पंजाब के पेट्रोल पंप 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान स्वीकार करना बंद कर देंगे, यदि अधिक राशि वाले लेनदेन पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होता है। वहीं, हरियाणा के पेट्रोलियम डीलरों ने केंद्र से हस्तक्षेप की मांग की है, लेकिन ऐसे भुगतान रोकने पर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया है।
पंजाब के डीलरों का यह कदम 2,000 रुपये से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत MDR के विरोध में है। इस शुल्क की अधिकतम सीमा प्रति लेनदेन 300 रुपये रखी गई है। वित्त मंत्रालय की ओर से 14 सितंबर को जारी राजपत्र अधिसूचना के अनुसार, प्रस्तावित शुल्क 15 अक्टूबर से लागू होना है और इसका भार व्यापारियों पर पड़ेगा।
पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन पंजाब (PPDAP), जो राज्य के 4,000 से अधिक ईंधन केंद्रों का प्रतिनिधित्व करता है, ने प्रस्तावित शुल्क का विरोध किया है। एसोसिएशन का कहना है कि कम मार्जिन पर काम कर रहे डीलर इस अतिरिक्त लागत का भार नहीं उठा पाएंगे।,,,
PPDAP के कार्यकारी सदस्य अश्विंदर मोंगिया ने कहा कि बड़ी संख्या में ग्राहक, खासकर ट्रक चालक, ईंधन का भुगतान UPI के जरिए करते हैं। उन्होंने कहा कि डीलरों ने केंद्र और तेल विपणन कंपनियों से पेट्रोल पंपों को प्रस्तावित शुल्क से छूट देने की मांग की है।
मोंगिया ने कहा कि यदि उनकी मांग स्वीकार नहीं की गई तो 16 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंप क्रेडिट और डेबिट कार्ड से भुगतान स्वीकार करते रहेंगे।
डीलरों के अनुसार, पेट्रोल पंपों को पेट्रोल की प्रत्येक लीटर बिक्री पर करीब 2 प्रतिशत मार्जिन मिलता है, जबकि कर्मचारियों के वेतन, बिजली, रखरखाव और अन्य परिचालन खर्चों में काफी वृद्धि हुई है।
PPDAP के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा ने कहा कि प्रस्तावित MDR से डीलरों पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव पड़ेगा। उन्होंने बताया कि एसोसिएशन ने केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और तेल विपणन कंपनियों के प्रमुखों को पत्र लिखकर पेट्रोलियम रिटेल आउटलेट्स को इस शुल्क से पूरी तरह छूट देने की मांग की है।
डीलरों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रस्तावित शुल्क वापस नहीं लिया गया तो उनके पास 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान को सीमित करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।
इस मुद्दे को लेकर हरियाणा में भी डीलरों ने आवाज उठाई है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन (AHPDA) ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पेट्रोलियम डीलर, विशेष रूप से कम बिक्री वाले पंप, किसी भी अतिरिक्त लेनदेन शुल्क से अधिक प्रभावित होंगे।
हरियाणा के डीलरों ने प्रस्तावित MDR से पेट्रोल पंपों को छूट देने, ईंधन क्षेत्र में जीरो-MDR UPI व्यवस्था जारी रखने और डीलरों पर किसी अतिरिक्त भुगतान का बोझ नहीं डालने की मांग की है।
हालांकि, पंजाब के डीलरों के विपरीत हरियाणा के पेट्रोलियम डीलरों ने अभी तक 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान बंद करने का फैसला घोषित नहीं किया है।


