
सुजीत ठाकुर, नई दिल्ली।
पुतिन और जिनपिंग एक साथ होंगे भारत में!
-सितंबर के दूसरे हफ्ते में ब्रिक्स सम्मेलन
-डोभाल जल्द जा सकते हैं बीजिंग
12-13 सितंबर को भारत में होगा BRICS सम्मेलन
ब्रिक्स का 18वां सम्मेलन 12-13 सितंबर को भारत में होगा। खास बात यह है कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आने वाले हैं। हालांकि औपचारिक रूप से इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि सहमति बन गई है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादमीर पुतिन का दौरा पक्का हो चुका है।
सात साल बाद भारत आ सकते हैं शी जिनपिंग
यदि शी जिनपिंग भारत आते हैं तो ऐसा सात साल बाद होगा। वह इससे पहले 2019 में भारत आए थे। विदित हो कि गलवान में झड़प और हिंसा के बाद दोनों देशों (भारत-चीन) के रिश्तों में तल्खी आ गई थी। हालांकि धीरे-धीरे रिश्तों पर जमी बर्फ पिघली। भारत और चीन के बीच सीधी विमान सेवा शुरू हुई। हालांकि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान एक बार फिर शंका के बादल मंडराए। लेकिन ईरान और इजराइल-अमेरिका युद्ध के बाद बदले भू-राजनीति और भू-आर्थिक परिदृश्य में ब्रिक्स का यह सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण है।
मक्का रक्षा समझौते के बाद BRICS सम्मेलन का महत्व
गौरतलब है कि अगस्त के पहले हफ्ते में सऊदी-पाकिस्तान-तुर्किए के बीच मक्का संयुक्त रक्षा समझौता हुआ। ऐसे में 18वां ब्रिक्स सम्मेलन काफी महत्वपूर्ण है। सूत्रों का कहना है कि ब्रिक्स सम्मेलन के साइड में भारत और चीन के बीच एलएसी पर शांति,व्यापार असंतुलन,क्रिटिकल सुरक्षा इनपुट, निवेश और सीमा विवाद को लेकर चर्चा हो सकती है।
अजीत डोभाल के बीजिंग जाने की चर्चा
सूत्रों का कहना है कि एनएसए अजीत डोभाल सीमा मसले पर 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता के लिए बिजिंग जा सकते हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी से उनकी मुलाकात हो सकती है। गौरतलब है कि ब्रिक्स में ब्राजिल, रूस, भारत,चीन और दक्षिण अफ्रिका शामिल हैं।


