
रिपोर्ट – पौलोमी देब, नई दिल्ली
भारत भर की कक्षाओं में स्मार्टफोन की स्क्रीन अब तेज़ी से एक अपराध स्थल (क्राइम सीन) बनती जा रही है। जैसे-जैसे कम उम्र के बच्चों के हाथों तक मोबाइल पहुँच रहा है, उभरती तकनीक और बेलगाम दुरुपयोग का एक खतरनाक गठजोड़ बच्चों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह अभूतपूर्व नुकसान के मुहाने पर लाकर खड़ा कर रहा है।
गुवाहाटी स्कूल डीपफेक मामले में क्या आरोप सामने आए?
बाल शोषण के इस डिजिटल मोर्चे पर इस साल जून में गुवाहाटी (असम) में एक बेहद गंभीर मामला सामने आया, जब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक स्थानीय स्कूल की जांच शुरू की। यहाँ छात्रों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का दुरुपयोग करके अपनी 64 सहपाठियों और महिला शिक्षकों की अश्लील डीपफेक तस्वीरें बनाईं और उन्हें ₹50 से ₹100 जैसी मामूली कीमत पर बेचा। इस घटना के बाद कई छात्रों को निलंबित किया गया और पुलिस कार्रवाई हुई, जो इस बात की गंभीर चेतावनी है कि कैसे AI नाबालिगों के बीच साइबर अपराध के खतरे को और आसान बना रहा है।
NCRB के अनुसार बच्चों के खिलाफ अपराध के मामले कितने बढ़े?
यह कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि एक तेज़ी से बढ़ते रुझान का हिस्सा है। बच्चों के अधिकारों के लिए काम करने वाले गैर-सरकारी संगठन (NGO) CRY द्वारा राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के विश्लेषण के अनुसार, भारत में बच्चों के खिलाफ होने वाले कुल अपराधों में चार वर्षों के भीतर 46% से अधिक की वृद्धि हुई है—जो 2020 में 1.28 लाख मामलों से बढ़कर 2024 में 1.87 लाख तक पहुँच गए हैं। विश्लेषक साइबर अपराधों में हुए इस अप्रत्याशित उछाल की ओर इशारा करते हैं, जहाँ दर्ज मामलों में से अधिकांश यौन रूप से अश्लील डिजिटल सामग्री से जुड़े हैं।
POCSO के आंकड़ों में लड़कियों और लड़कों की संख्या क्या है?
डिजिटल दुनिया से इतर, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के आंकड़े नाबालिगों के खिलाफ होने वाली गंभीर शारीरिक हिंसा को भी उजागर करते हैं। दर्ज आंकड़ों के अनुसार, 43,675 मामलों में लड़कियाँ पीड़िता पाई गईं, जबकि 892 मामलों में लड़के पीड़ित रहे।
पैठ वाले यौन हमले (Penetrative Assault) के लगभग 45,000 मामलों में से अधिकांश में लड़कियाँ ही मुख्य शिकार रही हैं, जो यह दर्शाती हैं कि व्यवस्थागत कमियाँ और लैंगिक संवेदनहीनता भौतिक और डिजिटल दोनों ही स्थानों पर अब भी गहरी बनी हुई हैं।



