दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले, 114 नए केस के बाद जेपी नड्डा ने की तैयारियों की समीक्षा

दिल्ली में H1N1 मामलों की समीक्षा करते केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिल्ली में बढ़ते H1N1 मामलों के बीच स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की।

एम. रियाज़ हाशमी | नई दिल्ली

दिल्ली में स्वाइन फ्लू के 1,777 केस, केंद्र ने संभाली कमान

राजधानी में एच1एन1 को लेकर केंद्र अलर्ट, स्वास्थ्य मंत्री ने तैयारियों की समीक्षा की जेपी नड्डा ने निगरानी, जांच और अस्पतालों की क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया आईएलआई और एसएआरआई के रुझानों के साथ बेड, ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दवाओं की उपलब्धता की समीक्षा

दिल्ली में H1N1 के 1,777 मामले

राजधानी दिल्ली में एच1एन1 यानी आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू के मामलों में तेज बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने निगरानी और अस्पतालों की तैयारियां मजबूत करने पर जोर दिया है। 20 अगस्त को दिल्ली में एच1एन1 के 114 नए मामले सामने आए, जिसके साथ इस साल अब तक संक्रमितों की संख्या 1,777 हो गई। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 229 था।

मामलों में इस तेज बढ़ोतरी के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने 21 अगस्त को दिल्ली समेत देश में एच1एन1 इन्फ्लुएंजा की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह भी शामिल हुए।

आईएलआई-एसएआरआई पर नजर, असामान्य बढ़ोतरी की निगरानी

बैठक में इन्फ्लुएंजा जैसे लक्षण (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के रुझानों के साथ जांच, प्रयोगशाला निगरानी और अस्पतालों की मौसमी इन्फ्लुएंजा से निपटने की क्षमता की समीक्षा की गई। नड्डा ने इन्फ्लुएंजा के मामलों में किसी असामान्य बढ़ोतरी या एक साथ कई मामले सामने आने की स्थिति की जल्द पहचान और समय पर इलाज के लिए लगातार निगरानी और सक्रिय तैयारी पर जोर दिया।

अस्पतालों में बेड से लेकर वेंटिलेटर तक की जांच

दिल्ली की स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी में अस्पतालों में बेड, गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधाएं, ऑक्सीजन समर्थित बेड, वेंटिलेटर, जरूरी दवाएं, जांच सुविधाएं और अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। स्वास्थ्य मंत्री ने जरूरत बढ़ने की स्थिति में अस्पतालों की अतिरिक्त क्षमता बनाए रखने और गंभीर मरीजों को समय पर उपयुक्त अस्पताल तक पहुंचाने के लिए रेफरल व्यवस्था मजबूत रखने पर जोर दिया।

केंद्र ने एच1एन1 मामलों की जल्द पहचान, समय पर जांच और उचित चिकित्सकीय प्रबंधन के साथ मौजूदा निगरानी और प्रयोगशाला नेटवर्क के प्रभावी इस्तेमाल को भी जरूरी बताया है।

जुलाई से ही राज्यों को तैयार रहने की सलाह

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि 10 जुलाई 2026 को केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को तीव्र श्वसन बीमारी यानी एआरआई की निगरानी और स्वास्थ्य सुविधाओं की तैयारी मजबूत करने की सलाह दी थी। नड्डा ने लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ श्वसन स्वच्छता और हाथों की स्वच्छता अपनाने की सलाह दी। लगातार या गंभीर श्वसन संबंधी लक्षण, सांस लेने में परेशानी अथवा अन्य चेतावनी संकेत दिखने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा गया है।

सिर्फ एच1एन1 नहीं, डेंगू-मलेरिया पर भी नजर

केंद्र ने मौसमी बीमारियों डेंगू और मलेरिया की रोकथाम और नियंत्रण के लिए भी राज्यों को सक्रिय रहने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने राज्यों, नगर निकायों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी से लोगों को बीमारी की रोकथाम और संक्रमण को नियंत्रित करने के उपायों के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। मंत्रालय ने राष्ट्रीय राजधानी में टीबी की पहचान में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया और कहा कि स्थानीय निकायों की सक्रिय भागीदारी तथा सरकार के विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयास से इसमें मदद मिली है।

अभी घबराने की जरूरत है या सतर्क रहने की?

दिल्ली में एच1एन1 के मामलों में तेज बढ़ोतरी जरूर सामने आई है, लेकिन केंद्र ने इसे देशव्यापी प्रकोप या महामारी घोषित नहीं किया है। सरकार का जोर फिलहाल निगरानी, जल्द पहचान, जांच और अस्पतालों को किसी संभावित बढ़ोतरी के लिए तैयार रखने पर है।

यानी फिलहाल तस्वीर यह है- दिल्ली में मामले तेजी से बढ़े हैं और केंद्र ने इसे गंभीरता से लेते हुए अस्पतालों की तैयारी की समीक्षा शुरू कर दी है। अब निगरानी का सबसे अहम बिंदु यह होगा कि आने वाले दिनों में नए मामलों की रफ्तार किस दिशा में जाती है और क्या यह बढ़ोतरी दिल्ली से बाहर भी उसी गति से दिखाई देती है।