
मोहिनी सेंगर। नई दिल्ली
20 लोगों की गई जान, लाखों पर संकट
बिहार में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 12 जिलों में बाढ़ से 22 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं, जबकि अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 4 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जा रही है।
गंगा का जलस्तर घटा, लेकिन राहत अधूरी
सोमवार से गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू होने से पटना समेत कई इलाकों में थोड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, कुछ स्थानों पर नदी का स्तर करीब 17-18 सेंटीमीटर तक नीचे आया है। हालांकि, निचले इलाकों में पानी अब भी परेशानी का कारण बना हुआ है।
सारण में तटबंध टूटा, कई गांव जलमग्न
सारण में माही नदी का पानी तटबंध तक पहुंच गया, जबकि दाहा नदी के रिंग बांध में भी टूटने की खबर सामने आई। इससे कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया। वहीं वैशाली के हाजीपुर में प्रभावित लोगों की आवाजाही के लिए नावों का सहारा लिया जा रहा है। पटना में पुनपुन नदी के बढ़े जलस्तर ने आसपास के गांवों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।
12 जिलों में हाई अलर्ट
गंगा के बढ़े जलस्तर को देखते हुए बक्सर, भोजपुर, पटना, वैशाली, सारण, बेगूसराय, समस्तीपुर, खगड़िया, मुंगेर, लखीसराय, भागलपुर और कटिहार में प्रशासन को अलर्ट रखा गया है। बक्सर में जलस्तर घटने के बावजूद कई निचले इलाकों में राहत और निगरानी अभियान जारी है।
राहत शिविरों का CM ने लिया जायजा
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली और सारण के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर राहत शिविरों और सामुदायिक रसोई की व्यवस्था देखी। उन्होंने प्रभावित लोगों के साथ भोजन किया और अधिकारियों को भोजन, स्वास्थ्य, साफ-सफाई तथा अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सरकार ने फसल नुकसान का आकलन कर किसानों को उचित मुआवजा देने की बात भी कही है।
बारिश ने फिर बढ़ाई चिंता
बाढ़ के बीच मौसम विभाग ने उत्तर बिहार के 13 जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सुपौल, समस्तीपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
बारिश कम, फिर भी बाढ़ क्यों?
दिलचस्प बात यह है कि बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक सामान्य से 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है। इसके बावजूद नदियों का बढ़ा जलस्तर और अलग-अलग क्षेत्रों में हुई तेज बारिश बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना रही है। यानी राज्य के लिए चुनौती सिर्फ बारिश की मात्रा नहीं, बल्कि उसका असमान वितरण और नदियों में बढ़ता जलस्तर भी है।



