Home Blog Page 447

झारखंड के सीएम सोरेन को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत, माइनिंग लीज में हाईकोर्ट का फैसला रद्द

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सर्वोच्च न्यायालय से सोमवार को माइनिंग लीज और धनशोधन मामले में बड़ी राहत मिली है। सर्वोच्च अदालत ने सोरेन के खिलाफ हाईकोर्ट का फैसला रद्द कर दिया है। फैसले के बाद सोरेन ने प्रतिक्रिया करते हुए  ट्वीट में लिखा – ‘सत्यमेव जयते!’

सर्वोच्च न्यायालय का यह फैसला सीम सोरेन और राज्य सरकार की उस अर्जी पर आया है जिसमें उन्होंने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी थी। सर्वोच्च अदालत ने सोमवार अपने फैसले में कहा कि झारखंड हाईकोर्ट में सोरेन के खिलाफ याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

याद रहे शेल कंपनियों के जरिए धन शोधन के आरोप पर झारखंड उच्च न्यायालय में सुनवाई पर सर्वोच्च अदालत ने रोक लगा दी थी। अदालत ने हाईकोर्ट में याचिका के सुनवाई योग्य होने पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता या ईडी सोरेन के खिलाफ पहली नजर में केस स्थापित नहीं कर पाए।

अदालत ने ईडी पर भी बड़े सवाल उठाए और  कहा कि ‘आपके पास सोरेन के खिलाफ इतने सबूत हैं तो कार्रवाई करिए। पीआईएल याचिकाकर्ता के कंधे पर बंदूक क्यों चला रहे हैं? यदि आपके पास इतने अधिक ठोस सबूत हैं तो आपको कोर्ट के आदेश की आवश्यकता क्यों है? पहली नजर में सामग्री होनी चाहिए।’

सर्वोच्च न्यायालय ने साथ ही ईडी की सील कवर रिपोर्ट लेने से इंकार कर दिया। अदालत ने कहा कि यदि आप जो कह रहे हैं उसके अनुसार चलेंगे तो यह एक खतरनाक मिसाल कायम करेगा। किसी पर भी आपराधिक मुकदमा चल सकता है।  सुनवाई के दौरान जस्टिस यूयू ललित ने कहा –  ‘आप सीलबंद लिफाफे में क्यों दाखिल कर रहे हैं?  इसका मतलब यह नहीं है कि याचिकाकर्ता क्या कह रहा है, बल्कि जांच एजेंसी क्या कह रही हैं। याचिकाकर्ता वह बोझ अपने ऊपर नहीं ले रहा है। वह चाहता है कि जांच एजेंसी वह करे, जो वह हासिल करना चाहता है। हम फिलहाल सील कवर रिपोर्ट बाद में देखेंगे। पहले प्रथम दृष्टया मामला स्थापित करें।  हम आपको रोक नहीं रहे हैं। अगर आपको जांच में कुछ मिल रहा है तो आप आगे बढ़ सकते हैं।’

सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने संविधान के 103 वें संशोधन अधिनियम 2019 की वैधता को बरकरार रखा

सुप्रीम कोर्ट ने दस फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण पर मुहर लगा दी है। जिसमें सामान्य वर्ग के लिए 10%  ईडब्ल्यूएस आरक्षण प्रदान किया गया है। संविधान पीठ ने 4:1 के बहुमत से संवैधानिक और वैध करार दिया है। सीजेआई यूयू ललित, जस्टिस दिनेश माहेश्वरी, जस्टिस बेला एम त्रिवेदी और जस्टिस जेबी परदीवाला ने बहुमत का फैसला दिया है। चार न्यायाधीश अधिनियम को बरकरार रखने के पक्ष में जबकि एक न्यायाधीश ने इस पर असहमति जताई।

अदालत ने कहा कि,  ईडब्ल्यूएस कोटे से संविधान के बुनियादी ढांचे का उल्लंघन नहीं हुआ। आरक्षण के खिलाफ याचिकाएं खारिज की गई हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, ईडब्ल्यूएस कोटा सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 50 प्रतिशत कोटा को बाधित नहीं करता हैं। और इस कोटे से सामान्य वर्ग के गरीबों को फायदा होगा।

ईडब्ल्यूएस कोटा कानून के समक्ष समानता और धर्म, जाति, वर्ग, लिंग व जन्म स्थान के आधार पर और सार्वजनिक रोजगार में समान अवसर के अधिकार का उल्लंघन नहीं करता हैं।

वहीं जस्टिस एस रवींद्र भट ने असहमति जताते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि, 103वां संशोधन भेदभाव पूर्ण है 2019 का संविधान में 103 वां संशोधन संवैधानिक और वैध करार दिया गया हैं। इस 10 प्रतिशत आरक्षण में से एससी/एसटी/ओबीसी को अलग करना भेदभावपूर्ण हैं।

बिहार के कटिहार में भाजपा नेता व पूर्व जिला पार्षद की गोली मारकर की गई हत्या

बिहार के कटिहार जिले में पूर्व जिला पार्षद सह भाजपा नेता संजीव मिश्रा की सोमवार की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अपराधियों ने उन पर लगातार कई फायरिंग की। नेता की हत्या उनके घर के सामने ही हुई हैं। बाइक पर सवार दो लोगों ने उनको गोली मारी जिसके बाद घटनास्थल पर ही उसकी मृत्यु हो गई।

फिलहाल घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके में हड़कंप मच गया है। इस घटना पर सैकड़ों ग्रामीण, स्वजन और भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुस्से का इजहार किया है और लोग सड़क पर उतर आए हैं।

आपको बता दें, संजीव मिश्रा जिला परिषद सदस्य भी रह चुके है। और इस हमले से पहले भी उनपर दो बार जानलेवा हमला हो चुका था, किंतु वे उस समय बच गए। मामले में पुलिस की पूछताछ जारी है और अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने टास्क फोर्स का गठन भी किया हैं।

यूपी के अंबेडकरनगर में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हुई भिड़ंत, महिलाओं पर लाठीचार्ज

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर में पुलिस एवं ग्रामीणों के बीच हुई भिड़ंत के दौरान पुलिस ने भीड़ पर काबू पाने के लिए लोगों पर लाठीचार्ज किया। लाठीचार्ज में कई लोगों को गंभीर चोटें आई है इनमें महिलाएं भी शामिल हैं। इस घटना से जुड़ा वीडियो भी सामने आया है। जिसमें पुलिस और ग्रामीणों के बीच भिड़ंत हो रही है।

यह मामला जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के वाजिदपुर मोहल्ले का है और बताया जा रहा है कि अंबेडकर प्रतिमा की जमीन पर कब्जेदारी को लेकर विवाद हुआ था इस दौरान भीड़ पर लाठीचार्ज किया गया। वहीं लाठीचार्ज पर पुलिस का कहना है कि उन पर पत्थर फेंके गए थे और इसलिए लाठीचार्ज करना पड़ा।

आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और भीम आर्मी भारत एकता मिशन के संस्थापक चंद्रशेखर आजाद ने ट्वीट कर कहा कि, “अंबेडकर नगर में बाबा साहब की मूर्ति के पास नींव खुदाई का विरोध कर रही महिलाओं पर योगी की पुलिस ने बर्बरता के साथ लाठियां भांजी। एक तरफ मोदी जी महिला सम्मान की बात करते है तो दूसरी तरफ यूपी के भाजपा सरकार महिलाओं का सम्मान लाठियों से पीट कर करती है। और करनी का सच सामने है। ”

बताया जा रहा है कि शरारती तत्वों की करतूतों के बाद आक्रोशित भीड़ ने पुलिस टीम पर पथराव कर दिया था। प्रदर्शनकारी महिलाओं व पुरुषों ने महिला आरक्षण से बदसलूकी की और हाथापाई की। मामला शांत करने व भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को मजबूरन हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। जिसके कारण महिलाओं को चोटें आई हैं।

सुप्रीम कोर्ट का ईडब्ल्यूएस आरक्षण की वैधता पर अहम फैसला आज

सुप्रीम कोर्ट आज कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लोगों को दस प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाले 103वें संविधान संशोधन की वैधता को चुनौती देने वाली याचिका पर आज अपना फैसला सुनाने जा रहा हैं।

दाखिले और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को आरक्षण प्रदान करने वाली इस याचिका पर शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर अपलोड की गई सात नवंबर की वाद सूची के अनुसार प्रधान न्यायाधीश उदय उमेश ललित की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ मामले में फैसला सुनाएगी।

बता दें, शीर्ष अदालत ने तत्कालीन अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल और सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता सहित वरिष्ठ वकीलों की दलील सुनने के बाद इस कानूनी सवाल पर 27 सितंबर को फैसला सुरक्षित रख लिया था। और इस मामले में 13 नवंबर को शिक्षाविद मोहन गोपाल ने पीठ के समक्ष दलीलें रखी थीं। क्योंकि ईडब्ल्यूएस कोटा संशोधन का विरोध करते हुए इसे पिछले दरवाजे से आरक्षण को नष्ट करने का प्रयास बताया था।

आपको बता दें, पीठ में न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी, न्यायमूर्ति एस रवींद्र भट, न्यायमूर्ति बेला एम त्रिवेदी, और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला भी शामिल थे। तमिलनाडु की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता शेखर नफाड़े ने ईडब्ल्यूएस कोटा का विरोध करते हुए कहा था कि, आर्थिक मानदंड वर्गीकरण का आधार नहीं हो सकता है और शीर्ष अदालत को इंदिरा साहनी (मंडल) फैसले पर फिर से विचार करना होगा यदि वह इस आरक्षण को बनाए रखने का फैसला करता है।

वहीं दूसरी तरफ तत्कालीन अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल ने संशोधन का पुरजोर बचाव करते हुए कहा था कि इसके तहत प्रदान किया गया आरक्षण अलग है। सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) के लिए पचास प्रतिशत कोटा से छोड़छाड़ किए बिना दिया गया। उन्होंने आगे कहा था कि इसलिए संशोधित प्रावधान संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं करता हैं।

उपचुनाव नतीजे : सात विधानसभा सीटों में चार भाजपा के खाते में गईं, कांग्रेस को एक भी नहीं

अलग-अलग राज्यों की सात विधानसभा सीटों के लिए हुए चुनाव में वोटों की आज हुई गिनती से जाहिर होता है कि भाजपा ने सबसे ज्यादा चार सीटों पर जीत दर्ज की है। मुंबई की एकमात्र सीट पर शिव सेना उद्धव की जीत हुई है।

मुंबई की अंधेरी (पूर्वी) विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) की उम्मीदवार ऋतुजा लटके ने जीत दर्ज की है। वहां भाजपा ने पहले ही अपना उम्मीदवार उतारने से मना कर दिया था। दिलचस्प बात यह रही कि वहां विजयी उम्मीदवार के बाद सबसे ज्यादा वोट नोटा में (12 हजार से ज्यादा) पड़े।

उधर बिहार की गोपालगंज सीट से भाजपा उम्मीदवार कुसुम देवी ने चुनाव जीत लिया है। उन्होंने राजद उम्मीदवार मोहन गुप्ता को 21857 हजार से अधिक मतों से हराया है। वहां बसपा और ओवैसी की एमआईएम आरजेडी का खेल खराब कर दिया। बिहार की दूसरी सीट मोकामा में आरजेडी प्रत्याशी नीलम देवी ने जीत हासिल की है।

हरियाणा की आदमपुर सीट भी भाजपा के उम्मीदवार भव्य बिश्नोई के खाते में गयी है। वहां भाजपा ने कांग्रेस के जयप्रकाश को हराया। जय प्रकाश के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने जमकर प्रचार किया था लेकिन अन्य बड़े नेता गायब रहे थे।

यूपी की गोला गोकर्णनाथ सीट से भाजपा उम्मीदवार अमन गिरी ने जीत दर्ज कर ली है। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रत्याशी को 30 हजार से ज्यादा वोटों से पराजित किया है।

तेलंगाना की मुनुगोडे विधानसभा सीट पर टीआरएस प्रत्याशी को भाजपा से कड़ी टक्कर मिल रही है। उधर ओडिशा की धामनगर सीट पर भाजपा के सूर्यवंशी सूरज जीते हैं।

टी-20 विश्व कप : भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड पहले ही पहुंच चुके हैं

ऑस्ट्रेलिया में खेले जा रहे टी-20 विश्व कप में सेमीफाइनल की चारों टीमें तय हो गयी हैं। रविवार को नई टीम नीदरलैंड्स ने अनुभवी दक्षिण अफ्रीका को हराकर जहाँ सनसनी मचा दी, वहीं उसके सेमीफाइनल में जाने का रास्ता भी बंद कर दिया। अब भारत और पाकिस्तान के फाइनल की संभावनाएं भी बन सकती है, यदि दोनों टीमें अपने सेमीफाइनल जीत जाती हैं तो।

इस तरह ग्रुप-1 से न्यूजीलैंड और इंग्लैंड जबकि ग्रुप-2 से भारत और पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचे हैं। यदि अभी चल रहे मैच में भारत जिम्बाब्वे को हरा देता है तो उसका सेमीफाइनल में मुकाबला इंग्लैंड से होगा। इस मैच में भारत ने जिम्बाब्वे को 187 रन का लक्ष्य दिया है।

आज खेले गए मुकाबले में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 5 विकेट से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बना ली। ग्रुप-2 से भारत और पाकिस्तान ने क्वालीफाई किया है, जबकि ग्रुप-1 से न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की टीमें सेमीफाइनल में पहुंची हैं। इस तरह टी-20 वर्ल्ड कप 2022 के प्लेऑफ मुकाबलों के लिए स्टेज तैयार हो गया है।

भारत, जिसने अभी चल रहे मैच में जिम्बाब्वे को 187 रन का लक्ष्य दिया है और जीत के बाद भारत अपने ग्रुप में टॉप पर पहुँच जाएगा। ग्रुप-2 में पाकिस्तान ने पांच मैच में 3 जीत, 2 हार हासिल की हैं और 6 प्वाइंट के साथ वह सेमीफाइनल में पहुंच गया है।

आज सुबह एक बड़ी अहम मुकाबले में नीदरलैंड्स ने दक्षिण अफ्रीका को 13 रन से हराते हुए टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। उसके हारते ही भारत को सेमीफाइनल का टिकट मिल गया। इससे पाकिस्तान का भी रास्ता खुल गया।

भारतीय टीम के पास 6 पॉइंट्स हैं, जबकि साउथ अफ्रीका के पास 5 पॉइंट्स हैं। दूसरी ओर, बांग्लादेश और पाकिस्तान के पास 4-4 पॉइंट्स हैं। यानी अब कोई एक ही टीम 6 पॉइंट्स तक पहुंचेगी। इस तरह भारतीय टीम का आखिरी मैच रिजल्ट के लिहाज से सिर्फ इसलिए मायने रखता है कि रोहित शर्मा की कप्तानी वाली टीम टेबल टॉपर बनना चाहेगी। सेमीफाइनल के लिए यह मैच बहुत अधिक महत्व नहीं रखता है।

गुजरात में भाजपा को झटका; वरिष्ठ नेता व्यास ने पार्टी छोड़ी, कांग्रेस या आप में जाने की अटकलें

कुछ समय पहले कांग्रेस के गुजरात चुनाव के लिए विशेष प्रभारी और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से गुपचुप बैठक करने वाले गुजरात भाजपा के बड़े नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री जयनारायण व्यास ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया है। विधानसभा चुनाव के समय व्यास के इस्तीफे को भाजपा के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के पुत्र महेंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

व्यास ने हाल में कांग्रेस नेता अशोक गहलोत से मुलाकात की थी, जिसके बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि वे कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। कुछ हलकों में उनके आम आदमी पार्टी (आप) में जाने की बात भी कही जा रही है।

व्यास के पार्टी छोड़ने से गुजरात में चुनाव से ठीक पहले भाजपा को यह बड़ा झटका लगा है। इसका कारण यह है कि उन्हें अनुभवी और जनता में पैठ रखने वाला नेता माना जाता है। उनके इस्तीफे का कारण उन्हें भाजपा का टिकट न मिलना बताया जा रहा है। वे सिद्धपुर से चुनाव लड़ना चाहते थे।

भाजपा से उनके इस्तीफे के बाद संभावना है कि वे कांग्रेस या आप में से जिस भी पार्टी में शामिल होंगे, वह उन्हें सिद्धपुर से टिकट दे सकती है। गुजरात के लिए एक दिन पहले ही चुनावों की घोषणा हुई है। याद रहे कुछ दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला के पुत्र महेंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए थे।

हिमाचल कांग्रेस के वादे; ओल्ड पेंशन, पहली केबिनेट में एक लाख नौकरी, महिलाओं को 1500 की पेंशन

ओल्ड पेंशन स्कीम लागू करने की घघोषणा करके पहले ही सुर्ख़ियों में चल रही कांग्रेस ने हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया। पार्टी ने सरकार बनने पर पहली ही केबिनेट बैठक में एक लाख नौकरियां जरी करने का बड़ा वादा किया है। इसके अलावा 18 से 60 साल की आयु की हर महिला को 1500 रुपये मासिक पेंशन और 300 यूनिट तक की बिजली पर कोई पैसा नहीं लेने का वादा किया है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आज घोषणा पत्र जारी करते हुए कहा कि जयराम सरकार के ‘राजनीतिक आधार पर’ किये गए सभी तबादले रद्द किए जाएंगे। ग्रामीण सड़कों के लिए भू-अधिग्रहण कानून लागू कर भू-स्वामियों को चार गुना मुआवजा का प्रावधान किया जाएगा। महंगाई से निपटने के लिए लोगों की जेबों में पैसा डाला जाएगा। पुरानी पेंशन योजना लागू होगी और महिलाओं को 1500 रुपए प्रति देने के अलावा 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी।

सत्ता में आकर पार्टी सरकार कृषि और बागवानी आयोग का गठन करेगी जिसमें किसानों और बागवानों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व होगा। किसानों और बागवानों की सलाह से यह आयोग फलों की कीमत तय करेगा। आयोग की सलाह पर हर कैटेगरी के सेब के लिए एक न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किया जाएगा।

हर पशुपालक से हर दिन दस किलो दूध सरकार की ओर से खरीदा जाएगा। पशुपालकों से दो रुपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदा जाएगा। गोबर से वर्मी कंपोस्ट में बदलने के लिए पंचायत के स्तर पर व्यवस्था बनाई जाएगी। पशु चारा के लिए विशेष अनुदान मिलेगा। प्रति घर में 4 गायों तक की खरीद पर सब्सिडी दी जाएगी।

नई पर्यटन नीति बनाकर गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट विलेज परियोजना शुरू की जाएगी। सरकार टैक्सी व्यवसाय में आने वाले युवाओं के लिए कम ब्याज दरों पर ऋण उपलब्ध करवाने से लेकर बीमा योजना लागू करने जैसी नई योजनाएं लाएगी। टैक्सी की परमिट की अवधि 10 की जगह 15 साल की जाएगी। धार्मिक स्थलों को देवभूमि विकास निधि के तहत बजट आबंटित किया जाएगा।

हिमाचल में युवा आयोग का गठन किया जाएगा। हर विधानसभा में 10 करोड़ रुपये यानी पूरे प्रदेश में 680 करोड़ रुपये के युवा स्टार्ट-अप फंड की स्थापना की जाएगी।
प्रदेश के निजी उद्योगों में 80 फीसदी हिमाचल के युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने की नीति को प्रभावी रूप से लागू कराया जाएगा। विभागों, निगमों, बोर्डों में तैनात आउटसोर्सिं कर्मचारियों के लिए अलग से नीति बनाई जाएगी।

मंत्रिमंडल की पहली ही बैठक में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जाएगी। कर्मचारियों को देय एरियर का निश्चित समयावधि में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए एक नई पारदर्शी नीति बनाई जाएगी। पुलिस की समस्त कॉन्ट्रैक्ट नियुक्तियां आठ वर्ष की जगह दो वर्ष में नियमित की जाएंगीं।

पंजाब पैटर्न पर पेंशन और सुविधाएं दी जाएंगीं। मूल पेंशन में 5, 10 और 15 फीसदी भत्ते को शामिल करने की मांग को पूरा किया जाएगा। एक उच्च स्तरीय कमेटी का गठन कर उनकी मांगों पर विचार होगा और कमेटी की सिफारिशों को प्राथमिकता से लागू किया जाएगा। कैंटीन की सुविधाओं में विस्तार करने के लिए निशुल्क भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। सेवारत रक्षा और अर्धसैनिक कर्मियों के लिए बंदूक लाइसेंस के नवीनीकरण पर 50 फीसदी की छूट दी जाएगी। सशस्त्र बलों और अर्धसैनिक बलों के सेवारत जवानों को दो साल के ब्लॉक में एक बार हिमाचल पर्यटन के होटलों और  रिसॉर्ट में 50 फीसदी छूट दी जाएगी।

पुलिस कर्मचारियों को 13वें महीने का अतिरिक्त वेतन नए वेतनमान के आधार पर दिया जाएगा। विषम परिस्थितियों में पत्रकारों की सहायता के लिए जनसंपर्क विभाग में एक पत्रकार राहत कोष की स्थापना होगी। इसमें स्वयं पत्रकार और उनके सगे संबंधियों को दो लाख रुपये तक की सहायता मिल सकेगी। सेवानिवृत्त पत्रकारों के लिए एक पेंशन योजना लागू की जाएगी।

दूर दराज के इलाकों तक कांग्रेस सरकार मोबाइल क्लिनिक सुविधा शुरू करेगी। इससे छोटी मोटी बीमारियों के लिए इलाज गांव में ही मिलना संभव हो सकेगा। सभी एचएससी, पीएचसी, सीएचसी में स्टाफ, डॉक्टर और अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती की जाएगी ताकि सभी संस्थानों को स्वतंत्र रूप से चलाया जा सके।

चुनाव आयोग ने मैनपुरी लोकसभा सीट सहित देश में 5 विधानसभा सीटों के उपचुनाव घोषित किये

चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव की मृत्यु से खाली हुई मैनपुरी की लोकसभा सीट सहित 5 अन्य विधानसभा सीटों के लिए उपचुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। इनके लिए वोटिंग 5 दिसंबर को होगी जबकि नतीजे 8 दिसंबर को घोषित किये जाएंगे।

आयोग ने तारीखों की घोषणा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश की मैनपुरी लोकसभा सीट के लिए 5 दिसंबर को मतदान होगा। यह सीट समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई है। इस सीट को सपा का गढ़ माना जाता है, हालांकि देखना दिलचस्प होगा कि मुलायम सिंह की अनुपस्थिति में सपा की तरफ से किसे मैदान में उतारा जाता है।

उधर चुनाव आयोग ने ओडिशा, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश राज्यों में पांच विधानसभा सीटों के लिए भी उपचुनाव घोषित कर दिया है। इनके लिए भी 5 दिसंबर को मतदान होगा। खाली सीटों में ओडिशा की पदमपुर, राजस्थान की सरदारशहर, बिहार की कुरहानी, छत्तीसगढ़ की भानुप्रतापपुर एसटी और उत्तर प्रदेश की रामपुर विधानसभा सीटें शामिल हैं।

इन उपचुनावों के लिए 10 नंबर को अधिसूचना जारी होगी जबकि 17 को नामांकन भरने की आखिरी तारीख होगी। नाम वापस लेने की आखिरी तारीख 21 नवंबर होगी।