
वेंडिंग मशीन से भी नहीं मिली पानी की बोतल; यात्री को ‘हीरे की तस्करी’ की आशंका को बताया वजह, आधिकारिक पुष्टि नहीं- लेकिन पहले पानी की बोतलों में सोना तस्करी पकड़ी जा चुकी
एम. रियाज़ हाशमी। नई दिल्ली
इंटरनेशनल डिपार्चर में पानी को लेकर यात्रियों की परेशानी
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट (IGI) के इंटरनेशनल डिपार्चर में शनिवार सुबह यात्रियों को पीने के पानी के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। बाहर से पानी की बोतल ले जाने की अनुमति नहीं मिली और अंदर भी बोतलबंद पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत सामने आई। एक यात्री ने मौके का वीडियो बनाकर ‘तहलका’ को भेजा है। वीडियो में वेंडिंग मशीन से पानी की बोतल उपलब्ध नहीं होती दिख रही है। यात्री के मुताबिक, इसे लेकर सुबह यात्रियों के बीच हंगामे जैसी स्थिति बनी।
यात्री ने ‘हीरे की तस्करी’ की आशंका को बताया वजह
यात्री ने बताया कि एयरपोर्ट पर उसे यह जानकारी दी गई कि पिछले दिनों पानी की बोतल के जरिए हीरे की तस्करी पकड़े जाने के बाद लाउंज में बोतलबंद पानी हटाया गया है और वेंडिंग मशीनों से भी पानी की बिक्री रोक दी गई है। हालांकि, हीरे की तस्करी और उसके कारण पानी की उपलब्धता रोकने के इस दावे की अभी किसी आधिकारिक एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। वीडियो की सटीक लोकेशन और टर्मिनल संख्या की स्वतंत्र पुष्टि भी फिलहाल नहीं हो सकी है।
पानी की बोतल में सोना तस्करी के मामले सामने आए
लेकिन, पानी की बोतल में सोना छिपाने की घटनाएं जरूर हुई हैं। 13 मई 2026 को IGI के टर्मिनल-3 पर कस्टम्स अधिकारियों ने दो यात्रियों से पानी की बोतलों में छिपाया गया कुल 350.5 ग्राम सोना बरामद किया था। बोतलों में फर्जी तली बनाकर उसके भीतर चांदी जैसा रंग चढ़ाकर सोना छिपाया गया था। इससे पहले अक्टूबर 2025 में भी एक यात्री की पानी की बोतल के कैप में छिपाया गया सोना बरामद हुआ था। तस्करी के लिए सामान्य दिखने वाली वस्तुओं में छिपाने की जगह तैयार करने के मामले सामने आ चुके हैं।
सुरक्षा जांच में पानी की बोतल का नियम क्या है?
एयरपोर्ट सुरक्षा नियमों के तहत हैंड बैगेज में 100 एमएल से अधिक तरल पदार्थ ले जाने की अनुमति नहीं होती। इसलिए सुरक्षा जांच से पहले बाहर से भरी पानी की बोतल यात्री के साथ नहीं जाने दी जा सकती। यह कोई नया नियम नहीं है। लेकिन सुरक्षा जांच के बाद इंटरनेशनल डिपार्चर एरिया में यात्रियों को पीने का पानी उपलब्ध होना अलग मुद्दा है। इसलिए यदि किसी क्षेत्र में वेंडिंग मशीन या वाटर डिस्पेंसर से पानी नहीं मिल रहा, तो उसके पीछे का कारण ‘लिक्विड सिक्योरिटी नियम’ मान लेना पर्याप्त नहीं होगा।
सुरक्षा निर्देश या मेंटिनेंस हो सकती है वजह?
ऐसे में सवाल उठता है कि सुरक्षा निर्देश या मेंटेनेंस तो वजह नहीं है?
सूत्रों के मुताबिक, पानी की उपलब्धता प्रभावित होने के पीछे सुरक्षा संबंधी कोई अस्थायी निर्देश एक संभावना हो सकती है। सुरक्षा एजेंसियां तस्करी के नए तरीकों या किसी विशेष सुरक्षा इनपुट के बाद स्क्रीनिंग और एयरपोर्ट प्रोसीजर में बदलाव कर सकती हैं। दूसरी संभावना वाटर डिस्पेंसर या वेंडिंग मशीन की मेंटेनेंस/तकनीकी खराबी भी हो सकती है। फिलहाल इनमें से किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
DIAL, CISF और BCAS के जवाब का इंतजार
तहलका को DIAL, CISF और BCAS के जवाब का इंतजार
इस मामले में ‘तहलका’ ने दिल्ली एयरपोर्ट ऑपरेटर DIAL, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (BCAS) को ईमेल भेजकर पूछा है कि क्या बोतलबंद पानी की बिक्री या उपलब्धता को लेकर कोई नया निर्देश जारी किया गया है? क्या इसका संबंध हाल के तस्करी मामलों से है? और इंटरनेशनल डिपार्चर में यात्रियों के लिए पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था क्या है? यह स्टोरी लिखे जाने तक इन एजेंसियों का जवाब प्राप्त नहीं हुआ था। जवाब मिलते ही स्टोरी को अपडेट किया जाएगा।
आधिकारिक जवाब का इंतजार
फिलहाल उपलब्ध तथ्यों से इतना स्पष्ट है कि पानी की बोतल में सोना छिपाकर तस्करी के मामले वास्तविक हैं, लेकिन IGI के इंटरनेशनल डिपार्चर में वाटर डिस्पेंसर टोंटियों और वेडिंग मशीनों में ‘सूखा’ क्यों है? इसके अधिकारिक जवाब का इंतजार है।

