रेलवे में स्वच्छता अभियान 6.0 की तैयारी शुरू

रेलवे में स्वच्छता अभियान 6.0 की तैयारी शुरू
भारतीय रेलवे ने स्वच्छता अभियान 6.0 की तैयारी शुरू कर दी है। इस बार ई-वेस्ट और कबाड़ के निपटारे पर खास ध्यान दिया जाएगा। 150 से ज्यादा नोडल अधिकारी अभियान की निगरानी करेंगे। यह एआई तस्वीर है।

रिपोर्ट: प्रिया तिवारी, तहलका

भारतीय रेलवे में स्वच्छता बढ़ाने और सरकारी कामकाज से जुड़े लंबित मामलों को जल्द निपटाने के लिए विशेष अभियान 6.0 की तैयारी शुरू हो गई है। इस अभियान के तहत रेलवे के दफ्तरों में ई-वेस्ट, कबाड़ और पुराने सामान का निपटारा किया जाएगा। इसके साथ ही दफ्तरों में जगह का बेहतर इस्तेमाल और लंबित मामलों को खत्म करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

दो चरणों में चलेगा विशेष अभियान

केंद्र सरकार के विशेष अभियान 6.0 को दो चरणों में चलाया जाएगा।

  • तैयारी का चरण: 15 से 30 सितंबर 2026 तक।
  • अमल का चरण: 2 से 31 अक्टूबर 2026 तक।

तैयारी के दौरान अभियान के लक्ष्य तय किए जाएंगे और अलग-अलग जगहों पर सफाई और कबाड़ निपटाने की योजना बनाई जाएगी।

पिछले अभियान में रेलवे ने हासिल किए बड़े लक्ष्य

रेल मंत्रालय के मुताबिक, पिछले विशेष अभियान 5.0 के दौरान रेलवे ने जनता की शिकायतों, वीआईपी संदर्भों और अन्य लंबित मामलों से जुड़े तय लक्ष्यों को 100 फीसदी पूरा किया था।

इस दौरान रेलवे ने 6.06 लाख वर्ग फीट जगह खाली कराई।
कबाड़ और अन्य सामान के निपटारे से 570 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया।

150 से ज्यादा नोडल अधिकारी तैनात

विशेष अभियान 6.0 को सफल बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने 150 से ज्यादा नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। ये अधिकारी अभियान की निगरानी और अलग-अलग रेलवे इकाइयों के बीच समन्वय का काम करेंगे।

नोडल अधिकारी हर दिन अभियान की प्रगति की जानकारी जुटाकर रेलवे बोर्ड को भेजेंगे। इसके बाद यह जानकारी केंद्र सरकार के निगरानी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। इससे अभियान की प्रगति पर नजर रखी जा सकेगी और हर सप्ताह उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी।

ई-वेस्ट और कबाड़ के निपटारे पर खास ध्यान

इस साल के अभियान में कई महत्वपूर्ण मुद्दों को शामिल किया गया है।

  • ई-वेस्ट का सही तरीके से संग्रह, अलग-अलग करना और निपटारा।
  • ई-वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2022 के अनुसार कार्रवाई।
  • सरकारी नियमों के तहत कबाड़ का निपटारा।
  • दफ्तरों की सफाई और जगह का बेहतर इस्तेमाल।
  • कामकाज की प्रक्रिया और नियमों को आसान बनाना।
  • लंबित पत्रों और संदर्भों का जल्द निपटारा।

रेलवे के सभी जोन, मंडल कार्यालय, उत्पादन इकाइयां, सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियां और प्रशिक्षण संस्थान इस अभियान में हिस्सा लेंगे।

‘रेल जन संवाद’ से जनता की भागीदारी बढ़ाने की तैयारी

रेल मंत्रालय अभियान के दौरान ‘रेल जन संवाद’ कार्यक्रम भी आयोजित करेगा। इसका उद्देश्य आम लोगों से जुड़ना और उनकी समस्याओं व सुझावों पर संवाद को मजबूत करना है।

इससे पहले रेलवे की ओर से ‘रेल चौपाल’ और ‘अमृत संवाद’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं।

स्वच्छता को रोजमर्रा के काम का हिस्सा बनाने पर जोर

रेल मंत्रालय का कहना है कि स्वच्छता को केवल अभियान तक सीमित न रखकर रोजमर्रा के कामकाज का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। विशेष अभियान 6.0 के जरिए रेलवे अपने कार्यालयों में सफाई, लंबित मामलों के निपटारे और जनता से बेहतर संवाद को मजबूत करने की दिशा में काम करेगा।