
रिपोर्टर प्रिया तिवारी
NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने की मांग पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने विशेष अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए कई FIR रद्द करने का आदेश दिया है।
4 राज्यों में प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ FIR रद्द
कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली, असम, पश्चिम बंगाल और बिहार में सिर्फ प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR वापस ली जाएंगी। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान तोड़फोड़ और हिंसा के आरोप में 2,873 लोगों के खिलाफ दर्ज FIR जारी रहेंगी।
इसके अलावा, पेपर लीक मामले में तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ अब नई FIR दर्ज नहीं की जाएगी।
5 सितंबर का मार्च वापस
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान CJP के सह-संयोजक सौरव दास ने 5 सितंबर को प्रस्तावित इंडिया गेट मार्च वापस लेने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि सरकार के सकारात्मक आश्वासन और सुप्रीम कोर्ट के आदेश को देखते हुए मार्च नहीं किया जाएगा।
सौरव दास के इस फैसले की CJI सूर्यकांत ने भी सराहना की।
CJI ने कहा- बातचीत से निकल सकता है समाधान
CJI सूर्यकांत ने कहा कि अगर दोनों पक्ष एक-दूसरे पर भरोसा रखें तो हर समस्या का समाधान बातचीत के जरिए निकाला जा सकता है। उन्होंने कहा कि खुले मन से बातचीत की जाए तो दुनिया में ऐसा कोई मुद्दा नहीं है जिसका समाधान न निकाला जा सके।
वहीं, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि सरकार और प्रदर्शनकारियों की ओर से बातचीत के दौरान सकारात्मक और रचनात्मक रवैया अपनाया गया।

