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लिज़ ट्रस ने ब्रिटेन के पीएम पद से इस्तीफा दिया, विपक्ष की मांग नए चुनाव हों अब

ब्रिटेन की प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस ने गुरुवार शाम अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देते हुए कहा कि वे इस पद पर आगे काम करने में खुद को असमर्थ पा रही हैं। वे सब से कम समय तक ब्रिटेन का पीएम बनने का रिकार्ड भी बना गयी हैं। इस बीच ब्रिटेन में विपक्ष ने देश में अब नए चुनाव करवाने की मांग की है।

याद रहे डेढ़ महीने पहले ही कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के लिए हुए चुनाव में उन्होंने एक कड़े मुकाबले में भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हरा दिया था। अब ऋषि के फिर से कंजर्वेटिव पार्टी का नेता और ब्रिटेन का पीएम बनने की संभावना बन सकती है।

ब्रिटेन की इकॉनमी की खराब हालत के बीच ट्रस ने खुद को बहुत कठिन स्थिति में पाया, लिहाजा उन्होंने अब से कुछ देर पहले अपना इस्तीफा दे दिया। वे सब से कम समय तक ब्रिटेन का पीएम बनने का रिकॉर्ड भी बना गयी हैं। इस बीच ब्रिटेन में विपक्ष ने देश में अब नए चुनाव करवाने की मांग की है।

दिल्ली-एनसीआर की हवा खराब होने से लगी पाबंदियां, ग्रेप का दूसरा स्टेज लागू

दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दीपावली से पहले ही बढ़ना शुरू हो गया हैं। इस बढ़ते प्रदूषण के साथ विभिन्न प्रकार की बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा हैं। राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट ने नए नियम लागू करने का ऐलान किया हैं।

दिल्ली में AQI 301-400 के बीच चल रहा है और प्रदूषण को रोकने के लिए स्टेज 2 ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) नियम को लागू किया गया है साथ ही नई पाबंदियां लागू की गई हैं। सीएक्यूएम का अनुमान है कि 22 अक्टूबर से दिल्ली की हवा बेहद खराब श्रेणी में होगी और दीपावली के बाद हालात बेहद खराब होंगे।

नए नियम लागू होने के बाद हर जगह पर डीजल जेनसेट पर बैन किंतु कुछ जरूरी इंडस्ट्रियल सेक्टर में पाबंदी नहीं हैं। सीएनजी, पीएनजी और एलपीजी वाले डीजी सेट चल सकते हैं। साथ ही धूल फैलाने वाली प्रत्येक क्रिया पर लगाम लगाने के लिए निर्माण और तोड़फोड़ वाले सभी कामों पर रोक लगा दी गर्इ हैं।

दिल्ली के लोगों से अपील की गर्इ है कि ज्यादा से ज्यादा पब्लिक ट्रांसपोर्ट (सार्वजनिक परिवहन सेवाओं) जैसे मेट्रो, दिल्ली की सीएनजी बसों का प्रयोग करें।

आपको बता दें, प्रदूषण का लेवल पिछले चार दिनों से खराब स्तर पर बना हुआ हैं। सीपीसीबी के एयर बुलेटिन के अनुसार राजधानी दिल्ली का एक्यूआई बुधवार को 228 रहा हैं। फरीदाबाद का एक्यूआई 304, गाजियाबाद का 276, ग्रेटर नोएडा का 237, गुरुग्राम का 186 और नोएडा में 269 रहा। और 22 अक्टूबर के बाद बेहद खराब स्तर पर पहुंचने की आशंका हैं।

बता दें हाल ही में शिकागो विश्वविद्यालय के ऊर्जा नीति संस्थान की वायु गुणवत्ता लाइफ इंडेक्स पर 2021 की रिपोर्ट के मुताबिक भारत दुनिया के सबसे प्रदूषित देशों में शामिल हैं। और दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में रहने वाले लोग केवल वायु प्रदूषण के कारण अपनी जिंदगी के लगभग 9 साल खो देते हैं।

साथ ही इस रिपोर्ट में यह भी जिक्र किया गया है कि बांग्लादेश, भारत, नेपाल और पाकिस्तान के AQLI डाटा से पता चलता है कि वायु प्रदूषण कम होने से वहां के लोगों की उम्र करीब 5.6 साल तक बढ़ सकती हैं।

उत्तर प्रदेश: कुशीनगर के सरकारी स्कूल से अंग्रेजी शराब की मिली 52 पेटियां

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर के एक सरकारी स्कूल के किचन में शराब की पेटियां रखी हुई पाई गई हैं। इससे जुड़ा वीडियो भी सामने आया हैं। इस वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि कुशीनगर के तमुकही राज थाने में उच्च प्राथमिक विद्यालय के एक सरकारी स्कूल में अंग्रेजी शराब की पेटियां रखी हुई हैं।

इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब स्कूली बच्चे खेलते हुए उस कमरे तक पहुंचे। जब बच्चे कमरे में गए तो वहां उन्होंने अंग्रेजी शराब की बोतलें रखी हुई देखी। जिसके बाद छात्रों ने शोर मचाया तो शिक्षक और प्रधान वहां पहुंचे।

इस मामले में प्रधानाध्यापक को सस्पेंड कर दिया गया है। किंतु बताया यह जा रहा हैं कि यह इलाका बिहार सीमा से सटा हुआ हैं और इसके चलते शराब तस्करों ने स्कूल में ही शराब रख दी थीं।

वहीं दूसरी तरफ शराब को लेकर यूपी के बरेली जिले के किला क्षेत्र से एक बड़ी खबर सामने आर्इ थी जिसमें एक शख्स ने पत्नी पर हमला करते समय बीच बचाव की कोशिश करने पर अपनी बुजुर्ग मां की चाकू से गोदकर हत्या कर दी थी। साथ ही आरोपी की पत्नी भी गंभीर रूप से घायल हो गर्इ थी।

इस मामले में पुलिस अधीक्षक (नगर) राहुल भाटी ने बुधवार को बताया कि किला थाना क्षेत्र स्थित चंदन नगर निवासी सूरज (28) मंगलवार की शाम शराब पीकर घर पहुंचा और अपनी पत्नी अनीता से शराब पीने के लिए और रुपये मांगे। अनीता के इनकार करने पर वह गाली गलौज करते हुए घर के अंदर से सब्जी काटने वाली छूरी उठा कर लाया और उसकी पीठ पर वार कर दिया।

उन्होंने आगे बताया कि, सूरज की मां मंजू देवी (68) ने अनीता को बचाने की कोशिश की तो सूरज उन पर भी हमलावर हो गया और उसने अपनी मां की पीठ पर छुरी से ताबड़तोड़ तीन बार वार किया और फिर वहा से भाग गया। मंजू देवी को जिला अस्पताल में ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया पहली बार पहुंचा 83 के पार

भारतीय रुपया का अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होना जारी है यह 83.08 पर पहुंच गया हैं। अब तक का यह सबसे निचला स्तर हैं। बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 82 रुपये 95 पैसे के नए रिकॉर्ड और अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा था। यह पहली दफा है जब रूपया 83 के पार पहुंच गया हैं।

बता दें, 16 अक्टूबर को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था कि रुपये ने अन्य उभरती बाजार मुद्राओं की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया हैं। उनकी यह टिप्पणी रुपये के 82.69 के सर्वकालिक निचले स्तर तक गिरने के कुछ दिनों बाद आई थी। उन्होंने आगे कहा था कि यह डॉलर के मजबूत होने के कारण हुआ है, रुपया कमजोर नहीं हो रहा हैं।

निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय मौद्रिक वित्त समिति (आईएमएफसी) के दौरान प्रेस वार्ता में कहा कि, “मैं इसे रुपये में गिरावट के तौर पर नहीं देखूंगी बल्कि इसे डॉलर के लगातार मजबूत होने के रूप में देखूंगी।”

उन्होंने आगे कहा कि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा था कि बहुत अधिक अस्थिरता न हो, और भारतीय मुद्रा के मूल्य को ठीक करने के लिए बाजार में हस्तक्षेप न हो।

खड़गे चुने गए कांग्रेस अध्यक्ष, थरूर को एकतरफा मुकाबले में किया पराजित

वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे नए कांग्रेस अध्यक्ष चुने गए हैं। एकतरफा मुकाबले में उन्होंने शशि थरूर को हराया। नतीजे के बाद थरूर ने खड़गे को पद पर चुने जाने के लिए बधाई दी। इस चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे को 7,897, जबकि शशि थरूर को 1,072 वोट मिले। इससे पहले सोनिया गांधी साल 2000 में जितेंद्र प्रसाद को हराकर अध्यक्ष बनी थीं।

करीब 24 साल बाद कोई गैर गांधी (गांधी परिवार से बाहर का नेता) कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया है। सीताराम केसरी खड़गे से पहले गैर-गांधी कांग्रेस अध्यक्ष बने थे। अध्यक्ष पद के लिए 17 अक्टूबर को मत पड़े थे।

नतीजे की घोषणा के बाद शशि थरूर ने कहा – ‘कांग्रेस का अध्यक्ष बनना बड़े सम्मान, बड़ी जिम्मेदारी की बात है। मैं मल्लिकार्जुन खड़गे को अध्यक्ष बनने के लिए बधाई देता हूँ। हम सर्वाधिक संकटपूर्ण स्थितियों में पार्टी का संबल बने रहने और नेतृत्व प्रदान करने के लिए हम निवर्तमान कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के ऋणी हैं। कांग्रेस अध्यक्ष पद का स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में अपना योगदान देने के लिए मैं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी का धन्यवाद करता हूं।’

कांग्रेस के 137 साल के इतिहास में छठी बार अध्यक्ष पद के लिए चुनाव हुआ है।  अब तक 1939, 1950, 1977, 1997 और 2000 में चुनाव हुए हैं। अब 22 साल बाद  चुनाव से अध्यक्ष चुना गया है। उनसे पहले सोनिया गांधी साल 2000 में जितेंद्र प्रसाद को हराकर अध्यक्ष बनी थीं।

इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी, जो भारत जोड़ो यात्रा पर निकले हुए हैं, से पार्टी में जब उनकी भूमिका से जुड़ा सवाल पूछा गया था, तो उन्होंने कहा – ‘कांग्रेस अध्यक्ष मेरी भूमिका तय करेंगे। खड़गे जी से पूछिए। कांग्रेस अध्यक्ष ही सुप्रीम हैं। मैं अध्यक्ष को ही रिपोर्ट करूंगा। पार्टी के नए अध्यक्ष ही पार्टी में मेरी भूमिका तय करेंगे।’

हिमाचल के लिए कांग्रेस और भाजपा ने घोषित किये उम्मीदवार, धूमल को नहीं दिया टिकट

हिमाचल प्रदेश की 68 सीटों के लिए कांग्रेस और भाजपा ने क्रमशः 46 और 62 नामों की पहली सूची जारी कर दी है। भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज नेता प्रेम कुमार धूमल को टिकट नहीं दिया है जबकि कांग्रेस ने अपने सभी प्रमुख लोगों को टिकट दिए हैं। दोनों ही दलों ने अपने कुछ विधायकों के टिकट काटे हैं।

सत्तारूढ़ भाजपा ने देर रात अपनी सूची जारी की। पहली सूची में उसने 62 हलकों के लिए उम्मीदवार घोषित किए हैं। हिमाचल में कुल 68 विधानसभा सीटें हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को पार्टी ने सिराज से फिर टिकट दिया है। यह माना जाता है कि जयराम गृह जिले मंडी में चुनौती झेल रहे हैं। पार्टी ने दिग्गज नेता प्रेम कुमार धूमल  को टिकट नहीं दिया है।

जानकारों के मुताबिक पार्टी को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है, क्योंकि धूमल का हिमाचल में व्यापक जनाधार है। उनके बेटे अनुराग ठाकुर केंद्र में मंत्री हैं जबकि दूसरे बेटे अरुण धूमल पिछले कल ही बीसीसीआई के चुनाव में आईपीएल के चेयरमैन बनाये गए हैं। पूर्व अध्यक्ष सतपाल सत्ती को भी पार्टी ने मैदान में उतारा है।

भाजपा की सूची में कई मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए गए हैं। उसकी सूची में पांच महिला, 11 अनुसूचित जाति (एससी) और 8 अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रत्याशी हैं।

उधर कांग्रेस ने आशा कुमारी, कौल सिंह ठाकुर, मुकेश अग्निहोत्री, कुलदीप चंद राठौर, राजेश धर्माणी, सुधीर शर्मा, धनी राम शांडिल, सुखविंदर सुक्खू, विक्रमादित्य सिंह सहित सभी बड़े चेहरों को मैदान में उतारा है। कांग्रेस ने अब तक 46 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है।

प्रदेश में 12 नवंबर को मतदान होगा और 8 दिसंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। चुनाव के लिए 17 अक्टूबर को अधिसूचना जारी हो गयी है। नामांकन भरने की आखिरी तारीख 25 अक्टूबर है, 27 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की छंटनी होगी जबकि नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 29 अक्टूबर है।

एलईटी आतंकी महमूद को वैश्विक प्रतिबंध सूची में डालने पर चीन ने अटकाया रोड़ा

भारत और अमेरिका के साझे रूप से एक एलईटी आतंकी पर प्रतिबंध के प्रस्ताव में चीन ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में रोड़ा अटका दिया है। पिछले चार महीने में यह चौथी बार है जब चीन ने ऐसा किया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका के वित्त मंत्रालय ने दिसंबर 2016 में एलईटी के जिस आतंकी शाहिद महमूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया था, उसी को लेकर यह प्रस्ताव लाया गया था।

हालांकि, चीन ने पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के आतंकवादी महमूद को वैश्विक आतंकवादी की सूची में डालने के भारत-अमेरिका के साझे प्रस्ताव को संयुक्त राष्ट्र में बाधित कर दिया।

याद रहे चीन ने किसी आतंकवादी को प्रतिबंधित सूची में डालने के प्रयास को पिछले चार महीने में चौथी बार बाधित किया है। रिपोर्ट्स में कहा गया है कि चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की 1267 अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत महमूद को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के भारत और अमेरिका के प्रस्ताव को बाधित किया।

पाकिस्तान रूस से उसी दर पर ईंधन खरीदने को तैयार जिस दर पर भारत ने खरीदा : इशाक डार

भारत के बाद अब पाकिस्तान भी रूस से सस्ता ईंधन खरीदने की तैयारी कर रहा है।
पाकिस्तान के वित्त मंत्री इशाक डार ने यह बात कही है। अमेरिका के दौरे पर गए डार ने कहा कि उनका देश रूस से उसी दर पर ईंधन खरीदने को तैयार है, जो पड़ोसी देश भारत को मुहैया कराया जा रहा है।

याद रहे हाल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने पाकिस्तान को दुनिया के सबसे खतरनाक देशों में से एक के रूप में चिन्हित किया था और कहा था कि उसके पास बिना किसी समझौते के परमाणु हथियार हैं।

बता दें डार हाल ही में पाकिस्तान के वित्त मंत्री नियुक्त किये गए हैं। डार ने कहा कि पाकिस्तान में विनाशकारी बाढ़ से हुई कठिनाई के कारण पश्चिम को रियायती ईंधन के आयात में कोई समस्या नहीं होगी।

डार ने कहा – ‘मैंने वाशिंगटन में अपने प्रवास के दौरान अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों, अमेरिका, सऊदी अरब और अन्य देशों के अधिकारियों के प्रमुखों के साथ 58 बैठकें की हैं।

पाकिस्तान के वित्त मंत्री ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, एशियाई विकास बैंक और विश्व बैंक के अधिकारियों ने वहां एक संयुक्त रिपोर्ट प्रस्तुत की। पाक मंत्री ने रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि बाढ़ के कारण पाकिस्तान को 32.40 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। पाकिस्तान को पुनर्वास कार्य के लिए 16 अरब डॉलर से अधिक की जरूरत है।

रोजर बिन्नी बीसीसीआई के नए अध्यक्ष बने, शाह सचिव, धूमल आईपीएल के चेयरमैन

साल 1983 में भारत को विश्व कप जिताने वाली टीम के सदस्य रोजर माइकल हम्फ्री बिन्नी (रोजर बिन्नी) भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (बीसीसीआई) के नए अध्यक्ष बन गए हैं। मुंबई में बीसीसीआई के मुख्यालय में हुई वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में उन्हें सर्वसम्मति से अध्यक्ष चुना गया।

बिन्नी का परिवार मूलता स्कॉटलैंड का था, हालांकि, पहले से भारत में रह रहे परिवार में बिन्नी का जन्म, भारत में ही हुआ। इसके साथ ही बीसीसीआई की नई टीम का चयन हो गया है।

बीसीसीआई के जो अन्य पदाधिकारी सर्वसम्मति से चुने गए हैं, उनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बेटे जय शाह को सचिव, महाराष्ट्र भाजपा के नेता आशीष शेलार को कोषाध्यक्ष, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला को उपाध्यक्ष और देवजीत सैकिया को संयुक्त सचिव शामिल चुना गया है।

पिछली टीम में कोषाध्यक्ष रहे हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के छोटे भाई अरुण धूमल आईपीएल के नए चेयरमैन बनाये गए हैं। आज की बैठक में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के चेयरमैन पद के चुनाव को लेकर चर्चा नहीं हुई।

आईसीसी का अगला चेयरमैन अगले महीने मेलबर्न में बोर्ड की बैठक के दौरान चुना जाएगा। पहले सौरव गांगुली ने इस पद के लिए दिलचस्पी दिखाई थी, हालांकि माना जाता है कि उनकी बात को स्वीकार नहीं किया गया। आईसीसी चेयरमैन पद के लिए नामांकन की समय सीमा 20 अक्टूबर है और बीसीसीआई के इस पद के लिए अपने उम्मीदवार को नामित करने की संभावना फिलहाल नहीं दिखती।

रोजर बिन्नी भारतीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता रह चुके हैं। सितंबर 2012 में उन्हें यह भूमिका मिली थी। उससे पहले वह अंडर-19 वर्ल्ड कप 2000 जीतने वाली भारतीय टीम के मुख्य कोच थे। उनके बेटे स्टुअर्ट बिन्नी भारत के लिए खेल चुके हैं जबकि स्टुअर्ट की पत्नी मयंती लैंगर टीवी का जाना-माना चेहरा है और मशहूर स्पोर्ट्स एंकर हैं।

पुस्तक समीक्षा-क्षेत्रीय दलों का सेंसेक्स,राज्यों की राजनीति का दस्तावेज

ज्योति
देश में एक दल से अन्य दलों का उदय होता रहा है। यह राजनीतिक दलों के विखंडन और उनसे नई पार्टियों के उदय में भी देखा जाता है। शिक्षाविद क्षेत्रीय दलों के उदय को एक जटिल और बहुआयामी घटना मानते हैं, जो वास्तव में 19वीं शताब्दी में देश में उभरी क्षेत्रीय चेतना और स्वतंत्रता के बाद सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विकास के बीच अंतर्संबंध का नतीजा है। आजादी से पहले भी पूरे देश में राजनीतिक दल बहुतायत में थे, लेकिन तब उनका एकमात्र उद्देश्य अंग्रेजों के साम्राज्यवाद से आज़ादी हासिल करना था।

सामाजिक सुधार आंदोलनों से राजनीतिक दल भी उभरे। हिंदुओं और मुसलमानों के अपने स्वयं के राजनीतिक प्रभुत्व वाले आंदोलन भी उठे, जिन्होंने बाद में खुद को राजनीतिक दलों में स्थापित किया। संघीय व्यवस्था में लोकतांत्रिक राजनीति के प्रभुत्व के परिणामस्वरूप क्षेत्रीय दलों का गठन असामान्य नहीं है। साथ ही, एक विविध समाज में मतभेद भी क्षेत्रीय राजनीति पर अपना प्रभाव डालते हैं, जो नई पार्टियों को जन्म देता है।

अकु श्रीवास्तव, पत्रकारिता, सम्पादन और लेखन की लंबी पारी खेल चुके हैं। उनकी नई किताब ‘क्षेत्रीय दलों का सेंसेक्स’, राज्यों की राजनीति की जानकारी के लिहाज से एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह जानना किसी के लिए भी बहुत दिलचस्प हो सकता है कि एक विशेष पार्टी का गठन कब हुआ, किन परिस्थितियों के कारण इसका गठन हुआ और यह अब कैसे कार्य कर रही है। हिंदी में अपनी तरह की यह पहली किताब है जो इन सभी जिज्ञासाओं का समाधान करती है। पुस्तक में क्षेत्रीय दलों की चर्चा है, लेकिन विषय से परे जाकर और कांग्रेस से टूटकर बनी नई पार्टियों के इतिहास को भी इसमें संजोया गया है जो पुस्तक को अधिक प्रासंगिक बना देता है।

क्षेत्रीय दलों के उदय ने निर्विवाद रूप से भारत की चुनावी राजनीति की प्रकृति को बदला है। साल 1990 के दशक के अंत और 1990 के दशक की शुरुआत में क्षेत्रीय दलों की स्थिति में अभूतपूर्व वृद्धि के बाद, राष्ट्रीय स्तर पर चुनावी प्रतिस्पर्धा में शक्ति का एक नया संतुलन उभरा और यह था जाति और सामुदायिक राजनीति। क्षेत्रीय दलों ने वहां न केवल अपने-अपने राज्यों बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। और अब राज्य के भीतर अपनी पसंदीदा क्षेत्रीय पार्टी को वोट देने वाले मतदाता लोकसभा चुनाव में अपना नजरिया बदल लेते हैं। इस नए चलन को रेखांकित करते हुए क्षेत्रीय दलों की दिलचस्प कहानियां इस किताब में हैं।

पाठकों की सुविधा के लिए पुस्तक को पाँच भागों में विभाजित किया गया है। पुस्तक के आरंभ में एक विस्तृत ब्रीफिंग है, जिसमें लेखक ने क्षेत्रीय दलों और राष्ट्रीय दलों के बीच के अंतर को स्पष्ट किया है और भारतीय राजनीति पर उनके बढ़ते और गिरते प्रभाव पर प्रकाश डाला है। लेखक क्षेत्रीय दलों के उदय को स्वतंत्रता के बाद के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक मानते हैं।
लेखक का मानना है कि, असंतुलित क्षेत्रीय विकास, प्रतिस्पर्धा और जातीयता, जाति और धर्म की बढ़ती भावना आदि ने इस आग में ईंधन डाला। इस पुस्तक में कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक की राजनीति, नेताओं और घटनाओं का व्यापक ब्योरा है। पुस्तक में, लेखक ने पक्षों और उनके गठन के पीछे की कहानी के बारे में विस्तार से बताया है। उन्होंने इन दलों के गठन, विकास और चुनावी सफलता में प्रमुख हस्तियों की भूमिका को भी रेखांकित किया है।