रिपोर्टर प्रिया तिवारी
दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने दिल्ली सोलर एनर्जी पॉलिसी-2023 के दूसरे संशोधन को मंजूरी दी है। नई नीति के तहत 400 यूनिट तक औसत मासिक बिजली खपत वाले पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 3 किलोवाट तक का रूफटॉप सोलर सिस्टम बिना किसी अग्रिम लागत के लगाया जाएगा।
केंद्र और दिल्ली सरकार की सब्सिडी
केंद्र और दिल्ली सरकार की ओर से 78-78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। अतिरिक्त लागत का अंतर भी दिल्ली सरकार टॉप-अप सब्सिडी से पूरा करेगी।
200 यूनिट तक बिजली खपत वाले परिवारों को मौजूदा बिजली सब्सिडी के साथ सोलर से होने वाली बचत का लाभ मिलेगा। 3 किलोवाट का सिस्टम करीब 300 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है और अतिरिक्त बिजली ग्रिड में भेजकर भुगतान भी लिया जा सकेगा।
5 साल मुफ्त रखरखाव, नेट मीटरिंग प्रक्रिया तेज
सोलर सिस्टम का पहले 5 साल मुफ्त रखरखाव वेंडर करेगा। वहीं नेट मीटरिंग की प्रक्रिया 75 दिन से घटाकर 25 दिन कर दी गई है और 10 किलोवाट तक के सिस्टम पर आवेदन व पंजीकरण शुल्क खत्म कर दिया गया है।
मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों का लक्ष्य
सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 2.30 लाख घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने और 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप सोलर क्षमता जोड़ने का है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य दिल्ली को सिर्फ ‘फ्री बिजली’ नहीं, बल्कि ‘फ्री सौर ऊर्जा’ की दिशा में भी आगे ले जाना है।




