
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ अभियान अब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी (बनारस) की राजनीतिक ज़मीन पर भी असर दिखा रहा है। यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी से ही प्रेस को बताया कि 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में लाखों छात्र, शोधार्थी और बेरोज़गार युवा हिस्सा लेंगे और राहुल से रोज़गार, पेपर लीक, छात्र आत्महत्या और शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर सीधा संवाद करेंगे।
‘युवा अधिकार, गरिमा, शिक्षा और रोज़गार की लड़ाई का मंच’
राय ने कहा, “यह सिर्फ सभा नहीं, युवा अधिकार, गरिमा, शिक्षा और रोज़गार की लड़ाई का मंच है,” और ‘छात्रों की गूंज’ को “राष्ट्रीय आंदोलन” करार दिया। कांग्रेस का दावा है कि प्रयागराज कार्यक्रम में करीब दो लाख छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया और एक लाख से ज़्यादा की भीड़ उम्मीद है; फ्री ई-रिक्शा, पानी-चाय और कुछ छात्रों के लिए रात का खाना भी इंतज़ाम किया गया।
वाराणसी में बाढ़ राहत शिविर, विपक्ष का युवाओं पर फोकस
इसी बीच, वाराणसी में भारी बारिश और बाढ़ राहत शिविरों की खबरें सामने आईं, जहां नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और 61 राहत शिविर खोले गए। यानी एक तरफ पीएम मोदी के हलके में प्रशासन बाढ़ और बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहा है, तो वहीं विपक्ष उसी इलाके से युवाओं की आवाज़ को राष्ट्रीय मंच पर ले जाने की कोशिश कर रहा है
अगला पड़ाव 12 सितंबर को इंदौर
राहुल का अगला पड़ाव 12 सितंबर को इंदौर तय हुआ है, जहां फिर पेपर लीक, भर्ती-परीक्षाओं में धांधली, महंगी शिक्षा और बेरोज़गारी जैसे मुद्दे छात्रों के साथ सीधे उठाए जाएंगे। इस तरह ‘छात्रों की गूंज’ अब कोटा–देहरादून–प्रयागराज–पुणे से आगे बढ़कर इंदौर तक पहुंच चुकी है और 2027 यूपी विधानसभा चुनाव से पहले युवा वोट और शिक्षा-रोज़गार की बहस का केंद्र बनती दिख रही है।



