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जी-20 सम्मेलन से पहले चीन ने मानक मानचित्र 2023 में अरुणाचल प्रदेश को अपने देश का बताया हिस्सा

चीन ने सोमवार को अपना मानक मानचित्र के 2023 के संस्करण को जारी किया है इसमें अरुणाचल प्रदेश को अपने देश का हिस्सा बताया गया है। इस मानचित्र के बाद एक बार फिर भारत-चीन सीमा विवाद को चीन ने हवा दे दी है।

जी-20 सम्मेलन भारत की राजधानी दिल्ली में कुछ ही दिनों में होने जा रहा है और ऐसे में चीन ने एक बार फिर सीमा विवाद को खड़ा कर दिया है। जी-20 सम्मेलन में दुनिया के कर्इ बड़े देशों के राष्ट्राध्यक्ष, शीर्ष नेता, वरिष्ठ राजनयिक, उद्योगपति और अन्य कर्इ लोग दिल्ली पहुंचेंगे।

मानक मानचित्र 2023 को साझा कर चीन ने अरुणाचल प्रदेश, अक्साई चीन क्षेत्र, ताइवान और विवादित दक्षिण चीन सागर को उसके दावों में शामिल किया है।

चीन के सरकारी समाचारपत्र ग्लोबल टाइम्स ने एक्स पर लिखा कि, “चीन के मानक मानचित्र का 2023 संस्करण आधिकारिक तौर पर सोमवार को जारी किया गया और प्राकृतिक संसाधन मंत्रालय के स्वामित्व वाली मानक मानचित्र सेवा की वेबसाइट पर इसे जारी किया गया। यह मानचित्र चीन और दुनिया के विभिन्न देशों की राष्ट्रीय सीमाओं की रेखांकन विधि के आधार पर संकलित किया गया है।”

यूपी के प्रयागराज में बहन के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर छात्र की पीट-पीटकर ली जान, हमलावर फरार

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में परमानंद इंटर कॉलेज के 10वीं के छात्र सत्यम शर्मा की उसके स्कूल के ही छात्रों ने सरेआम पटरे से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी है।

जानकारी के अनुसार, 15 वर्षीय सत्यम शर्मा उसी स्कूल में पढ़ने वाली अपनी चचेरी बहन के साथ घर लौट रहा था तभी उसकी हत्या कर दी गई। जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया है।

सोमवार को स्कूल में हुई छेड़खानी को लेकर कुछ मनचले छात्रों से उसकी बहस हो गई और स्कूल की छुट्टी के बाद बहन के साथ घर लौटते समय तुर्कपुरवा मोहल्ले में रहने वाले उन छात्रों ने उसका रस्ता रोका।

जानकारों का कहना है कि बहन के साथ छेड़खानी का विरोध करने पर दूसरे समुदाय के छात्रों ने अन्य लोगों को साथ लाकर शर्मा पर जानलेवा हमला किया। सर पर पटरे की चोट से काफी खून बहा जिससे सत्यम शर्मा की मौत हो गई।

पुलिस का कहना है कि घायल छात्र की इलाज के दौरान मौत हुई है और उसका कत्ल करने वाले सभी हमलावर फरार हो गए है।

सत्यम शर्मा की मौत के आक्रोश में उसके परिजनों और ग्रामीणों ने खीरी चौराहे पर शव के साथ जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। किंतु पुलिस टीम ने उन्हें जल्द कार्रवाई का आश्वासन देखर छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- पुलवामा हमले के बाद धारा-370 हटाना जरूरी था

सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का संविधान भारत के संविधान के अधीन है और जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा वास्तव में कानून बनाने वाली विधानसभा थी।

बता दें जम्मू-कश्मीर में धारा-370 हटाए जाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। और 11वें दिन सोमवार को केंद्र सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि, “आज भी दो राजनीतिक दल इस अदालत के समक्ष अनुच्छेद 370 और 35ए का बचाव कर रहे हैं। फरवरी 2019 में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर जिहादी हमले के बाद केंद्र सरकार ने यह महसूस किया कि धारा-370 को खत्म करने जरूरी हैं।”

सॉलिसिटर जनरल ने आगे कहा कि, “42वे संविधान संशोधन के बाद समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष शब्द जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं किये गए। अखंडता, मौलिक कर्तव्य शब्द भी वहां नहीं थे जो कि भारतीय संविधान में मौजूद हैं।”

वहीं प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की पीठ ने मेहता से कहा कि, “इस तर्क के दूसरे हिस्से को स्वीकार करना कठिन होगा कि जम्मू-कश्मीर की संविधान सभा वास्तव में अनुच्छेद 370 के प्रावधान के रूप में एक विधानसभा थी।”

इस पीठ में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति सूर्यकांत भी शामिल थे।

जातीय जनगणना के विरोध में केंद्र सरकार ने दाखिल किया नया हलफनामा, पुराने से हटाया पैरा-5

बिहार में जातीय जनगणना के विरोध में केंद्र सरकार ने नया हलफनामा दाखिल किया हैं। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देते हुए कहा था कि, जनगणना से जुड़ा काम केंद्र सरकार ही करा सकती है और इसके अलावा किसी भी राज्य सरकार व एजेंसियों के दायरे में जनगणना कराना नहीं हैं। किंतु सोमवार की शाम होने तक केंद्र सरकार ने अपने पुराने हलफनामे पर अपना स्टैंड बदल दिया और नया हलफनामा दाखिल करते हुए पुराने को खारिज करने की कोर्ट से मांग की है।

केंद्र सरकार ने पुराने हलफनामे में से पैरा-5 को हटा लिया है जिसमें कहा गया था कि जनगणना एक वैधानिक प्रक्रिया है और जनगणना अधिनियम 1948 के तहत शासित होती है। जनगणना का विषय सातवीं अनुसूची में संघ सूची प्रविष्टि 69 के तहत शामिल हैं।

वहीं दूसरी तरफ नए हलफनामे में सरकार का कहना है कि सेंसस एक्ट 1948 के तहत भी सिर्फ केंद्र सरकार को समग्र जनगणना कराने का अधिकार है, लेकिन नए हलफनामे में ‘जनगणना जैसी कोई अन्य प्रक्रिया’ शब्द को हटा दिया है।

आपको बता दें, कानून के जानकारों का कहना है कि राज्य सरकार अपना राज्य में किसी भी तरह का सर्वेक्षण करा सकती है। और सर्वेक्षण या आंकड़ों को जुटाने के लिए कोई भी कमेटी या आयोग का निर्माण कर सकती है। ठीक इसी अधिकार का उपयोग करते हुए उत्तराखंड सरकार ने यूसीसी के लिए कमेटी बनाई और सर्वेक्षण करा कर आंकड़े जुटाए।

बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि 6 अगस्त को सर्वे का कार्य पूरा हो चुका है और इसकी जानकारी वेबसाइट पर अपलोड कर दी गर्इ है। राज्य सरकार ने अपना रुख रखते हुए कहा कि वो निजता का हनन को ध्यान में रखते हुए अभी सर्वे का डेटा सार्वजनिक नहीं करेगी। और सिर्फ सामूहिक आंकड़े सामने रखे जाएंगे।

दिल्ली के शाहदरा में एक महिला टीचर के क्लास में इस्लाम पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर बच्चे की शिकायत

राजधानी दिल्ली के शाहदरा में एक महिला टीचर ने पिछले सप्ताह मुसलमानों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इस मामले में टीचर के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर केस कर दिया है।

मुस्लिम समुदाय के नाबालिग छात्र ने आरोप लगाया है कि टीचर ने कहा है कि देश के बंटवारे के बाद तुम लोग भारत में क्यों आए। और हिंदुस्तान की आजादी में विशेष समुदाय का कोई योगदान नहीं है।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि, “घटना पिछले सप्ताह की है। हमें एक शिकायत मिली और शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही हैं।”

शाहदरा के डीसीपी ने कहा कि, “हमें शिकायत मिली थी बच्चे की काउंसलिंग करवाने के बाद हमने एफआईआर दर्ज कर ली है, जांच कर रहे हैं। अभी तक जांच में ऐसा कुछ नहीं सामने नहीं आया है और न पीड़ित ने ऐसा बयान दिया है। अगर पीड़ित ने बयान दिया होता तो हम तुरंत गिरफ्तारी करते।”

आपको बता दें, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ठीक इसी प्रकार की घटना सामने आयी थी। इस घटना का एक वीडियो भी वायरल हो गया था जहां एक स्कूल टीचर अपने छात्रों से अल्पसंख्यक समुदाय के एक लड़के को थप्पड़ मारने के लिए कह रही हैं और समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी भी की जा रही हैं।

टीचर तृप्ता त्यागी पर लड़के के परिवार की शिकायत पर आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने के लिए सजा) और 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत मामला दर्ज किया गया था।

तेज रफ्तार कार ने 18 लोगों को रौंदा, तीन की मौत और 15 घायल: झारखंड

झारखंड के पलामू में स्टेट हाईवे पर एक कार ने 18 लोगों को रौंद दिया इस हादसे में तीन लोगों की मौत और अन्य 15 गंभीर रूप से घायल हैं। यह हादसा सोमवार की रात करीब साढ़े दस बजे हुआ।

स्नीय निवासियों ने बताया कि, हाईवे के किनारे देर शाम एक सांस्कृतिक कार्यक्रम किया जा रहा था इसी बीच यह हादसा हुआ। एक तेज रफ्तार कार 18 लोगों को रौंदते हुए निकल गई।

मौके पर मौजूद लोगों ने घायलों को आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया किंतु अस्पताल में तीन लोगों को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया और 15 लोगों का इलाज अभी जारी हैं।

पुलिस ने बताया कि, जिस कार ने इन लोगों को रौंदा उसकी जानकारी जुटाई जा रही है। सीसीटीवी फुटेज में कार की स्पीड बहुत तेज दिख रही हैं। हालांकि कार ड्राइवर की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई हैं।

इंडोनेशिया के बाली में 7.0 रिक्टर स्केल पर आया भूकंप

इंडोनेशिया के बाली में मंगलवार की सुबह 7.0 तीव्रता रिक्टर पैमाने के भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र इंडोनेशिया के मातरम से 201 किलोमीटर उत्तर में धरती की सतह से 518 किलोमीटर नीचे का था और बाली व लोम्बोक के तटीय इलाकों में यह महसूस किया गया।

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 7.1 बतायी हैं। भूकंप की शुरुआत में दो झटके महसूस किए गए वहीं इनकी तीव्रता 6.1 और 6.5 आंकी गर्इ।

एक स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार भूकंप का केंद्र पश्चिम नुसा तेंगारा, बंगसल के पास 525 किमी की गहराई रहा। भूकंप काफी संवेदनशील माना जा रहा है।

आपको बता दें, इससे पहले 2005 में 28 मार्च को इंडोनेशिया में 8.6 तीव्रता का भूकंप आया था। और इसमें 1300 से अधिक लोगों की जान चली गर्इ थी।

बेंगलुरू में लिव-इन पार्टनर की प्रेशर कुकर से की हत्या, आरोपी को गर्लफ्रेंड पर था शक

बेंगलुरू में लिव-इन पार्टनर ने अपनी पार्टनर को प्रेशर कुकर से पीट-पीटकर जान से मार डाला। बेंगलुरू पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि, “एक 24 वर्षीय व्यक्ति, वैष्णव को पुलिस ने अपनी 24 वर्षीय लिव-इन पार्टनर देवी के सिर पर प्रेशर कुकर से वार करके हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह घटना माइक्रो लेआउट पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई है। ये दोनों केरल से हैं, एक साथ पढ़े है और पिछले तीन साल से साथ रह रहे थे।”

युवक को अपनी गर्लफ्रेंड पर शक था कि वो उसे धोखा दे रही है। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि दोनों के बीच अक्सर झगड़ा हुआ करता था। लेकिन उन दोनों में से किसी ने भी एक दूसरे के खिलाफ पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई थी।

पीएम मोदी ने विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में 51 हजार युवाओं को बांटे नियुक्ति पत्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोजगार मेले के जरिए सोमवार को विभिन्न केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को 51 हजार चयनित अभ्यार्थियों को नियुक्ति पत्र दिए हैं। नियुक्ति पत्र पीएम मोदी ने वर्चुअल मोड पर वितरित किए हैं।

बता दें, देश के 45 केंद्रों पर रोजगार मेले का आयोजन किया गया है। यह आठवां रोजगार मेला है इसका आयोजन केंद्र सरकार की ओर से किया गया है।

इस मौके पर पीएम मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि, “इस बार रोजगार मेले का आयोजन एक ऐसे माहौल में हो रहा है जब देश गर्व और आत्मविश्वास से भरा हुआ है।”

पीएम मोदी ने एक्स पर कहा कि, “रोजगार मेला, रोजगार सृजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की हमारी प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक अहम कदम हैं। इसी कड़ी में आज सुबह 10.30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 51000 से अधिक नियुक्ति-पत्र वितरित करने का सुअवसर मिलेगा।”

विश्व हिंदू परिषद ने नूंह में आज फिर निकाली शोभायात्रा, धारा-144 लागू

हरियाणा के नूंह में विश्व हिंदू परिषद द्वारा श्रवण मास के आखिरी सोमवार (यानी आज) को शोभायात्रा निकालने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। हालांकि प्रशासन ने शोभायात्रा निकालने की इजाजत नहीं दी हैं।

नूंह में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई है, धारा-144 लगा दी गई है ताकि लोग एकत्रित न हो सकें। साथ ही सोहना टोल से नूंह की तरफ जाने वाली प्रत्येक गाड़ी की जांच की जा रही हैं। गाड़ियों के नंबर नोट किए जाने के साथ ही उन्हें नूंह की तरफ न जाने को भी मना किया जा रहा है।

जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाते हुए सोमवार को शैक्षणिक संस्थानों और बैंकों को बंद रखने का आदेश दिया है। साथ ही सोमवार तक जगह पर चार या अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर भी रोक लगा दी हैं।

आपको बता दें, नूंह में 31 जुलाई को विश्व हिंदू परिषद द्वारा निकाली गई यात्रा पर हमला किए जाने के बाद इस हिंसा में दो होमगार्ड और एक इमाम सहित छह लोगों की मौत हो गई थी। लेकिन सर्व जातीय हिंदू महापंचायत ने नूंह में 28 अगस्त को फिर से बृज मंडल शोभा यात्रा को निकालने का आह्वान 13 अगस्त को किया था। जिसके लिए उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों के लिए अनुमति लेने की कोई आवश्यकता नहीं हैं।