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सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरुण गोयल ने नए चुनाव आयुक्त का पदभार संभाला

एक दिन पहले ही चुनाव आयोग में आयुक्त नियुक्त किये गए सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरुण गोयल ने सोमवार को अपना पदभार संभाल लिया हैं। गोयल 1985 बैच के पंजाब कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं।

चुनाव आयोग में वे मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और चुनाव आयुक्त अनूप चंद्र पांडेय के साथ चुनाव आयोग का हिस्सा बने हैं। उन्हें चुनाव आयोग में शनिवार को  नियुक्त किया गया था।

याद रहे सुशील चंद्र मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से मई में सेवानिवृत्त हुए थे। उनके स्थान पर राजीव कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे, हालांकि, आयुक्त के एक खाली हुए पद पर किसी की नियुक्ति नहीं की गयी थी।

यह भी दिलचस्प है कि अब चुनाव आयुक्त बनाये गए अरुण गोयल भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव थे और उन्हें 31 दिसंबर 2022 को सेवानिवृत्त होना था। हालांकि,  उन्होंने 18 नवंबर को पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद उनके नए जिम्मेदारी संभालने को लेकर अटकलें चल रही थीं। अब उन्हें चुनाव आयुक्त बना दिया गया है।

देश ने इंदिरा को उनकी जयंती पर याद किया, पीएम से लेकर अन्य नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

इंदिरा गांधी की जयंती पर उन्हें देश भर में श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। इंदिरा की बहु और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शक्ति स्थल पहुंचकर इंदिरा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की। पार्टी अध्यक्ष खड़गे सहित कई नेताओं ने उन्हें याद किया है। पीएम मोदी ने भी एक ट्वीट में इंदिरा को श्रद्धांजलि अर्पित की है।

कांग्रेस ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की जयंती पर शनिवार को उन्हें श्रद्धांजलि दी और देश के प्रति उनके योगदान को याद किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ट्वीट में कहा – ‘आजीवन संघर्ष, साहस और कुशल नेतृत्व की मिसाल, भारत की लौह महिला, श्रीमती इंदिरा गांधी की जयंती पर शत शत नमन। भारत की एकता और  अखंडता को संजोए रखने के लिए उन्होंने अपने जीवन का बलिदान दिया। राष्ट्र को समर्पित, उनकी राजनीतिक दृढ़ता को हम भारतवासी हर पल याद करते हैं।’

कांग्रेस नेता और इंदिरा के पोते राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत से पहले दादी इंदिरा गांधी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राहुल ने इंदिरा गांधी को याद करते हुए ट्वीट में कहा – ‘आज़ादी के संग्राम में पली, भारत के महान नेताओं से सीखी पढ़ी, पिता की लाडली थीं वो। देश के लिए दुर्गा, दुश्मनों के लिए काली थीं – निडर, तेजस्विनी, प्रियदर्शिनी।’

इंदिरा की पोती और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट में इंदिरा के एक भाषण का अंश साझा करते हुए उनके कथन का उल्लेख करते हुए कहा – ‘एकजुट होकर काम करना है, एकजुट होकर आगे बढ़ना है, एकजुटता के साथ देश की विजय सुनिश्चित करनी है।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इंदिरा की जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने एक ट्वीट में कहा – ‘हमारी पूर्व पीएम श्रीमती इंदिरा गांधी जी को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि।’

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा – ‘देश की एकता और अखंडता बरकरार रखने में इंदिरा गांधी जी का अतुलनीय योगदान रहा है। उन्होंने इस महान उद्देश्य के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। उनके कार्यकाल में भारत की सेना ने ऐतिहासिक शौर्य और पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को पराजित किया तथा बांग्लादेश का निर्माण हुआ।’

याद रहे इंदिरा गांधी का जन्म 19 नवंबर, 1917 को प्रयागराज में हुआ था। वह जनवरी 1966 से मार्च 1977 तक प्रधानमंत्री रहीं। इसके बाद 1980 में वह फिर से प्रधानमंत्री बनीं। उनके अंगरक्षकों ने ही 31 अक्टूबर, 1984 को उनकी हत्या कर दी  थी।

संसद का शीतकालीन सत्र 7 से 29 दिसंबर तक, विपक्ष कई मुद्दों पर घेरेगा सरकार को

संसद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होगा। यह सत्र 29 दिसंबर तक चलेगा और इस दौरान कई विधायी कार्यों और अन्य मुद्दों पर चर्चा होगी। उधर विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है।

संसद स्तर की तारीखों की जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने दी। उन्होंने कहा – ‘संसद का शीतकालीन सत्र सात दिसंबर से शुरु होकर 29 दिसंबर तक चलेगा। संसद सत्र के इन 23 दिनों में 17 बैठकें होंगी।’

मंत्री ने कहा कि अमृत काल सत्र के दौरान हम विधायी कार्य और अन्य मुद्दों पर चर्चा को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस दौरान विकास रचनात्मक रवैया अपनाएगा और जनता से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक काम होंगे।

इस बीच विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा। संसद का सत्र शुरू होने के एक दिन बाद ही हिमाचल प्रदेश और गुजरात विधानसभाओं के चुनाव के  आएंगे जिससे राजनीतिक माहौल भी गर्म रहेगा।

महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी भी शामिल हुए राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में

राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को शुक्रवार को और बल मिला जब महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी महाराष्ट्र के बुलढाणा के शेगांव में इसमें शामिल हुए। इससे पहले गुरुवार को फिल्म एक्ट्रेस रिया सेन राहुल गांधी की पदयात्रा में शामिल हुई थी।

कांग्रेस ने तुषार गांधी के भारत जोड़ो यात्रा में जुड़ने को ‘ऐतिहासिक’ बताते हुए कहा कि इससे यात्रा के सामजिक चिंतन और सरकार का पता चलता है साथ ही यह भी कि जनता और देश इस समय क्या सोच रहा है।

भारत जोड़ो यात्रा आज सुबह करीब छह बजे अकोला जिले के बालापुर से शुरू हुई और कुछ घंटे बाद शेगांव पहुंची। वहीं लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता तुषार गांधी इसमें शामिल हुए। तुषार गांधी ने एक दिन पहले ही ट्वीट करके कहा था कि शेगांव उनकी जन्मस्थली है।

तुषार गांधी ने ट्वीट में कहा था कि वे शेगांव में भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे क्योंकि वही उनका जन्म स्टेशन भी है। गांधी ने लिखा था – ‘मेरी मां जिस ट्रेन में सफर कर रही थीं, 1 डीएन. हावड़ा मेल वाया नागपुर, वह 17 जनवरी 1960 को शेगांव स्टेशन पर रुकी थी जब मेरा जन्म हुआ !’

इस बीच कांग्रेस ने राहुल गांधी और तुषार गांधी को, जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी के प्रपौत्रों को, दोनों दिवंगत नेताओं की विरासत के वाहक के रूप में वर्णित किया। एक बयान में पार्टी ने कहा – ‘दोनों का एक साथ चलना शासकों के लिए एक संदेश है कि वे लोकतंत्र को खतरे में डाल सकते हैं, लेकिन उन्हें इसे खत्म नहीं करने दिया जाएगा।’

उमर हो सकते हैं जेकेएनसी के नए अध्यक्ष, पिता फारूक अब्दुल्ला ने छोड़ा अपना पद

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला नेशनल कॉन्फ्रेंस के नए अध्यक्ष हो सकते हैं। उनके सांसद पिता और पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (85) ने शुक्रवार को अध्यक्ष पद से हटने का ऐलान कर दिया। फारूक ने कहा कि वे पार्टी का जिम्मा नयी पीढ़ी को देना चाहते हैं। पार्टी में अध्यक्ष पद का चुनाव 5 दिसंबर को है और पूरी संभावना है कि उमर को निर्विरोध अध्यक्ष चुना जाएगा।

संभावना है कि फारूक अब्दुल्ला अब नेशनल कांफ्रेंस के संरक्षक की भूमिका में रहेंगे। अध्यक्ष पद से हटने की घोषणा करते हुए फारूक ने शुक्रवार को कहा – ‘अब  नयी पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है।’

वैसे नेशनल कांफ्रेंस की तरफ से अभी आधिकारिक रूप से उमर अब्दुल्ला के पार्टी अध्यक्ष बनने की घोषणा नहीं की गयी है, पार्टी के कमोवेश सभी नेता और कार्यकर्ता उन्हें ही अध्यक्ष बनाने के हक़ में हैं। याद रहे फारूक अब्दुल्ला पहली बार 1983 में नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष बने थे।

उमर अब्दुल्ला अटल बिहारी सरकार में विदेश राज्य मंत्री रह चुके हैं। इसके अलावा वे तत्कालीन सम्पूर्ण जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री भी रहे हैं। अध्यक्ष पद को लेकर उनके पिता अब्दुल्ला ने आज कहा – ‘मैं अब अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ूंगा। अब समय आ गया है कि नयी पीढ़ी इस जिम्मेदारी को संभाले।’

फ़ारूक़ ने कहा कि अष्यक्ष पद का चुनाव आ रहा है और पार्टी का कोई भी सदस्य इस पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। हालांकि, पार्टी  उमर  जबरदस्त समर्थन को देखते हुए उनके निर्विरोध चुने जाने की संभावना है।

भारत के पहले निजी रॉकेट विक्रम-एस का श्रीहरिकोटा से सफलता पूर्वक प्रक्षेपण

भारत के पहले निजी रॉकेट विक्रम-एस का शुक्रवार को सफलता पूर्वक प्रक्षेपण कर दिया गया। विक्रम-एस ‘मिशन प्रारंभ’ का हिस्सा है। इस रॉकेट का निर्माण स्काई रूट एयरोस्पेस ने किया है।

निजी क्षेत्र की इस कंपनी ने 2020 में केंद्र सरकार की अंतरिक्ष उद्योग को निजी क्षेत्र के लिए खोले जाने के घोषणा के बाद भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम से जुड़ गयी है।

इसका प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा स्थित भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के केंद्र से किया गया। देश का पहला निजी तौर पर विकसित रॉकेट ‘विक्रम-एस’ का प्रक्षेपण होने के बाद देश का निजी क्षेत्र का यह पहला प्रयोग सफल रहा है।

स्काईरूट एयरोस्पेस चार साल शुरू हुआ स्टार्ट-अप है। सरकारी स्वामित्व वाले इसरो के प्रभुत्व वाले देश के अंतरिक्ष उद्योग में निजी क्षेत्र का प्रवेश बड़ी घटना है। अंतरिक्ष नियामक ने 18 नवंबर को भारत के इस पहले निजी रॉकेट प्रक्षेपण को मंजूरी दी थी।

विक्रम-एस सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से इसके प्रक्षेपण के बाद 81 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचेगा। रॉकेट का नामकरण भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक और दिवंगत वैज्ञानिक विक्रम साराभाई के नाम पर किया गया है।

यह रॉकेट मिशन में दो घरेलू और एक विदेशी ग्राहक के तीन पेलोड लेकर गया है। छह मीटर लंबा यह रॉकेट दुनिया के पहले कुछ ऐसे रॉकेट में शामिल है जिसमें घुमाव की स्थिरता के लिए 3-डी प्रिंटेड ठोस प्रक्षेपक हैं।

गाज़ा में एक घर में आग से सात बच्चों समेत 21 लोगों की मौत

एक बड़ी घटना में गाजा शहर के उत्तर में एक घर में भयंकर आगजानी में 21 लोगों की मौत हो गई है जिनमें सात बच्चे हैं। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। फिलिस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास की तरफ से कहा गया है कि इजरायल के कब्जे वाले वेस्ट बैंक में स्थित ‘एक अलग फिलिस्तीनी क्षेत्र’ ने आग को एक राष्ट्रीय त्रासदी माना है।

रिपोर्ट्स में बताया गया है कि हमास इस्लामवादी, जो इजरायल-नाकाबंदी वाले फिलिस्तीनी एन्क्लेव को नियंत्रित करते हैं, ने कहा कि अग्निशामकों ने जाबालिया में आग पर काबू पाने में कामयाबी हासिल की है। गाजा की सिविल डिफेंस यूनिट (सीडीयू) ने एक स्टेटमेंट में कहा कि ‘घटना में 21 लोगों की मौत हुई है’।

जाबालिया में इंडोनेशियाई हॉस्पिटल्स के अध्यक्ष सालेह अबू लैला के मुताबिक हॉस्पिटल में कम से कम सात बच्चों के शव आए हैं। आग लगने के कारणों का पता नहीं चला है। सीडीयू के मुताबिक घर में ईंधन जमा था।

फिलिस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रवक्ता नबील अबू रुदीनेह ने एक बयान में कहा – ‘अब्बास ने आज (शुक्रवार) को शोक का दिन घोषित किया है। झंडे आधे झुके रहेंगे और पीड़ितों के परिवारों को राहत जे रूप में सहायता भेजने की पेशकश की गयी है।’

भाजपा के लिए गुजरात में आज अध्यक्ष नड्डा, केंद्रीय मंत्री, सीएम आज करेंगे 89 रैलियां

सत्तारूढ़ भाजपा ने गुजरात के विधानसभा चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी के लिए अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित कई बड़े नेता अज्ज 89 विधानसभा हलकों में चुनाव प्रचार करेंगे। सोमवार को पीएम मोदी भी गुजरात आ रहे हैं।

पार्टी के मुताबिक भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के अलावा कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा  के शासन वाले राज्यों के सीएम आज गुजरात में धावा बोलेंगे। जिन 89 हलकों में आज नड्डा और अन्य नेता प्रचार करने उतर रहे हैं उनमें पहले चरण में मतदान होना हैं।

नड्डा नवसारी, अंकलेश्वर और राजकोट पूर्व में तीन रैलियों को संबोधित करेंगे जबकि केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी नरेन्द्र सिंह तोमर और अनुराग ठाकुर तीन और चार-चार रैलियों को संबोधित करेंगे। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और एमपी के सीएम  शिवराज सिंह चौहान भी चुनावी रैलियां कर रहे हैं।

पार्टी ने इसके अलावा कई नेताओं को स्टार प्रचारक के रूप में गुजरात भेजा है जिनमें महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री वीके सिंह और फग्गन सिंह कुलस्ते शामिल हैं। यह सभी आज प्रचार करने उतरेंगे।

हिमाचल के बाद गुजरात में भी भाजपा के लिए मुसीबत बने पार्टी के बागी नेता

हिमाचल की तरह गुजरात के विधानसभा चुनाव में भी बड़ी संख्या में बागी भाजपा के गले की फांस बन गए हैं। पार्टी नेताओं की लाख कोशिश के बावजूद एक विधायक और चार पूर्व विधायक पार्टी के खिलाफ बगावत करके निर्दलीय खड़े हो गए हैं।

विधानसभा चुनाव में भाजपा ने कई विधायकों के टिकट काटे हैं लिहाजा उनमें से कुछ बागी तेवर अपनाये हुए हैं। एक विधायक और चार पूर्व विधायक मैदान में ताल ठोक चुके हैं जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ी हैं। अभी तक छह पार्टी नेताओं ने निर्दलीय के तौर पर नामांकन भरा है।

पहले चरण में 89 सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए गुरुवार नामांकन वापसी का आखिरी दिन था। बागियों के खड़े होने से पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार मुश्किल में फंस गए हैं। पूर्व विधायक और आदिवासी नेता हर्षद वसावा नर्मदा के नांदोद में निर्दलीय के रूप में मैदानब में डटे हुए हैं। जूनागढ़ में भाजपा के पूर्व विधायक अरविंद लडानी ने भी मैदान में ताल ठोंक राखी है।

यही नहीं भाजपा के वर्तमान एमएलए और दो पूर्व एमएलए भी दूसरे चरण के मतदान वाले चुनाव में निर्दलीय खड़े हैं। वाघोडिया से छह बार विधायक रहे मधु श्रीवास्तव का भाजपा ने टिकट काट दिया था जिसके बाद वे निर्दलीय मैदान में उत्तर गए हैं।

राहुल गांधी गुजरात में करेंगे प्रचार, सोमवार से चुनाव अभियान में उनके जुड़ने की संभावना

आखिर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का गुजरात के विधानसभा चुनाव में प्रचार करने का शेड्यूल तय हो गया है। राहुल सोमवार को गुजरात में प्रचार के लिए पहुंचेंगे। भारत जोड़ो यात्रा के बीच राहुल गांधी के प्रचार करने का एक बड़ा कारण गुजरात कांग्रेस का यह फीडबैक है कि राज्य का चुनाव दिलचस्प हो गया है और राहुल के आने से पार्टी को लाभ होगा।

गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए राहुल गांधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से कुछ विराम ले रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि राहुल गांधी के गुजरात में प्रचार के समय ही पीएम मोदी भी प्रचार के लिए राज्‍य में होंगे। भाजपा ने इस चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है और मोदी के अलावा गृह मंत्री अमित शाह भी अपने इस गृह राज्य में काफी ज्यादा समय दे रहे हैं।

राज्य में दो चरणों का चुनाव पहली और 5 दिसंबर को होगा। कांग्रेस के नेताओं के मुताबिक इस दौरान राहुल गांधी एक से ज्यादा बार गुजरात में चुनाव प्रचार के लिए आएंगे। यह पहली बार है जब राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के बीच ब्रेक ले रहे हैं, हालांकि, वे पिछले महीने मल्लिकार्जुन खड़गे के कांग्रेस अध्यक्ष बनने के समारोह में एक दिन के लिए दिल्ली आये थे। हिमाचल में भी राहुल की जगह पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने कांग्रेस के प्रचार की कमान संभाली थी।

कांग्रेस आज विधिवत राहुल गांधी के गुजरात के चुनाव दौरे का शेड्यूल जारी करेगी।
कहा गया है कि राहुल गांधी सोमवार को नवसारी आ सकते हैं जो पार्टी के दिवंगत नेता अहमद पटेल से जुड़ा रहा है। भारत जोड़ो यात्रा से उत्साहित राहुल गांधी पार्टी कार्यकर्ताओं से भी मिलेंगे।