कहा कि उनके उत्तराधिकारी को चुनने के लिए गठित की गई समिति अपना निर्णय 5 मई 2023 तक कर लेगी।

एनसीपी प्रमुख शरद पवार बुधवार को यशवंतराव चव्हाण सेंटर में कार्यकर्ताओं से मिले थे और उनका इस्तीफा वापस लेने के लिए दबाव डाल रहे कार्यकर्ताओं से उन्होंने कहा था कि, “आप शिकायत कर रहे हैं कि मैंने घोषणा करने से पहले किसी के साथ इस्तीफे के मुद्दे पर चर्चा नहीं की। अगर मैंने किसी से इस बारे में बात की होती तो मुझे नकारात्मक जवाब मिलता।  उन लोगों के साथ इस मामले पर चर्चा करने का क्या फायदा है जो वैसे भी ना करने वाले हैं?”

शरद पवार ने कार्यकर्ताओं को अपने संबोधन में 1960 से अपनी राजनीतिक यात्रा और विधायक के रूप में पांच दशकों से अधिक के अपने करियर के बारे में बताते हुए कहा कि, “भले ही मैं पार्टी अध्यक्ष नहीं हूं, मैं राज्य भर में दलितों, आदिवासियों, युवाओं और महिलाओं के साथ सक्रिय रहने का संकल्प लेता हूं। मैं लगातार पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ रहूंगा। मेरा काम आम लोगों के माध्यम से एक नया नेतृत्व स्थापित करना जारी रहेगा। ”

बता दें, बुधवार को एनसीपी की बैठक में शरद पवार को 15-20 कार्यकर्ताओं में से कुछ को सिसकते देखा गया। और जितेंद्र अव्हाण भी मीटिंग में मौजूद थे।

आपको बता दें, मंगलवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। जिसके बाद पार्टी के कार्यकर्ता और नेता उनके पद पर बने रहने का अनुरोध कर रहे है।

शराब पीकर पुलिस ने हमसे बदसलूकी की, दो को घायल किया: पहलवानों का आरोप

जंतर-मंतर पर 12 दिन से भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दे रहे पहलवानों और पुलिस के बीच पिछली रात जबरदस्त झड़प हो गयी। धरना पर बैठीं महिला पहलवानों ने बुधवार देर रात पुलिस पर मारपीट और बदसलूकी का आरोप लगाया है। इस घटना में दो पहलवानों के सिर पर चोट आई है और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। इस घटना के बाद यह विवाद तूल पकड़ गया है। यह मामला पहले से सुप्रीम कोर्ट में है जहाँ आज सुनवाई होनी है। विपक्ष ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा है।

महिला पहलवान इस घटना के बाद सुबह पत्रकारों से बातचीत के दौरान फूट -फूट कर रो पड़ीं। साक्षी मलिक ने आरोप लगाया है कि नशे में धुत एक पुलिसकर्मी ने उनसे बदतमीजी की। उधर विनेश फोगाट ने रोते हुए मीडिया को बताया कि शराब पीकर पुलिसकर्मी ने उन्हें गाली दी और उनके भाई का सिर फोड़ दिया।

मीडिया से बात करते हुए विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा – ‘पुलिसवाले ने गाली-गलौच की। बारिश से गद्दे भीग गए थे जिसके चलते हमने फोल्डिंग मंगाई थी। इसपर पुलिसवाले ने आपत्ति जाहिर की। एक पुलिस वाले ने शराब पी रखी थी। उसने हमारे साथ मारपीट की। क्या हम ये दिन देखने के लिए देश के लिए मेडल लाए थे? पुलिस ने हमारी दुर्दशा की है। हमारा एक पहलवान घायल है। उसे अस्पताल नहीं ले जाने दे रहे हैं।’

कांग्रेस के नेता दीपेंदर हुड्डा, भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी वहां पहुंचे लेकिन उन्हें हिरासत में लिया गया है। इससे रात में लेकिन पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया है। किसानों की पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। पुलिस ने जंतर-मंतर को पूरी तरह से सील कर दिया है।

आम आदमी पार्टी नेता सोमनाथ भारती ने पहलवानों के लिए चारपाई की व्यवस्था की थी जिसके बाद यह मामला भड़का। इसके लिए दिल्ली पुलिस ने सोमनाथ भारती को हिरासत में ले लिया है।

इस बीच गीता-बबीता की बहन और बजरंग पुनिया की पत्नी संगीता ने लोगों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है। उन्होंने लिखा- ‘आस-पास के दिल्ली के लोग हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग जल्द पहुंचे। हमारी बहन बेटियों की सुरक्षा जरूरी है।’

बताया गया है कि बुधवार को बारिश की वजह धरना स्थल पर जमीन पर सोया नहीं जा सकता था। इसके कारण चारपाई और फोल्डिंग की व्यवस्था की गई थी। पहलवानों के मुताबिक देर रात करीब साढ़े 10:45 बजे विनेश फोगाट अपनी बहन संगीता के साथ धरना स्थल से कुछ दूरी से चारपाई लेने जा रही थीं, तभी वहां नशे में धुत एक पुलिसकर्मी ने उनसे पूछा कि कहां जा रही हो। उन्होंने चारपाई लाने की बात कही, तो पुलिस ने विनेश से गाली-गलौज की। फिर मारपीट भी की गई।

उधर दिल्ली पुलिस ने पहलवानों के साथ मारपीट के आरोपों से इनकार किया है। पुलिस ने एक बयान में कहा – ‘जंतर-मंतर पर धरने के दौरान आप नेता सोमनाथ भारती बिना परमिशन चारपाई लेकर धरना स्थल पर आ गये। बीच-बचाव करने पर समर्थक ट्रक से बेड निकालने की कोशिश में आक्रामक हो गए। इसके बाद, एक मामूली विवाद हुआ।’

इस बीच पहलवानों ने आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों ने उनके साथ मारपीट की है। बजरंग पूनिया ने कहा कि यह बहुत ही खराब समय है। जिसके खिलाफ हमलोगों ने केस दर्ज करवाया उसके खिलाफ पुलिस ने कुछ भी नहीं किया है। वहीं खिलाड़ियों के साथ कैसे किया जा रहा है आप देख रहे हैं।