सत्य निकेतन PG हादसा: पांचवीं गिरफ्तारी, संचालक सुधांशु पर शिकंजा; 7 मौतों के बाद जांच तेज

सत्य निकेतन हादसा: सपनों के साथ दिल्ली आए थे बच्चे, अब घर लौट रही हैं सिर्फ उनकी यादें
सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे ने कई परिवारों के सपने तोड़ दिए हैं। छात्रों की मौत के बाद परिवारों में मातम पसरा है।

रिपोर्ट: रुखसार

नई दिल्ली — 9 सितंबर, 2026: दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG बिल्डिंग हादसे के मामले में पुलिस ने बुधवार को PG संचालक सुधांशु को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, हादसे में सात लोगों की मौत हुई थी और मामले की जांच लगातार जारी है।

मालिक परिवार के तीन सदस्य पहले गिरफ्तार

इससे पहले पुलिस ने बिल्डिंग से जुड़े हरिराम गुप्ता, उनकी पत्नी उर्मिला गुप्ता और बेटे महेश गुप्ता को गिरफ्तार किया था। इसके बाद बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य की निगरानी करने वाले लेबर कॉन्ट्रैक्टर सानोज को उत्तर प्रदेश के कासगंज से पकड़ा गया। अब पांचवीं गिरफ्तारी PG संचालक सुधांशु की हुई है।

निर्माण और मरम्मत कार्य की जांच

पुलिस हादसे के पीछे संभावित निर्माण संबंधी अनियमितताओं, बेसमेंट में चल रहे मरम्मत कार्य और बिल्डिंग के संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हादसे के समय बिल्डिंग के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर काम चल रहा था।

जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि मरम्मत कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं और इमारत के संचालन से जुड़े लोगों की क्या भूमिका रही।

मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश

दिल्ली सरकार ने मामले में मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं, जबकि MCD के पांच अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है। जांच में अब यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के लिए जिम्मेदारी किन-किन स्तरों पर तय होती है।

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में PG और छात्र आवासों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस कार्रवाई के साथ अब निगाह इस बात पर है कि जांच में हादसे की असली वजह और जिम्मेदार लोगों की भूमिका कब तक स्पष्ट होती है।