
रिपोर्टर प्रिया तिवारी
युवाओं से करेगी सीधा संवाद
Gen z यानी 14 से 22 साल के युवाओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने और उनसे सीधा संवाद करने के लिए बीजेपी ने नई रणनीति तैयार की है। पार्टी अब सिर्फ एकतरफा संदेश देने के बजाय Instagram, Snapchat और Reddit जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं से सीधा संवाद करने की तैयारी में है।
सोशल मीडिया और सीधा संवाद
पार्टी पारंपरिक टेक्स्ट मैसेजिंग से हटकर रील्स, शॉर्ट वीडियो और दूसरे विजुअल कंटेंट के जरिए युवाओं से जुड़ने की कोशिश करेगी। साथ ही युवाओं की राय और सुझाव लेने पर भी जोर दिया जाएगा। इसके लिए कॉलेज, यूनिवर्सिटी और कोचिंग संस्थानों में छात्रों के साथ अनौपचारिक बैठकें की जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक, इस अभियान की जिम्मेदारी बीजेपी के केंद्रीय मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, वरिष्ठ पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को दी गई है। अपने क्षेत्र में आने वाले स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, कोचिंग सेंटर और स्पोर्ट्स क्लब में जनप्रतिनिधि युवाओं से बातचीत करेंगे। खास बात यह होगी कि इन बैठकों को गैर-राजनीतिक रखा जाएगा। नेताओं को पार्टी का प्रचार करने या पार्टी की लाइन पर चर्चा करने के बजाय छात्रों की समस्याएं और उनकी राय जानने पर ध्यान देना होगा।
हर विधानसभा में बनेगी युवा टीम
इस अभियान के लिए हर विधानसभा क्षेत्र में युवा टीम बनाने की भी तैयारी है। भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं से संवाद करेंगे।
पार्टी संगठन और मंत्रिमंडल में ज्यादा युवा चेहरों को शामिल करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि भविष्य के नेतृत्व को तैयार किया जा सके।इस अभियान की जिम्मेदारी प्रदेश संगठन को दी गई है और इसकी रिपोर्ट केंद्र को भेजी जाएगी।
IIT, IIM और बड़े संस्थानों में भी होगा संवाद
IIT, IIM और बड़े संस्थानों जैसी जगहों पर स्थानीय सांसदों के साथ केंद्र के वरिष्ठ नेताओं को भी युवाओं से संवाद के लिए भेजा जाएगा।
यह पहल उस व्यापक outreach plan का हिस्सा बताई जा रही है, जिसमें केंद्रीय मंत्रियों को विश्वविद्यालयों में छात्रों से बातचीत करने और उनकी समस्याएं समझने के लिए भेजे जाने की बात सामने आई है।hindustantimes+1
पूरे साल चलेगा युवा संपर्क अभियान
यह अभियान किसी तय समय सीमा तक सीमित नहीं रहेगा। बीजेपी इसे पूरे साल जारी रखने की तैयारी में है। सांसद, विधायक और दूसरे जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के शिक्षण संस्थानों से लगातार संपर्क में रहेंगे।
कोचिंग संस्थानों पर भी खास फोकस
बीजेपी का खास ध्यान कोचिंग संस्थानों पर भी है। पार्टी का मानना है कि एक शिक्षक के जरिए एक साथ बड़ी संख्या में छात्रों तक अपनी बात पहुंचाई जा सकती है।
सूत्रों ने बताया कि शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी और युवा मामलों व खेल मंत्री मनसुख मंडाविया को यूनिवर्सिटीज़ और अन्य केंद्रीय मंत्रियों के साथ इस कार्यक्रम के समन्वय की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है।


