
प्रधानमंत्री कई मौकों पर अपनी जीवनशैली, योग, नींद, खान-पान और शारीरिक गतिविधियों के बारे में बात कर चुके हैं। उनकी दिनचर्या में योग, प्राणायाम, ध्यान, पैदल चलना और संतुलित खान-पान जैसी आदतों का जिक्र मिलता है।
रिपोर्ट प्रिया तिवारी
1. योग और प्राणायाम से दिन की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लंबे समय से योग और प्राणायाम को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बताते रहे हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि कम उम्र में ही योग और प्राणायाम से उनका परिचय हुआ और यह उनके लिए काफी उपयोगी रहा।
पीएम मोदी योग को शरीर और मन के बीच संतुलन से जोड़ते हैं। जून 2026 में भी उन्होंने कहा था कि योग का नियमित अभ्यास शरीर को स्वस्थ और मन को शांत रखने में मदद करता है।
2. शरीर को हमेशा एक्टिव रखना
फिटनेस का मतलब केवल भारी कसरत या जिम जाना नहीं है। नियमित चलना-फिरना और शरीर को सक्रिय रखना भी जरूरी है। पीएम मोदी की दिनचर्या में पैदल चलने और अन्य शारीरिक गतिविधियों का जिक्र मिलता है। प्रधानमंत्री ने खुद भी युवाओं से नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की अपील की है। उनका कहना है कि स्वस्थ शरीर का स्वस्थ मन से सीधा संबंध है।
3. सादा शाकाहारी खाना और संतुलित डाइट
पीएम मोदी ने एक कार्यक्रम में बताया था कि उनकी कोई निश्चित या ‘मैजिकल’ डाइट नहीं है। उन्होंने कहा कि वह शाकाहारी हैं और अलग-अलग जगहों पर उपलब्ध शाकाहारी भोजन खाते रहे हैं। उन्होंने खिचड़ी बनाने का भी जिक्र किया। यानी उनकी डाइट को किसी खास फॉर्मूले के बजाय संतुलित और अपनी जरूरत के अनुसार भोजन से जोड़कर देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री ने भी इस बात पर जोर दिया है कि शरीर की जरूरत के हिसाब से पोषण पर ध्यान देना चाहिए।
4. उपवास और खान-पान में संयम
प्रधानमंत्री के उपवास रखने की बात भी सार्वजनिक रूप से सामने आती रही है। उनकी जीवनशैली में खान-पान में संयम और सीमित भोजन की चर्चा होती है। हालांकि, उपवास को हर व्यक्ति के लिए जरूरी या किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है।
पीएम मोदी ने खुद भी कहा है कि डाइट को अपनी पसंद और जरूरत के अनुसार तय करना चाहिए, न कि उसे किसी दवा की तरह मजबूरी में लेना चाहिए।
सिर्फ 3-4 घंटे की नींद, करीब 18 घंटे काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह लंबे समय से करीब साढ़े तीन से चार घंटे की नींद लेते हैं और इसके बाद उनकी नींद अपने आप खुल जाती है। सुबह उठते ही वह अपनी रोजाना की दिनचर्या शुरू कर देते हैं। काम करने को लेकर भी कई बार उन्होंने बताया है कि वह दिन में करीब 18 घंटे तक काम करते हैं।
उन्होंने कुछ मौकों पर कम समय में गहरी नींद आने की अपनी आदत के बारे में बताया है। 2024 में उन्होंने कहा था कि वह बिस्तर पर जाने के बाद जल्दी गहरी नींद में चले जाते हैं।
आत्म-अनुशासन पर जोर
पीएम मोदी की दिनचर्या में अनुशासन एक महत्वपूर्ण पहलू के तौर पर सामने आता है। योग हो, काम हो, खान-पान हो या शारीरिक गतिविधि किसी भी स्वस्थ आदत का फायदा तभी मिलता है, जब उसे नियमित रूप से अपनाया जाए। प्रधानमंत्री ने कई मौकों पर स्वास्थ्य के लिए संतुलित जीवनशैली, नियमित व्यायाम, सही खान-पान और पर्याप्त नींद की जरूरत पर जोर दिया है।
यानी 76 की उम्र में भी सक्रिय रहने की चर्चा के बीच पीएम मोदी की जीवनशैली का सबसे बड़ा संदेश यही है फिटनेस किसी एक दिन की मेहनत नहीं, बल्कि नियमित और संतुलित दिनचर्या से जुड़ी आदत है।



