
रांची, 13 अगस्त। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और भ्रष्टाचार के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। प्रदर्शनकारी छात्रों ने चेतावनी दी है कि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। इसी के तहत 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी की जा रही है।
मुख्यमंत्री आवास के घेराव की घोषणा के बाद रांची प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। आवास के आसपास मल्टी-लेयर बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई है। प्रशासन प्रदर्शन की संभावित स्थिति को देखते हुए लगातार निगरानी कर रहा है।
JPSC-JSSC परीक्षा विवाद पर आंदोलन जारी
छात्रों का आंदोलन मुख्य रूप से झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर है। प्रदर्शनकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित गड़बड़ियों की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान 14वीं JPSC परीक्षा समेत भर्ती प्रक्रिया से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए हैं।
आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल देवेंद्र नाथ महतो लगातार अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल से जुड़े रहे हैं। स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर सरकार से स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई है।
हाईकोर्ट में भी पहुंचा मामला
JPSC और JSSC परीक्षाओं से जुड़े विवाद को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) भी दाखिल की गई है। इससे आंदोलन का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर के साथ न्यायिक स्तर पर भी पहुंच गया है।
पिछले दिनों छात्रों और सरकार के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन प्रदर्शनकारी अब भी पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। बातचीत में गतिरोध बना रहने के कारण आंदोलन लगातार लंबा खिंच रहा है।
छात्रों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं की प्रक्रिया में विश्वास बहाल करने के लिए सिर्फ आश्वासन पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि स्पष्ट और ठोस कार्रवाई जरूरी है। दूसरी ओर, राज्य सरकार ने पहले छात्रों से संवाद के जरिए समाधान निकालने और दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।
आंदोलन के और व्यापक होने की आशंका
20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी ने राज्य प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में छात्रों की रणनीति और सरकार के रुख पर निगाह रहेगी। आंदोलन यदि व्यापक होता है तो इसका असर रांची की कानून-व्यवस्था और राजनीतिक माहौल पर भी पड़ सकता है।
