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नूंह हिंसा को लेकर हरियाणा खाप, किसान यूनियनों की मांग मोनू मानेसर को किया जाए गिरफ्तारी

हरियाणा के नूंह में सांप्रदायिक झड़पों के कुछ दिनों बाद बुधवार को किसान संघों और खाप पंचायतों ने गौरक्षक मोनू मानेसर की गिरफ्तारी की मांग और राज्य में शांति की अपील की है।

नूंह में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के धार्मिक जुलूस निकाला के बीच उसी दौरान दो जातीय समूहों में झड़प हुई और उसमें दो होम गार्ड समेत एक मौलवी की मौत हो गई थी।

झड़पों के सिलसिले में अब तक 113 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, 305 लोगों को गिरफ्तार भी किया जा चुका है और 106 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।

भारतीय किसान मजदूर संघ ने नूंह हिंसा को लेकर एक महापंचायत की इसमें हरियाणा के खापों, किसान, संघों समेत हिंदू, मुस्लिम और सिखों के धार्मिक नेताओं ने हिस्सा लिया। महापंचायत में शांति व सद्भाव के लिए कर्इ प्रस्ताव पारित भी किए।

हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी और झज्जर जिलों में कुछ पंचायत प्रमुखों ने कथित तौर पर ऑनलाइन पत्र लिखकर दावा किया कि, पंचायतों ने मुस्लिम व्यापारियों को उनके गांवों में व्यापार करने पर प्रतिबंध लगा दिया है। नूंह में सांप्रदायिक हिंसा से निपटने के लिए हरियाणा सरकार के तरीकों की किसान यूनियनों ने आलोचना करती रही है।

शिंदे गुट के विधायक के बेटे के खिलाफ किडनैपिंग के आरोप में एफआईआर दर्ज

मुंबई पुलिस ने शिवसेना (शिंदे गुट) के विधायक प्रकाश सुर्वे के बेटे राज सुर्वे और अन्य के खिलाफ गोरेगांव पूर्व इलाके से फिरौती के लिए एक व्यापारी राजकुमार सिंह का अपहरण करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की है।

पुलिस ने एफआईआर में विधायक के बेटे राज सुर्वे समेत 10-12 अज्ञात आरोपियों का जिक्र किया है। वहीं व्यापारी के मुताबिक उसे कल उसके ऑफिस से जबरन उठाया गया और बंदूक की नोक पर उन पर पटना के मनोज मिश्रा को दिए गए बिजनेस लोन को चुकाने के लिए दबाव डाला गया।

एफआईआर में राजकुमार ने कहा है कि, “दहिसर में विधायक प्रकाश सुर्वे के कार्यालय में ले उन्हें ले जाया गया, जहां विधायक के बेटे राज सुर्वे और उनके लोगों ने बंदूक की नोक पर उन्हें केस को निपटने और इस बारे में किसी से बात न करने की धमकी दी। ”

अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का आज आखिरी दिन, पीएम मोदी देंगे लोकसभा में अपना जवाब

संसद के मानसून सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव का आज आखिरी दिन है। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के लिए कुल 17 घंटे निर्धारित किए गए थे। इनमें से दो दिन 7-7 घंटे चर्चा हो चुकी है और आज 3 घंटे चर्चा होनी है। साथ ही आज ही पीएम मोदी भी अपना जवाब देंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मणिपुर में भड़की हिंसा पर लोकसभा में आज अपना जवाब देंगे। कल (बुधवार) को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी से सवाल करते हुए कहा कि, आप मणिपुर क्यों नहीं गए?  क्योंकि वे इसे भारत का हिस्सा नहीं मानते। आपने मणिपुर के दो हिस्से कर दिए है।

अविश्वास प्रस्ताव पर राज्यसभा में चर्चा होने की संभावना नहीं है क्योंकि संसद के मानसून सत्र में केवल दो बैठकें शेष बची है। लेकिन सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही अपने-अपने रुख पर अड़े हुए है। शुक्रवार को मानसून सत्र का आखिरी दिन है।

राघव चड्डा का भाजपा पर पलटवार कहा- कागज लेकर आए जिस पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे

संसद के मानसून सत्र में विपक्ष लगातार पहले ही दिन से सरकार को मणिपुर समेत कई अन्य मुद्दों पर घेर रहा हैं। इसी के चलते संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा देखा जा रहा है।

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने दिल्ली सेवा बिल मामले में फर्जीवाड़े के आरोपों पर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि, “नई परंपरा मोदी सरकार ने शुरू की है जो खिलाफ बोला उसको बाहर करो, एफआईआर करो। यहां तक की गृह मंत्री ने सदन में झूठ बोला। सेलेक्ट कमिटी में किसी का भी नाम प्रस्तावित कर सकते है, कोई हस्ताक्षर जरूरी नहीं। आपका एक ही मकसद है, वो है कि जैसे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सदस्यता ली वैसे ही राघव चड्डा की सदस्यता ली जाए।”

राघव चड्डा ने कहा कि, “बीजेपी का मंत्र है कि एक झूठ को हजार बार बोलो तो वो सच में तब्दील हो जाएगा। मुझे मजबूरन बीजेपी के झूठ का पर्दाफाश करने आना पड़ा। समिति या आसान के बारे में नहीं बोलूंगा केवल नियम पर बोलूंगा। रूल बुक के मुताबिक सेलेक्ट कमिटी में नाम प्रस्तावित करने के लिए आपकी लिखित सहमति या हस्ताक्षर चाहिए। झूठ फैलाया गया कि फर्जीवाड़ा हो गया। बीजेपी को चुनौती है कि वो कागज लेकर आएं जहां हस्ताक्षर हो। कहां है वो कागज, ये सब क्यों हुआ?”

आप नेता राघव चड्डा ने आगे कहा कि, “ये सब इसलिए हुआ कि एक 34 साल के युवा ने हमसे सवाल कैसे पूछे, ललकारा कैसे?  हमने उनका डबल स्टैण्डर्ड एक्सपोज किया। बीजेपी मेरे पीछे पड़ गई है, ये दूसरा नोटिस है विशेषाधिकार का इसी हफ्ते में। जैसे राहुल गांधी की सदस्यता छीनी, हमारे दो सांसदों को सस्पेंड किया उसी तरह अघोषित आपातकाल लगाने की कोशिश है। मेरी आवाज दबेगी नहीं। बीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली सेवा संबंधी विधेयक को प्रवर समिति को भेजने का प्रस्ताव राज्यसभा में पेश करने के दौरान आप नेता राघव चड्डा ने फर्जीवाड़ा किया और जिस पर आपराधिक मामला दर्ज किए जाने की मांग की गई है।”

चड्डा ने अपने सहयोगियों समेत भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया है कि, “भगवा दल झूठ फैला रहा है। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने सोमवार को घोषणा की थी कि कम से कम चार सांसदों द्वारा की गई शिकायत की जांच की जाएगी। दिल्ली सेवा बिल संबंधी विधेयक को लेकर प्रस्तावित प्रवर समिति में उनके नाम का प्रस्ताव बिना उनकी सहमति के किया गया। चड्डा ने उच्च सदन में दिल्ली सेवा संबंधी विधेयक की जांच करने के लिए प्रवर समिति गठित करने का प्रस्ताव किया था। ”

लोकसभा कैमरो में रिकॉर्ड नहीं हुई फ्लाइंग किस, देखने होंगे सीसीटीवी फुटेज

संसद के मानसून सत्र में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा जारी है। प्रस्ताव पर चर्चा के दूसरे दिन कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपना भाषण लोकसभा में दिया। किंतु राहुल के भाषण के बाद भाजपा महिला सांसद स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल ने उनकी तरफ देखकर फ्लाइंग किस का इशारा किया। स्मृति ईरानी के इस आरोप के बाद सदन में राहुल गांधी के के खिलाफ बीजेपी की महिला सांसदों ने स्पीकर से शिकायत की है।

बता दें, राहुल गांधी अपना भाषण देने के बाद थोड़ी ही देर में सदन से राजस्थान के लिए रवाना हो गए थे। लेकिन सत्ता पक्ष को उनका जाना रास नहीं आया वे चाहते थे कि राहुल गांधी की मौजूदगी में ही स्मृति ईरानी कांग्रेस और उन पर हमला करें।

लेकिन कल (बुधवार) को राजस्थान में कांग्रेस का एक आदिवासी कार्यक्रम था जिसमें शिरकत करने के लिए राहुल गांधी अपने भाषण देने के बाद संसद से चले गए थे।

हालांकि जैसा की सत्ता पक्ष की सांसदों का कहना है राहुल गांधी ने उन्हें फ्लाइंग किस दी किंतु ऐसी कोई भी घटना लोकसभा की कार्यवाही के प्रसारण के लिए लगाए गए दर्जनों कैमरो में नजर नहीं आई।

आपको बता दें, महिला सांसदों की स्पीकर से शिकायत के बाद यदि राहुल गांधी पर कोई कार्रवाई की जाती है तो स्पीकर को लोकसभा के सीसीटीवी फुटेज का सहारा लेना होगा जिससे की उनके द्वारा लगाया गया आरोप सच है या झूठ इसका फैसला हो सके। 

केदारनाथ गौरीकुंड में भारी बारिश के चलते भूस्खलन से दो बच्चों की मौत, एक घायल

उत्तराखंड के केदारनाथ में गौरीकुंड में फिर से भारी बारिश के कारण भूस्खलन से नेपाली मूल के तीन बच्चे मलबे में दब गए हैं और इनमें से दो बच्चों की मौत हो गर्इ है व एक घायल है।

भूस्खलन की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने घायल बच्चे को रेस्क्यू कर अस्पताल में भर्ती करवाया है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र ने कहा कि, “आज बुधवार को गौरीकुंड में नेपाली मूल के तीन बच्चे भूस्खलन की चपेट में आने से दब गए। इस घटना में तीन ही बच्चों के दबने की सूचना थी। जिसमें बड़ी लड़की स्वीटी 8 वर्ष, छोटी लड़की पिंकी 5 वर्ष व एक छोटा बच्चा मलबे में दबे थे।”

हालांकि तीनो बच्चों को स्थानीय पुलिस और एनडीआरएफ व स्थानीय लोगों की मदद से गौरीकुंड हॉस्पिटल में उपचार के लिए भेजा गया। स्टीवी ठीक है।

वहीं उत्तराखंड मौसम पूर्वानुमान में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में उत्तराखंड चार धाम यात्रा पर जाने वाले तीर्थ यात्रियों से अपील की जाती है यात्रा रूट पर जाने से पहले मौसम अपडेट जरूर ले और अपील की गर्इ है कि तय समय सीमा पर गंतव्य पर पहुंचे।

केजरीवाल ने राहुल गांधी को लिखा पत्र कहा- दिल्ली सेवा विधेयक के खिलाफ सदन के अंदर और बाहर आवाज उठाने के लिए धन्यवाद

संसद के मानसून सत्र में दिल्ली सेवा विधेयक दोनों सदनों से पास हो गया है। अब दिल्ली सरकार में प्रशासनिक फैसलों को लेकर बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सेवा विधेयक पर संसद में साथ देने के लिए पत्र लिखकर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सांसद राहुल गांधी का धन्यवाद किया है।

अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड सांसद राहुल गांधी को पत्र में लिखा कि, “जीएनसीटीडी (अमेंडमेंट) बिल 2023 को आपकी पार्टी की ओर से खारिज के जाने और इसके खिलाफ वोटिंग के लिए मैं दिल्ली के 2 करोड़ लोगों की तरफ से कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। संसद के बाहर और अंदर बिल के खिलाफ आवाज उठाने के लिए मैं दिल से तारीफ और धन्यवाद करता हूं।”

दिल्ली सीएम ने पत्र में आगे कहा कि, “मुझे विश्वास है कि संविधान के सिद्धांतों के प्रति आपकी अटल निष्ठा को दशकों तक याद किया जाएगा। संविधान की अनदेखी करने वाली ताकतों के खिलाफ लड़ाई में आपका समर्थन मिलते रहने का विश्वास है।”

आपको बता दें, ‘इंडिया’ गठबंधन की 26 पार्टियों में ‘आप’ भी शामिल है। और आज केजरीवाल द्वारा लिखे गए पत्र में यह इशारा भी किया गया है कि वह इस गठबंधन के साथ ही जुड़े रहेंगे।

लेकिन यह पहली दफा नहीं है जब अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने कांग्रेस से समर्थन लिया है। दिल्ली में कांग्रेस के समर्थन से ही उन्होंने पहली बार सरकार बनाई थी जो कि 49 दिन ही चल सकी थी। हालांकि आप ने कांग्रेस से दिल्ली, पंजाब से सत्ता छीनी साथ ही गुजरात, गोवा समेत कई राज्यों से कांग्रेस के वोटों में भी कटौती की है किंतु आज आप और कांग्रेस केवल इसलिए साथ है कि केंद्र की मोदी सरकार को वर्ष 2024 के लोकसभा चुनावों में हरा सके।

इंजन फेल होने पर भी चंद्रयान-3 करेगा चांद पर सफल लैंडिंग – इसरो चीफ एस. सोमनाथ

चंद्रयान 3 सफलतापूर्वक चांद के और करीब पहुंच गया है। इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने बताया कि यदि चंद्रयान-3 का सेंसर और दोनों इंजन काम करना बंद भी कर देंगे तो भी विक्रम लैंडर 23 अगस्त को चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने में सक्षम होगा।

इसरो प्रमुख एस. सोमनाथ ने एक कार्यक्रम में बताया कि, “विक्रम लैंडर का पूरा डिजाइन इस प्रकार तैयार किया गया है कि यह विफलताओं को संभालने में सक्षम है। बशर्ते प्रोपल्शन सिस्टम अच्छी तरह काम करता रहे।”

बता दें, 17 अगस्त को चंद्रयान-3 के लिए बेहद खास दिन है क्योंकि चंद्रयान-3 चाँद के 100 किलोमीटर के ऑर्बिट में पहुंच जाएगा। और उसी दिन प्रोपल्शन मॉडल और लैंडर एक दूसरे से उसी दिन अलग भी हो जाएगा।

18 और 20 अगस्त तक लैंडर मॉडल अपनी स्पीड कम करेगा और डी-ऑर्बिटिंग करने का प्रयास करेगा। इसके बाद चंद्रयान-3 चांद के 100 गुना 30 किसी के ऑर्बिट में पहुंच जाएगा। और यदि चंद्रयान-3 इन सभी स्तर को पार करता है तो 23 अगस्त को शाम 5.45 बजे चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने की कोशिश करेगा।

इसरो ने बताया कि, 23 अगस्त को शाम 5.45 मिनट पर चंद्रयान-3 चांद के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने का प्रयास करेगा। चंद्रयान-3 अपने साथ विक्रम लैंडर और प्रज्ञान रोवर को लेकर गया है। इस मिशन में विक्रम लैंडर का महत्वपूर्ण रोल है। यह रोवर को लेकर चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। लैंडिंग के बाद रोवर चांद के सतह पर पानी और रसायनों की खोज करेगा।

सीजेआई चंद्रचूड़ ने रंजन गोगोई के बयान पर कहा- ‘जब हम जज नहीं होते तब हमारी बात केवल राय’

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) डीवाई चंद्रचूड़ ने मंगलवार को कहा कि, न्यायाधीश के पद से हटने के बाद वे जो कुछ भी कहते हैं वह सिर्फ राय होती है और बाध्यकारी नहीं होती है।

बता दें, संविधान के मूल ढांचे के सिद्धांत पर पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की टिप्पणी का उच्चतम न्यायालय में जिक्र किये जाने के बाद सीबीआई चंद्रचूड़ का यह बयान आया है।

राज्यसभा में सोमवार को मनोनीत सदस्य और पूर्व प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने दिल्ली सेवा बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए कहा था कि, “केशवानंद भारती मामले में पूर्व सॉलिसिटर जनरल (टीआर) अंध्यारूजिना की एक किताब है। पुस्तक पढ़ने के बाद मेरा विचार है कि संविधान के मूल ढांचे के सिद्धांत का एक चर्चा किए जाने योग्य न्याय शास्त्रीय आधार है। इससे ज्यादा मैं और कुछ नहीं कहूंगा।”

आपको बता दें, सन् 1973 में केशवानंद भारती मामले में दिए गए ऐतिहासिक फैसले में शीर्ष अदालत ने संविधान के मूल ढांचे का सिद्धांत दिया था और कहा था कि लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता, संघवाद और कानून के शासन जैसी कुछ मौलिक विशेषताओं में संसद संशोधन नहीं कर सकती है।

वहीं नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता मोहम्मद अकबर लोन की ओर से शीर्ष अदालत में पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दिए न्यायमूर्ति रंजन गोगोई के बयान का जिक्र किया।

मोहम्मद अकबर ने जम्मू-कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत प्राप्त विशेष दर्जे को निरस्त किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सिब्बल ने दलील दी कि जिस तरह से केंद्र ने जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा रद्द किया है वह किसी तरह से न्यायोचित नहीं है, जब तक कि कोई नया न्यायशास्त्र नहीं लाया जाता। ताकि वे अपने पास बहुमत रहने तक जो चाहें कर सकें।

कपिल सिब्बल ने कहा, “अब आपके एक सम्मानित सहयोगी ने कहा है कि ‘वास्तव में बुनियादी ढांचे का सिद्धांत भी संदिग्ध है।’  इसपर न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा कि, श्री सिब्बल जब आप किसी सहकर्मी का जिक्र करते हैं, तो आपको मौजूदा सहकर्मी का जिक्र करना होगा। जब हम न्यायाधीश के पद से हट जाते हैं तब हम जो भी कहते हैं वे केवल राय होती है और बाध्यकारी नहीं होती है।”

दूसरी ओर केंद्र सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि, संसद की कार्यवाही की चर्चा संसद में नहीं की जाती है उन्होंने कहा कि श्री सिब्बल यहां भाषण दे रहे हैं, क्योंकि वह कल संसद में नहीं थे। उन्हें संसद में जवाब देना चाहिए था।”

राहुल गांधी को संसद की हाउसिंग कमेटी ने फिर से बंगला किया अलॉट

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने के बाद उन्हें संसद की हाउसिंग कमेटी ने फिर से बंगला अलॉट कर दिया है। राहुल गांधी को फिर से उनका पुराना बंगला 12 तुगलक लेन आवंटित किया गया है।

हालांकि बंगला मिलने के बाद जब राहुल गांधी ने प्रतिक्रिया की है और कहा कि पूरा हिंदुस्तान मेरा घर है।

मोदी सरनेम मानहानि मामले में राहुल गांधी की मार्च के महीने में संसद सदस्यता चली गर्इ थी। जिसके बाद अप्रैल में उन्होंने अपना आधिकारिक आवास खाली कर दिया था।