हरियाणा में S+4 मंजूरियों पर रोक

21 जुलाई 2026 को जारी एक ज्ञापन में विभाग ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के मुख्य प्रशासक, हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) के प्रबंध निदेशक तथा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को S+4 आवासीय भवनों से संबंधित सभी मंजूरियां तत्काल प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए हैं।

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में हरियाणा सरकार की स्टिल्ट-प्लस-चार (S+4) फ्लोर नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई जारी रहने के बीच राज्य के टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग ने इस नीति के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इस फैसले से S+4 निर्माण की मंजूरी का इंतजार कर रहे प्रॉपर्टी डेवलपर्स और मकान मालिकों को झटका लगा है।

यह कदम पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा हरियाणा सरकार की S+4 नीति पर पहले लगाई गई रोक के बाद उठाया गया है। इस नीति के तहत स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिला आवासीय भवनों के निर्माण की अनुमति दी गई थी। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सरकार ने अधिक राजस्व अर्जित करने के उद्देश्य से सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डाल दिया और कमजोर बुनियादी ढांचे की अनदेखी की। इस फैसले के बाद पूरे हरियाणा, विशेषकर गुरुग्राम में, इस नीति को लेकर व्यापक बहस छिड़ गई थी, जहां तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण पहले से ही सड़क, सीवरेज, जल निकासी और पेयजल जैसी नागरिक सुविधाओं पर भारी दबाव है।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा था कि सरकार ने नीति लागू करने से पहले इन्फ्रास्ट्रक्चर कैपेसिटी ऑडिट नहीं कराया। अदालत ने विशेषज्ञ समिति की उस चेतावनी का भी उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि आवश्यक बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना अतिरिक्त मंजिलों की अनुमति देने से सीवरेज, ड्रेनेज, यातायात और जलापूर्ति व्यवस्था पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

21 जुलाई, 2026 को जारी ज्ञापन में कहा गया है कि आवासीय भूखंडों पर S+4 भवनों की सभी नई मंजूरियां “ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अनुमोदन/सेल्फ-सर्टिफिकेशन से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं एवं व्यवस्थाओं के अंतिम चरण में होने तथा प्रशासनिक आवश्यकताओं” के कारण अगले आदेश तक स्थगित की जाती हैं।

यह आदेश वरिष्ठ नगर योजनाकार (सीनियर टाउन प्लानर) विजेंदर सिंह ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के निदेशक की ओर से जारी किया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह रोक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी।

ज्ञापन की प्रतियां सभी सर्किल कार्यालयों के वरिष्ठ नगर योजनाकारों और फील्ड कार्यालयों के जिला नगर योजनाकारों को भी आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई हैं।

विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि अगले आदेश तक प्रति प्लॉट 18 व्यक्तियों के घनत्व वाले किसी भी लेआउट प्लान, जोनिंग प्लान या सर्विस प्लान के अनुमानों तथा S+4 नीति के तहत किसी भी निर्माण प्रस्ताव को मंजूरी न दी जाए।

इसके अलावा, विभाग की सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शाखा को निर्देश दिया गया है कि S+4 भवनों की मंजूरी के लिए समर्पित S+4 पोर्टल तथा हरियाणा ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल सिस्टम पर नए आवेदन स्वीकार करने की सुविधा तत्काल प्रभाव से बंद कर दी जाए।