
नई दिल्ली। भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के इज्जतनगर मंडल में 660 रूट किलोमीटर पर स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच वर्जन 4.0’ लगाने को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹295 करोड़ है।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह परियोजना इज्जतनगर मंडल के शेष रेलखंडों को कवच प्रणाली से जोड़ने की व्यापक योजना का हिस्सा है। इसके साथ ही रेलवे LTE (Long-Term Evolution) आधारित संचार नेटवर्क का भी विस्तार कर रहा है, जिससे ट्रेन संचालन और सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक बनाया जा सके।
कवच 4.0 भारतीय रेलवे की स्वदेशी ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है। यह तकनीक लोको पायलट को केबिन के भीतर ही रीयल-टाइम सिग्नल की जानकारी उपलब्ध कराती है। यदि चालक किसी लाल सिग्नल को पार करने का प्रयास करता है या दो ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका बनती है, तो यह प्रणाली स्वतः ब्रेक लगाकर दुर्घटना को रोकने में मदद करती है।
रेल मंत्रालय का कहना है कि कवच 4.0 का विस्तार भारतीय रेलवे नेटवर्क में सुरक्षा मानकों को नई ऊंचाई देगा। हाल के वर्षों में रेलवे चरणबद्ध तरीके से दिल्ली–मुंबई और दिल्ली–हावड़ा जैसे व्यस्त रेल मार्गों पर भी इस तकनीक का विस्तार कर रहा है। जुलाई 2026 तक 2,633 रूट किलोमीटर पर कवच 4.0 सफलतापूर्वक चालू किया जा चुका है और इस पर ₹3,875 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इज्जतनगर मंडल में कवच 4.0 लागू होने से ट्रेनों की परिचालन सुरक्षा और विश्वसनीयता में उल्लेखनीय सुधार होगा। यह परियोजना भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और सुरक्षित रेल नेटवर्क विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
