मॉनसून की विदाई से पहले फिर बदलेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मॉनसून की विदाई से पहले फिर बदलेगा मौसम, यूपी-बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट — 18 सितंबर को 85 किमी/घंटा तक तेज आंधी, आकाशीय बिजली और वज्रपात का खतरा; उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ में 70-80 किमी/घंटा हवाएं; मछुआरों को समुद्र-नदी से दूर रहने की सलाह; स्कूल-कॉलेज बंद होने की आशंका; नदियों का जलस्तर बढ़ने का खतरा
मौसम विभाग ने 18 सितंबर को यूपी, बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश और 85 किमी/घंटा तक तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली और पहाड़ी इलाकों में वज्रपात का खतरा बना हुआ है। मछुआरों को समुद्र और नदी से दूर रहने की सलाह दी गई है।

प्रिया तिवारी, तहलका

नई दिल्ली — 17 सितंबर, 2026 — देश में मॉनसून अब धीरे-धीरे अपनी विदाई की ओर बढ़ रहा है, लेकिन जाते-जाते एक बार फिर कई राज्यों में बारिश के साथ दस्तक देने वाला है। सितंबर के दूसरे हिस्से में कमजोर पड़ी मॉनसून की चाल कुछ समय के लिए फिर रफ्तार पकड़ सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, कल यानी 18 सितंबर को यूपी, बिहार समेत 21 राज्यों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

बारिश के साथ इस दौरान तेज आंधी चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में अधिकतम 85 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। तेज आंधी और बारिश के चलते पूर्वी और उत्तरी राज्यों में फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

85 KM प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है आंधी

मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक, कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में 70 से लेकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई गई है।

तेज हवाओं और खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को नदी और समुद्री किनारे से दूर रहने की सलाह दी गई है। समुद्र में जाने वाले लोगों को भी मौसम साफ होने तक सावधानी बरतने को कहा गया है।

पूर्वी भारत में आकाशीय बिजली का खतरा

बारिश और तेज हवाओं के साथ पूर्वी भारत के कई राज्यों में आकाशीय बिजली की चेतावनी भी जारी की गई है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने और मौसम खराब होने के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

आकाशीय बिजली और तेज बारिश के खतरे को देखते हुए कई इलाकों में स्थानीय प्रशासन की ओर से स्कूल और कॉलेजों को लेकर भी जरूरी फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, छुट्टी को लेकर फैसला संबंधित जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों की ओर से मौसम की स्थिति के आधार पर किया जाएगा।

पहाड़ी इलाकों में भी बिजली और वज्रपात का अलर्ट

पहाड़ी राज्यों में भी मौसम को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है। उत्तराखंड समेत पहाड़ी इलाकों में बारिश के साथ बिजली गिरने और वज्रपात का खतरा बना हुआ है। ऐसे में पहाड़ी राज्यों की यात्रा करने वालों को घर से निकलने से पहले मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और रास्तों पर जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है। इसलिए मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा करने से बचना और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी है।

कई राज्यों में बढ़ सकता है नदियों का जलस्तर

लगातार बारिश के चलते कई राज्यों में नदियों का जलस्तर भी बढ़ने का खतरा मंडरा रहा है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। भारी बारिश की स्थिति में नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए फिलहाल लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। खासकर उन इलाकों में जहां तेज बारिश के साथ आंधी, आकाशीय बिजली की संभावना है, वहां लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना चाहिए।