
रिपोर्टर प्रिया तिवारी
खड़गे के भाषण वाली जगह के ‘शुद्धिकरण’ पर राहुल ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी और RSS पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के हल्द्वानी दौरे का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में उनके भाषण के बाद वहां ‘शुद्धिकरण’ किया गया।
राहुल की मांग- PM हस्तक्षेप करें, FIR दर्ज हो
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस तरह की घटना होना गंभीर मामला है। उन्होंने प्रधानमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने और FIR दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की।
‘शुद्धिकरण’ छुआछूत का दूसरा नाम- राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि किसी दलित नेता के मंदिर या किसी सार्वजनिक जगह पर जाने के बाद ‘शुद्धिकरण’ करना दरअसल छुआछूत की मानसिकता को दिखाता है। उनके मुताबिक, इस तरह की रस्म के जरिए यह संदेश दिया जाता है कि दलित व्यक्ति के आने से जगह ‘अशुद्ध’ हो गई।
‘आम लोगों के साथ भी ऐसा होता होगा’
राहुल ने कहा कि अगर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ इस तरह का व्यवहार हो सकता है, तो देश के आम दलित लोगों के साथ क्या होता होगा, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की।
गांव ही नहीं, शहरों में भी भेदभाव का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि दलितों के साथ भेदभाव सिर्फ गांवों तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरों में भी ऐसी घटनाएं होती हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कहीं दलितों को कुएं से पानी लेने से रोका जाता है, तो कहीं चाय की दुकानों पर उनके लिए अलग कप रखे जाते हैं।
राजस्थान की घटना का भी किया जिक्र
राहुल गांधी ने राजस्थान और उत्तराखंड का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि राजस्थान में कांग्रेस विधायक दल के नेता के मंदिर जाने के बाद भी मंदिर का ‘शुद्धिकरण’ किया गया था।
‘संविधान में छुआछूत गैरकानूनी है’
राहुल गांधी ने कहा कि संविधान ने छुआछूत को गैरकानूनी घोषित किया है, लेकिन इसके बावजूद देश के कई हिस्सों में दलितों के साथ भेदभाव की घटनाएं सामने आती रहती हैं। उन्होंने स्कूलों में दलित बच्चों से शौचालय साफ कराने और झाड़ू-पोछा करवाने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया।
BJP-RSS पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि जब किसी व्यक्ति के मंदिर जाने के बाद ‘शुद्धिकरण’ किया जाता है, तो इसका सीधा मतलब है कि उसे अछूत या अशुद्ध समझा जा रहा है। उन्होंने इसे संविधान की भावना के खिलाफ बताते हुए कार्रवाई की मांग की।


