सुजीत ठाकुर / प्रिया तिवारी, तहलका
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से लगभग छह महीने पहले भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन सोमवार (21 सितंबर) से दो दिनों के दौरे पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हैं। भाजपा की तरफ से चुनावी अभियान की शुरुआत मेरठ से अभी तक पीएम मोदी ही करते आए हैं। यह पहला मौका है जब मोदी ने इसकी जिम्मेदारी पार्टी अध्यक्ष को दी है। सियासी रूप से यह एक बड़ा संदेश है।
पीएम मोदी ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव अभियान की शुरुआत मेरठ से की थी। तीनों चुनाव के बाद भाजपा केंद्र की सत्ता में आई। इसके बाद उत्तर प्रदेश के 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले भी पीएम मोदी ने 2 जनवरी को मेरठ में चुनावी सभा की थी। 2017 में भी पीएम ने मेरठ में 4 फरवरी को रैली की थी। यूपी के इन दो चुनावों में भी भाजपा को विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत मिली थी।
इस बार भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन को यह कमान सौंपी गई है। आज (21 सितंबर) को वह मेरठ में हैं। 22 तारीख (मंगलवार) को वह सहारनपुर में विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक चर्चा करेंगे। सियासी रूप से यह सामान्य घटनाक्रम नहीं है। उत्तर प्रदेश के चुनाव घोषित होने से महज कुछ महीने पहले नितिन नवीन का पश्चिमी उत्तर प्रदेश, खासकर मेरठ दौरा यह संकेत है कि पीएम मोदी ने नवीन पर पूरा भरोसा किया है। इतना ही नहीं, उन्हें रणनीति बनाने और अपनी सोच के मुताबिक काम करने के लिए एक तरह से फ्री हैंड दिया है।
मेरठ क्यों खास
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विधानसभा की 71 सीटें हैं। यह भारत के प्रथम स्वाधीनता संग्राम का केंद्र रहा है। 1857 का स्वतंत्रता का प्रथम आंदोलन यहीं से मंगल पांडे के नेतृत्व में हुआ था। ऐसे में क्रांति और संस्कृति की विरासत मेरठ है। दूसरी बात इसे हरित प्रदेश भी कहा जाता है। खेती-किसानी के लिए यह बेल्ट प्रसिद्ध है। यह इलाका चौधरी चरण सिंह का भी है। भाजपा ने नायकों को अपने से जोड़ने के अभियान के तहत चौधरी साहब को भी शामिल किया था। पीएम और भाजपा के हर बड़े नेता अपनी रैली में उनका नाम आदरपूर्वक लेते हैं। भाजपा के लिहाज से मेरठ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश अपनी जानसांख्यिकी के लिहाज से भी मुफीद है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुसलमानों की जनसंख्या काफी अधिक है और सहारनपुर में दारूल ऊलुम देवबंद भी है। ऐसे में ध्रुवीकरण के लिहाज से यह इलाका पूरे राज्य में और काफी हद तक आसपास के इलाके में हिंदुत्व का ज्वार उठाने के माफिक भी है।
दौरे में क्या होगा?
भाजपा पदाधिकारियों का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे का मुख्य फोकस संगठन की तैयारियों की समीक्षा, जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से संवाद और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा करना है। नवीन यूपी के आगामी चुनाव से पहले संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, बूथ-स्तर पर प्रबंधन, नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बिठाने की रणनीति तय करेंगे। वह मेरठ के क्षेत्रीय पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व सांसदों और पूर्व विधायकों के साथ बैठक कर चर्चा करेंगे। वह बूथ, शक्ति केंद्र, जिला और मंडल स्तर पर पार्टी की संगठनात्मक तैयारियों का भी जायजा लेंगे। भाजपा अध्यक्ष 21 सितंबर को मेरठ में ही रात बिताएंगे। 22 तारीख को सहारनपुर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलग-अलग स्तरों पर पार्टी की तैयारियों और तालमेल का आकलन करने के लिए इसी तरह की संगठनात्मक बैठकें करेंगे। अपनी यात्रा के दौरान वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।




