राम मंदिर को मिला पहला CEO, रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली बड़ी जिम्मेदारी

राम मंदिर ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को पहला फुल-टाइम CEO नियुक्त किया
: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का पहला फुल-टाइम CEO नियुक्त किया है।

स्नेहलता

अयोध्या में राम मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का पहला फुल-टाइम CEO नियुक्त किया है।

अयोध्या स्थित मणिराम दास छावनी में बुधवार को हुई ट्रस्ट की अहम बैठक में इस नियुक्ति पर मुहर लगाई गई। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के पूर्व वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं और पश्चिमी वायु कमांड के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने वेस्टर्न कमांड की जिम्मेदारी संभाली थी।

5 हजार से ज्यादा आवेदनों के बाद हुआ चयन

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले स्थायी CEO के चयन के लिए लंबी प्रक्रिया अपनाई गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस पद के लिए 5,585 आवेदन मिले थे। इनमें से उम्मीदवारों की कई स्तरों पर स्क्रीनिंग के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया गया था। तीन सदस्यीय सर्च कमेटी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंपने के बाद बुधवार को अंतिम फैसला लिया।

प्रशासन और वित्तीय व्यवस्था होगी जिम्मेदारी

CEO की नियुक्ति को राम मंदिर की बढ़ती प्रशासनिक जरूरतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मंदिर परिसर के विस्तार, श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या, सुरक्षा, वित्तीय प्रबंधन और अलग-अलग एजेंसियों के बीच समन्वय जैसे कामों को व्यवस्थित तरीके से संभालने में CEO की अहम भूमिका होगी।

यह नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब मंदिर ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को लेकर सवाल उठे हैं। ऐसे में पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा के व्यापक प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव को ट्रस्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ट्रस्ट में तीन नए सदस्य भी शामिल

बुधवार की बैठक में सिर्फ CEO की नियुक्ति ही नहीं हुई। ट्रस्ट ने महेश भागचंदका, मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव को नए ट्रस्टी के रूप में भी शामिल किया है। इससे ट्रस्ट की प्रशासनिक संरचना में भी बदलाव हुआ है।

राम मंदिर के निर्माण और संचालन के अगले चरण में यह बदलाव कितना असरदार साबित होता है, इस पर अब सबकी नजर रहेगी।