
दिल्ली के 1,355 PG की जांच, 3 इमारतें मिलीं खतरनाक; 69 लोग रह रहे थे
रिपोर्ट: स्नेहलता
नई दिल्ली। सत्य निकेतन में PG की पांच मंजिला इमारत गिरने के बाद दिल्ली में शुरू हुए सुरक्षा सर्वे में चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। MCD ने 1,355 PG इमारतों का निरीक्षण किया। इनमें 3 इमारतें ऐसी मिलीं, जिन्हें देखने में खतरनाक स्थिति में पाया गया। इन तीनों इमारतों में कुल 69 लोग रह रहे थे। वहीं 9 इमारतों में बड़े स्तर पर मरम्मत की जरूरत सामने आई है।
MCD के सर्वे के मुताबिक 1,304 इमारतें देखने में सुरक्षित मिली हैं। इन इमारतों में करीब 26,917 लोग रह रहे हैं। यह जांच दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन में 6 सितंबर को हुई इमारत गिरने की घटना के बाद शुरू की गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हुई थी।
हादसे के बाद कार्रवाई तेज
सत्य निकेतन हादसे के मामले में दिल्ली पुलिस अब तक बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश, लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज और PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर चुकी है। PG संचालक का पार्टनर शुभम त्यागी फरार बताया गया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि हादसे से पहले बेसमेंट में पानी और सीलन की समस्या को दूर करने के लिए मरम्मत का काम चल रहा था। बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर करने के लिए मलबा भी डाला गया था। पुलिस को आशंका है कि कमजोर संरचना और निर्माण के दौरान मशीन से पैदा हुई कंपन हादसे की वजह बनी हो सकती है।
MCD के 8 अधिकारी सस्पेंड
हादसे के बाद MCD ने अब तक 8 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार समेत चार इंजीनियरिंग अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया।
मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में भी हुई। कोर्ट ने फिलहाल मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में रखने का फैसला लिया है। हाईकोर्ट पहले ही MCD, दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, NHRC और दिल्ली यूनिवर्सिटी से जवाब मांग चुका है।
PG हादसे के बाद शुरू हुआ यह सर्वे अब दिल्ली में किराए के कमरों और छात्र आवासों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। कितनी इमारतें कागजों पर सुरक्षित हैं और जमीन पर कितनी सुरक्षित—इसकी असली तस्वीर आने वाले समय में सामने आना बाकी है।



