
रिपोर्टर प्रिया तिवारी
गोवा में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर महिला से 2.60 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में ED ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। भुषण सूर्यकांत मोये, विलास नारायण पवार और शैलेश दगडू चव्हाण को 27 अगस्त को गिरफ्तार किया गया। कोर्ट ने तीनों को 1 सितंबर तक ED की हिरासत में भेज दिया है।
वीडियो कॉल के जरिए दिखाया आपराधिक मामले में फंसने का डर
आरोप है कि ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए महिला को एक आपराधिक मामले में फंसने का डर दिखाया और उससे 2 करोड़ 60 लाख 33 हजार 634 रुपये तथाकथित ‘सीक्रेट सुपरविजन अकाउंट’ में ट्रांसफर करा लिए।
20 से ज्यादा राज्यों में 330 शिकायतें, 417 करोड़ की ठगी
ED की जांच में सामने आया कि ठगी की रकम को अलग-अलग बैंक खातों में भेजकर नकद और फिर विदेशी मुद्रा में बदला जाता था। एजेंसी के मुताबिक, नेटवर्क से 20 से ज्यादा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 330 शिकायतें और 163 FIR जुड़ी हैं, जिनमें करीब 417.49 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट ने 21 कंपनियां खड़ी करने में की मदद
ED के अनुसार, चार्टर्ड अकाउंटेंट भुषण मोये ने कथित तौर पर 21 कंपनियां खड़ी करने और 43 डमी निदेशकों के जरिए नेटवर्क को मदद पहुंचाई। वहीं, विलास पवार और शैलेश चव्हाण पर रकम को ट्रांसफर करने और नकदी में बदलने में मदद करने का आरोप है।
अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी, जांच जारी
इस मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है।



