चुनावी राज्यों में फतेह करने के लिए बीजेपी ने तैयार की स्क्रिप्ट

दिल्ली में भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की बैठक
भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने दिल्ली में प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों के साथ संगठनात्मक बैठक की।

रिपोर्ट प्रिया तिवारी

नई टीम के गठन के बाद बीजेपी ने चुनावी राज्यों में संगठन को धार देने की कवायद तेज कर दी है। दिल्ली स्थित बीजेपी केंद्रीय कार्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की अध्यक्षता में नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों की पहली बड़ी संगठनात्मक बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष, राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिव प्रकाश और सौदान सिंह समेत संगठन के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

नितिन नवीन ने नए प्रदेश प्रभारियों को क्या निर्देश दिए?

हाल ही में संगठनात्मक फेरबदल के बाद हुई इस पहली सामूहिकबैठक में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से पदाधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया गया कि जिस प्रदेश की जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है, वहां लगातार दौरे करें. साथ ही व्यक्ति विशेष से ज्यादा पार्टी के हित और संगठन की नीति के अनुसार काम करने पर जोर दिया गया।. पदाधिकारियों और प्रभारियों को ‘विकसित भारत संकल्प’, महिला मोर्चा और समाज के अलग-अलग वर्गों के साथ संपर्क अभियान लगातार चलाने के निर्देश दिए गए.
पार्टी के अभियानों को गति देने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के दिशा-निर्देश दिए गए।

राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पार्टी के नवनियुक्त प्रदेश प्रभारियों और सह-प्रभारियों को संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने और अपने-अपने राज्यों में अधिक समय देने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि राज्य की जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारी अपने क्षेत्र में रहकर संगठन के काम पर ध्यान केंद्रित करें

चुनावी राज्यों में बूथ और सोशल मीडिया पर BJP का फोकस क्या है?

बैठक में संगठन को चुनावी मोड में लाने के साथ सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने और विपक्ष के नैरेटिव का प्रभावी जवाब देने पर भी जोर दिया गया। प्रदेश स्तर पर संगठन और चुनाव प्रबंधन के बीच बेहतर तालमेल बनाने तथा पार्टी की गतिविधियों की लगातार समीक्षा करने का मंत्र दिया गया।

चुनावी राज्यों को लेकर भी संगठन ने पदाधिकारियों और प्रभारियों को लगातार दौरे करने के निर्देश दिए हैं. बूथ स्तर तक बैठकें लगातार आयोजित करने और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर दिया गया. युवाओं से संवाद बढ़ाने के लिए सभी 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पार्टी कार्यक्रम आयोजित करने तथा इन कार्यक्रमों का फीडबैक लगातार आलाकमान को देने को कहा गया.

प्रभारियों को सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से क्या संवाद करने को कहा गया?

प्रभारियों और सह-प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से संवाद करने के निर्देश भी दिए गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के मौसम के बीच अब तीन महीने से कम का समय बचा है, ऐसे में संगठन से जुड़े पदाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और कार्यकर्ताओं की बात सुनने को कहा गया है.

बैठक में संगठन को मजबूत करने, आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों और विभिन्न सामाजिक वर्गों के बीच पार्टी की पहुंच बढ़ाने पर चर्चा हुई. नवीन ने पदाधिकारियों से कहा कि उन्हें दी गई जिम्मेदारी को प्राथमिकता के साथ निभाया जाना चाहिए और संगठन के हित को व्यक्तिगत प्राथमिकताओं से ऊपर रखना चाहिए।

यूपी BJP के चार सह-प्रभारियों को कौन-सी जिम्मेदारियां दी गई हैं?

इसी कड़ी में यूपी बीजेपी के लिए सह-प्रभारियों की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, सह प्रभारी अनंत ओझा को पश्चिमी यूपी पर प्रमुख फोकस के साथ बीजेपी मुख्यालय के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी भी दी गई है। डॉ. प्रदीप वर्मा अवध और कानपुर क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालेंगे, जबकि जगदीश पटेल को काशी क्षेत्र का जिम्मा सौंपा गया है।
वहीं, मेधा कुलकर्णी प्रदेश प्रभारी के साथ सहयोगी की भूमिका में काम करेंगी और महिला संपर्क अभियान की जिम्मेदारी भी संभालेंगी। आगे सह-प्रभारियों की जिम्मेदारियों का और विस्तार किया जा सकता है।

संगठन और सरकार के बीच तालमेल पर बैठक में क्या कहा गया?

इसके अलावा संगठन और सरकार के बीच किसी भी स्तर पर मतभेद होने की स्थिति में उसे दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. बैठक में संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने, जमीनी स्तर पर संपर्क बढ़ाने और प्रदेशों में पार्टी के कामकाज को मजबूत करने पर जोर दिया गया।