
आतिफ नूर खान, तहलका
नई दिल्ली:हर साल 27 सितंबर को विश्व पर्यटन दिवस मनाया जाता है। यह दिन पर्यटन के आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को रेखांकित करने के साथ-साथ पर्यटन क्षेत्र में हो रहे बदलावों पर चर्चा का अवसर भी देता है। विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम “पर्यटन के पुनर्गठन में डिजिटल एजेंडा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका” (Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism) है, जो इस बात पर केंद्रित है कि डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) किस तरह पर्यटन के भविष्य को नया आकार दे रहे हैं।
आज पर्यटन केवल किसी स्थान की यात्रा करने तक सीमित नहीं रह गया है। यात्रा की योजना बनाने, टिकट और होटल बुक करने, पर्यटन स्थल की जानकारी हासिल करने, स्थानीय सेवाएं खोजने और यात्रा के दौरान मार्गदर्शन प्राप्त करने तक पूरी प्रक्रिया तेजी से डिजिटल हो रही है। ऐसे में AI और डिजिटल तकनीक पर्यटन उद्योग के काम करने के तरीके के साथ-साथ पर्यटकों के अनुभव को भी बदल रही है।
वैश्विक पर्यटन में भारत की भूमिका
पर्यटन दुनिया की अर्थव्यवस्था और रोजगार के महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल है। 2024 में वैश्विक पर्यटन ने लगभग 10.9 ट्रिलियन डॉलर का आर्थिक योगदान दिया और करीब 357 मिलियन नौकरियों को समर्थन दिया। ऐसे में डिजिटल तकनीक और AI का बढ़ता इस्तेमाल पर्यटन को अधिक सुविधाजनक, डेटा-आधारित और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विश्व पर्यटन दिवस 2026 के वैश्विक समारोह की मेजबानी पहली बार अल सल्वाडोर कर रहा है। वहीं भारत में भी पर्यटन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और देश के नए पर्यटन स्थलों को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।
भारत में पर्यटन का व्यापक दायरा
भारत अपनी भौगोलिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक समृद्धि के कारण पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं रखता है। देश में पर्यटन का दायरा केवल पारंपरिक धार्मिक या विरासत पर्यटन तक सीमित नहीं है, बल्कि मेडिकल, ग्रामीण, इको-टूरिज्म, एडवेंचर, बिजनेस और डिजिटल पर्यटन जैसे क्षेत्रों तक फैल चुका है।
धार्मिक पर्यटन
भारत में धार्मिक पर्यटन का विशेष महत्व है। वाराणसी, अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, अजमेर और बोधगया जैसे धार्मिक स्थल बड़ी संख्या में घरेलू और विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। धार्मिक पर्यटन से होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, भोजन और अन्य सेवाओं से जुड़े व्यवसायों को भी आर्थिक गतिविधि मिलती है।
सांस्कृतिक एवं विरासत पर्यटन
भारत के किले, महल, स्मारक, संग्रहालय, कला, संगीत, नृत्य और त्योहार देश की सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने प्रस्तुत करते हैं। राजस्थान के ऐतिहासिक किलों से लेकर दिल्ली, आगरा और दक्षिण भारत की स्थापत्य विरासत तक, सांस्कृतिक पर्यटन के लिए भारत में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
प्राकृतिक एवं एडवेंचर पर्यटन
भारत की भौगोलिक विविधता प्राकृतिक और एडवेंचर पर्यटन के लिए भी अवसर पैदा करती है। हिमालय, केरल के बैकवॉटर, गोवा के समुद्र तट, उत्तर-पूर्व भारत और विभिन्न वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों के लिए अलग-अलग तरह के अनुभव उपलब्ध कराते हैं।
ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, कैंपिंग, स्कूबा डाइविंग और वन्यजीव पर्यटन जैसे क्षेत्रों में भी विस्तार की संभावनाएं हैं।
मेडिकल एवं वेलनेस पर्यटन
कम लागत में चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता के साथ-साथ आयुर्वेद, योग और वेलनेस सेवाएं भारत को मेडिकल और वेलनेस पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण गंतव्य बनाती हैं। इस क्षेत्र में आधुनिक चिकित्सा और पारंपरिक भारतीय स्वास्थ्य पद्धतियों का संयोजन अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है।
ग्रामीण एवं इको-टूरिज्म
ग्रामीण पर्यटन स्थानीय संस्कृति, खान-पान, हस्तशिल्प और जीवनशैली को पर्यटकों से जोड़ने का माध्यम बन सकता है। वहीं इको-टूरिज्म प्राकृतिक क्षेत्रों में जिम्मेदार और टिकाऊ पर्यटन को बढ़ावा देता है।
इससे ग्रामीण समुदायों के लिए आय के नए स्रोत पैदा होने और स्थानीय रोजगार बढ़ने की संभावनाएं हैं।
MICE और बिजनेस पर्यटन
बैठकें, प्रोत्साहन यात्राएं, सम्मेलन और प्रदर्शनियां यानी MICE (Meetings, Incentives, Conferences and Exhibitions) पर्यटन उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहे हैं। बड़े कॉर्पोरेट कार्यक्रमों, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों और प्रदर्शनियों से होटल, परिवहन, खान-पान और अन्य पर्यटन सेवाओं की मांग बढ़ती है।
फिल्म एवं मीडिया पर्यटन
फिल्मों, वेब सीरीज और डिजिटल कंटेंट में दिखाई देने वाली जगहें भी पर्यटन स्थलों के रूप में लोकप्रिय हो सकती हैं। किसी स्थान का फिल्मों और डिजिटल मीडिया में प्रदर्शन वहां पर्यटकों की रुचि बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है।
AI और डिजिटल पर्यटन का बढ़ता महत्व
पर्यटन क्षेत्र में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। आज AI आधारित टूल पर्यटकों को उनकी रुचि, बजट और उपलब्ध समय के आधार पर यात्रा योजना बनाने में सहायता कर सकते हैं।
बहुभाषी चैटबॉट, AI आधारित ट्रैवल प्लानर, स्मार्ट गाइड, व्यक्तिगत यात्रा सुझाव और वर्चुअल टूर जैसी तकनीकें पर्यटकों के अनुभव को अधिक सुविधाजनक बना सकती हैं।
भविष्य में AI पर्यटन स्थलों पर भीड़ का प्रबंधन, पर्यटकों की पसंद का विश्लेषण, व्यक्तिगत सुझाव और स्थानीय पर्यटन सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराने में उपयोगी हो सकता है।
भारत में पर्यटन को बढ़ावा देने वाली प्रमुख सरकारी पहल
भारत सरकार पर्यटन को केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने के नजरिए से नहीं देख रही है। पर्यटन स्थलों के बुनियादी ढांचे, सुविधाओं, रोजगार, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और टिकाऊ पर्यटन पर भी जोर दिया जा रहा है।
1. स्वदेश दर्शन योजना
स्वदेश दर्शन योजना के तहत विभिन्न थीम आधारित पर्यटन सर्किट विकसित करने पर जोर दिया गया है। इनमें बौद्ध, तटीय, रेगिस्तान, हिमालयी और आध्यात्मिक पर्यटन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
इसके नए संस्करण Swadesh Darshan 2.0 में टिकाऊ और अनुभव आधारित पर्यटन पर अधिक ध्यान दिया गया है।
2.चुनौती-आधारित गंतव्य विकास (Challenge Based Destination Development – CBDD)
CBDD के तहत अधिक पर्यटन क्षमता वाले स्थलों के समग्र विकास पर जोर दिया जाता है। इसमें आध्यात्मिक और इको-टूरिज्म जैसे क्षेत्रों की संभावनाओं को विकसित करना भी शामिल है।
3. PRASHAD योजना
PRASHAD (Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual, Heritage Augmentation Drive) योजना धार्मिक और विरासत स्थलों पर पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं, स्वच्छता, सुरक्षा और पहुंच विकसित करने पर केंद्रित है।
4. पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता
(Special Assistance for Capital Investment-SASCI) के माध्यम से राज्यों को महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों को विकसित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य पर्यटन बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और प्रमुख स्थलों को बेहतर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित करना है।
5.सेवा प्रदाताओं की क्षमता निर्माण (Capacity Building for Service Providers- CBSP)
CBSP के तहत पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों और स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण देने पर जोर दिया जाता है। इससे सेवा की गुणवत्ता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।
6. पर्यटन मित्र / पर्यटन दीदी (Paryatan Mitra / Paryatan Didi)
इस पहल के तहत टैक्सी ड्राइवर, होटल कर्मचारी, गाइड और दुकानदार जैसे स्थानीय सेवा प्रदाताओं को आतिथ्य, पर्यटक सुरक्षा और टिकाऊ पर्यटन से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें महिलाओं और वंचित समुदायों की भागीदारी पर भी जोर दिया जाता है।
डिजिटल पर्यटन का उदाहरण: भारत में ऑनलाइन होटल बुकिंग
पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव का सबसे आम उदाहरण ऑनलाइन होटल बुकिंग है। पहले होटल बुक करने के लिए पर्यटकों को फोन या ट्रैवल एजेंट पर निर्भर रहना पड़ता था। अब वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से पर्यटक घर बैठे होटल की कीमत, लोकेशन, सुविधाएं, रेटिंग और ग्राहक रिव्यू देख सकते हैं।
ऑनलाइन बुकिंग ने होटल चुनने और बुक करने की प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाया है। पर्यटक अलग-अलग होटलों की कीमत और सुविधाओं की तुलना कर सकते हैं तथा कई मामलों में तुरंत भुगतान और बुकिंग कन्फर्मेशन प्राप्त कर सकते हैं।
डिजिटल प्लेटफॉर्म ने छोटे होटल, होमस्टे और स्थानीय पर्यटन व्यवसायों को भी देशभर के ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर दिया है।
AI इस प्रक्रिया को आगे और व्यक्तिगत बना सकता है। उदाहरण के लिए, AI किसी यात्री की पसंद, बजट, यात्रा की अवधि और पिछले विकल्पों के आधार पर होटल या अन्य यात्रा सेवाओं की सिफारिश कर सकता है।
इस तरह ऑनलाइन होटल बुकिंग यह दिखाती है कि डिजिटल तकनीक ने यात्रा की योजना बनाने से लेकर होटल चुनने और बुकिंग करने तक पूरे पर्यटन चक्र को कैसे बदल दिया है।
भारत के पर्यटन क्षेत्र के सामने अवसर और चुनौतियां
भारत में पर्यटन की संभावनाएं व्यापक हैं, लेकिन इन संभावनाओं को वास्तविक आर्थिक और सामाजिक लाभ में बदलने के लिए कई क्षेत्रों में लगातार सुधार की जरूरत है।
बेहतर बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, सड़क और रेल कनेक्टिविटी, डिजिटल कनेक्टिविटी, पर्यटक सुरक्षा और प्रशिक्षित मानव संसाधन पर्यटन के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण हैं।
इसके साथ ही पर्यटन स्थलों की वहन क्षमता, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर ध्यान देना भी जरूरी है, ताकि पर्यटन का विकास लंबे समय तक टिकाऊ रह सके।
भारत का पर्यटन क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन से लेकर मेडिकल, वेलनेस, ग्रामीण, इको-टूरिज्म, एडवेंचर और बिजनेस पर्यटन तक इसके दायरे का लगातार विस्तार हो रहा है।
सरकारी योजनाएं पर्यटन बुनियादी ढांचे और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही हैं, जबकि डिजिटल तकनीक पर्यटकों के यात्रा अनुभव को बदल रही है।
विश्व पर्यटन दिवस 2026 की “Digital Agenda and Artificial Intelligence to Redesign Tourism” थीम इस बदलाव को समझने का महत्वपूर्ण अवसर देती है। AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का प्रभावी उपयोग भारत के कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को व्यापक दर्शकों तक पहुंचाने, यात्रियों को व्यक्तिगत सेवाएं देने और पर्यटन को अधिक आधुनिक बनाने में भूमिका निभा सकता है।
हालांकि, भविष्य का पर्यटन केवल तकनीक पर निर्भर नहीं होगा। तकनीक, संस्कृति, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के बीच संतुलन भारत के पर्यटन क्षेत्र को अधिक समावेशी और टिकाऊ बनाने में महत्वपूर्ण होगा।



