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अमेरिकी सीनेट की समिति ने पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप को गवाही देने के लिए सामान भेजा

अमेरिकी सीनेट की एक समिति, जो कैपिटल हिंसा की जांच कर रही है, ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आधिकारिक तौर पर समन भेजकर गवाही के लिए बुलाया है। इस समन में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को समिति के सामने चार नवंबर तक दस्तावेजों को सौंपने और 14 नवंबर तक खुद को व्यक्तिगत या वर्चुअली रूप से उपस्थित होने को कहा गया है।

बता दें इससे पहले जांचकर्ताओं ने जांच जून और जुलाई में आठ जनसुनवाई की थी जिसे ट्रंप और अन्य रिपब्लिकन ने राजनीति से प्रेरित कार्रवाई करार दिया था। सुनवाई के दौरान समिति ने दंगे के समय के रिकॉर्ड कई अनदेखे वीडियो भी जारी किए थे।

वकील डेविड वारिंगटन ने, ट्रम्प को समन प्राप्त करने की पुष्टि किए बिना, कहा कि उनकी टीम दस्तावेज़ की समीक्षा और विश्लेषण करेगी और इस अभूतपूर्व कार्रवाई के लिए उपयुक्त प्रतिक्रिया देगी। वहीं व्हाइट हाउस ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, लेकिन व्यापक बयान दिया कि 6 जनवरी की तह तक जाना महत्वपूर्ण है।

नागालैंड के सीएम रियो ने सात जिलों की अलग राज्य की मांग का ‘समर्थन’ किया

नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कुछ जिलों को मिलकर अलग राज्य की मांग को गलत नहीं कहते हुए इसका समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नगा समुदाय अपनी बात कहने में भरोसा रखते हैं और पूर्वी नागालैंड के लोगों का अलग राज्य को लेकर अपनी सोच और इच्छाएं जाहिर करना गलत नहीं है।

मुख्यमंत्री ने यह बात कोहिमा में शुक्रवार एक कार्यक्रम में कही। मुख्यमंत्री ने कहा – ‘हम नगा समुदाय के वासी अपने मन की बात कहने में भरोसा रखते हैं। पूर्वी नगालैंड के लोगों का अपनी सोच और इच्छाएं जाहिर करना गलत नहीं है। लेकिन, इन सभी मुद्दों का समाधान निकाल लिया जाएगा।’

याद रहे ईस्टर्न नागालैंड पीपुल्स ऑर्गेनाइजेशन (ईएनपीओ) ने आगामी हॉर्नबिल महोत्सव में हिस्सा न लेने का फैसला किया है। उसने क्षेत्र के 20 विधायकों से अलग राज्य की स्थापना की अपनी मांग के समर्थन में इस्तीफा देने के लिए भी कहा है।

इस मसले पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उनके साथ बात कर रही है। केंद्रीय गृह मंत्री के भविष्य के राज्य के दौरे के दौरान ईएनपीओ को मिलने का समय देंगे। अगर प्रधानमंत्री भी आते हैं, तो हम उनसे बात करने का अनुरोध करेंगे।

बता दें पूर्वी नगालैंड में छह जिले-मोन, त्वेनसांग, किफिर, लोंगलेंग, नोकलाक और शमटोर के लोग अलग राज्य की मांग कर रहे हैं। इन जिलों में सात जनजातियों-जो चांग, खियामनिउंगन, कोन्याक, फोम, संगतम, तिखिर और यिमखिउंग के लोग बसे हुए हैं।

पूर्वी नगालैंड में अलग राज्य की मांग अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले तेज हो गई है। क्षेत्र के 20 विधायकों ने मांग पूरी होने तक किसी भी चुनाव में हिस्सा नहीं लेने के आह्वान का समर्थन किया है। इस बीच सीएम ने हॉर्नबिल महोत्सव में भाग नहीं लेने के ईएनपीओ के फैसले पर कहा कि यह हमेशा की तरह आयोजित किया जाएगा और प्रत्येक जनजाति को भाग लेना चाहिए।

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, धौला कुआं समेत 8 अन्य रूट पर जाने से बचें

दीपावली के चलते दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली हैं। शुक्रवार को खरीदारी करने के लिए निकली भारी भीड़ के चलते दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेस-वे पर करीब छह किलोमीटर लंबा जाम लग गया था।

दिल्ली में अलग-अलग जगह लगने वाले जाम में धौला कुआं, खजूरी खास, रघुबीर नगर, नारायणा फ्लाईओवर, मंगोलपुरी, पालम, द्वारका, कंझावला, कराला समेत कई इलाकों में भयंकर जाम देखने को मिला हैं।

शनिवार को दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने आधा दर्जन से ज्यादा रूट्स से ना जाने की एडवाइजरी जारी की हैं। ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल से ट्वीट कर कहा कि, “विशेष यातायात इंतजाम के चलते सुबह 9.15 से 10.15 तक गुड़गांव रोड, धौला कुआं फ्लाईओवर, एसपी मार्ग, मदर टेरेसा क्रिसेंट, आर/ए तीन मूर्ति, आर/ए कौटिल्या, अकबर रोड़ से जाने से बचें।“

वहीं दूसरी तरफ हरियाणा के गुरुग्राम शुक्रवार के अंदरूनी इलाकों में भी वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ रहा हैं। सदर बाजार, राजीव चौक, पुरानी रेलवे रोड, नई रेलवे रोड और सेक्टर-14 के आसपास की सभी सड़कों पर भारी यातायात जाम देखने को मिला और यात्री काफी देर तक जाम में फंसे रहे। जाम लगने के चलते इफको चौक से सिरहौल बॉर्डर, खेड़की दौला टोल प्लाजा से हीरो होंडा चौक और राजीव चौक तक यातायात ठप हो गया है।

सर्वोच्च न्यायालय हेट स्पीच पर सख्त, राज्यों से कहा कार्रवाई करें या अवमानना का सामना

हेट स्पीच पर सख्त रुख दिखाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि हेट स्पीच पर सरकारें या तो कार्रवाई करें, या फिर अवमानना की कार्यवाही के लिए तैयार रहें। सर्वोच्च अदालत ने कहा कि देश में नफरत फैलाने वाले भाषणों के बारे में भादंसं  में उपयुक्त प्रावधानों के बावजूद निष्क्रियता है और हमें मार्गदर्शक सिद्धांतों का पालन करना होगा।

सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा कि इस न्यायालय की जिम्मेदारी है कि यह इस तरह के मामलों में हस्तक्षेप करे। सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली, यूपी और उत्तराखंड की पुलिस को नोटिस जारी किया है और पूछा है कि, हेट स्पीच में लिप्त लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई ?

अपने आदेश में सर्वोच्च अदालत ने कहा कि, हेट स्पीच को लेकर आरोप बहुत गंभीर हैं। भारत का संविधान हमें एक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र के रूप में परिकल्पित करता है। देश में नफरत फैलाने वाले भाषणों के बारे में भादंसं में उपयुक्त प्रावधानों के बावजूद निष्क्रियता है। हमें मार्गदर्शक सिद्धांतों का पालन करना होगा।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अगर कोई शिकायत न हो तो भी पुलिस स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करे। कोर्ट ने कहा कि, अगर लापरवाही हुई तो अफसरों पर अवमानना कार्रवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जरूरत बताई है।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि धर्म की परवाह किए बिना कार्रवाई की जानी चाहिए। घृणा का माहौल देश पर हावी हो गया है। दिए जा रहे बयान विचलित करने वाले हैं। ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। न्यायमूर्ति केएम जोसेफ की बेंच ने कहा 21 वीं सदी में ये क्या हो रहा है? धर्म के नाम पर हम कहां हम पहुंच गए हैं? हमने ईश्वर को कितना छोटा बना दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान वैज्ञानिक सोच विकसित करने की बात करता है।

पाकिस्तान चुनाव आयोग ने पूर्व पीएम इमरान खान के चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगाया

पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को तोशखाना मामले में चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया है। तोशखाना मामले में मिली शिकायत के बाद चुनाव आयोग की तरफ से यह फ़ैसला आया है।

आयोग के इस फैसले के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अब चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। याद रहे इमरान पर पीएम रहते मिले तोहफे से जुड़ी जानकारी छिपाने और कुछ तोशखाना से निकाल कर बेचने का आरोप लगा था।

पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने 17 अक्टूबर को ही पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान  को उनके और उनकी पार्टी के नेताओं के खिलाफ एक प्रतिबंधित वित्तपोषण मामले के संबंध में निर्वाचन आयोग को कथित रूप से झूठा हलफनामा प्रस्तुत करने के मामले में 31 अक्टूबर तक अंतरिम जमानत दी थी। संघीय जांच एजेंसी ने पिछले हफ्ते खान और उनकी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

प्राथमिकी के अनुसार, वूटन क्रिकेट लिमिटेड के मालिक आरिफ मसूद नकवी ने खान की पार्टी के नाम से पंजीकृत एक बैंक खाते में ‘गलत तरीके से’ धन हस्तांतरित किया। याद रहे कुछ दिन पहले ही इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने देश में संसद और प्रांतीय विधानसभा की 11 सीटों पर हुए उपचुनाव में सबसे अधिक सीटों पर जीत दर्ज की थी।

अरुणाचल में सेना के क्रैश हुए हेलीकॉप्टर का मलबा और दो लोगों के शव मिले

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार सुबह सेना का जो हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था वहां खोजी दल को मालवा और दो शव मिले हैं।

पश्चिम सियांग जिले के मिगिंग में शुक्रवार सुबह यह एडवांस हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था जो सेना के जवानों को लेकर नियमित उड़ान पर था।

यह हेलीकॉप्टर सुबह 10: 40 बजे हादसे का शिकार हुआ था। सेना के इस हेलिकॉप्टर ने असम के लिकाबली से उड़ान भरी थी। सेना पीआरओ के मुताबिक दो एएलएच और एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को सर्च में लगाया गया था।

याद रहे 5 अक्टूबर को भी सेना का चीता हेलिकॉप्टर अरुणाचल प्रदेश में ही क्रैश हो गया था। उस हादसे में पायलट शहीद हो गया था।

अरुणाचल प्रदेश में शुक्रवार सुबह सेना का एक हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया है। इसमें पायलट सहित 2 लोग सवार थे। अभी तक हेलीकॉप्टर की तलाश की जा रही है और इसमें सवार लोगों को लेकर भी कोई जानकारी नहीं है।

जानकारी के मुताबिक टूटिंग मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर सियांग जिले के सिंगिंग गांव के पास यह हेलिकॉप्टर हादसे का शिकार हुआ है। रक्षा मंत्रालय के जनसम्पर्क अधिकारी के मुताबिक जहाँ यह हादसा हुआ है, वहां जाने के लिए सड़क मार्ग तक   नहीं है। लिहाजा बचाव या राहत कार्य कठिन हो गया है।

बचाव अभियान के लिए बचाव टीम को घटनास्थल पर भेजा गया है। हादसे का शिकार सेना का एडवांस लाइट हेलिकॉप्टर सुबह करीब 10: 40 बजे हादसे का शिकार हुआ। सेना के इस हेलिकॉप्टर ने असम के लिकाबली से उड़ान भरी थी।

सेना पीआरओ के मुताबिक दो एएलएच और एक एमआई-17 हेलीकॉप्टर को तैनात रखा गया है। याद रहे 5 अक्टूबर को भी सेना का चीता हेलिकॉप्टर अरुणाचल प्रदेश में ही क्रैश हो गया था। उस हादसे में पायलट शहीद हो गया था।

दिल्ली ईसी ने एमसीडी इलेक्शन के लिए चिन्हित की सीटें, जल्द होगी चुनाव की घोषणा

केंद्र सरकार ने 18 अक्टूबर को एक नोटिफिकेशन जारी किया था जिसमें दिल्ली नगर निगम के वार्डों में परिसीमन का कार्य पूरा होने की बात कही गर्इ थी। राज्य चुनाव आयोग ने आगामी नगर निगम चुनाव (एमसीडी) के लिए आरक्षित सीटें चिन्हित कर ली हैं। और अब राज्य चुनाव आयोग कभी भी एमसीडी चुनावों की घोषणा कर सकते हैं।

नोटिफिकेशन में कहा गया है कि मुख्य निर्वाचन अधिकारियों द्वारा संशोधित मतदाता सूची की अंतिम तिथि 1 जनवरी 2022 है इसका मतलब है कि जो लोग 1 जनवरी 2022 तक मतदाता बने वे ही आगामी एमसीडी चुनाव में अपना वोट डाल सकेंगे।

दिल्ली नगर निगम की कुल 250 सीटों में अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित 42 सीटें चिन्हित की गर्इ है।  और कुल 250 सीटों में से 50 प्रतिशत महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। दिल्ली में 1 जनवरी 2022 तक करीब 1.48 करोड़ मतदाता थे। गृह मंत्रालय द्वारा जारी 800 पन्नों के नोटिफिकेशन में कहा गया है कि दिल्ली में नगर निगम के वार्डों की संख्या अब 250 होगी। नगर पालिका के एकीकरण से पहले 70 विधानसभा क्षेत्रों में 272 वार्ड हुआ करते थे।

आपको बता दें, केंद्र सरकार ने मई 2022 में राजधानी के नगर निकायों को मिलाकर एकीकृत दिल्ली नगर निगम बनाया था और दिल्ली के तीनों नगर निगमों का कार्यकाल मई में ही खत्म हो चुका हैं। वहीं दिल्ली में नगर निगम के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और आम आदमी पार्टी (आप) के बीच काफी समय से जुबानी जंग चल रही थीं। और आप पार्टी के साथ-साथ कांग्रेस ने भाजपा पर चुनाव को टालने का आरोप लगाया था।

बाबा केदारनाथ के दर्शन कर श्रमजीवियों से मिलने के बाद बद्रीनाथ पहुंचे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शक्रवार से अपने दो दिवसीय केदारनाथ और बद्रीनाथ के दौरे पर हैं वे वहां चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करने और अन्य नर्इ परियोजनाओं का शिलान्यास भी करेंगे। पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी छठी बार केदारनाथ धाम पहुंचे है।

पीएम की सुरक्षा के मद्देनजर केदारनाथ और बद्रीनाथ में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए है, चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मीयों को तैनात किया गया हैं।

बता दें, सुबह करीब 8 बजे केदारनाथ पहुंचने के बाद पीएम ने यहां बाबा केदारनाथ का दर्शन कर पूजा अर्चना की। अपने ढ़ार्इ घंटे के कार्यक्रम के दौरान पीएम आदिगुरू शंकराचार्य की समाधि स्थल के दर्शन भी करेंगे।

पीएम मोदी यहां 9.7 किलोमीटर लंबे गौरीकुंड-केदारनाथ रज्जूमार्ग परियोजना की आधारशिला रखेंगे साथ ही केदारनाथ में मोदी मंदाकिनी आस्था पथ और सरस्वती आस्था पथ का निरीक्षण, रिवरफ्रंट का निरीक्षण करेंगे और वहां चल रहे विकास कार्यों की प्रगति का समीक्षा भी करेंगे।

दोपहर बाद पीएम बद्रीनाथ के निकट स्थिथ सीमांत माणा गांव में सड़क और रज्जूमार्ग परियोजनाओं का शिलान्यास करने के साथ-साथ लोगों को संबोधित भी करेंगे। इसके बाद अराइवल प्लाजा और झीलों के सौंदर्यीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे।

आपको बता दें, शुक्रवार की रात पीएम बद्रीनाथ में ही विश्राम करेंगे। राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि “प्रधानमंत्री का केदारनाथ-बद्रीनाथ का यह दौरा उत्तराखंड के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने आगे कहा कि इन जगहों पर शुरू हो रही कनेक्टिविटी परियोजनायें धार्मिक महत्व के स्थानों तक पहुंच को आसान बनाने और बुनियादी ढ़ांचे में सुधार के लिए प्रधानमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।“

बंगाल की खाड़ी में ‘चक्रवाती तूफान’ की आशंका, पहाड़ों में बर्फबारी की संभावना

इस बार मौसम ने खूब खेल खेला है। बरसात का मौसम कब का चला गया, लेकिन बरसात है कि रुक नहीं रही। अब मौसम विभाग ने अगले हफ्ते बंगाल की खाड़ी में चक्रवात तूफान के पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तट से टकराने की चेतावनी दी है। इससे पूर्वोत्तर भारत समेत ओडिशा, बंगाल, बिहार, झारखंड में मौसम फिर करवट ले सकता है।

मानसून के फिर लौटने से कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भारी बारिश हो रही है। उधर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के ऊपरी इलाकों में  भारी बर्फबारी ने दस्तक दे दी है। उत्तर भारत में अभी बार समय से पहले ही ठंड शुरू हो चुकी है।

विभाग ने गंगीय मैदानी इलाकों में भी 24 और 25 अक्टूबर को भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। विभाग के पूर्वानुमानों के अनुसार बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा संभावित चक्रवात 25 अक्टूबर को ओडिशा के तट को छोड़ पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश के तट से टकरा सकता है।

बंगाल की खाड़ी में कम दबाव वाला क्षेत्र बन रहा है और अगले चार दिन में इसके तीव्र होकर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। दक्षिण-पूर्व और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहा कम दबाव का क्षेत्र 22 अक्टूबर तक गहरे निम्न दाब क्षेत्र में और 23 अक्टूबर तक एक चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।

राजधानी दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत में पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का असर दिखने लगा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक दिल्ली में न्यूनतम तापमान 16.9 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से एक डिग्री कम है। वैसे दिल्ली में गुरुवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। शुक्रवार को आसमान मोटे तौर पर साफ रहेगा।

ब्रिटेन में ट्रस के उत्तराधिकारी के रूप में सुनक, जॉनसन, जेरेमी हंट और पेनी मोरडॉन्ट के नाम

ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री के चयन की चर्चा के बीच आर्थिक स्थितियों को संभाल नहीं पाने के कारण इस्तीफा देनी वाली प्रधानमंत्री लिज़ ट्रस ने कहा है कि वे भागी नहीं हैं और जिम्मेदारी पूरी नहीं करने के कारण पद उन्होंने छोड़ा है। उधर ट्रस से पहले ब्रिटेन के पीएम बोरिस जॉनसन के समर्थकों ने उन्हें दोबारा सत्ता में लेन की कोशिशें शुरू कर दी हैं। ट्रस के इस्तीफे से खाली हुआ पद भरने के लिए भारतीय मूल के ऋषि सुनक भी दौड़ में माने जाते हैं, हालांकि बहुत कम संभावना है कि जॉनसन के समर्थक उनका समर्थन करेंगे।

कंजरवेटिव पार्टी को लेकर सर्वे में बताया जा रहा है कि जनता में उसका ग्राफ गिरा है और लेबर पार्टी को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। ऐसे में कंजरवेटिव पार्टी सांसद ऐसे नेता को पीएम बनाना चाहते हैं जो पार्टी के गिरते ग्राफ को संभाल सके। पूर्व पीएम  बोरिस जॉनसन के समर्थक कह रहे हैं कि चूंकि पिछले आम चुनाव में जॉनसन को जनता ने जबरदस्त समर्थन दिया था, उन्हें वापस लाया जाना चाहिए।

हालांकि, जो दावेदार सामने हैं उनमें भारतीय मूल के ऋषि सुनक भी हैं। सुनक लगातार ट्रस की वित्तीय योजना पर सवाल उठा रहे थे और उन्होंने आशंका जताई थी कि इससे महंगाई दर और खराब हालत में पहुँच सकती है। ब्रिटिश बाजार के हालात जिस तरह बिगड़े हैं, उससे सुनक का अनुमान सही निकला है। तोरी पार्टी में ज्यादातर सांसद अब मान रहे हैं कि सुनक को लाना सही फैसला होगा। वैसे भी सुनक ने नेतृत्व के मुकाबले की शुरुआत में टोरी सांसदों के सबसे अधिक वोट जीते थे। वे अभी भी संसदीय पार्टी में अच्छा समर्थन रखते हैं। सर्वे में भी उन्हें सबसे बेहतर रेटिंग मिल रही है।

उनके अलावा जेरेमी हंट, जिन्हें शौनक का ही समर्थक माना जाता है, भी दौड़ में हैं। लिज़ ट्रस को इस्तीफे से पहले खराब होती माली हालत संभालने के लिए उन्हें वित्त मंत्री बनाना पड़ा था। वह 2019 में भी जॉनसन के मुकाबले चुनाव में थे।

पेनी मॉरडॉन्ट का नाम भी चर्चा में है। रक्षा मंत्री रह चुकीं केबिनेट सदस्य पेनी खुद को जॉनसन का उत्तराधिकारी बता चुकी हैं। पीएम की दौड़ के आरंभिक चरण में सुनक ने उन्हें 8 वोट से हराया था। टोरी सदस्यों में लोकप्रिय पेनी 2016 में ब्रेक्जिट का जबरदस्त समर्थन कर चुकी हैं। हाल में आलोचना के बाद उनकी लोकप्रियता में कमी आई है। उनके अलावा बेन वालेस और केमी बडेनोच के नाम भी चर्चा में हैं।