
रांची। झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा मंगलवार को बुलाए गए राज्यव्यापी झारखंड बंद का कई जिलों में व्यापक असर देखने को मिला। रांची, गिरिडीह, रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग और अन्य क्षेत्रों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन, सड़क जाम और विरोध मार्च निकाले।
रांची में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने पुरानी विधानसभा से नई विधानसभा तक मार्च निकालने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने उन्हें रास्ते में रोक दिया। इस दौरान कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 200 से अधिक ABVP कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर खेलगांव स्थित अस्थायी कैंप जेल भेजा गया।
उधर, JPSC-JSSC भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का आंदोलन लगातार 18वें दिन भी जारी रहा। आंदोलनकारी भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने, मामले की CBI जांच, भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार और पारदर्शिता की मांग पर अड़े हुए हैं। सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की वार्ता के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।
आंदोलन के दौरान कई छात्र अब भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो, जिन्हें स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, ने कहा कि न्याय मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं अन्य प्रदर्शनकारियों ने भी शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराया।
सोमवार को विधानसभा मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विवाद लगातार बढ़ रहा है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान 14 पुलिसकर्मी घायल हुए, जबकि छात्र संगठनों का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। इस घटना को लेकर राज्य की राजनीति भी गरमा गई है और विपक्ष सरकार पर छात्रों की आवाज दबाने का आरोप लगा रहा है।
