
संजीव आचार्य
पूरे देश में भले ही जेन जी के चर्चे हों लेकिन मध्य प्रदेश इस मामले में एक कदम आगे है l यहां जेन अल्फा यानी की 2010 से 2012 के बीच जन्मे बच्चे जगह जगह आंदोलन कर रहे हैं l
इन्होंने शासन प्रशासन की नाक में दम कर रखा है l स्कूल जाने वाले बच्चों ने प्रदेश में सड़कों पर आंदोलन करके अपनी शैक्षणिक मांगों को उठाने में अपूर्व सक्रियता दिखाई है l
उज्जैन से धार तक छात्रों का प्रदर्शन
भोपाल से लेकर धार , सागर ,विदिशा छतरपुर , उज्जैन सब जगह यह बच्चे अपनी जायज मांगों के लिए जोरदार आंदोलन कर रहे हैं l आंखों में आंसू और चेहरे पर गुस्सा लिए हुए स्कूल की ड्रेस पहने इन बच्चों को खूब जन समर्थन मिल रहा है l स्थिति की गम्भीरता और संवेदना को समझते हुए मुख्यमंत्री, मंत्री, कलेक्टर, शिक्षा अधिकारी, सब मजबूर हो कर इनकी बात सुन रहे हैं l
मुख्यमंत्री मोहन यादव के गृह जिले उज्जैन से लेकर राजधानी भोपाल, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले विदिशा, आदिवासी इलाके कुक्षी तक इन स्कूली बच्चों ने आंदोलन छेड़ रखे हैं l
उज्जैन में स्कूल शिफ्टिंग के खिलाफ 300 छात्राओं का प्रदर्शन
उज्जैन में एक सरकारी स्कूल को शहर के बीच से हटाकर दूर ले जाने के सरकार के निर्णय के खिलाफ 300 छात्राओं ने कलेक्टर ऑफिस का घेराव कर दिया l मुख्यमंत्री को जैसे ही घटना की खबर लगी ,उन्होंने तत्काल बच्च्चो की बात को सुनने के लिए प्रशासन को निर्देश दिए l फिलहाल स्कूल को सराफा से दाऊदखेड़ा शिफ्ट करने का निर्णय रोक दिया गया है l
इसी तरह पूरे प्रदेशम 6–7 मामले हो चुके हैं l
विदिशा में बस किराया बढ़ोतरी का विरोध
शिवराज सिंह चौहान के संसदीय क्षेत्र विदिशा में सिरोंज क्षेत्र के बच्चों ने अपने स्कूल तक जाने वाली निजी बसों के किराए मे बढ़ोतरी को लेकर विरोध प्रदर्शन किया और नारे लगाए – “बच्चों को लूटना बंद करो , बस के किराए कम करो” l
भोपाल में स्कूल मर्जर के फैसले पर प्रदर्शन
राजधानी भोपाल में रीजनल स्कूल के 400 विद्यार्थियों ने स्कूल को केंद्रीय विद्यालयम मैं मर्ज करने के सरकार के निर्णयक का विरोध करते हुए आंदोलन किया l
कुक्षी में हॉस्टल की खराब व्यवस्थाओं को लेकर छात्राओं का आंदोलन
सबसे उल्लेखनीय घटना आदिवासी बहुल धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में हुई l यहां आदिवासी छात्राओं ने देर रात को अपने हॉस्टल की खिड़कियों से निकल कर थाने की तरफ कूच कर दिया l स्थानीय जनता नेताने जब लड़कियों को रात को सड़क पर आंदोलन करते हुए देखा तो वह भी उनके साथ थाने तक गए l वहां जाकर बच्चियों ने अपनी परेशानी रखी l
उन्होंने कहा कि हॉस्टल में सिर्फ 50 पलंग है l जबकि 140 लड़कियां रह रही हैं l सबको परेशानी हो रही है l पीने का पानी खराब आ रहा है l और खाना भी घटिया मिल रहा है l प्रशासन से कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर ही छात्राएं हॉस्टल लौटीं l उनका कहना है कि
इन सब की शिकायत वार्डन से करो तो वार्डन कहती है ,आप लोग चुप रहिए l हम चुप क्यों रहे ?सरकार हमारी समस्या का का समाधान करें l
छतरपुर में बच्चों ने मंत्री का काफिला रोका
छतरपुर में 14 अगस्त को स्कूली बच्चों ने राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार का कफिला बीच सड़क पर रोक दिया l मंत्री ने जब बच्चों का घेराव देखा तो कार से उतर कर उन्होंने उनसे बात की l बच्चों ने कहा कि हमारे स्कूल तक जाने वाली सड़क पर कीचड़ भरा पड़ा हैl हम स्कूल नहीं जा पा रहे है l इस पर मंत्री ने आश्वासन दिया की जल्दी ही सड़क बनवाई जाएगी l
स्कूल, सड़क, बस किराए और हॉस्टल की समस्याएं
जेन अल्फा कही जाने वाली यह पीढ़ी दरअसल अपने स्कूल जाने के रास्ते या वहां टीचर नहीं होने या फिर पीने का पानी शौचालय और हॉस्टल में खाना मिलना ऐसी समस्याओं को लेकर के आंदोलन कर रहे हैं l इसके पीछे कोई राजनीति नहीं है और शासन प्रशासन मुस्तैद हो गया है क्योंकि मीडिया भी विद्यार्थियों के आंदोलन को प्रमुखता दे रहा है l



